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  • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा, 100 की रफ्तार में ट्रक में घुसी अर्टिगा, 3 टेनिस खिलाड़ियों की मौत

    पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा, 100 की रफ्तार में ट्रक में घुसी अर्टिगा, 3 टेनिस खिलाड़ियों की मौत


    सुल्तानपुर । सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में तीन टेनिस खिलाड़ियों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बल्दीराय थाना क्षेत्र में सुबह करीब 5 बजे हुआ जब लखनऊ से देवरिया जा रही अर्टिगा कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने हादसे की वजह चालक को झपकी आना बताया है। कार की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा होने की बात भी सामने आई है।

    हादसे के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर चीख पुकार मच गई। सड़क से गुजर रहे राहगीरों और यूपीडा के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव का काम शुरू किया। कार के दरवाजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे जिसके चलते अंदर फंसे लोगों को निकालना आसान नहीं था। सुरक्षाकर्मियों और राहगीरों ने काफी मशक्कत के बाद कार के गेट तोड़कर घायलों और अन्य यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान देवरिया निवासी नित्या प्रजापति उम्र 22 वर्ष इरफान अंसारी उम्र 20 वर्ष और भागलपुर निवासी अनिकेत उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। तीन अन्य लोग घायल हुए हैं जिनमें देवरिया निवासी आनंद यादव उम्र 23 वर्ष राजू उम्र 22 वर्ष और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रहने वाले जयंतो शर्मा उम्र 30 वर्ष शामिल हैं। सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए अयोध्या मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

    घटना के समय कार में सवार लोग सफर के दौरान सो रहे थे। घायल जयंतो शर्मा ने बताया कि टक्कर के बाद अचानक उनकी नींद खुली। उन्होंने देखा कि कार ट्रक के पिछले हिस्से में घुस चुकी थी। कुछ साथी गंभीर रूप से घायल अवस्था में फंसे हुए थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था और यात्रियों को बाहर निकालने के लिए दरवाजे तोड़ने पड़े।

    प्रारंभिक जांच के मुताबिक कार की रफ्तार काफी तेज थी और चालक को संभवतः नींद या झपकी आने के कारण आगे चल रहे ट्रक का समय रहते अंदाजा नहीं हो सका। तेज रफ्तार में चल रही कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों को लेकर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान नींद और तेज रफ्तार के खतरनाक मेल को सामने ला दिया है। खासकर देर रात और सुबह के समय वाहन चलाते वक्त चालक की थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। तीन युवा टेनिस खिलाड़ियों की अचानक हुई मौत से उनके परिवारों और परिचितों में शोक की लहर है। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • एटा में कंटेनर का कहर: रोडवेज बस में पीछे से टक्कर, बाहर खड़े 5 यात्रियों की मौत, 12 घायल

    एटा में कंटेनर का कहर: रोडवेज बस में पीछे से टक्कर, बाहर खड़े 5 यात्रियों की मौत, 12 घायल


    लखनऊ । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। हादसा बागवाला थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब खराब हुई रोडवेज बस सड़क किनारे खड़ी थी और कई यात्री गर्मी के कारण बस से उतरकर बाहर खड़े थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर आया और यात्रियों को कुचलते हुए बस में टक्कर मार दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 40 यात्रियों से भरी रोडवेज बस एटा से दिल्ली जा रही थी। रास्ते में बस खराब होने पर चालक उसे सड़क किनारे खड़ा कर आवश्यक पार्ट्स लेने चला गया। इसी दौरान कई यात्री बस से उतरकर बाहर खड़े थे। अचानक तेज रफ्तार कंटेनर ने नियंत्रण खो दिया और बाहर खड़े लोगों को रौंदते हुए बस के पिछले हिस्से में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कंटेनर सड़क पार दूसरी ओर जा पहुंचा और कई शव सड़क पर बिखर गए।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया।

    घायल यात्री अंसार ने बताया कि बस खराब होने के कारण चालक मरम्मत के लिए गया था। अधिक गर्मी होने के कारण कई यात्री नीचे उतर आए थे, जबकि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बस के भीतर ही बैठे रहे। इसी वजह से वे इस हादसे की चपेट में आने से बच गए।

    घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस और कंटेनर को हटवाकर करीब एक घंटे बाद यातायात बहाल कराया।

    हादसे में बुलंदशहर निवासी सतेंद्र शर्मा (38), फर्रुखाबाद के राजेश (34), सुखराम (30), शैलेश (29) और आशीष सक्सेना (22) की मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश लोग दिल्ली में नौकरी या कारोबार करते थे और काम पर लौट रहे थे या परीक्षा देने जा रहे थे।