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  • यूपी में मानसून बना मुसीबत कहीं सड़क पर नाव तो कहीं छत पर अंतिम संस्कार, 25 अगस्त तक बारिश का अनुमान

    यूपी में मानसून बना मुसीबत कहीं सड़क पर नाव तो कहीं छत पर अंतिम संस्कार, 25 अगस्त तक बारिश का अनुमान

    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गंगा और घाघरा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं और प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई गांवों का संपर्क आसपास के इलाकों से टूटने लगा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

    बहराइच में भी कई गांवों में पानी भर गया है। हालात का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ट्रैक्टर के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। दूसरी ओर प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। नदी का पानी रिवर फ्रंट रोड तक पहुंच गया है और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंगा का पानी लेटे हुए हनुमान मंदिर कॉरिडोर के आसपास भी पहुंच गया है।

    वाराणसी में भी गंगा का बढ़ता जलस्तर जनजीवन और धार्मिक गतिविधियों पर असर डाल रहा है। विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार बंद करना पड़ा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के नियमित शवदाह स्थल पानी में डूब गए हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक स्थानों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर गलियों और सीढ़ियों के आसपास अंतिम संस्कार किया गया जबकि मणिकर्णिका घाट पर छत के हिस्से में यह प्रक्रिया करनी पड़ी। दशाश्वमेध घाट की प्रसिद्ध गंगा आरती भी छत से कराई गई। नमो घाट का बड़ा हिस्सा भी जलमग्न हो चुका है।

    प्रयागराज में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। दारागंज करेली और सलोरी जैसे इलाकों में कई घरों में कई फीट तक पानी भरने की सूचना है। जलभराव और बिगड़ते हालात के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को हॉस्टल खाली करना पड़ा है। कौशांबी और आसपास के जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला है। फर्रुखाबाद में करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और कई संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। कुछ गांवों के टापू में बदल जाने के कारण प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए नावों तथा मोटर बोट की व्यवस्था की है।

    राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नदियों का जलस्तर लगातार निगरानी में है। घाघरा सरयू गंगा शारदा टोंस सोन और मंदाकिनी जैसी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। पिछले 72 घंटों में बारिश से जुड़े हादसों में मकान गिरने के कारण छह लोगों की मौत की भी सूचना है। इनमें मिर्जापुर जौनपुर और अमेठी के मामले शामिल हैं।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि लखनऊ कानपुर और वाराणसी जैसे कई शहरों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत साफ है लेकिन बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और 25 अगस्त तक कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन भी चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

  • यूपी में बारिश का कहर! लखनऊ समेत 30 शहरों में झमाझम बारिश, 10 जिलों में स्कूल बंद; काशी के घाट-मंदिर डूबे

    यूपी में बारिश का कहर! लखनऊ समेत 30 शहरों में झमाझम बारिश, 10 जिलों में स्कूल बंद; काशी के घाट-मंदिर डूबे


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार तड़के करीब 3 बजे से लखनऊ समेत प्रदेश के 30 से ज्यादा शहरों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। कई इलाकों में सुबह से ही आसमान घने काले बादलों से ढका रहा और दिन निकलने के बावजूद अंधेरा छाया रहा। लगातार बारिश के कारण शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कहीं सड़कें तालाब बन गई हैं तो कहीं पुलिस थाने और सरकारी अस्पताल तक पानी में घिर गए हैं। हालात को देखते हुए प्रदेश के करीब 10 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

    संभल में तेज बारिश के बाद रोडवेज बस अड्डा पूरी तरह जलमग्न हो गया। सरकारी अस्पताल में भी बारिश का पानी घुस गया। प्रतापगढ़ के लालगंज इलाके में स्थिति और ज्यादा खराब नजर आई। यहां तहसील परिसर के साथ कोतवाली पुलिस स्टेशन प्राइमरी स्कूल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब दो फीट तक पानी भर गया। पुलिस की गाड़ियों के पहिए तक पानी में डूब गए। निचले इलाकों में कई घरों के भीतर भी बारिश का पानी पहुंच गया है।

    भदोही और कौशांबी में भी भारी जलभराव देखने को मिला। कई प्रमुख सड़कों पर करीब एक फीट तक पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। प्रतापगढ़ में रातभर हुई बारिश के कारण मंदिरों और रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भरने की तस्वीरें सामने आई हैं। जलभराव के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए छुट्टी कर दी गई।

    भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रयागराज प्रतापगढ़ मिर्जापुर कौशांबी भदोही हरदोई अमेठी और जौनपुर समेत करीब 10 जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

    काशी में गंगा का बढ़ा जलस्तर

    बारिश के साथ गंगा और यमुना समेत उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों से ऊपर पहुंच गया है। घाट किनारे बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिर पानी से घिर गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर और दशाश्वमेध घाट का ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर काफी हिस्से तक पानी में डूब गया है। कई जगह मंदिरों का केवल ऊपरी हिस्सा ही दिखाई दे रहा है।

    नमो घाट की सीढ़ियों तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों से घाटों के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती अब छत के ऊपर कराई जा रही है।

    मणिकर्णिका घाट पर बदली अंतिम संस्कार की जगह

    गंगा का जलस्तर बढ़ने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थलों तक भी पानी पहुंच गया है। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए ऊपरी सीढ़ियों वाले हिस्से का इस्तेमाल किया जा रहा है। घाटों पर मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

    कानपुर और उन्नाव में भी गंगा के किनारे बसे इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। कई सौ घरों में पानी पहुंचने के कारण प्रभावित परिवारों को छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट की कई सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।

    23 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून

    लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक हवा में कम दबाव का क्षेत्र बनने मानसून ट्रफ के उत्तर दिशा में खिसकने और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। 19 से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के सिस्टम का असर भी उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे सकता है। खास तौर पर 20 और 21 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    ऐसे में आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और नदी तथा घाटों के आसपास जाने में विशेष सावधानी बरतें।