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  • सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, घरेलू बाजार में फिसले भाव, अमेरिकी फेड की बैठक से पहले निवेशक सतर्क

    सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, घरेलू बाजार में फिसले भाव, अमेरिकी फेड की बैठक से पहले निवेशक सतर्क


    नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव कच्चे तेल की ऊंची कीमतों मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी आशंकाओं ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निवेशक फिलहाल अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक और महंगाई से जुड़े आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने की कीमत खबर लिखे जाने तक 0.23 प्रतिशत गिरकर 4 हजार 133 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। वहीं चांदी में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली और इसकी कीमत 1.03 प्रतिशत फिसलकर 57.405 डॉलर प्रति औंस रह गई। वैश्विक बाजार में निवेशकों की सतर्कता और डॉलर की मजबूती को इस गिरावट के प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है इसलिए विदेशी बाजार में कमजोरी के साथ भारतीय निवेशकों की नजर भी सोने और चांदी के भाव पर बनी हुई है।

    घरेलू वायदा बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना एमसीएक्स पर करीब 519 रुपये यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 1 लाख 46 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोना अपने पिछले बंद भाव 1 लाख 46 हजार 519 रुपये से गिरकर 1 लाख 46 हजार 328 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और कीमत घटकर 1 लाख 45 हजार 689 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई। इस तरह कारोबार के दौरान सोने में 830 रुपये तक की गिरावट देखने को मिली।

    चांदी की कीमतों में भी तेज कमजोरी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी करीब 2 हजार 267 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत गिरकर 2 लाख 9 हजार 218 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी पिछले कारोबारी सत्र के 2 लाख 11 हजार 485 रुपये के बंद भाव के मुकाबले 2 लाख 10 हजार 400 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली थी। इसके बाद कीमतों में और गिरावट आई और एक समय चांदी 2 लाख 8 हजार 801 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। यानी दिन के कारोबार में इसमें 2 हजार 684 रुपये तक की कमजोरी दर्ज की गई।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़ी अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा रूस की ऊर्जा खरीद से जुड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले और वैश्विक व्यापार नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी कमोडिटी बाजार को प्रभावित किया है। महंगे कच्चे तेल से महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा होती है जिससे केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति पर असर पड़ सकता है।

    निवेशकों की नजर अब 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक पर है। बाजार के अनुमानों के अनुसार अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 16 प्रतिशत जबकि दिसंबर में बढ़ोतरी की संभावना लगभग 90 प्रतिशत बताई जा रही है। ब्याज दरें बढ़ने पर सोने जैसी संपत्तियों का आकर्षण घट सकता है क्योंकि इनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। मजबूत डॉलर भी सोने की मांग को सीमित कर सकता है।

    आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों खासकर व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर कर सकती है। यदि महंगाई उम्मीद से अधिक रहती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मजबूत होने से कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके विपरीत महंगाई के नरम संकेत मिलने पर कीमती धातुओं में खरीदारी लौटने की संभावना बन सकती है। ऐसे में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव और अपने बजट को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

  • सोना-चांदी में हल्की चमक, फेड के फैसले से पहले बाजार में सतर्कता

    सोना-चांदी में हल्की चमक, फेड के फैसले से पहले बाजार में सतर्कता


    नई दिल्ली | अमेरिकी फेड के अहम फैसले से पहले बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई। 5 जून 2026 का सोना कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,50,027 रुपये के मुकाबले 693 रुपये यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,50,720 रुपये पर खुला।

    हालांकि शुरुआती तेजी के बाद इसमें हल्का दबाव भी देखने को मिला। सुबह 9:55 बजे तक सोना 19 रुपये यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1,50,008 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिनभर के कारोबार में सोने ने 1,49,720 रुपये का निचला स्तर और 1,51,527 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ, जिससे यह साफ हुआ कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ट्रेंड की बजाय इंतजार की स्थिति में है।

    चांदी में भी सीमित तेजी, निवेशकों की नजर फेड के फैसले पर

    चांदी ने भी बुधवार को हल्की मजबूती दिखाई। 3 जुलाई 2026 का चांदी कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,42,763 रुपये के मुकाबले 826 रुपये यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,43,589 रुपये पर खुला।
     दिन के दौरान चांदी 712 रुपये यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,43,475 रुपये पर कारोबार करती रही। इस दौरान इसका न्यूनतम स्तर 2,42,972 रुपये और अधिकतम स्तर 2,43,835 रुपये दर्ज किया गया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख

    वैश्विक बाजारों में भी सोना और चांदी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे। सोना 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,616 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 73.81 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

    फेड का फैसला बना सबसे बड़ा फैक्टर

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की नजर अब पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर टिकी है, जो देर रात आने की उम्मीद है। यह फैसला ऐसे समय पर आ रहा है जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है या भविष्य में बढ़ोतरी के संकेत देता है, तो इसका असर सोने की कीमतों पर नकारात्मक पड़ सकता है और इसमें दबाव बढ़ सकता है।

    एक साल में शानदार रिटर्न, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

    वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना और चांदी ने पिछले एक साल में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। डॉलर में सोना लगभग 40 प्रतिशत तक चढ़ा है, जबकि चांदी ने करीब 120 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दर्ज किया है। इसी वजह से इनकी मांग और निवेश रुचि लगातार बनी हुई है।

    फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही फेड के फैसले से पहले ‘वेट एंड वॉच’ मोड में हैं। आने वाले समय में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीति ही इनकी दिशा तय करेगी—तेजी या दबाव, दोनों की संभावनाएं खुली हुई हैं।