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  • CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त

    CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त


    नई दिल्ली /उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकली, मिलावटी खाद और उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि डीएपी, यूरिया या किसी भी प्रकार की खाद में मिलावट कर किसानों के साथ धोखा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम NSA जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए, जिसमें प्रदेश में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों की मेहनत और फसलों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।

    खाद की उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और उसका पारदर्शी वितरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सहकारिता और कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से सभी जिलों की सीधी निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीएपी, यूरिया और पोटाश केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही किसानों को उपलब्ध कराए जाएं। ओवर रेटिंग, जबरन टैगिंग या खाद के साथ अन्य सामान बेचने जैसी शिकायतें बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएंगी।

    औचक निरीक्षण और सख्त जवाबदेही

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खाद की दुकानों, सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों पर नियमित और औचक निरीक्षण करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या कालाबाजारी सामने आती है तो तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों और दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर खुले रूप से विजिलेंस जांच कराई जाए और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कृत्रिम खाद संकट पैदा करने या किसानों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी।

    प्रदेश में खाद की वर्तमान स्थिति

    बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में खाद की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। बताया गया कि 16 दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।यूरिया की बात करें तो सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन का भंडार मौजूद है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र के पास 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र के पास 2.30 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं एनपीके उर्वरक में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक है।

    किसानों को न हो कोई परेशानी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और इस समय गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की सबसे अधिक जरूरत होती है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा रहा है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और समय पर उन्हें जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

  • यूपी में पेंशनरों के लिए बड़ा कदम: पेंशन और एरियर का भुगतान अब अलग-अलग होगा

    यूपी में पेंशनरों के लिए बड़ा कदम: पेंशन और एरियर का भुगतान अब अलग-अलग होगा


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने चित्रकूट कोषागार घोटाले के बाद पेंशन और पेंशन एरियर के भुगतान में सुधार करने का बड़ा फैसला लिया है। अब पेंशन और एरियर का भुगतान अलग-अलग सॉफ्टवेयर लिंक से जनरेट किया जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके। इस कदम का उद्देश्य भविष्य में किसी भी प्रकार की हेराफेरी और धोखाधड़ी को रोकना है।

    चित्रकूट कोषागार घोटाले का खुलासा और सख्त कदम

    चित्रकूट कोषागार में 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। इस घोटाले में एक वरिष्ठ लिपिक द्वारा सॉफ्टवेयर में हेरफेर करके फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए थे। घोटाले के खुलासे के बाद सरकार ने एनआईसीएस सॉफ्टवेयर को नए ढांचे में विकसित करने का निर्णय लिया है। अब पेंशन और एरियर के बिल अलग-अलग लिंक से जनरेट होंगे और दोनों भुगतान समूहों को अलग पहचान देने के लिए अतिरिक्त जानकारी जोड़ी जाएगी।

    कोषागारों में विशेष जांच और सुरक्षा

    इस नई व्यवस्था से पेंशन और एरियर का भुगतान पारदर्शी होगा और किसी एक खाते में गलत तरीके से रकम ट्रांसफर होने की संभावना भी कम होगी। जिलाधिकारियों और कोषाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा, सरकार ने 93 पेंशनरों की सूची तैयार की है जिनके खाते में गलत तरीके से पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इन खातों की विशेष जांच की जा रही है और 24 जिलों के कोषागारों में ऑडिट भी कराया जाएगा।

    नई व्यवस्था से वित्तीय पारदर्शिता

    सरकार ने इस नई व्यवस्था से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पेंशन एरियर के भुगतान में हेराफेरी की कोई गुंजाइश न हो। इससे पेंशनरों को मिलने वाली राशि का भुगतान अधिक सुरक्षित और न्यायसंगत तरीके से किया जा सकेगा। यह कदम वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता लाएगा और पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा करेगा।

    चित्रकूट कोषागार घोटाले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पेंशन और एरियर भुगतान को अलग-अलग सॉफ्टवेयर लिंक से जनरेट करने का फैसला लिया है। यह कदम पेंशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।