Tag: UP MLC Election

  • यूपी विधान परिषद चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोपों से गरमाया माहौल, दोपहर 12 बजे तक 24 फीसदी मतदान

    यूपी विधान परिषद चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोपों से गरमाया माहौल, दोपहर 12 बजे तक 24 फीसदी मतदान


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव के दौरान शुक्रवार को कई जगह हंगामे और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। मुजफ्फरनगर में राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने समाजवादी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। फतेहपुर में दोनों दलों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। वहीं गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगा है। चुनाव के दौरान फर्जी वोटिंग और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।

    मुजफ्फरनगर में विवाद उस समय बढ़ गया जब राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। सपा समर्थकों का आरोप था कि मंत्री वोट डालने के दौरान कई लोगों को लेकर मतदान केंद्र के अंदर गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    फतेहपुर में खागा तहसील क्षेत्र के विजयीपुर ब्लॉक परिसर के बाहर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे हंगामा हुआ। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं पर फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे को दौड़ाकर पीटने लगे। करीब आधे घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। इस घटना ने चुनाव के दौरान सुरक्षा और मतदान केंद्रों के आसपास व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

    गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप सामने आया। बताया गया कि वह मतदान केंद्र के बाहर मीडिया को बयान दे रहे थे। इसी दौरान उनके साथ विवाद हुआ। उधर अलीगढ़ में राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर के मतदान केंद्र के अंदर जाने को लेकर सपा समर्थकों और एजेंटों ने आपत्ति जताई। यहां भाजपा प्रत्याशी के एजेंट बनकर पहुंचे दो युवकों को पकड़े जाने की भी जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं को लेकर संबंधित पक्षों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    वाराणसी में मछलीशहर से सपा विधायक रागिनी सोनकर ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस पर धमकी देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि स्कूलों की मान्यता रद्द करने और शिक्षकों की नौकरी खत्म करने जैसी बातें कही जा रही हैं। दूसरी ओर इटावा के सैफई में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पत्नी सरला यादव के साथ मतदान किया। उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और कुछ मतदाताओं के वोट नहीं पड़ पाने का मुद्दा उठाया। शिवपाल ने कहा कि जहां भी अनियमितता हुई है वहां जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान को भी अनुशासनहीनता के दायरे में बताया और कहा कि इस पर फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे।

    उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक खंड की छह और स्नातक खंड की पांच सीटों पर कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन सीटों के लिए 14.28 लाख मतदाता पंजीकृत हैं और मतदान कराने के लिए 2697 केंद्र बनाए गए हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक 24.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बरेली-मुरादाबाद क्षेत्र में मतदान का स्तर अपेक्षाकृत अधिक बताया गया जबकि लखनऊ और वाराणसी समेत कई क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत इससे कम रहा। मतदान शाम चार बजे तक निर्धारित है और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। कानपुर कानपुर देहात और उन्नाव में इस चरण में मतदान नहीं हो रहा है। इन क्षेत्रों में चुनाव वर्ष 2029 में प्रस्तावित है। चुनावी प्रक्रिया के बीच सामने आए विवादों के कारण अब प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।

  • यूपी MLC चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर बवाल, वायरल सूची में अजीबोगरीब नामों का दावा, भाजपा की शिकायत पर जांच तेज

    यूपी MLC चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर बवाल, वायरल सूची में अजीबोगरीब नामों का दावा, भाजपा की शिकायत पर जांच तेज

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर मतदान से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की एक मतदाता सूची सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल सूची में कुछ ऐसे नाम और पिता के नाम दर्ज होने का दावा किया गया है जिन्हें देखकर लोग हैरान हैं। मामला सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने जांच के निर्देश दिए हैं। झांसी के मंडलायुक्त से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है और गुरुवार दोपहर तक रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। शुक्रवार 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले उठे इन सवालों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सूची में राम ने यादव को मारा और मूर्खचंद जैसे नामों का उल्लेख किया जा रहा है। कुछ प्रविष्टियों में मतदाताओं के नाम और उनके पिता के नाम असामान्य बताए गए हैं। सूची में नरेंद्र यादव के पिता का नाम बीकाम लिखे होने और कुछ अन्य मतदाताओं के नामों में भी गड़बड़ी होने का दावा किया गया है। हालांकि इन वायरल प्रविष्टियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि ये वास्तविक मतदाता सूची की त्रुटियां हैं या किसी अन्य कारण से ऐसे नाम दर्ज दिखाई दे रहे हैं। निर्वाचन आयोग की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

    निर्वाचन आयोग ने आधी रात के बाद अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी दी कि इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में अजीब नाम होने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। इसके बाद झांसी के मंडलायुक्त को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। मंडलायुक्त इस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी हैं। मतदान से कुछ घंटे पहले मामला सामने आने के कारण जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

    इस विवाद के बीच भाजपा ने भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव अधिकारियों से शिकायत की है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सूची में बड़ी संख्या में फर्जी और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम शामिल हैं। भाजपा के चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रदेश संयोजक अखिलेश कुमार अवस्थी ने दावा किया कि कुछ प्रभावशाली स्नातक नेताओं ने एक ही व्यक्ति के नाम को दो से तीन बार दर्ज कराया है। पार्टी की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ऐसे नामों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

    भाजपा नेताओं के शिकायती पत्र के मुताबिक मतदाता सूची में कुल 4397 डुप्लीकेट मतदाता होने का दावा किया गया है। इनमें प्रयागराज में 3163 नाम होने की बात कही गई है। इसके अलावा कौशांबी में 320 जालौन में 179 झांसी में 178 बांदा में 140 फतेहपुर में 139 ललितपुर में 109 हमीरपुर में 81 चित्रकूट में 68 और महोबा में 20 डुप्लीकेट नाम होने का आरोप लगाया गया है। इन आंकड़ों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मतदाता सूची में उम्र और पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। भाजपा का कहना है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल हैं जिनकी जन्मतिथि के आधार पर उनकी पात्रता संदिग्ध है। स्नातक निर्वाचन में मतदान के लिए निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है तो वे निर्धारित मतदान केंद्र पर ही वोट डालें। एक से अधिक स्थानों पर मतदान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

    अब सबकी नजर निर्वाचन आयोग की जांच रिपोर्ट पर है। जांच से यह स्पष्ट होगा कि वायरल सूची में दिखाई गई गड़बड़ियां कितनी वास्तविक हैं और डुप्लीकेट नामों को लेकर किए गए दावों में कितनी सच्चाई है। मतदान से पहले मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

  • यूपी में सपा ने बदले दो MLC प्रत्याशी: आगरा से आकाश अग्रवाल, गोरखपुर-फैजाबाद से संजयन त्रिपाठी

    यूपी में सपा ने बदले दो MLC प्रत्याशी: आगरा से आकाश अग्रवाल, गोरखपुर-फैजाबाद से संजयन त्रिपाठी


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने दो प्रत्याशियों को बदल दिया है। पार्टी ने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है।

    सपा ने इससे पहले आगरा खंड शिक्षक सीट से प्रकाश चंद्र गुप्ता और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट से कमलेश यादव को प्रत्याशी घोषित किया था। अब दोनों नामों को बदलकर नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि यह बदलाव पहले घोषित प्रत्याशियों की सहमति से किया गया है।

    भाजपा से टिकट नहीं मिला तो संजयन ने दाखिल किया था नामांकन

    गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट पर डॉ. संजयन त्रिपाठी का नाम पहले भाजपा के संभावित दावेदारों में था। भाजपा ने इस सीट से मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया। इसके बाद संजयन त्रिपाठी ने अलग से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था और 2 अक्टूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भी दाखिल किया था।

    अब सपा ने उन्हें अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस घटनाक्रम से गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट का चुनावी मुकाबला भी बदल गया है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भाजपा ने 29 सितंबर को प्रत्याशी घोषित किया था। वह इस सीट से तीन बार एमएलसी रह चुके हैं।

    आकाश अग्रवाल की भी बदली राजनीतिक भूमिका

    आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल मौजूदा निर्दलीय एमएलसी हैं। 2020 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा से टिकट की दावेदारी के बीच अब वह सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगे।

    सपा ने पहले इसी सीट से प्रकाश चंद्र गुप्ता को प्रत्याशी बनाया था। वहीं आगरा खंड स्नातक सीट अलग निर्वाचन क्षेत्र है, जहां पार्टी ने पहले शशांक यादव को प्रत्याशी घोषित किया था।

    23 अक्टूबर को मतदान, 27 को मतगणना

    उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए चुनाव होना है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।

    अखिलेश बोले- नई पीढ़ी भाजपा से नाराज

    प्रत्याशियों के बदलाव के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2024 में समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने भाजपा को हराया था और इस बार पीडीए की ताकत के सामने भाजपा नहीं टिक पाएगी।

    अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पीडीए में प्रेम, दया और अपनापन है। पार्टी हर दुखी, पीड़ित और अपमानित व्यक्ति के साथ खड़ी है। उन्होंने भाजपा पर समाज के विभिन्न तबकों के शोषण और उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया।

    उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नई पीढ़ी और जेन-जी के पास नौकरी और रोजगार नहीं है तथा बेरोजगारी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, नई पीढ़ी भाजपा से नाराज है। अखिलेश ने यह भी कहा कि भाजपा समाजवादी पार्टी के विकास कार्यों का मुकाबला नहीं कर सकती।

  • UP में एक और बड़ा चुनाव: 5 स्नातक और 6 शिक्षक सीटों पर होगा मतदान, 27 अक्टूबर को आएगा MLC चुनाव का रिजल्ट

    UP में एक और बड़ा चुनाव: 5 स्नातक और 6 शिक्षक सीटों पर होगा मतदान, 27 अक्टूबर को आएगा MLC चुनाव का रिजल्ट


    उत्तर प्रदेश  । उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक और महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य की 11 विधान परिषद सीटों के लिए अक्टूबर में चुनाव होना है। इन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा पांच सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम पहले ही घोषित कर चुकी है जबकि छह सीटों पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी सभी 11 सीटों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। विधान परिषद की इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार विधान परिषद की पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराया जाएगा। इन निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को पूरा हो रहा है। चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी और उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।

    जिन 11 सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है उनमें लखनऊ खंड स्नातक से अवनीश कुमार सिंह वाराणसी से आशुतोष सिन्हा आगरा से डॉक्टर मानवेंद्र प्रताप सिंह मेरठ से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद झांसी से डॉक्टर मान सिंह यादव शामिल हैं। इनके अलावा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से उमेश द्विवेदी लाल बिहारी यादव डॉक्टर आकाश अग्रवाल श्रीचंद शर्मा हरि सिंह ढिल्लों और ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है।

    भाजपा ने फिलहाल पांच सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। पार्टी ने लखनऊ सीतापुर स्नातक सीट से अवनीश कुमार सिंह लखनऊ सीतापुर शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी बरेली मुरादाबाद सीट से हरि सिंह ढिल्लों आगरा स्नातक सीट से डॉक्टर मानवेंद्र सिंह और मेरठ सहारनपुर सीट से श्रीचंद शर्मा को फिर मौका दिया है। बाकी छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आने बाकी हैं। पार्टी स्तर पर इन सीटों को लेकर कई दौर की चर्चा हो चुकी है और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन जारी है।

    भाजपा को गोरखपुर शिक्षक सीट इलाहाबाद स्नातक सीट वाराणसी शिक्षक और स्नातक सीट आगरा शिक्षक सीट तथा मेरठ स्नातक सीट पर उम्मीदवार घोषित करने हैं। संभावित नामों को लेकर राजनीतिक और शिक्षक संगठनों से जुड़े कई चेहरे चर्चा में हैं। गोरखपुर शिक्षक सीट से ध्रुव कुमार त्रिपाठी और प्रयागराज स्नातक सीट से सुरेश त्रिपाठी के नाम की चर्चा है। वहीं आगरा स्नातक सीट पर पिछले चुनाव में निर्दलीय जीत हासिल करने वाले आकाश अग्रवाल और कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी भी दावेदारी से जुड़े बताए जा रहे हैं।

    दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने सभी 11 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। ऐसे में अब दोनों प्रमुख दलों की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। विधान परिषद की इन सीटों का चुनाव विधानसभा चुनाव से अलग निर्वाचन प्रक्रिया के तहत होगा और इसमें संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता मतदान करेंगे।

    चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू हो गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कानपुर कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर उत्तर प्रदेश के बाकी जिलों में विधान परिषद निर्वाचन के संबंध में आचार संहिता के संबंधित प्रावधान प्रभावी हैं। अब 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी और अक्टूबर के अंत तक सभी 11 सीटों पर नए सदस्यों की तस्वीर साफ हो जाएगी।