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  • पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना

    पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने मंगलवार को पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर लिया। सोनभद्र और महराजगंज से शुरू हुई इसकी दस्तक के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं और बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई जबकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के भीतर पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने का अनुमान जताया है।

    मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश के 20 से अधिक शहरों में बारिश का दौर शुरू हो गया। लखनऊ कानपुर नगर अयोध्या गोरखपुर बरेली देवरिया सीतापुर बहराइच पीलीभीत गोंडा रायबरेली ललितपुर चित्रकूट फर्रुखाबाद जौनपुर कानपुर देहात उन्नाव रामपुर और मुरादाबाद सहित कई जिलों में रुक रुककर बारिश दर्ज की गई। देवरिया और जौनपुर में अच्छी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 38 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से लगभग 10 दिन की देरी से उत्तर प्रदेश पहुंचा है। आमतौर पर 20 जून तक प्रदेश में मानसून प्रवेश कर जाता है लेकिन इस बार यह करीब 19 दिनों तक उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा के आसपास ही सक्रिय रहा। इसके बाद मानसून ने सोनभद्र कुशीनगर महराजगंज सिद्धार्थनगर बलरामपुर श्रावस्ती और तराई क्षेत्रों से प्रदेश में प्रवेश किया।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहा। लखनऊ समेत करीब 15 शहरों में बारिश दर्ज की गई जबकि आगरा सबसे गर्म शहर रहा जहां अधिकतम तापमान 42 दशमलव 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगा। इसके साथ ही कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे खेती किसानी को भी बड़ा फायदा मिलेगा। धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • यूपी में मौसम का अलर्ट: 38 शहरों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 70 जिलों में बारिश की संभावना

    यूपी में मौसम का अलर्ट: 38 शहरों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 70 जिलों में बारिश की संभावना


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। Uttar Pradesh के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान और बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार 38 शहरों में तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका है, जबकि लगभग 70 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

    लखनऊ सहित कई प्रमुख जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि तेज हवाओं और बदलते मौसम के कारण कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिसमें गर्म हवाओं और नमी के मिलने से बादल तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। इसी कारण कुछ स्थानों पर तेज बारिश और कहीं-कहीं आंधी जैसी स्थिति बन रही है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    शहरी इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है, जहां दोपहर के बाद अचानक काले बादल छा गए और कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई।

    कुल मिलाकर यूपी में मौसम का यह बदला मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत के साथ-साथ सतर्कता भी बरतनी होगी।

  • कॉलोनियों में घुसा पानी, मथुरा समेत कई जिलों में बरसात का असर

    कॉलोनियों में घुसा पानी, मथुरा समेत कई जिलों में बरसात का असर


    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश में लगातार बदलते मौसम ने एक बार फिर तबाही और राहत दोनों के हालात पैदा कर दिए हैं। तड़के हुई मूसलाधार बारिश के चलते आगरा में हालात सबसे ज्यादा गंभीर रहे, जहां कुछ ही घंटों की बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। कई इलाकों में जलभराव हो गया, सड़कें धंस गईं और वाहनों के फंसने की घटनाएं सामने आईं।

    आगरा में सबसे बड़ा हादसा उस समय हुआ जब एक फुटपाथ और सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। देखते ही देखते करीब 25 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसमें ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली समा गई। वहीं, सड़क किनारे खड़ी कारें और अन्य वाहन भी गड्ढों में फंस गए या पलट गए। छीपीटोला इलाके में बारिश के दबाव से एक मकान भी गिर गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

    शहर की कई कॉलोनियों में पानी घुस जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों के अंदर तक पानी भर गया और सड़कों पर घुटनों तक जलजमाव देखने को मिला। हालात इतने खराब हो गए कि कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना पड़ा।

    इसी तरह मथुरा में भी देर रात हुई बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु घुटनों तक पानी में चलते नजर आए। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी बाधित हुआ, हालांकि नमी के कारण लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों में आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी जारी है, हालांकि यह धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके बावजूद अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो 5 जून तक पूरे उत्तर प्रदेश को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान पश्चिमी और पूर्वी यूपी में छिटपुट बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

    लखनऊ के मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल लू का खतरा नहीं है और आने वाले दिनों में भी तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना कम है। हालांकि बारिश के कारण कहीं राहत है तो कहीं बाढ़ जैसे हालात ने चिंता बढ़ा दी है।

    कुल मिलाकर यूपी में मौसम का यह बदलाव लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश से हुई तबाही ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल

    झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल



    नई दिल्ली। झांसी में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर गर्मी का तीखा रूप दिखाया, जहां सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। शहर में सुबह 11 बजे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, सड़कों पर गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया गया और दोपहर होते-होते लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई।

    भीषण गर्मी के कारण बाजारों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर या सिर ढककर बाहर निकलते दिखे। सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क पर काम करने वाले लोगों पर पड़ा, जो छांव और पेड़ों के नीचे राहत तलाशते नजर आए।

    गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। शिकंजी, जूस और ठंडे पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिन के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और वृद्धि हो सकती है और दोपहर बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    हालांकि मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की संभावना भी जताई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दोपहर बाद आसमान में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे दिन तेज गर्मी और उमस बने रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।