Tag: US-Iran deal

  • होर्मुज स्ट्रेट संकट खत्म होने के करीब! अमेरिका-ईरान समझौते से भारत समेत दुनिया को मिल सकती है बड़ी राहत

    होर्मुज स्ट्रेट संकट खत्म होने के करीब! अमेरिका-ईरान समझौते से भारत समेत दुनिया को मिल सकती है बड़ी राहत


    नई दिल्ली। होरमुज़ जलसंधि में जारी तनाव अब कम होता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौते पर सहमति बन गई है, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे फिर से शुरू हो सकती है। इससे भारत  समेत दुनिया भर को तेल और गैस संकट से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

    रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को चरणबद्ध तरीके से हटाएगा, जबकि ईरान बदले में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलेगा। माना जा रहा है कि आने वाले घंटों में वहां फंसे सैकड़ों जहाजों की आवाजाही शुरू हो सकती है।

    दुनिया भर में मचा था तेल और गैस संकट
    अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में पाबंदियां बढ़ा दी थीं। इसके कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी सप्लाई पर असर पड़ा। भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट और महंगे ईंधन की चिंता बढ़ गई थी।होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है।

    ट्रंप ने भी दिए समझौते के संकेत
    अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी हाल में संकेत दिए थे कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच वार्ता अच्छी रही है और संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है।

    फ्रांस ने भी की हस्तक्षेप की अपील
    इमैनुएल मैक्रों  ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बातचीत के बाद सभी पक्षों से बिना शर्त नाकेबंदी हटाने की अपील की। फ्रांस ने समुद्री सुरक्षा और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बहुराष्ट्रीय मिशन का भी सुझाव दिया है।

    परमाणु समझौते पर भी बन सकती है बात
    रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने के साथ-साथ परमाणु संवर्धन और प्रतिबंधों को लेकर भी समझौते के करीब पहुंच गए हैं। अगर यह डील पूरी होती है तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बड़ी राहत मिल सकती है।

  • UAE का भारी-भरकम कर्ज चुकाने की तैयारी में पाकिस्तान…. US-ईरान की डील से हुआ मालामाल

    UAE का भारी-भरकम कर्ज चुकाने की तैयारी में पाकिस्तान…. US-ईरान की डील से हुआ मालामाल


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) 23 अप्रैल तक संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.- UAE) का 1.5 अरब डॉलर का बकाया कर्ज चुकाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक (Central Bank) स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (State Bank of Pakistan.-SBP) ने शनिवार को कहा कि वह 3.5 अरब डॉलर के कर्ज में से बाकी बची राशि को तय समयसीमा तक लौटा देगा। इससे पहले पाकिस्तान ने यूएई को 2 अरब डॉलर का भुगतान कर दिया है। यह भुगतान उस समय किया गया जब सऊदी अरब ने अपनी सहायता के तहत 3 अरब डॉलर में से 2 अरब डॉलर की राशि SBP में जमा कराई। बताया गया कि मध्यस्थता की भूमिका के चलते पाकिस्तान को सऊदी अरब से यह मोटी धनराशि मिली।

    SBP के प्रवक्ता के अनुसार, यूएई की ओर से जमा की गई 3.5 अरब डॉलर की राशि में से 2 अरब डॉलर की अवधि पूरी होने पर वापस कर दी गई है और शेष 1.5 अरब डॉलर 23 अप्रैल तक चुकाने हैं। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने वाशिंगटन में कहा कि देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लगभग 1.2 अरब डॉलर की अगली किश्त मिलने की उम्मीद है। IMF की कार्यकारी बोर्ड की बैठक मई के मध्य में प्रस्तावित है, जिसमें इस समझौते की समीक्षा होगी और अगली राशि जारी हो सकती है। यूएई ने पाकिस्तान को भुगतान संतुलन को संभालने के लिए 3.5 अरब डॉलर की सहायता दी थी। हाल ही में पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते UAE ने यह राशि जल्द वापस करने की मांग की थी।


    सऊदी अरब ने कैसे की पाकिस्तान की मदद

    वहीं, सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ 3 अरब डॉलर की जमा राशि की अवधि बढ़ाने का समझौता किया है, जिससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 27 मार्च तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था, जो लगभग तीन महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। हालांकि, यूएई को भुगतान के कारण देश के बाहरी वित्तीय संसाधनों पर दबाव बना हुआ है।

    पाकिस्तान की ओर से UAE का कर्ज ऐसे समय चुकाया जा रहा है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत होनी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे। होर्मुज स्ट्रेट वार्ता के पहले दौर के दौरान प्रमुख विवादों में से एक था। शनिवार को इसे लेकर जारी गतिरोध तब और बढ़ गया, जब ईरान ने संकरे जलमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी।