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  • लेक्चरर से IAS बनने तक सौम्या मिश्रा का सफर, तीन असफलताओं के बाद चौथे प्रयास में हासिल की 18वीं रैंक

    लेक्चरर से IAS बनने तक सौम्या मिश्रा का सफर, तीन असफलताओं के बाद चौथे प्रयास में हासिल की 18वीं रैंक

    नई दिल्ली । सफलता की राह में आने वाली असफलताएं कई बार इंसान के धैर्य और संकल्प की परीक्षा लेती हैं। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में पदस्थ IAS अधिकारी सौम्या मिश्रा की कहानी इसी बात का उदाहरण है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉलेज में लेक्चरर के रूप में की थी, लेकिन उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में पहुंचना था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत की और शुरुआती तीन प्रयासों में असफल रहने के बाद भी तैयारी जारी रखी। आखिरकार चौथे प्रयास में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 18वीं रैंक हासिल की।

    सौम्या मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की रहने वाली हैं। शिक्षा के क्षेत्र में लेक्चरर के रूप में काम करने के दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की दिशा में कदम बढ़ाया। उनका सफर बताता है कि करियर की शुरुआत किसी एक क्षेत्र से होने के बावजूद व्यक्ति अपने लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ सकता है। इसके लिए निरंतर प्रयास और कठिन परिस्थितियों में भी तैयारी जारी रखना महत्वपूर्ण होता है।

    सौम्या ने वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी UPPSC की परीक्षा पास की थी। इस परीक्षा में उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि उनके लिए महत्वपूर्ण पड़ाव रही। हालांकि, उनका प्रयास यहीं तक सीमित नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की, जिसे देश की प्रमुख और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में गिना जाता है।

    UPSC की तैयारी के दौरान सौम्या को लगातार तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिली। किसी भी अभ्यर्थी के लिए बार-बार असफल होना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर तब जब परीक्षा की तैयारी में लंबा समय और निरंतर मेहनत लगती हो। इसके बावजूद सौम्या ने अपने लक्ष्य से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने चौथे प्रयास में परीक्षा पास करते हुए ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की। इस उपलब्धि ने उन्हें प्रशासनिक सेवा तक पहुंचाया और उनकी मेहनत को एक नई पहचान मिली।

    वर्तमान में सौम्या मिश्रा मध्य प्रदेश के सिंगरौली में पदस्थ IAS अधिकारी हैं। उनकी यात्रा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो शुरुआती नाकामी के बाद अपने लक्ष्य को लेकर असमंजस में पड़ जाते हैं। उनकी उपलब्धियों से यह स्पष्ट होता है कि असफलता के बाद तैयारी जारी रखना और अपने प्रयासों में सुधार करते रहना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    सौम्या मिश्रा की कहानी की एक और खास बात यह है कि उनकी छोटी बहन सुमेघा मिश्रा ने भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। सुमेघा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 253वीं रैंक प्राप्त की। दोनों बहनों की उपलब्धियां परिवार के लिए गौरव का विषय हैं। एक ओर सौम्या ने कई प्रयासों के बाद देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की, वहीं सुमेघा ने भी अपनी मेहनत से परीक्षा में स्थान बनाया।

    दोनों बहनों की सफलता यह दिखाती है कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए नियमित मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास का महत्व बना रहता है। सौम्या का लेक्चरर से IAS अधिकारी बनने तक का सफर खास तौर पर उन युवाओं को प्रेरित कर सकता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार प्रयास कर रहे हैं। उनकी कहानी का मुख्य संदेश यही है कि शुरुआती असफलताओं को अंतिम परिणाम मानने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

  • NDA-NA परीक्षा 2 के लिए UPSC ने जारी किया कार्यक्रम, तय तारीख पर दो पालियों में होगी परीक्षा

    NDA-NA परीक्षा 2 के लिए UPSC ने जारी किया कार्यक्रम, तय तारीख पर दो पालियों में होगी परीक्षा

    नई दिल्ली । संघ लोक सेवा आयोग ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा यानी NDA-NA परीक्षा 2 की तारीख घोषित कर दी है। परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह महत्वपूर्ण अपडेट है। आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा निर्धारित तारीख पर आयोजित की जाएगी और इसे दो अलग-अलग शिफ्ट में संपन्न कराया जाएगा।

    NDA और NA परीक्षा भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इसके माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय नौसेना अकादमी में प्रशिक्षण एवं आगे की सैन्य शिक्षा के अवसर मिलते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अपनी तैयारी और परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी।

    NDA-NA परीक्षा 2 के आयोजन को लेकर उम्मीदवारों के बीच लंबे समय से तारीख का इंतजार था। अब परीक्षा कार्यक्रम स्पष्ट होने के बाद अभ्यर्थी अपनी तैयारी को अंतिम चरण में ले जा सकते हैं। परीक्षा दो शिफ्ट में होने के कारण उम्मीदवारों को अपने निर्धारित पेपर और परीक्षा केंद्र से संबंधित जानकारी पर विशेष ध्यान देना होगा।

    परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड भी महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन करना होगा। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड में दर्ज केंद्र, रिपोर्टिंग समय और अन्य निर्देशों को ध्यान से देख लेना चाहिए।

    NDA-NA परीक्षा में गणित और सामान्य योग्यता से जुड़े विषयों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उम्मीदवारों के लिए अब बचे समय में पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण हिस्सों का दोहराव, पिछले प्रश्नपत्रों का अभ्यास और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा। दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित होने के कारण अभ्यर्थियों को परीक्षा पैटर्न और अपनी तैयारी के अनुरूप रणनीति बनानी होगी।

    UPSC की परीक्षाओं में समय प्रबंधन के साथ प्रश्नों को सही तरीके से हल करना भी महत्वपूर्ण होता है। उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा और निर्धारित समय के भीतर अपने प्रश्नपत्र को पूरा करना होगा। परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट और पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास अभ्यर्थियों को वास्तविक परीक्षा परिस्थितियों के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।

    NDA-NA परीक्षा 2 को लेकर उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण सूचना के लिए आयोग की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर बनाए रखें। परीक्षा की तारीख, शिफ्ट, एडमिट कार्ड और केंद्र से जुड़ी जानकारी में किसी भी बदलाव या नए निर्देश की स्थिति में आयोग की सूचना को ही अंतिम माना जाएगा।

    परीक्षा की तारीख घोषित होने के साथ अब अभ्यर्थियों के पास अपनी तैयारी को व्यवस्थित करने का स्पष्ट समय-सारिणी आधार उपलब्ध है। उम्मीदवारों को अंतिम दिनों में नए विषयों पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय पहले से तैयार पाठ्यक्रम के रिवीजन, अभ्यास और कमजोर हिस्सों को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

    NDA-NA परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए आगे चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरण महत्वपूर्ण होते हैं। लिखित परीक्षा के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया जाता है। इसलिए लिखित परीक्षा को केवल एक चरण मानकर तैयारी करने के बजाय अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।

    परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना है। निर्धारित तारीख तक नियमित अध्ययन, प्रश्नपत्र अभ्यास और समय प्रबंधन के जरिए अभ्यर्थी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।