US–Iran तनाव फिर गहराया: सीजफायर एक्सटेंशन पर तेहरान ने खड़े किए सवाल, बातचीत पर संकट


नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा युद्धविराम (सीजफायर) बढ़ाने के ऐलान के बावजूद ईरान ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है और इसे नई चाल करार दिया है।

ट्रंप ने बढ़ाया सीजफायर, लेकिन नाकाबंदी जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ जारी युद्धविराम को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने का आदेश भी दिया। ट्रंप का कहना है कि ईरान को बातचीत आगे बढ़ाने के लिए पहले एक “एकजुट प्रस्ताव” पेश करना होगा।

ईरान ने बताया ‘सरप्राइज अटैक की तैयारी’
ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf के एक सलाहकार ने ट्रंप के इस कदम को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह सीजफायर बढ़ाना असल में “सरप्राइज अटैक” की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। ईरान ने इसे उकसावे की कार्रवाई बताया और इसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

सैन्य जवाब की मांग
ईरानी पक्ष से यह भी कहा गया है कि अमेरिकी नाकाबंदी के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर उकसावे के तौर पर देख रहा है।

पाकिस्तान और अंदरूनी मतभेदों का हवाला
Donald Trump ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के अनुरोध और ईरान के अंदरूनी मतभेदों को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सरकार में गंभीर विभाजन है, इसलिए अमेरिका ने हमले को रोकते हुए सीजफायर बढ़ाने का फैसला किया।

अमेरिका ने रद्द की वार्ता यात्रा
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने इस्लामाबाद की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है, जहां ईरान के साथ बातचीत का अगला दौर होना था। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका फिलहाल ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है।

ईरान की शर्त: पहले हटे नाकाबंदी
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह तब तक बातचीत में शामिल नहीं होगा, जब तक अमेरिका नाकाबंदी नहीं हटाता। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी “युद्ध का कृत्य” है। साथ ही, एक व्यावसायिक जहाज पर हमले और चालक दल को बंधक बनाने को भी गंभीर उल्लंघन बताया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत की स्थिति साफ नहीं है, लेकिन हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।