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  • यूपी में आसमान से आफत और नदियों का रौद्र रूप: बांध ओवरफ्लो, गांवों में घुसा पानी, आज 71 जिलों में बारिश का अलर्ट

    यूपी में आसमान से आफत और नदियों का रौद्र रूप: बांध ओवरफ्लो, गांवों में घुसा पानी, आज 71 जिलों में बारिश का अलर्ट


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी तेजी से निचले इलाकों में फैल रहा है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं जबकि 92 गांवों में फसलें पानी में डूब गई हैं। 26 गांव ऐसे हैं जो चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं। इन गांवों को आसपास के इलाकों से जोड़ने वाली सड़कें डूब जाने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नाव और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

    बाढ़ और बारिश के बीच उन्नाव से सामने आया एक मामला बेहद चिंता बढ़ाने वाला है। गंगाघाट में गंगा स्नान के दौरान दो बच्चियां अचानक नदी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए उनके पिता भी नदी में कूद गए लेकिन तेज बहाव के कारण वह भी मुश्किल में फंस गए। इसी दौरान वहां मौजूद एक पंडा ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद पिता और दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना ने एक बार फिर उफनती नदियों में स्नान के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

    प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दारागंज घाट की सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार के लिए लोगों को सड़कों और ऊंचे स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों की स्थिति गंभीर हो गई है। अस्सी घाट पर होने वाला सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम का मंच पानी में डूब गया है। दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी तक पानी पहुंच चुका है और घाट की कई सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। घाट किनारे मौजूद कई मंदिर भी पानी में डूब गए हैं।

    झांसी में बेतवा नदी पर बना बांध इस सीजन में पहली बार ओवरफ्लो हो गया है। करीब 140 साल पुराने पारीछा बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जबकि संतकबीर नगर में 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। यहां नौ सरकारी स्कूलों के परिसरों में भी पानी पहुंच गया है। कानपुर के निचले इलाकों में पांडू नदी का पानी घुसने से करीब दो हजार लोग प्रभावित हुए हैं। आजमगढ़ में भी कई प्रमुख इलाकों की गलियां जलभराव से परेशान हैं।

    रविवार को प्रयागराज गोरखपुर मेरठ बहराइच समेत करीब 20 शहरों में तेज बारिश हुई। शाहजहांपुर में सुबह घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण हवा में नमी बढ़ने और रात के तापमान में गिरावट से कोहरे की स्थिति बनी।

    मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के 71 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने का अलर्ट है जबकि 12 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मानसूनी सिस्टम के उत्तर की ओर सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाओं के लगातार आने के कारण अगले एक दो दिन बारिश में तेजी बनी रह सकती है। 25 अगस्त से पश्चिमी हवाओं के प्रभाव में बदलाव आने की संभावना है जिससे पश्चिमी और मध्य यूपी में भारी बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

    ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और उफनती नदियों तथा जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

  • यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न

    यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न


    लखनऊ । यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और बुधवार को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी लखनऊ में दोपहर के समय ही आसमान पर घने बादल छा गए और दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हो गया।

    राज्य के कई अन्य शहरों में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा, हाथरस, उन्नाव, औरैया और चित्रकूट सहित करीब 40 शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। नोएडा में कई इलाकों में सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    आगरा में लगातार बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। यहां एक दो मंजिला दुकान अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में एक महिला समेत पांच लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा रहा।

    हाथरस में हालात और भी चुनौतीपूर्ण रहे। सदर कोतवाली परिसर तक में पानी भर गया, जबकि कई सड़कों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि कारें और मोटरसाइकिलें बहने लगीं। मथुरा में भी जलभराव की स्थिति बनी रही और कई इलाकों में नाले उफान पर आ गए। मंगलवार को एक डिलीवरी बॉय बाइक समेत नाले के तेज बहाव में फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

    भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 31 मिलीमीटर बारिश सोनभद्र जिले में दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 195 प्रतिशत अधिक है। हालांकि 1 जून से अब तक प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई हो सकती है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • आंधी और बारिश से यूपी में जनजीवन प्रभावित कई शहरों में सड़कें डूबी मौसम विभाग ने दी चेतावनी

    आंधी और बारिश से यूपी में जनजीवन प्रभावित कई शहरों में सड़कें डूबी मौसम विभाग ने दी चेतावनी


    उत्तरप्रदेश उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और सोमवार को कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रयागराज में सुबह से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है जिससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। वाराणसी भदोही और मिर्जापुर सहित कई पूर्वी यूपी के शहरों में भी तेज बारिश और आंधी ने लोगों को परेशान किया है।

    वाराणसी में हालात ऐसे रहे कि कई गलियों में पानी भर गया और गंगा नदी किनारे लगी जेटी तेज हवाओं की वजह से बह गई। वहीं बरेली में देर रात हुई बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं और जलभराव में कई ई रिक्शा पलटने की घटनाएं सामने आईं। लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तेज धूप रही लेकिन बीच बीच में बादलों की आवाजाही भी देखी गई जिससे उमस बढ़ गई।

    मौसम विभाग के अनुसार इस समय बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम उत्तर ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है और इसका असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। इस सिस्टम के पश्चिमी विक्षोभ से मिलने के कारण प्रदेश में अचानक तेज बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसी कारण मौसम विभाग ने राज्य के 57 शहरों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    पिछले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। गाजियाबाद बलिया और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई जबकि लखनऊ और बाराबंकी में लगभग 45 मिनट तक चली आंधी और बारिश ने कई जगह पेड़ और बिजली के पोल तक गिरा दिए। हापुड़ में हाईवे पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं है और प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले 24 घंटों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है जिससे पूरे प्रदेश में बारिश का दौर तेज हो सकता है।

    कुल मिलाकर यूपी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

  • सहारनपुर में दिन में छाया अंधेरा, तेज आंधी-तूफान से यूपी में तबाही-कई जिलों में अलर्ट

    सहारनपुर में दिन में छाया अंधेरा, तेज आंधी-तूफान से यूपी में तबाही-कई जिलों में अलर्ट


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में नौतपा के दौरान मौसम ने अचानक करवट ले ली है और पिछले दो दिनों से आंधी-तूफान, बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहे और कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। ठंडी हवाओं के कारण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन मौसम का यह बदलाव कई जिलों में भारी तबाही का कारण बन गया है।

    सहारनपुर में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई और कुछ ही समय में आसमान में काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कें भीग गईं। यह बदलाव अचानक होने के कारण लोग असहज और सतर्क नजर आए।

    मौसम विभाग ने पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें से लगभग 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली अगले तीन दिनों यानी 2 जून तक सक्रिय रह सकती है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा।

    इस मौसम परिवर्तन का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। प्रदेश में कई जगहों पर अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। जहां कुछ दिन पहले बांदा में तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह गिरावट अस्थायी राहत तो है, लेकिन आंधी-तूफान के कारण खतरा बढ़ गया है।

    बीते गुरुवार रात और शुक्रवार को भी पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी देखने को मिली थी। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा और टिनशेड उड़ गए। पेड़ गिरने की घटनाएं भी बड़े पैमाने पर सामने आईं। चित्रकूट में तेज आंधी के कारण लगभग 500 तोतों की मौत की भी सूचना है, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया।

    प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से अब तक कुल 31 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ है, जहां हमीरपुर, बांदा, महोबा, उरई और जालौन जैसे जिलों में कई लोगों की जान गई। इसके अलावा कौशांबी, सहारनपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर जैसे जिलों में भी जानमाल का नुकसान हुआ है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी भरी हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी इस मौसम परिवर्तन का कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में तूफान का खतरा सबसे अधिक है, जहां हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    राज्य सरकार ने हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा सावधानी बरतें।

  • यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार

    यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम का उतार-चढ़ाव फिलहाल थम गया है और रविवार सुबह से पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहा। तेज धूप के साथ दिन में गर्मी का असर बढ़ा है, हालांकि हल्की हवाओं के चलते फिलहाल गर्मी थोड़ी संतुलित बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर बिगड़ने वाला है।

    मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि झांसी सबसे गर्म जिला रहा। वहीं पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में बारिश दर्ज नहीं की गई। तापमान में अचानक आए इस बदलाव से कई इलाकों में गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में फिर से मौसम बदल जाएगा। इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाने के साथ आंधी, तेज हवाएं और बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी स्थिति भी बन सकती है। 13 और 14 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है, जबकि 15 मई तक कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।

    लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और बरेली जैसे बड़े शहरों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में हो रहे मौसम बदलाव का सीधा असर यूपी पर पड़ रहा है, जिससे लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों में बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, खासकर तेज हवाओं और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।