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  • इकरा हसन बोलीं- यूपी में भाजपा को सपा ही हरा सकती है, कांग्रेस अकेले कुछ नहीं कर पाएगी

    इकरा हसन बोलीं- यूपी में भाजपा को सपा ही हरा सकती है, कांग्रेस अकेले कुछ नहीं कर पाएगी

    शामली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर खींचतान के बीच कैराना से सपा सांसद इकरा हसन ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। शामली में दिशा समिति की बैठक के बाद प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा को हराने की राजनीतिक ताकत समाजवादी पार्टी के पास है। उनका कहना था कि गठबंधन नहीं रहा तो इसका नुकसान कांग्रेस को होगा, जबकि सपा पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

    बोलीं- अखिलेश यादव ही भाजपा को हरा सकते हैं

    इकरा हसन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के मुकाबले समाजवादी पार्टी ही मुख्य राजनीतिक चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि यदि प्रदेश में भाजपा को कोई हरा सकता है तो वह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं। कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी अकेले चुनाव लड़ती है तो उसके लिए मुश्किलें बढ़ेंगी।

    उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट बंटवारे और आगे की रणनीति को लेकर सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आ रहे हैं। कांग्रेस नेता इमरान मसूद और इकरा हसन के बीच भी इस मुद्दे पर बयानबाजी हुई है।

    दिशा की बैठक में विकास कार्यों में देरी पर सवाल

    प्रेसवार्ता से पहले हुई दिशा समिति की बैठक में इकरा हसन ने कैराना संसदीय क्षेत्र से जुड़े कई विकास कार्यों में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद होने के कारण उनके क्षेत्र के काम प्रभावित हो रहे हैं। बैठक में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह से भी उन्होंने सवाल किए। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और शासन के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं।

    सांसद ने बताया कि गढ़ी दथेडा से नाई नगला होते हुए थालवा और कैराना से इस्सौपुर खुरगान तक सड़क निर्माण के लिए शासन से मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने 800 मीटर सड़क का निर्माण कराने और स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की मांग की।

    चौसाना-माल्हीपुर में राजकीय इंटर कॉलेज की मांग

    बैठक में शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। इकरा हसन ने चौसाना और माल्हीपुर में राजकीय इंटर कॉलेज नहीं होने का मामला रखा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण कॉलेज निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने को तैयार हैं। सांसद ने डीआईओएस और जिलाधिकारी से दोनों क्षेत्रों में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रस्ताव तैयार कराने को कहा।

    उन्होंने बंतीखेड़ा जूनियर हाईस्कूल तथा इस्सौपुर खुरगान के स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा चहारदीवारी विहीन प्राथमिक विद्यालयों की सूची जिलाधिकारी को सौंपी गई। कैराना के दिगंबर जैन इंटर कॉलेज को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। दिशा समिति की बैठक में स्कूलों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

    बलवा-बनत पुल और हाईवे की बदहाली पर भी नाराजगी

    बैठक में बलवा और शामली सदर तहसील क्षेत्र में स्वीकृत उपरिगामी पुलों के निर्माण की प्रगति पर भी सवाल उठे। एनएचएआई बागपत इकाई के अभियंता सत्यम सेठ ने बताया कि बिजली के खंभे हटने के बाद दोनों पुलों का निर्माण शुरू किया जाएगा। इन्हें 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे पर गड्ढों और मरम्मत में देरी का मुद्दा भी सांसद ने उठाया। अधिकारी के मुताबिक गौरीपुर से खेकड़ा तक हाईवे की मरम्मत पूरी हो चुकी है, जबकि गौरीपुर मोड़ से शामली तक जल्द पेचवर्क कराया जाएगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह के बैठक में मौजूद नहीं रहने पर इकरा हसन ने नाराजगी जताई।

    आयुष्मान योजना में गड़बड़ी के आरोप, जांच के निर्देश

    बैठक में आयुष्मान योजना से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का मामला भी सामने आया। आरोप लगाया गया कि योजना के तहत अस्पतालों में 40 करोड़ 42 लाख रुपये की गड़बड़ी हुई है। इसके अलावा धनराशि लेकर अल्ट्रासाउंड लाइसेंस जारी करने के आरोप भी लगाए गए।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आलोक यादव ने सीएमओ डॉ. तृतीय कुमार को जांच के निर्देश दिए। इसके साथ ही कांधला-किवाना की जर्जर सड़क, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और जल जीवन मिशन के तहत सड़कें खोदने के बाद मरम्मत नहीं किए जाने का मुद्दा भी बैठक में उठा।

  • UP : सहारनपुर में नितिन नवीन का चुनावी मंथन, पुराने नेताओं से लिया फीडबैक, 2027 की तैयारियों पर की चर्चा

    UP : सहारनपुर में नितिन नवीन का चुनावी मंथन, पुराने नेताओं से लिया फीडबैक, 2027 की तैयारियों पर की चर्चा

    सहारनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने पश्चिमी यूपी में संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सहारनपुर में करीब ढाई घंटे तक पार्टी के पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। अंबाला रोड स्थित रिसॉर्ट में हुई इन बैठकों में संगठन की स्थिति, पुराने अनुभवों का इस्तेमाल और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई।

    पहले पुराने नेताओं से संवाद, फिर मौजूदा टीम के साथ बैठक
    सहारनपुर पहुंचने के बाद नितिन नवीन ने सबसे पहले पश्चिमी यूपी के पूर्व जनप्रतिनिधियों और पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में नेताओं के राजनीतिक अनुभव और संगठन के साथ उनके तालमेल से जुड़े विषयों पर फीडबैक लिया गया। साथ ही 2027 के चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों और आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    इसके बाद करीब आधे घंटे तक वर्तमान जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ दूसरी बैठक हुई। इसमें चुनावी तैयारियों के साथ संगठन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। टिकट के संभावित दावेदारों की स्थिति और क्षेत्रवार फीडबैक पर भी मंथन किए जाने की बात सामने आई है। दोनों बैठकों में मीडिया की एंट्री प्रतिबंधित रही।

    पश्चिमी यूपी के संगठन पर फोकस
    नितिन नवीन के सहारनपुर दौरे को पश्चिमी यूपी में संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले मेरठ में भी उन्होंने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और शक्ति केंद्र स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। सहारनपुर में भी पुराने नेताओं से अनुभव और मौजूदा संगठन से जमीनी स्थिति का फीडबैक लेने की रणनीति अपनाई गई।

    रविदास मंदिर में पूजन, दलित कार्यकर्ता के घर भोजन
    संगठनात्मक बैठकों के बाद नितिन नवीन ओजपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने श्री गुरु रविदास मंदिर में दर्शन और पूजन किया। इसके बाद वे अनुसूचित जाति वर्ग के एक भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचे और भोजन किया। कार्यक्रम पूरा होने के बाद उनके दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम था।

    ‘माफिया’ से सेमीकंडक्टर-एआई तक पहुंचा यूपी : नितिन नवीन
    सहारनपुर में नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश को पहले माफिया के नाम से जाना जाता था, आज वही युवा शक्ति के साथ सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब एक्सप्रेसवे और विकास की नई परियोजनाओं से बन रही है। उनके मुताबिक प्रदेश में मिसाइल निर्माण जैसे काम हो रहे हैं, जो नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश करते हैं। नितिन नवीन ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘उत्तम प्रदेश’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • यूपी के चार हिस्सों में बंटने का ओपी राजभर का दावा, बोले- पूर्वांचल बना तो राजभर समाज का बेटा होगा पहला CM

    यूपी के चार हिस्सों में बंटने का ओपी राजभर का दावा, बोले- पूर्वांचल बना तो राजभर समाज का बेटा होगा पहला CM

    अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के विभाजन और अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का भविष्य में चार हिस्सों में बंटना तय है और यदि पूर्वांचल अलग राज्य बनता है तो वहां पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज से होगा। राजभर ने यह भी कहा कि जिस राजनीतिक दल के साथ उनका गठबंधन होगा, पूर्वांचल में मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी रहेगी।

    चार अलग क्षेत्रों की मांग का किया जिक्र
    अंबेडकरनगर में बातचीत के दौरान राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और इसकी विशाल आबादी को देखते हुए भविष्य में इसका पुनर्गठन होना तय है। उन्होंने बुंदेलखंड में अलग राज्य की मांग, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हरित प्रदेश की मांग के साथ मध्यांचल और पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की मांग का भी उल्लेख किया।

    राजभर के मुताबिक, पूर्वांचल के छह मंडलों में राजभर समाज की बड़ी आबादी है। उनका कहना है कि यदि पूर्वांचल को अलग राज्य का दर्जा मिलता है तो वहां के राजनीतिक समीकरणों में राजभर समाज की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और गठबंधन की स्थिति में मुख्यमंत्री पद पर समाज की दावेदारी मजबूत रहेगी।

    सपा पर माफिया संरक्षण का आरोप
    राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। सपा के खिलाफ सामने आए उन पोस्टरों का जिक्र करते हुए, जिनमें अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और आजम खान की तस्वीरें दिखाई गई हैं, उन्होंने पोस्टरों में लगाए गए आरोपों का समर्थन किया।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों को संरक्षण मिला। राजभर ने इसी आधार पर सपा सरकार की पहचान को अपराध और माफियाराज से जोड़ने का दावा किया। साथ ही उन्होंने सपा के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के राजनीतिक नारे पर भी कटाक्ष किया।

    अखिलेश-ओवैसी गठबंधन पर भी टिप्पणी
    असदुद्दीन ओवैसी और अखिलेश यादव के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी राजभर ने अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी खुद को मुस्लिम समाज का राजनीतिक नेतृत्व करने वाला मानते हैं, जबकि ओवैसी चाहते हैं कि मुस्लिम समाज से कोई नेता मुख्यमंत्री बने।

    राजभर के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद और राजनीतिक नेतृत्व को लेकर दोनों पक्षों की सोच अलग है, इसलिए अखिलेश यादव और ओवैसी के बीच गठबंधन होना मुश्किल है। यह राजभर का राजनीतिक आकलन है; ओवैसी की ओर से गठबंधन को लेकर हालिया बयान में 2 अक्टूबर तक इंतजार करने की बात सामने आई है।

    पहले भी उठा है यूपी के पुनर्गठन का मुद्दा
    उत्तर प्रदेश को अलग-अलग राज्यों में बांटने की मांग पहले भी राजनीतिक बहस का हिस्सा रही है। राजभर के ताजा बयान में चार हिस्सों के रूप में पूर्वांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी क्षेत्र की मांग का संदर्भ सामने आया है। हालांकि, फिलहाल उत्तर प्रदेश के चार राज्यों में विभाजन को लेकर कोई प्रशासनिक फैसला नहीं हुआ है। राजभर का बयान राजनीतिक मांग और भविष्य की संभावित स्थिति को लेकर उनका दावा है।

  • होमगार्ड बनने का सपना अधूरा रह गया 4800 मीटर दौड़ के आखिरी दौर में अभ्यर्थी की हार्ट अटैक से मौत

    होमगार्ड बनने का सपना अधूरा रह गया 4800 मीटर दौड़ के आखिरी दौर में अभ्यर्थी की हार्ट अटैक से मौत


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बरेली से भर्ती परीक्षा देने पहुंचे 24 वर्षीय शिवम यादव की दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह ट्रैक पर गिर पड़े। शिवम ने 4800 मीटर की दौड़ के 11 राउंड पूरे कर लिए थे और अंतिम राउंड में अपने लक्ष्य से करीब 60 से 70 मीटर की दूरी पर थे। इसी दौरान वह अचानक गश खाकर गिर गए। मौके पर मौजूद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    शिवम बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नई बस्ती वंशीनगला बेनीपुर चौधरी के रहने वाले थे। उनके पिता विनोद कुमार पेशे से अधिवक्ता हैं और बरेली बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल में शिवम का शव देखकर उनके पिता की भी हालत बिगड़ गई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल भी जिला अस्पताल पहुंचे।

    शिवम ने होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। शुक्रवार को उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होना था। इसके लिए वह गुरुवार रात करीब 11 बजे अपने पिता के साथ बरेली से मुरादाबाद के लिए रवाना हुए थे। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे वह भर्ती स्थल पर पहुंच गए। जांच और बायोमेट्रिक उपस्थिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें 9वीं वाहिनी पीएसी के मैदान में दौड़ के लिए भेजा गया। शिवम के रिश्ते का भाई हिमांशु भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने मुरादाबाद पहुंचा था।

    हिमांशु के मुताबिक शिवम पांचवीं शिफ्ट में दौड़ रहे थे। अभ्यर्थियों को 28 मिनट के भीतर 4800 मीटर की दूरी पूरी करनी थी। शिवम ने शुरुआती 11 राउंड पूरे कर लिए थे और अब केवल आखिरी राउंड बाकी था। सुबह करीब 8 बजकर 16 मिनट पर वह अंतिम राउंड में दौड़ रहे थे। मंजिल करीब नजर आ रही थी लेकिन अचानक उनकी रफ्तार थम गई और वह ट्रैक पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

    पोस्टमार्टम करने वाली टीम में शामिल डॉक्टर राहुल चौधरी के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। डॉक्टर के मुताबिक अचानक बहुत तेज गति से दौड़ने के कारण दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ने की आशंका है। उनका कहना है कि ऐसी शारीरिक परीक्षा की तैयारी के दौरान शरीर और दिल को धीरे धीरे बढ़ते अभ्यास के जरिए लंबे समय तक तेज दौड़ के लिए तैयार करना जरूरी है।

    शिवम की शादी वर्ष 2023 में कोमल से हुई थी। उनकी दो साल की बेटी शैली है। पति की मौत की खबर के बाद पत्नी कोमल समेत परिवार के अन्य लोग अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। शव देखते ही पत्नी बेसुध हो गई। जिस नौकरी के जरिए शिवम अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का सपना लेकर दौड़ रहे थे वह सपना अंतिम राउंड में ही हमेशा के लिए टूट गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

  • Jhansi: भुवनेश्वर से ग्वालियर जा रहे ट्रक में 214 किलो गांजा, दो गिरफ्तार, कीमत 1.07 करोड़

    Jhansi: भुवनेश्वर से ग्वालियर जा रहे ट्रक में 214 किलो गांजा, दो गिरफ्तार, कीमत 1.07 करोड़

    झांसी। बबीना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने सुकुवां-ढुकुवां रोड पर नयाखेड़ा के पास कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 214 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए है। टीम ने ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ बबीना थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ट्रक को सीज कर दिया गया है।

    एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतपाल उर्फ सत्यपाल (46), निवासी सौदापुर, थाना बार्डर टाउन, जिला पानीपत, हरियाणा और मोहन कुशवाहा (27), निवासी सिंधिया नगर, थाना बहोड़ापुर, ग्वालियर के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से ट्रक में छिपाकर रखा गया 214 किलो गांजा बरामद किया गया।

    ओडिशा से ग्वालियर पहुंचाना था गांजा
    पुलिस पूछताछ में मोहन कुशवाहा ने बताया कि उसका पड़ोसी आकाश कुशवाहा गांजे का काम करता है। वह आकाश के साथ किराये की गाड़ी से भुवनेश्वर, ओडिशा गया था। वहां आकाश के साथियों ने ट्रक में गांजा लोड कराया। उसे यह माल ग्वालियर पहुंचने के बाद उतारने के लिए कहा गया था।

    वहीं ट्रक चालक सतपाल ने पुलिस को बताया कि वह ट्रक किराये पर लेकर चलाता है। उसकी 7 सितंबर को आकाश से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि आकाश ने ही ट्रक में गांजा रखवाया और इसके बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। रास्ते में संपर्क बनाए रखने के लिए ढाबों के फोन से बात करने के लिए कहा गया था।

    न्यायालय में पेश किए जा रहे दोनों आरोपी
    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बबीना थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गांजा बरामद होने के बाद ट्रक को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी, इसे ग्वालियर में किसे सौंपा जाना था और इस नेटवर्क में आकाश कुशवाहा समेत अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

  • यूपी: रेलवे के ट्रैक मेंटेनेंस कोच में लगी भीषण आग, धमाके के साथ फटा सिलिंडर, एक घायल

    यूपी: रेलवे के ट्रैक मेंटेनेंस कोच में लगी भीषण आग, धमाके के साथ फटा सिलिंडर, एक घायल


    फिरोजाबाद।
    शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के मालगोदाम के पास शनिवार दोपहर ट्रैक मेंटेनेंस के लिए खड़े कोच में अचानक आग लग गई। कोच में रखी मशीन से शुरू हुई आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठने लगीं। इसी दौरान करीब 1:25 बजे कोच के अंदर रखा सिलिंडर तेज धमाके के साथ फट गया। हादसे में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है।

    घटना दोपहर करीब 1 बजे शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के पास मालगोदाम की शंटिंग लाइन पर हुई। यहां ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव के लिए कई कोच खड़े थे। इनमें से एक कोच में रखी मशीन में अचानक आग लगी। देखते ही देखते आग ने पूरे कोच को अपनी चपेट में ले लिया।

    सिलिंडर फटते ही मची भगदड़
    आग बुझाने और राहत कार्य में जुटे पुलिसकर्मी, रेलवे कर्मचारी और मौके पर मौजूद अन्य लोग सिलिंडर फटने के बाद घबरा गए। तेज धमाके की आवाज सुनते ही वहां भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे।

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। अब तक दमकल की तीन टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है।

    प्रयागराज डिवीजन के अधिकारी ले रहे जानकारी
    आग लगने की घटना के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रयागराज डिवीजन के रेलवे अधिकारी लगातार घटनास्थल की जानकारी ले रहे हैं। आग लगने के कारणों और नुकसान का अभी विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

    सिलिंडर फटने से एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि हुई है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही घटना में हुए नुकसान और आग लगने की वास्तविक वजह की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • Jhansi: बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही समस्या से जूझ रहा, जलभराव के कारण मरीज परेशान

    Jhansi: बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही समस्या से जूझ रहा, जलभराव के कारण मरीज परेशान


    झांसी। बड़ागांव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों खुद जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। अस्पताल परिसर में करीब 20 दिन से पानी भरा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को मुख्य गेट से ओपीडी और इमरजेंसी तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण मच्छरजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

    अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, जलभराव की समस्या से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। दो बार उच्च अधिकारियों और स्थानीय विधायक को भी इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में जहां मरीजों का इलाज होना चाहिए, उसी अस्पताल परिसर को अपनी समस्या के ‘इलाज’ का इंतजार है।

    हर साल होती है जलभराव की समस्या

    सीएचसी के सीएमएस डॉ. वैभव पुरोहित ने बताया कि अस्पताल परिसर नीची जगह पर है। आसपास का क्षेत्र ऊंचाई पर होने के कारण हर साल यहां जलभराव की स्थिति बनती है। समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। पिछले वर्ष भी स्थायी समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।

    प्रसव पीड़ा में पानी से होकर अस्पताल पहुंची गर्भवती

    स्थानीय निवासी अनूपा जोशी ने बताया कि 8 सितंबर को उनकी बहू वंदना को प्रसव पीड़ा हुई। मध्यरात्रि करीब दो बजे वह उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचीं। परिसर में पानी भरा देखकर परेशानी हुई, लेकिन प्रसव पीड़ा अधिक होने के कारण मजबूरी में बहू को पानी से होकर अस्पताल तक ले जाना पड़ा।

    वहीं, वृद्ध मरीज अशोक निरंजन ने बताया कि उम्र अधिक होने के कारण उन्हें उपचार के लिए सीएचसी जाना पड़ता है। कई दिनों से परिसर में पानी भरा होने के कारण ओपीडी तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। डॉक्टर ने फॉलोअप जांच के लिए बुलाया था, लेकिन जलभराव के कारण अस्पताल जाने में डर लग रहा है। पानी में गिरने या चोट लगने की आशंका बनी रहती है।

    मोटर से पानी निकालने की कोशिश, नहीं मिल रही सफलता

    सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि सीएचसी के आसपास का क्षेत्र ऊंचाई पर होने के कारण परिसर में जलभराव होता है। मोटर लगाकर पानी की निकासी कराई जा रही है, लेकिन इसमें ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि समस्या से बीडीओ को अवगत कराकर इसके स्थायी निदान के लिए कहा गया है।

  • यूपी में बारिश से खराब सड़कों पर सीएम योगी सख्त, बोले- तत्काल मोटरेबल बनाएं, बरसात बाद कराएं नवीनीकरण

    यूपी में बारिश से खराब सड़कों पर सीएम योगी सख्त, बोले- तत्काल मोटरेबल बनाएं, बरसात बाद कराएं नवीनीकरण

    लखनऊ। बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बरसात अभी जारी है, इसलिए खराब सड़कों की फिलहाल मरम्मत कर उन्हें आवागमन के योग्य बनाया जाए। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद जरूरत के अनुसार इनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।

    शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बारिश से नए क्षतिग्रस्त मार्गों का लगातार सर्वे कराने और पर्वों से पहले जरूरी मरम्मत व नवीनीकरण पूरा करने के निर्देश दिए।

    681 प्रमुख मार्गों पर विशेष फोकस
    आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और बेहतर स्थिति में रखने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्ति अभियान केवल पैचवर्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है, वहां पहले सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए और बरसात खत्म होने के बाद उसकी स्थिति के अनुसार स्थायी मरम्मत या नवीनीकरण कराया जाए।

    4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा
    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में नौ विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर मार्ग हैं। मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक करीब 5,751 किलोमीटर मार्गों पर काम पूरा हो चुका है।

    क्षतिग्रस्त सड़कों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य अंतिम रूप से तय किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे की निर्माणाधीन परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनका विभागवार सर्वे कराया जा रहा है।

    स्कूल-अस्पताल और बाजारों की सड़कें पहले सुधरें
    मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक जन आवागमन वाले अन्य स्थानों की सड़कों को प्राथमिकता पर सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराया जाए और सड़क को बिना देरी आवागमन योग्य बनाया जाए। साथ ही काम में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    30 हजार किमी सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य
    नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और करीब 5 हजार किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है। अब तक नवीनीकरण के तहत करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत में करीब 700 किलोमीटर की प्रगति बताई गई है।

    कई विभागों की कार्ययोजना की समीक्षा
    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

    बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद और राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम मौजूद रहे।

  • राधाष्टमी को लेकर बरसाना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 160 बसें चलाएगा परिवहन निगम

    राधाष्टमी को लेकर बरसाना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 160 बसें चलाएगा परिवहन निगम


    मथुरा। बरसाना में 19 सितंबर को होने वाली राधाष्टमी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। मेला क्षेत्र को सात जोन और 20 सेक्टर में बांटकर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी।

    जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन के लिए 38 होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। इसके अलावा 50 पार्किंग स्थल, छह वॉच टावर और 88 बैरियर लगाए जाएंगे।

    12 गोताखोर और नाव रहेगी तैनात
    जल संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए 12 गोताखोर और एक नाव तैनात की जाएगी। जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र की सड़कों को गड्ढामुक्त करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। सफाई और सजावट के साथ घोषणा प्रणाली से लगातार अनाउंसमेंट कराने पर भी जोर दिया गया है।

    जर्जर भवनों को चिह्नित कर नोटिस देने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त दिशा-सूचक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 12 स्वास्थ्य शिविर और मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। बाइक एंबुलेंस के साथ नियमित दूरी पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए 35 पानी के टैंकर, 30 मोबाइल शौचालय और 100 लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे। सात स्थानों पर जूता घर भी बनाए जाएंगे।

    50 स्थानों पर 155 कैमरों से नजर
    भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए बरसाना में 50 स्थानों पर कुल 155 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें कस्बे में पहले से लगे 60 कैमरों और राधारानी मंदिर में मौजूद 32 कैमरों के अतिरिक्त नए कैमरे शामिल होंगे। इसके अलावा 27 स्थानों पर 63 अस्थायी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

    पीली कोठी, श्रीजी गेट और कटारा पार्क सहित सात स्थानों पर स्टैटिक सेट के जरिए भीड़ की निगरानी की जाएगी। प्रशासन का जोर भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के मुताबिक श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने पर रहेगा।

    राधाष्टमी पर 160 बसें चलेंगी
    राधाष्टमी पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम ने भी तैयारी शुरू कर दी है। 18 और 19 सितंबर को 160 बसों के संचालन की तैयारी है। इसके अलावा 40 अतिरिक्त बसों को रिजर्व रखा जाएगा।

    बसों के संचालन के लिए चालक-परिचालकों की व्यवस्था के साथ प्रमुख मार्गों पर निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को बरसाना पहुंचाने और वापस लाने के लिए प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त बसें उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक अहिरवार के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर बसों के फेरे भी बढ़ाए जा सकते हैं।

  • कानपुर में दर्दनाक हादसा कंटेनर ने ट्रैफिक सिपाहियों को कुचला एक की मौत ड्राइवर भी मरा

    कानपुर में दर्दनाक हादसा कंटेनर ने ट्रैफिक सिपाहियों को कुचला एक की मौत ड्राइवर भी मरा


    उत्तरप्रदेश। कानपुर में सोमवार तड़के बर्रा एलिवेटेड रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ड्यूटी पर तैनात दो ट्रैफिक सिपाही जब एक ट्रक को रोककर उसके दस्तावेजों की जांच कर रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा तफरी मच गई और कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए।

    जानकारी के अनुसार ट्रैफिक कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और राकेश कुमार नौबस्ता चौराहे पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान झारखंड नंबर का एक खाली ट्रक पनकी प्लांट की ओर जा रहा था। शक के आधार पर दोनों सिपाहियों ने ट्रक को रोका और चालक को नीचे उतारकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। वे ट्रक के पीछे खड़े होकर पूछताछ कर ही रहे थे कि तभी पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर आया और ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे के बाद कंटेनर लगभग 50 मीटर तक वाहन को घसीटता हुआ ले गया। इस दौरान दोनों सिपाही और ट्रक चालक उसकी चपेट में आ गए। हादसे में कांस्टेबल जितेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे सिपाही राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक चालक रितेश कुमार यादव की भी इस हादसे में मौत हो गई।

    जितेंद्र कुमार 2018 बैच के सिपाही थे और आगरा के रहने वाले थे। उनकी शादी 2020 में हुई थी और उनकी एक ढाई साल की बेटी भी है। इस घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं घायल सिपाही राकेश कुमार का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। हादसे के बाद एलिवेटेड रोड पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कंटेनर चालक की पहचान तथा उसकी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।

    यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की रफ्तार पर सवाल खड़े करती है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।