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  • हैवानियत का अंत: बांदा कोर्ट ने मासूमों के गुनहगार 'इंजीनियर' पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा बांदा,

    हैवानियत का अंत: बांदा कोर्ट ने मासूमों के गुनहगार 'इंजीनियर' पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा बांदा,


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के न्याय के मंदिर से एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला आया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बांदा की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने 50 से ज्यादा मासूम बच्चों का यौन शोषण करने वाले और उनके अश्लील वीडियो डार्क वेब पर दुनिया भर में बेचने वाले रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है।जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए सख्त लहजे में कहा दोनों पति-पत्नी को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए।

    1. सफेदपोश की आड़ में छिपा ‘दरिंदा’
    रामभवन कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि चित्रकूट में सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर तैनात था। समाज में सम्मानजनक पद पर रहते हुए वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक ऐसा घिनौना नेटवर्क चला रहा था, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए।

    शिकार: 5 से 16 साल के गरीब और मासूम बच्चे।

    प्रलोभन: मोबाइल गेम, खिलौने, पैसे और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का लालच देकर बच्चों को घर बुलाया जाता था।

    अपराध का तरीका: पति-पत्नी मिलकर बच्चों का यौन शोषण करते थे और लैपटॉप के जरिए उनकी वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करते थे।

    2. डार्क वेब के जरिए 47 देशों में ‘मासूमियत’ का सौदा
    सीबीआई की जांच में जो खुलासे हुए, वे चौंकाने वाले थे। यह केवल एक स्थानीय अपराध नहीं था, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल सिंडिकेट का हिस्सा था।

    ग्लोबल नेटवर्क: इंटरपोल से मिले इनपुट के बाद इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।

    निर्यात: ये आरोपी बच्चों के अश्लील वीडियो और फोटो चीन, अमेरिका, ब्राजील और अफगानिस्तान समेत 47 देशों में बेचते थे।

    साक्ष्य: सीबीआई को एक पेनड्राइव मिली जिसमें 34 बच्चों के वीडियो और 679 आपत्तिजनक तस्वीरें थीं।

    3. सीबीआई की मुस्तैदी और ऐतिहासिक ट्रायल
    अक्टूबर 2020 में मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने बेहद पेशेवर तरीके से जांच की:

    गिरफ्तारी: 17 नवंबर 2020 को दोनों को दबोचा गया।

    चार्जशीट: मात्र 88 दिनों के भीतर 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई।

    गवाही: कोर्ट में 74 गवाहों को पेश किया गया। डिजिटल साक्ष्यों और एम्स (AIIMS) दिल्ली में हुए बच्चों के मेडिकल परीक्षण ने आरोपियों के खिलाफ केस को अभेद्य बना दिया।

    4. कोर्ट का कड़ा रुख और मुआवजे की मांग
    अदालत ने माना कि यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” (दुर्लभतम) श्रेणी में आता है। जहां पत्नी दुर्गावती को गवाहों पर दबाव बनाने और समझौते के लिए मजबूर करने का भी दोषी पाया गया, वहीं रामभवन मुख्य अपराधी था।

    अधिवक्ता ने कोर्ट से यह भी मांग की है कि जिलाधिकारी (DM) को पत्र लिखकर प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए, ताकि उनके पुनर्वास में मदद मिल सके।

  • यूपी में एक बार फिर पुलिस वालों की पिटाई, एसओजी टीम पर हमला, सिपाही का सिर फोड़ा

    यूपी में एक बार फिर पुलिस वालों की पिटाई, एसओजी टीम पर हमला, सिपाही का सिर फोड़ा

    नई दिल्ली।  यूपी में एक बार फिर पुलिस के इकबाल को चुनौती दी गई है। बरेली में चोरी की बैटरी ले जाने की सूचना पर एसओजी टीम ने वाहन की घेराबंदी की तो मौके पर पहुंचे उसके साथियों ने हमला कर दिया। पुलिस वालों की पिटाई कर पिस्टल भी छीनने की कोशिश की। इस दौरान एसओजी के एक सिपाही के सिर में रॉड से प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इसके बाद पहुंची फोर्स ने घेराबंदी कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में थाना बिथरी चैनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।

    पिछले दिनों बिथरी चैनपुर में एक साइट पर खड़े पांच डंपर की नौ बैटरियां चोरी हुई थीं। पुलिस की टीमें इस घटना के खुलासे में लगी हुई हैं। इसी बीच गुरुवार रात सूचना मिली कि एक वाहन में चोरी की कुछ बैटरियां ले जाई जा रही हैं। इस पर एसओजी-टू के प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा ने टीम के साथ पदारथपुर के उस वाहन की घेराबंदी कर ली। मगर गाड़ी में सवार दोनों व्यक्ति उससे उतरकर भागने लगे। एक व्यक्ति नहर में भागा, जिसे टीम के सिपाही मधुर ने दौड़ाकर पकड़ लिया। सड़क पर वाहन खड़ा होने से वहां जाम लगा तो इसी बीच सड़क से गुजर रहे एक डंपर के चालक ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता शुरू कर दी।

    मंदिर पर बैठे दबंगों ने किया हमला
    बताया जा रहा है कि डंपर अवैध खनन का था और उसके साथी पास ही एक मंदिर पर बैठे थे। डंपर चालक ने आवाज देकर वहां बैठे साथियों को बुलाया तो उन सभी ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। मारपीट कर पिस्टल छीनने की कोशिश की और सिर में लोहे की रॉड से प्रहार कर मधुर नाम के सिपाही को घायल कर दिया। इस पर एसओजी टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी।

    दबिश देकर छह हिरासत में लिए
    पुलिस पर हमले की सूचना से हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में बिथरी चैनपुर और कैंट पुलिस मौके पर पहुंच गई। हमलावरों की जानकारी करने के साथ ही ताबड़तोड़ दबिश देकर छह आरोपियों को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।