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  • मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियां गिनाते हुए खट्टर ने सराहा मध्य प्रदेश, इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर को बताया क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का गेम चेंज

    मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियां गिनाते हुए खट्टर ने सराहा मध्य प्रदेश, इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर को बताया क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का गेम चेंज

     मध्य प्रदेश: में अधोसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को लेकर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसे मालवा क्षेत्र के भविष्य को बदलने वाली परियोजना बताया है। भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि राज्य आज विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान प्राथमिकता देकर आगे बढ़ रहा है, जो देश के समग्र विकास मॉडल का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

    कार्यक्रम के दौरान खट्टर ने कहा कि इंदौर और उज्जैन केवल दो शहर नहीं, बल्कि मालवा क्षेत्र की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख केंद्र हैं। इंदौर जहां उद्योग, व्यापार और रोजगार का प्रमुख हब है, वहीं उज्जैन देश की धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ऐसे में दोनों शहरों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने वाली यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगी।

    उन्होंने कहा कि लगभग 48 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर यात्रा समय कम करने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योगों, निवेशकों और पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप नए रोजगार अवसरों का सृजन होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उनके अनुसार यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास का आधार बनने की क्षमता रखती है।

    केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरी विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, शहरी सुविधाओं और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के विकास से मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

    अपने संबोधन में खट्टर ने उज्जैन में हुए विकास कार्यों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों ने शहर को नई पहचान दी है। आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों का विकास केवल पर्यटन तक सीमित नहीं होता, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया जिसमें विकास और विरासत को साथ लेकर चलने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण के साथ-साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के तहत देशभर में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं को विकसित किया गया है।

    अपने भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सड़क, रेल, आवास, पेयजल, बिजली और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाखों परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं, जिससे जीवन स्तर में सुधार देखने को मिला है।

    राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए खट्टर ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं और देश के कई क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार जिन इलाकों में कभी विकास की पहुंच सीमित थी, वहां अब बुनियादी सुविधाओं और निवेश के अवसरों का विस्तार हो रहा है।

    कार्यक्रम में विभिन्न शहरी विकास और आवास योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभ वितरित किए गए। इस अवसर पर अधोसंरचना और शहरी विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का उल्लेख किया गया। खट्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर आने वाले वर्षों में मालवा क्षेत्र की आर्थिक प्रगति, धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विस्तार का प्रमुख आधार बनेगा तथा मध्य प्रदेश को तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • श्योपुर में अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार बुलडोजर कलेक्टर ने माफिया के खिलाफ शुरू की सख्त कार्रवाई

    श्योपुर में अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार बुलडोजर कलेक्टर ने माफिया के खिलाफ शुरू की सख्त कार्रवाई


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति अब सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे रही है। श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के नेतृत्व में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक जबरदस्त अभियान चलाया गया है जिससे कॉलोनी माफिया की कमर टूट गई है। प्रशासन ने श्योपुर जैदा और जाटखेड़ा क्षेत्रों में पांच अवैध कॉलोनियों पर एक साथ बुलडोजर कार्रवाई की और यह स्पष्ट कर दिया कि अब अवैध कॉलोनी विकास और सरकारी भूमि के गलत इस्तेमाल को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शनिवार को प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों में बनी सड़कें सीसी रोड और आंतरिक मार्ग ध्वस्त किए और जमीन की बुनियाद पर सीधा वार किया। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा तहसीलदार मनीषा मिश्रा और पूरा राजस्व अमला मौके पर मौजूद था।

    शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
    काफी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण लेकिन सख्त रही। तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने बताया कि जैदा के सर्वे क्रमांक 75/8 पर अवैध कॉलोनी में बने मार्ग तोड़े गए जबकि जाटखेड़ा में अवैध सीसी सड़कें और रास्ते ध्वस्त किए गए। इसके अलावा श्योपुर कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के पीछे और अस्पताल के पास बने अवैध कॉलोनी के निर्माणों को भी तोड़ा गया।

    कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया

    कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले की 23 कॉलोनियों को संदेह के घेरे में लिया है। उन्होंने एसडीएम श्योपुर को इन कॉलोनियों की जांच के निर्देश दिए हैं जो जमीन पर जाकर हर पहलू की पड़ताल करेंगे। यह जांच कागजी नहीं होगी और इसमें भूमि के मूल स्वरूप कॉलोनी विकास अनुमति ड्रेनेज मार्गों पर अतिक्रमण वृक्षों की अवैध कटाई और प्लॉट विक्रय जैसे सभी बिंदुओं की गहन जांच होगी।

    दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

    कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि किसी कॉलोनी में अवैध गतिविधियाँ पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक जिला कॉलोनी सेल का गठन किया गया है जो अवैध कॉलोनियों की जांच करेगी और आम जनता को यह जानकारी देगी कि कौन सी कॉलोनी वैध है और कौन सी अवैध।

    रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध
    कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिना कॉलोनी विकास अनुमति या नियमितीकरण प्रमाणपत्र के किसी भी भूखंड की रजिस्ट्री और नामांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। संबंधित सर्वे नंबरों पर अवैध कॉलोनियों की प्रविष्टि की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय संभव न हो सके। इस निर्णय से कॉलोनी माफिया को बड़ा झटका लगा है क्योंकि यह उनके व्यापार को सीधा नुकसान पहुंचाएगा।