Tag: UP Crime

  • झांसी में युवती ने रची किडनैपिंग की साजिश, होटल मैनेजर को अगवा कर मांगी फिरौती

    झांसी में युवती ने रची किडनैपिंग की साजिश, होटल मैनेजर को अगवा कर मांगी फिरौती



    झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में होटल मैनेजर के अपहरण और फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती ने खुद को ग्राहक बताकर होटल मैनेजर को फोन किया और उसे एक लोकेशन पर बुलाया। जैसे ही मैनेजर वहां पहुंचा, युवती ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया।

    बताया जा रहा है कि आरोपियों ने होटल मैनेजर की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई। आरोपी युवती और उसके साथियों ने पीड़ित के पिता को फोन कर बेटे की रिहाई के बदले फिरौती मांगी और पैसे नहीं देने पर हत्या की धमकी दी।

    बेटे की जान बचाने के लिए पिता ने आरोपियों के बताए खाते में 30 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के करीब 20 घंटे बाद आरोपी होटल मैनेजर को एक सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।

    गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने युवती, उसके पति और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस, वारदात में इस्तेमाल की गई कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

    पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • चंदौली में ‘मौत की ट्रेन’ का खौफ: 24 घंटे में दूसरी गोलीकांड से रेलवे में मचा हड़कंप

    चंदौली में ‘मौत की ट्रेन’ का खौफ: 24 घंटे में दूसरी गोलीकांड से रेलवे में मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के चंदौली में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महज 24 घंटे के भीतर दूसरी ट्रेन में हत्या की वारदात सामने आने से यात्रियों में दहशत फैल गई है। ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में युवक की हत्या के बाद अब कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में एक यात्री को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। लगातार दो घटनाओं ने जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

    जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस डीडीयू जंक्शन से लखनऊ की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन जैसे ही सिकटिया इलाके के पास पहुंची, तभी अज्ञात हमलावर ने बाथरूम के पास बैठे एक युवक के सिर में गोली मार दी। गोली चलते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री डर के मारे सहम गए। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    इससे पहले ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में भी एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और शव को ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया था। लगातार दूसरी वारदात के बाद रेलवे रूट पर सक्रिय आपराधिक गिरोहों और शराब तस्करी नेटवर्क की भूमिका को लेकर भी जांच तेज हो गई है। हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर किसी एंगल की पुष्टि नहीं की है।

    एसपी जीआरपी प्रयागराज प्रशांत कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को एक्टिव कर दिया गया था और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोनों मामलों का जल्द खुलासा किया जाएगा।

    लगातार हो रही इन घटनाओं ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर रात में लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा जांच नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

  • अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या

    अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार पर अपने ही 35 वर्षीय बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के शमपुर गांव, अमरोहा का है, जहां सूखी गंगनहर में युवक दुष्यंत का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्यंत लंबे समय से नशे का आदी था और आए दिन घर में विवाद और मारपीट करता था। इसी से परेशान होकर कथित तौर पर उसके परिवार ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि इस साजिश में छोटे भाई संकित ने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

    जानकारी के अनुसार, हत्या के लिए लगभग 5 लाख रुपये की सुपारी देने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि दुष्यंत को ईंट से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल किया गया और फिर उसके शव को गंगनहर में फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    घटना के अगले दिन शव मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मृतक के सिर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि और मजबूत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की और जब परिवार से पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा।

    एसपी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी चोरी और मारपीट जैसे मामलों में जेल जा चुका था। पूछताछ के बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने अपराध में संलिप्तता की बात स्वीकार की है, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    कुल मिलाकर यह मामला नशे, पारिवारिक तनाव और अपराध की ऐसी दर्दनाक कहानी बन गया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।

  • MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?

    MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने इंसानी सोच और सिस्टम की खामियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जौनपुर की यह घटना किसी डार्क थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, लेकिन हकीकत उससे कहीं ज्यादा खौफनाक है। एक छात्र का डॉक्टर बनने का जुनून इस कदर पागलपन में बदला कि उसने मेडिकल की सीट पाने के लिए खुद के ही शरीर को दांव पर लगा दिया। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में 25 वर्षीय सूरज भास्कर ने सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बनने के लिए जो रास्ता चुना, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
    सूरज ने दिव्यांग कोटा (PH Quota) हासिल करने के लिए ग्राइंडर मशीन से अपना ही बायां पैर काटकर शरीर से अलग कर दिया।

    वारदात की क्रोनोलॉजी: साजिश से खुलासे तक
    शुक्रवार रात करीब 12 बजे सूरज ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।
    दवाओं का खेल खुद को दर्द से बचाने के लिए सूरज ने पहले एनेस्थीसिया (सुन्न करने वाला) इंजेक्शन लगाया। जब पैर सुन्न हो गया, तो बिजली से चलने वाली ग्राइंडर मशीन से अपने पंजे को काट डाला।

    गुमराह करने की कोशिश शनिवार सुबह सूचना फैली कि अज्ञात बदमाशों ने सूरज पर जानलेवा हमला कर उसका पैर काट दिया है। पुलिस ने तत्काल ‘हत्या के प्रयास’ का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

    कैसे खुला राज?
    सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों ने चौंका दिया। खेत में इंजेक्शन के रैपर और दवाइयां मिलीं, जो किसी राह चलते अपराधी के पास होना मुमकिन नहीं था। जब पुलिस ने सूरज की डायरी और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो साजिश की परतें खुल गईंडायरी का टारगेट, सूरज ने अपनी डायरी में लिखा था 2026 में किसी भी हाल में MBBS में दाखिला लेना है।

    BHU से ली ‘ट्रेनिंग’
    जांच में पता चला कि सूरज अक्टूबर में वाराणसी (BHU) गया था, जहाँ उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट के फायदे और प्रक्रिया की पूरी रेकी की थी।नीट (NEET) में कड़े कॉम्पिटिशन से बचने के लिए उसने खुद को स्थायी रूप से दिव्यांग बनाने का फैसला किया।

    सिस्टम और मानसिक दबाव का आईना
    यह घटना सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि उस मानसिक दबाव की चरम सीमा है जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान महसूस करते हैं। फिलहाल सूरज अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसका यह कदम उसे कॉलेज की सीट दिलाएगा या जेल की कोठरी, यह पुलिसिया कार्रवाई तय करेगी।पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि सूरज को मेडिकल ग्रेड के इंजेक्शन और ग्राइंडर मशीन किसने मुहैया कराई।