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  • जुनैद सुल्तानी और अशद साबरी के बीच सूफियाना मुकाबला, श्रद्धालुओं की भीड़

    जुनैद सुल्तानी और अशद साबरी के बीच सूफियाना मुकाबला, श्रद्धालुओं की भीड़


    सागर । सागर में सर्वधर्म कौमी एकता और भाईचारे के प्रतीक माने जाने वाले पीली कोठी वाले बाबा की दरगाह पर इन दिनों आस्था और सूफियाना रंग का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित हो रहे कुतुब हजरत सैयद दाऊद मक्की चिश्ती साबरी के 76वें सालाना उर्स के दूसरे दिन शनिवार रात दरगाह परिसर कव्वालियों और गजलों की गूंज से सराबोर रहा। दूर-दूर से पहुंचे अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर मत्था टेककर अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।

    उर्स के दूसरे दिन आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में मशहूर फनकार जुनैद सुल्तानी कव्वाल पार्टी और अशद निशहद साबरी कव्वाल पार्टी के बीच शानदार मुकाबला हुआ। दोनों कलाकारों की सूफियाना प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। कव्वालियों की धुन पर लोग देर रात तक झूमते रहे और दरगाह परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। इसके बाद नाते पाक, सलाम और फातिहा पेश की गई। दरगाह पर पहुंचे लोगों ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। आयोजन के दौरान तबर्रुक भी वितरित किया गया।

    उर्स कमेटी के अध्यक्ष अरशद अली ने बताया कि तीन दिवसीय उर्स का समापन रविवार को होगा। अंतिम दिन हिंदुस्तान के मशहूर फनकार चांद कादरी कव्वाल पार्टी और शब्बीर सदाकत साबरी कव्वाल पार्टी के बीच कव्वाली मुकाबला आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के साथ उर्स का औपचारिक समापन होगा।

    उर्स में शहर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। दरगाह परिसर में लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। आयोजन में उर्स कमेटी के सदस्य और स्थानीय लोग लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

    यह उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक साथ शामिल होकर इंसानियत और मोहब्बत का संदेश दे रहे हैं।