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  • पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: बेरोजगार युवाओं को मिलेंगे हर महीने 1500 रुपये

    पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: बेरोजगार युवाओं को मिलेंगे हर महीने 1500 रुपये


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए अहम घोषणा की है। राज्य सरकार 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘बांग्लार युवा साथी’ नामक योजना के तहत योग्य बेरोजगारों को आर्थिक सहायता देगी।

    इस योजना के तहत 21 से 41 साल की उम्र के योग्य युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा। यह लाभ अधिकतम पांच साल तक या जब तक उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिलता, तब तक जारी रहेगा। योजना का उद्देश्य उन युवाओं को वित्तीय मदद प्रदान करना है, जिन्होंने माध्यमिक या समकक्ष परीक्षा पास की है लेकिन अभी तक नौकरी नहीं पाई और किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले रहे। योजना 15 अगस्त 2026 से लागू होगी।

    बजट और वित्तीय आवंटन:
    राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार योजना में भी बढ़ोतरी की गई है। फरवरी से सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह दिया जाएगा। इस योजना के लिए कुल 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। ऐसे में राज्य सरकार बेरोजगारों और महिलाओं के कल्याण के लिए कुल लगभग 20,000 करोड़ रुपये का बजट तैयार कर रही है।

    कर्मचारियों के लिए राहत:
    सरकार ने कर्मचारियों के लिए भी राहत का ऐलान किया है। 1 अप्रैल से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) लागू होगा और सातवें वेतन आयोग के गठन की भी संभावना जताई गई है।विश्लेषकों के अनुसार, यह योजना और घोषणाएं युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक मदद हैं और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ममता सरकार का मास्टरस्ट्रोक मानी जा रही हैं।

  • वाराणसी में AAP की पदयात्रा का भव्य समापन, संजय सिंह ने दी नफरत के खिलाफ मुद्दों की राजनीति की चुनौती

    वाराणसी में AAP की पदयात्रा का भव्य समापन, संजय सिंह ने दी नफरत के खिलाफ मुद्दों की राजनीति की चुनौती



    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा ने 16 जनवरी से मिर्ज़ापुर से शुरू होकर सातवें और अंतिम दिन वाराणसी में जोरदार समापन किया। सात दिनों की इस यात्रा में युवाओं, मजदूरों, किसानों, बुनकरों, दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और बेरोजगारों ने जोरदार समर्थन देकर इसे जनआंदोलन का रूप दिया। गुरुवार को सारनाथ में दर्शन के साथ पदयात्रा का समापन हुआ, जिसके बाद लाल बहादुर शास्त्री घाट, सिकरौल में विशाल जनसभा आयोजित की गई।
    समापन कार्यक्रम में AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा और फरवरी के अंत में चौथे चरण की पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसमें जनता की भागीदारी और बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन नफरत के खिलाफ है और अब मुद्दों की राजनीति ही होगी।

    पदयात्रा के अंतिम दिन संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा 12 बजे सारनाथ से शुरू होकर सारनाथ मंदिर तक चली, जहां लोगों ने फूलों की वर्षा और नारों से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, खाद और रोजगार जैसे असली मुद्दों को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति इसलिए हो रही है ताकि जनता अपने सवाल न पूछ सके।

    संजय सिंह ने मिर्ज़ापुर से वाराणसी तक की यात्रा के दौरान बुलडोजर से घरों के तोड़े जाने, जमीनें छीने जाने और हजारों एकड़ जमीन पर कब्जे की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक आदमी अपनी जिंदगी की कमाई से घर बनाता है और सरकार एक मिनट में उसे उजाड़ देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाराणसी में पौराणिक मंदिरों, मूर्तियों और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तक को नहीं बख्शा गया।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए पूछा कि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली सरकार 12 साल में 24 करोड़ नौकरियां क्यों नहीं दे सकी।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश के दावे के बावजूद युवाओं को नौकरी नहीं मिली। AAP की मांग साफ है“नौकरी दो या 18 साल से ऊपर हर नौजवान को हर महीने 10,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता दो।”

    सामाजिक न्याय पर उन्होंने कहा कि संविधान का सही पालन ही सामाजिक न्याय है, लेकिन आज दलितों, पिछड़ों और वंचितों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति खत्म होगी तो मुद्दों की राजनीति अपने आप मजबूत होगी।

    समापन में संजय सिंह ने कहा कि सारनाथ की धरती ने शांति और अहिंसा का संदेश दिया है और भारत तभी विश्व गुरु बनेगा जब यही रास्ता अपनाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि चौथे चरण की पदयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर इस संघर्ष को मजबूत करें।

    AAP उत्तर प्रदेश ने कहा कि “रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो” केवल अभियान नहीं, बल्कि बेरोजगारी, अन्याय और नफरत की राजनीति के खिलाफ जनआंदोलन है, जिसे सड़क से लेकर सदन तक आगे बढ़ाया जाएगा।पदयात्रा का तीसरा चरण 22 जनवरी 2026 को वाराणसी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।