Tag: Uzbekistan

  • भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम को लेकर बड़ी डील, UPI- वीजा फ्री एंट्री समेत हुए 16 अहम समझौते

    भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम को लेकर बड़ी डील, UPI- वीजा फ्री एंट्री समेत हुए 16 अहम समझौते


    ताशकंद।
    भारत (India) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) ने रविवार को असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए लंबे समय के लिए यूरेनियम आपूर्ति (Uranium supply) की व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव (President Shavkat Mirziyoyev) के बीच रविवार को हुई वार्ता में यह अहम फैसला हुआ। दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने की घोषणा भी की। साथ ही, वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब डॉलर सालाना तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया।


    2030 तक 5 अरब डॉलर करना है व्यापार

    मोदी और मिर्जियोयेव की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में यूरेनियम आपूर्ति की प्रस्तावित मात्रा और समयसीमा का खुलासा नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार एक अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। अब इसे 2030 तक पांच अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर पर ले जाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


    विदेश मंत्रियों की समन्वय परिषद बनेगी

    मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं को दिशा देने के लिए विदेश मंत्रियों के स्तर पर समन्वय परिषद स्थापित की जाएगी। संयुक्त आयोग का स्तर भी सचिवों से बढ़ाकर मंत्रिस्तरीय किया जाएगा। दोनों देश कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला संयुक्त व्यापार सम्मेलन आयोजित करेंगे। दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर प्रतिबद्धता जताई। मोदी ने कहा कि ये चुनौतियां पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।


    बौद्ध स्थलों के संरक्षण पर सहमति

    भारत और उज्बेकिस्तान ने प्राचीन बौद्ध स्थलों फयाज तेपा और कारा तेपा के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए आशय पत्र पर सहमति जताई। दोनों स्थल सिल्क रोड के जरिए मध्य एशिया में बौद्ध धर्म के प्रसार के महत्वपूर्ण प्रमाण माने जाते हैं।


    52 योग साधकों का विशेष सत्र

    मोदी ने ताशकंद में 52 योग साधकों की भागीदारी वाला विशेष योग सत्र भी देखा। उन्होंने कहा, ‘उज्बेकिस्तान योग से प्यार करता है।’ दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। रक्षा उद्योगों को सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में काम करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। व्यापार विस्तार पर जोर दिया जाएगा।


    भारतीयों के लिए 30 दिन तक वीजा फ्री एंट्री

    प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही आसान करने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ। उज्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच जन-जन के संपर्क, पर्यटन और कारोबारी आदान-प्रदान को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।


    उज्बेकिस्तान में चलेगा यूपीआई

    डिजिटल सहयोग के तहत एनपीसीआई और उज्बेकिस्तान के नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर के बीच वाणिज्यिक समझौता हुआ। इसके लागू होने के बाद भारतीय यात्री यूपीआई ऐप के जरिए उज्बेकिस्तान में कोड स्कैन कर दुकानों पर भुगतान कर सकेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। किर्गिस्तान के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष अदेलबेक कासिमालियेव ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इस दौरान पारंपरिक किर्गिज नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से हुआ। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि सम्मेलन में 10 सदस्य देश, 15 साझेदार देश और दो पर्यवेक्षक देश क्षेत्रीय एवं सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एकत्र होंगे।

  • उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान, भारत के साथ रिश्तों को मिला नया मुकाम; अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी

    उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान, भारत के साथ रिश्तों को मिला नया मुकाम; अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी


    नई दिल्ली। भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों ने रविवार को एक नई ऊंचाई हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद में ऐलान किया कि दोनों देशों के बीच संबंध अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान ओली दराजली दोस्तलिक से सम्मानित किए जाने के बाद यह घोषणा की गई। इस मौके पर पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के नेतृत्व और भारत के प्रति उनकी मित्रता की भावना की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं और अब यह साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंध केवल आधुनिक कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं हैं बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी दोस्ती और साझा विरासत जुड़ी हुई है। उन्होंने उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे व्यक्तिगत सम्मान के बजाय भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोस्तलिक का अर्थ दोस्ती है और यही शब्द भारत तथा उज्बेकिस्तान के रिश्तों की वास्तविक भावना को सबसे बेहतर तरीके से व्यक्त करता है।

    पीएम मोदी ने सम्मान को स्वीकार करते हुए उज्बेकिस्तान की जनता सरकार और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों की ऐतिहासिक दोस्ती और साझा विरासत को समर्पित है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा।

    भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी का नया स्तर दोनों देशों के लिए आर्थिक कूटनीतिक सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य एशिया में उज्बेकिस्तान की अहम भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति है और भारत के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ मजबूत संबंध लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के संबंधों को नई श्रेणी मिलना भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर भारत की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान के साथ अपनी मित्रता को हमेशा मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेगा और दोनों देशों की दोस्ती को मजबूती से आगे बढ़ाता रहेगा।

    पीएम मोदी ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी को ग्लोबल साउथ के व्यापक हितों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर ग्लोबल साउथ की एकजुट आवाज बनने की दिशा में काम करेंगे। दोनों देशों का प्रयास होगा कि ग्लोबल साउथ के लोगों के कल्याण और पूरी मानवता के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम किया जाए।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सम्मान अपने साथ जिम्मेदारी लेकर आता है। उज्बेकिस्तान की ऐतिहासिक धरती से उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों का व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलना इसी निरंतर सहयोग का परिणाम है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक जुड़ाव को आधुनिक रणनीतिक जरूरतों से जोड़ते हुए यह साझेदारी आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

  • ऑनलाइन बुकिंग, बाहरी राज्यों और विदेशी युवतियों का इस्तेमाल, नागपुर में संगठित देह व्यापार गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, कई गिरफ्तार

    ऑनलाइन बुकिंग, बाहरी राज्यों और विदेशी युवतियों का इस्तेमाल, नागपुर में संगठित देह व्यापार गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, कई गिरफ्तार

    नई दिल्ली ।महाराष्ट्र के नागपुर शहर में पुलिस ने एक संगठित देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो कथित तौर पर मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बना रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में विदेशी नागरिकों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की युवतियों को भी शामिल किया गया था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई महिलाओं को सुरक्षित निकालकर संरक्षण में लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसके संचालन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

    बताया जा रहा है कि पुलिस को लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद विशेष निगरानी और गोपनीय सूचना के आधार पर अंबाझरी थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि ग्राहकों से संपर्क और बुकिंग की प्रक्रिया मोबाइल एप्लीकेशन तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित की जा रही थी। कथित तौर पर ग्राहकों को अलग-अलग स्थानों पर भेजने और पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन समन्वित किया जाता था, जिससे अवैध गतिविधियों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा था।

    प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस गिरोह में उज़्बेकिस्तान की कुछ महिलाओं के अलावा दिल्ली, पंजाब और अन्य क्षेत्रों से आई युवतियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई महिलाओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा है। संबंधित विभागों की मदद से उनकी पहचान, दस्तावेजों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उन्हें किसी प्रकार के दबाव, धोखे या मानव तस्करी के माध्यम से इस नेटवर्क में तो नहीं लाया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क का संचालन कितने समय से हो रहा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और इसका विस्तार किन-किन शहरों तक फैला हुआ था। डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, जिससे पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली और आर्थिक नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जहां सुविधाएं बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, वहीं कुछ संगठित गिरोह इसका उपयोग अवैध गतिविधियों को छिपाने और संचालित करने के लिए भी कर रहे हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी निगरानी, साइबर विश्लेषण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता लगातार बढ़ती जा रही है।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों या किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें इस तरह की किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि मानव तस्करी और संगठित अपराध जैसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में रोनाल्डो का बड़ा रिकॉर्ड, पुर्तगाल के लिए सबसे ज्यादा विश्व कप गोल करने का कीर्तिमान भी बनाया

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में रोनाल्डो का बड़ा रिकॉर्ड, पुर्तगाल के लिए सबसे ज्यादा विश्व कप गोल करने का कीर्तिमान भी बनाया

    नई दिल्ली । फुटबॉल की दुनिया में रिकॉर्डों के पर्याय बन चुके क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक बार फिर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने उन्हें खेल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों की सूची में और मजबूती से स्थापित कर दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में उज़्बेकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में गोल दागते ही पुर्तगाल के कप्तान ने एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसे अब तक कोई भी फुटबॉलर हासिल नहीं कर पाया था।

    मैच के शुरुआती मिनटों में ही रोनाल्डो ने अपनी मौजूदगी का प्रभाव दिखाया। मुकाबले के छठे मिनट में किए गए गोल ने न केवल पुर्तगाल को शानदार शुरुआत दिलाई, बल्कि उनके व्यक्तिगत करियर में भी एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया। इस गोल के साथ रोनाल्डो छह अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके लंबे, निरंतर और असाधारण अंतरराष्ट्रीय करियर की गवाही देती है।

    विश्व फुटबॉल में लंबे समय से सक्रिय रोनाल्डो ने अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए लगातार अपना प्रभाव बनाए रखा है। छह विश्व कप में गोल करने का रिकॉर्ड केवल प्रतिभा का नहीं, बल्कि फिटनेस, अनुशासन, समर्पण और निरंतरता का भी प्रतीक माना जा रहा है। यही कारण है कि यह उपलब्धि फुटबॉल इतिहास की सबसे विशेष उपलब्धियों में शामिल हो गई है।

    उज़्बेकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में किया गया यह गोल रोनाल्डो के लिए एक और मायने में भी खास साबित हुआ। इसके साथ ही वह फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में पुर्तगाल की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इस मामले में देश के महान फुटबॉलर युसेबियो का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। युसेबियो के नाम विश्व कप में नौ गोल दर्ज थे, जबकि रोनाल्डो ने अपने खाते में दसवां गोल जोड़कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर दिया।

    मुकाबले में गोल करने के बाद रोनाल्डो ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जश्न मनाया। उनके चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी इस उपलब्धि के महत्व को स्पष्ट कर रही थी। विश्व कप के पहले मैच में गोल करने से चूकने के बाद उन पर प्रदर्शन को लेकर चर्चा हो रही थी, लेकिन उज़्बेकिस्तान के खिलाफ शुरुआती मिनटों में ही गोल कर उन्होंने सभी सवालों का जवाब दे दिया।

    फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड आने वाले वर्षों तक कायम रह सकता है, क्योंकि लगातार छह विश्व कप खेलना और उनमें से प्रत्येक में गोल करना बेहद कठिन उपलब्धि है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना अपने आप में असाधारण माना जाता है।

    पुर्तगाल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम अपने अनुभवी कप्तान के नेतृत्व में विश्व कप अभियान को आगे बढ़ा रही है। रोनाल्डो का अनुभव और गोल करने की क्षमता टीम के लिए बड़ी ताकत बनी हुई है। उनके इस रिकॉर्ड ने न केवल पुर्तगाल के प्रशंसकों को उत्साहित किया है, बल्कि दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को भी एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना दिया है।

    फुटबॉल इतिहास में कई महान खिलाड़ी आए और गए, लेकिन क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रिकॉर्ड बनाना और उन्हें लगातार बेहतर करना उनकी पहचान बन चुका है। छह विश्व कप में गोल करने की यह उपलब्धि उनके करियर के सबसे यादगार अध्यायों में हमेशा दर्ज रहेगी।

  • MP के वन विभाग ने रचा इतिहास… भोपाल से उड़ा गिद्ध 3000KM का सफर कर पहुंचा उज्बेकिस्तान

    MP के वन विभाग ने रचा इतिहास… भोपाल से उड़ा गिद्ध 3000KM का सफर कर पहुंचा उज्बेकिस्तान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का वन विभाग (Forest Department) अब सिर्फ बाघों (Tigers) के ही नहीं, बल्कि गिद्धों (Vultures) के संरक्षण में भी दुनिया के लिए मिसाल पेश कर रहा है. हाल ही में राज्य के गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र (VCBC) केरवा में इलाज पाकर ठीक हुए दो सिनेरियस गिद्धों (Two Cinereous Vultures) ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर वैज्ञानिक जगत को हैरान कर दिया है.

    दरअसल, दिसंबर 2025 में विदिशा के सिरोंज से एक घायल सिनेरियस गिद्ध को बचाया गया था. भोपााल के वन विहार में और BNHS संचालित VCBC में इलाज के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे 23 फरवरी को हलाली बांध क्षेत्र में आजाद किया।

    WWF-India के सहयोग से इस पर GPS लगाया गया था. डेटा के अनुसार, 10 अप्रैल को इसने उड़ान भरी और राजस्थान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान को पार करते हुए 4 मई को उज्बेकिस्तान पहुंच गया. विदिशा से उज्बेकिस्तान तक गिद्ध का 3000 किमी का सफर देख हर कोई हैरान है।


    पाकिस्तान में फंसी मादा गिद्ध का रेस्क्यू

    एक अन्य मामला शाजापुर के सुसनेर से रेस्क्यू की गई मादा सिनेरियस गिद्ध का है. 25 मार्च को रिहा होने के बाद यह गिद्ध पाकिस्तान पहुंच गई. 7 अप्रैल को वहां आए भीषण ओलावृष्टि तूफान के कारण यह उड़ने में असमर्थ हो गई और जमीन पर गिर पड़ी।


    इंटरनेशनल कॉर्डिनेशन

    सिग्नल गायब होने पर WWF-India ने तुरंत WWF-पाकिस्तान से संपर्क किया. पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया. फिलहाल वह स्थानीय वल्चर सेंटर में स्वस्थ हो रही है।


    GPS से रीयल-टाइम निगरानी

    अधिकारियों का कहना है कि यह लंबी यात्राएं गिद्धों की अद्भुत दिशा-ज्ञान क्षमता और सहनशक्ति का प्रमाण हैं. माइक्रोचिप और GPS-GSM टेलीमेट्री डिवाइस की मदद से वन विभाग इनकी रीयल-टाइम निगरानी कर पा रहा है. इससे पहले साल 2025 में भी एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान तक 4300 किमी की यात्रा कर वापस भारत लौटा था.


    गिद्धों का महत्व

    सिनेरियस गिद्ध एशिया और यूरोप की सबसे बड़ी पक्षी प्रजातियों में से एक है. ये वन ईकोसिस्टम की सफाई में अहम भूमिका निभाते हैं।

  • भारत-उज्बेकिस्तान का ‘डस्टलिक’ युद्धाभ्यास संपन्न, आतंकवाद-रोधी क्षमता में दिखा दमदार समन्वय

    भारत-उज्बेकिस्तान का ‘डस्टलिक’ युद्धाभ्यास संपन्न, आतंकवाद-रोधी क्षमता में दिखा दमदार समन्वय


    नई दिल्ली। 
    भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आयोजित सातवां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक’ शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह अभ्यास उज्बेकिस्तान में दोनों देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक तालमेल और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान सैनिकों ने वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभ्यास करते हुए तेज और सटीक कार्रवाई का प्रदर्शन किया। आतंकवाद-रोधी अभियानों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न आधुनिक सैन्य तकनीकों और रणनीतियों का गहन अभ्यास किया गया, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय और अधिक सुदृढ़ हुआ।
    अभ्यास के दौरान जवानों ने दुश्मन के ठिकानों की पहचान, निगरानी और उन पर सटीक कार्रवाई करने की रणनीतियों को व्यवहार में उतारा। आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ड्रोन और मानव रहित उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया गया। इसके साथ ही युद्धक्षेत्र में घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने और उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया का भी विशेष अभ्यास किया गया। इन गतिविधियों ने सैनिकों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ उनके बीच आपसी तालमेल को भी बेहतर बनाया।

    इस सैन्य अभ्यास में पर्वतीय और अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में ऑपरेशन चलाने की विशेष ट्रेनिंग दी गई। सैनिकों ने रस्सियों के सहारे उतरने, ऊंचाई वाले इलाकों में तेजी से मूवमेंट करने और स्नाइपर ऑपरेशन जैसी जटिल चुनौतियों का सामना किया। इसके अलावा रॉकेट हमलों और जवाबी कार्रवाई का भी अभ्यास किया गया, जिससे उनकी युद्धक क्षमता और रणनीतिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। संयुक्त रूप से योजनाएं बनाकर उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने की क्षमता भी इस अभ्यास के माध्यम से विकसित हुई।

    अभ्यास का एक महत्वपूर्ण पहलू अवैध सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीतियों को मजबूत करना रहा। सैनिकों ने आतंकवादी ठिकानों में घुसकर कार्रवाई करने, तलाशी अभियान चलाने और छापेमारी जैसी तकनीकों का अभ्यास किया। इससे वास्तविक परिस्थितियों में संयुक्त ऑपरेशन को अधिक प्रभावी और सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस तरह के अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच साथ मिलकर काम करने की क्षमता और अधिक बेहतर होती है, जिससे भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना संयुक्त रूप से किया जा सकेगा।

    समापन के अवसर पर इस अभ्यास को दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाला बताया गया। ‘डस्टलिक’ ने न केवल सैन्य साझेदारी को मजबूत किया है, बल्कि भविष्य में संयुक्त मिशनों को अधिक कुशलता और प्रभावशीलता के साथ अंजाम देने की क्षमता भी विकसित की है। यह अभ्यास इस बात का संकेत है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में दोनों देश आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।