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  • गंगा का रौद्र रूप और बारिश का कहर यूपी में बिगड़े हालात सड़कें जलमग्न घाट डूबे कई गांवों पर बाढ़ का खतरा

    गंगा का रौद्र रूप और बारिश का कहर यूपी में बिगड़े हालात सड़कें जलमग्न घाट डूबे कई गांवों पर बाढ़ का खतरा


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई इलाकों में सड़कें तथा घर पानी में डूब गए हैं। बिजनौर में गंगा का पानी स्टेट हाईवे तक पहुंच गया है। सड़क पर करीब दो फीट तक पानी बहने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालात ऐसे बने कि लोगों को अपनी कार और बाइक ट्रैक्टर ट्रॉली की मदद से पानी पार करानी पड़ी। वहीं प्रयागराज में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।

    प्रयागराज के करेली इलाके में बारिश का पानी लोगों के घरों के भीतर तक पहुंच गया है। कई मकानों में करीब दो फीट तक पानी भर गया है। पानी बढ़ने के कारण घरों में रखा बेड सोफा और दूसरे जरूरी सामान भी प्रभावित हुए हैं। कुछ परिवारों को मजबूरी में घर की पहली मंजिल या छत पर शरण लेनी पड़ी है। लगातार बारिश के कारण इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वहीं रामबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भी बारिश का पानी जमा हो गया जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। घाटों के किनारे बने कई मंदिरों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गए हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए घाट के ऊपरी हिस्से का इस्तेमाल किया जा रहा है। नमो घाट की सीढ़ियां भी पानी में डूब गई हैं। गंगा का पानी लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती भी अब घाट के ऊपरी हिस्से और छत पर कराई जा रही है।

    गोंडा में घाघरा नदी के उफान ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के पांच गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मवेशियों के लिए पहुंचाए गए सूखे भूसे को लेकर भी अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला। भूसा लेने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। बाद में पुलिस की मौजूदगी में भूसे का वितरण कराया गया ताकि सभी जरूरतमंद लोगों तक चारा पहुंच सके।

    लखनऊ में भी पिछले चार दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार सुबह राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। इसके अलावा बाराबंकी समेत कई जिलों में बूंदाबांदी दर्ज की गई। आगरा वाराणसी कानपुर समेत प्रदेश के 40 से अधिक शहरों में सुबह बादल छाए रहे हालांकि बाद में कुछ इलाकों में धूप निकल आई। इसके बावजूद मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज गोंडा कौशांबी गाजीपुर और भदोही में 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं जौनपुर सोनभद्र और मिर्जापुर में आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन लगातार जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

    लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक हवा में कम दबाव का क्षेत्र बनने मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी आने के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। उनके अनुसार 23 अगस्त तक मानसूनी गतिविधियों में तेजी बनी रह सकती है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है। 20 और 21 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

    ऐसे में अगले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। नदियों का बढ़ता जलस्तर बारिश और जलभराव पहले ही कई जिलों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा चुका है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों की नजर अब आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी है क्योंकि लगातार बारिश से हालात और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।

  • बारिश ने प्रयागराज में मचाई तबाही, 5 हजार घर जलमग्न; 6 फीट तक पानी में फंसे लोग बोले- क्या खाएं, कहां जाएं?

    बारिश ने प्रयागराज में मचाई तबाही, 5 हजार घर जलमग्न; 6 फीट तक पानी में फंसे लोग बोले- क्या खाएं, कहां जाएं?


    उत्तर प्रदेश । प्रयागराज में लगातार हुई भारी बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। रविवार रात करीब 1 बजे शुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर तक जारी रही और करीब 90 मिमी बारिश दर्ज की गई। कुछ ही घंटों की बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में हालात बाढ़ जैसे हो गए। पांच हजार से ज्यादा घरों में पानी घुसने की बात सामने आई है। कई मकानों में चार से छह फीट तक पानी भर गया। ग्राउंड फ्लोर पर रखा घरेलू सामान पानी में डूब गया और लोगों को मजबूरी में ऊपरी मंजिलों या छतों पर शरण लेनी पड़ी। प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर में पानी भरा है तो खाना कैसे बने और जाएं तो जाएं कहां।

    करेली इलाके में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। यहां सड़कों पर खड़ी कारें और दोपहिया वाहन पानी में डूब गए। स्थानीय जानकारी के मुताबिक अकेले करेली में करीब 200 कारें पानी में फंस गईं। कई वाहनों को शाम तक ठेलकर या टू-चेन की मदद से गैराज तक पहुंचाया गया। इसके अलावा एक हजार से ज्यादा बाइक और स्कूटी भी जलभराव की चपेट में आ गईं। पानी में लंबे समय तक डूबे रहने के कारण कई वाहनों के खराब होने की आशंका है।

    मुंडेरा समेत कई इलाकों में घरों के भीतर पानी भरने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। मुंडेरा की रहने वाली उषा देवी ने बताया कि घर में चारों तरफ पानी ही पानी है। छोटे बच्चे घर में हैं और पानी भरने के बाद खाना बनाने से लेकर पीने के पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि समझ नहीं आ रहा कि बच्चों को लेकर क्या करें और कहां जाएं।

    जलभराव को लेकर बच्चों में भी नाराजगी दिखाई दी। मुंडेरा में कुछ बच्चे हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें लेकर सड़क पर पहुंचे और इलाके से पानी निकालने की मांग की। बच्चों का कहना था कि पानी भरने के कारण वे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घरों के वॉशरूम तक पानी में डूबे हैं और कई जगह सीवर ओवरफ्लो होने से गंदा पानी भी आसपास फैल गया है।

    नैनी इलाके में भी हालात बेहद खराब बताए जा रहे हैं। एक परिवार ने अपने घर के अंदर का हाल दिखाया जहां किचन बेडरूम और वॉशरूम तक पानी पहुंच गया। कई परिवारों ने ग्राउंड फ्लोर पर रखा जरूरी सामान ऊपर की मंजिलों पर शिफ्ट किया। जिन मकानों में ऊपरी मंजिल नहीं है वहां लोग छतों पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार करते नजर आए।

    करेली से नैनी तक कई इलाके जलमग्न

    प्रयागराज के करेली के सोलह मार्केट बी ब्लॉक गौस नगर शम्स नगर जेके नगर गड्ढा कॉलोनी और इस्लाम नगर के साथ नैनी के चकदौदी चक फैजुल्ला पंजाबी हाता और जमुनानगर जैसे इलाकों में भी जलभराव की गंभीर स्थिति बनी रही। टैगोर टाउन और सिविल लाइंस जैसे इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। कई जगह बारिश के पानी के साथ बड़े नालों का गंदा पानी भी घरों तक पहुंच गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है। लोगों ने जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बारिश का पानी निकालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दिए।

    ड्रेनेज कनेक्शन को लेकर उठे सवाल

    मुंडेरा के राहुल यादव ने आरोप लगाया कि इलाके से होकर जाने वाली ड्रेनेज लाइन को आगे मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा ही नहीं गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज सिस्टम को मेन सीवर से जोड़ दिया जाता तो जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों और सीवर का काम करने वाले ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

    राहुल यादव के मुताबिक करीब छह महीने पहले IGRS और स्पीड पोस्ट के जरिए पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह मेयर गणेश केसरवानी और पार्षद शिव कुमार को समस्या की जानकारी दी गई थी। उनका दावा है कि शिकायतों के बाद आश्वासन तो मिला लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

    प्रयागराज में बारिश के बाद पैदा हुए इन हालातों ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारों परिवारों के घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान का नुकसान हुआ है और कई परिवारों के सामने खाने पीने और सुरक्षित जगह पर पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब लोगों की निगाह प्रशासन पर है कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।

  • यूपी में बारिश का कहर! लखनऊ समेत 30 शहरों में झमाझम बारिश, 10 जिलों में स्कूल बंद; काशी के घाट-मंदिर डूबे

    यूपी में बारिश का कहर! लखनऊ समेत 30 शहरों में झमाझम बारिश, 10 जिलों में स्कूल बंद; काशी के घाट-मंदिर डूबे


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार तड़के करीब 3 बजे से लखनऊ समेत प्रदेश के 30 से ज्यादा शहरों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। कई इलाकों में सुबह से ही आसमान घने काले बादलों से ढका रहा और दिन निकलने के बावजूद अंधेरा छाया रहा। लगातार बारिश के कारण शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कहीं सड़कें तालाब बन गई हैं तो कहीं पुलिस थाने और सरकारी अस्पताल तक पानी में घिर गए हैं। हालात को देखते हुए प्रदेश के करीब 10 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

    संभल में तेज बारिश के बाद रोडवेज बस अड्डा पूरी तरह जलमग्न हो गया। सरकारी अस्पताल में भी बारिश का पानी घुस गया। प्रतापगढ़ के लालगंज इलाके में स्थिति और ज्यादा खराब नजर आई। यहां तहसील परिसर के साथ कोतवाली पुलिस स्टेशन प्राइमरी स्कूल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब दो फीट तक पानी भर गया। पुलिस की गाड़ियों के पहिए तक पानी में डूब गए। निचले इलाकों में कई घरों के भीतर भी बारिश का पानी पहुंच गया है।

    भदोही और कौशांबी में भी भारी जलभराव देखने को मिला। कई प्रमुख सड़कों पर करीब एक फीट तक पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। प्रतापगढ़ में रातभर हुई बारिश के कारण मंदिरों और रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भरने की तस्वीरें सामने आई हैं। जलभराव के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए छुट्टी कर दी गई।

    भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रयागराज प्रतापगढ़ मिर्जापुर कौशांबी भदोही हरदोई अमेठी और जौनपुर समेत करीब 10 जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

    काशी में गंगा का बढ़ा जलस्तर

    बारिश के साथ गंगा और यमुना समेत उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों से ऊपर पहुंच गया है। घाट किनारे बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिर पानी से घिर गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर और दशाश्वमेध घाट का ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर काफी हिस्से तक पानी में डूब गया है। कई जगह मंदिरों का केवल ऊपरी हिस्सा ही दिखाई दे रहा है।

    नमो घाट की सीढ़ियों तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों से घाटों के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती अब छत के ऊपर कराई जा रही है।

    मणिकर्णिका घाट पर बदली अंतिम संस्कार की जगह

    गंगा का जलस्तर बढ़ने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थलों तक भी पानी पहुंच गया है। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए ऊपरी सीढ़ियों वाले हिस्से का इस्तेमाल किया जा रहा है। घाटों पर मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

    कानपुर और उन्नाव में भी गंगा के किनारे बसे इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। कई सौ घरों में पानी पहुंचने के कारण प्रभावित परिवारों को छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट की कई सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।

    23 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून

    लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक हवा में कम दबाव का क्षेत्र बनने मानसून ट्रफ के उत्तर दिशा में खिसकने और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। 19 से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के सिस्टम का असर भी उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे सकता है। खास तौर पर 20 और 21 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    ऐसे में आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और नदी तथा घाटों के आसपास जाने में विशेष सावधानी बरतें।

  • UP: नोएडा-मेरठ समेत 15 शहरों में तेज बारिश, कई इलाकों में बनी जलभराव की स्थिति

    UP: नोएडा-मेरठ समेत 15 शहरों में तेज बारिश, कई इलाकों में बनी जलभराव की स्थिति


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार सुबह से नोएडा, मेरठ, सहारनपुर, गोंडा समेत 15 शहरों में रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। लगातार बरसात के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    सहारनपुर में तड़के करीब चार बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने महज दो घंटे में शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया। कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। डीएम कार्यालय परिसर में घुटनों तक पानी जमा हो गया, जबकि ऑफिसर्स कॉलोनी में भी जलभराव हो गया। इस कॉलोनी में जिला जज, कमिश्नर और नगर आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। शहर की अधिकांश कॉलोनियां तालाब जैसी नजर आईं।

    नोएडा में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई सड़कों पर कमर तक पानी भर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जगह-जगह महिलाएं स्कूली बच्चों को कंधों पर बैठाकर सड़क पार कराती दिखाई दीं, जबकि कई दोपहिया वाहन पानी में आधे डूब गए।

    मेरठ में विकास प्राधिकरण के कार्यालय परिसर में पानी घुस गया। कैंप कार्यालय के बाहर जलभराव होने से महापौर को कुछ समय तक कार्यालय के भीतर ही रुकना पड़ा। वहीं रायबरेली में बारिश के बाद खेत में करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। ग्रामीणों ने जांच की तो वहां सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी, जिसके बाद सूचना मिलने पर एएसआई की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।

    मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 7 जिलों में अत्यधिक भारी और 53 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा, यमुना, घाघरा और सरयू नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।

    लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से करीब 120 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा गई है। वहीं बलिया में सरयू नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसूनी ट्रफ एक बार फिर उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय हो रही है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भी मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 30 जुलाई तक हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

  • यूपी में मानसून का कहर: 30 शहरों में मूसलाधार बारिश, नहर टूटी, कब्रिस्तान से बाहर आए शव; 49 जिलों में अलर्ट

    यूपी में मानसून का कहर: 30 शहरों में मूसलाधार बारिश, नहर टूटी, कब्रिस्तान से बाहर आए शव; 49 जिलों में अलर्ट


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश में मानसून ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है और इसकी पहली बड़ी मार प्रदेश के कई जिलों पर साफ दिखाई देने लगी है। शुक्रवार सुबह से वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, सहारनपुर, बांदा, हापुड़, बिजनौर, प्रतापगढ़ समेत करीब 30 शहरों में रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गई हैं, निचले क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंच गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

    सहारनपुर में भारी बारिश ने बेहद संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी। कब्रिस्तान की मिट्टी बह जाने से कई पुराने शवों के अवशेष बाहर आ गए, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल बन गया। वहीं मुजफ्फरनगर में नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और किसानों की फसलें प्रभावित होने लगीं।

    बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र में सरकारी जूनियर हाईस्कूल की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वाराणसी और प्रतापगढ़ में गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि प्रयागराज में जलभराव के कारण एक कार नाले में जा घुसी। स्थानीय लोगों की मदद से वाहन चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    हापुड़ के कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है, जबकि बांदा में बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ में पूरी रात बारिश होने के बाद सुबह भी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    खराब मौसम को देखते हुए मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, मुरादाबाद समेत 13 जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

    बारिश से जुड़े हादसों में पिछले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में 13 लोगों की जान जा चुकी है। संभल में सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि मुजफ्फरनगर और बदायूं में कच्चे मकानों की दीवार गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 49 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है और अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 69 शहरों में बारिश दर्ज की गई थी। बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो 1952 के बाद चौथी सबसे अधिक और जुलाई महीने की तीसरी सबसे बड़ी बारिश मानी गई है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ही लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

  • यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न

    यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न


    लखनऊ । यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और बुधवार को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी लखनऊ में दोपहर के समय ही आसमान पर घने बादल छा गए और दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हो गया।

    राज्य के कई अन्य शहरों में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा, हाथरस, उन्नाव, औरैया और चित्रकूट सहित करीब 40 शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। नोएडा में कई इलाकों में सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    आगरा में लगातार बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। यहां एक दो मंजिला दुकान अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में एक महिला समेत पांच लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा रहा।

    हाथरस में हालात और भी चुनौतीपूर्ण रहे। सदर कोतवाली परिसर तक में पानी भर गया, जबकि कई सड़कों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि कारें और मोटरसाइकिलें बहने लगीं। मथुरा में भी जलभराव की स्थिति बनी रही और कई इलाकों में नाले उफान पर आ गए। मंगलवार को एक डिलीवरी बॉय बाइक समेत नाले के तेज बहाव में फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

    भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 31 मिलीमीटर बारिश सोनभद्र जिले में दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 195 प्रतिशत अधिक है। हालांकि 1 जून से अब तक प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई हो सकती है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • Weather Alert: दिल्ली-यूपी से राजस्थान तक बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी, यात्रा में रखें सावधानी

    Weather Alert: दिल्ली-यूपी से राजस्थान तक बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी, यात्रा में रखें सावधानी



    नई दिल्ली। देश के मौसम में बदलाव की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने के कारण 22 और 23 जनवरी 2026 को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

    उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी 23 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं।

    इस दौरान तेज हवाओं, ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी है।

    प्रमुख शहरों का हाल:
    दिल्ली: 23 जनवरी को बारिश, तेज हवाएं (30–40 किमी/घंटा), गरज-चमक की संभावना।
    लखनऊ: 23–24 जनवरी हल्की बारिश, बादलों की आवाजाही, बिजली चमक सकती है।
    जयपुर: 23 जनवरी को हल्की बारिश, मौसम ठंडा और बदला-बदला रहेगा।

    तापमान में उतार-चढ़ाव:
    26–28 जनवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 2–4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि, इसके बाद फिर गिरावट।
    मध्य भारत और गुजरात में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर, फिर थोड़ी बढ़ोतरी या गिरावट हो सकती है।
    महाराष्ट्र में रात का तापमान अगले दो दिनों में 2–4 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है।
    कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य हिस्सों में मौसम में उतार-चढ़ाव, बारिश और तेज हवाओं के साथ ठंड बनी रहेगी।