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  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपने तूफानी बल्लेबाजी अंदाज से टी20 क्रिकेट में अलग पहचान बना ली है। महज 15 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जिसने बड़े-बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। टी20 क्रिकेट में कम से कम 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट की सूची में वैभव सूर्यवंशी पहले स्थान पर हैं। उनके नाम 214.83 का शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज है। इस सूची में भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी शामिल हैं जो 178.32 के स्ट्राइक रेट के साथ चौथे पायदान पर हैं। खास बात यह है कि शीर्ष पांच बल्लेबाजों में चार भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं। यह आंकड़ा भारतीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक इंटरनेशनल आईपीएल और घरेलू टी20 क्रिकेट को मिलाकर 42 पारियों में 1723 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 42.02 और स्ट्राइक रेट 214.83 रहा है। उनका बाउंड्री प्रतिशत भी 36.15 बताया गया है। इतनी कम उम्र में इतने आक्रामक अंदाज से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाता है। वैभव मैदान पर उतरते ही तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते। यही वजह है कि वह टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक युवा बल्लेबाजों में गिने जाने लगे हैं। हालांकि उनके करियर में अभी तक पारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और आगे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनके लिए अहम होगा।

    इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज मिच ओवन दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 86 टी20 पारियों में 1813 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 181.30 और औसत 22.66 है। ओवन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई मौकों पर टीम को तेज शुरुआत दिलाई है लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वह वैभव से काफी पीछे हैं। तीसरे स्थान पर भारतीय बल्लेबाज उर्विल पटेल हैं जिनका स्ट्राइक रेट 180.69 है। उन्होंने 64 पारियों में 1554 रन बनाए हैं और उनका औसत 25.90 रहा है। इस तरह सूची के शुरुआती तीन स्थानों में दो भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदगी भारत की टी20 प्रतिभा को सामने लाती है।

    भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 215 पारियों में 6466 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32.65 और स्ट्राइक रेट 178.32 है। अभिषेक अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। पांचवें स्थान पर भारतीय बल्लेबाज प्रियांश आर्या हैं जिनका स्ट्राइक रेट 176.78 है। उन्होंने 59 पारियों में 1683 रन बनाए हैं और उनका औसत 29.01 है।

    अब सबकी नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले पर है। ईशान किशन के चोटिल होने के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। यदि उन्हें खेलने का अवसर मिलता है तो उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने का मौका होगा। हालांकि अंतिम एकादश में उनका चयन टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा। वैभव के रिकॉर्ड ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता बनाए रखना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार, मुरली कार्तिक ने समझाई टीम इंडिया की हकीकत, संजू-अभिषेक को हटाना आसान नहीं

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार, मुरली कार्तिक ने समझाई टीम इंडिया की हकीकत, संजू-अभिषेक को हटाना आसान नहीं


    नई दिल्ली। आईपीएल में अपने बल्ले से तहलका मचाकर दुनियाभर में चर्चा बटोरने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के सामने अब एक नई चुनौती खड़ी है। कम उम्र में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करने के बाद हर क्रिकेट प्रेमी उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खेलते देखना चाहता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाना केवल प्रतिभा और बड़े स्कोर बनाने तक सीमित नहीं है। टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम की रणनीति और सही मौके का इंतजार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। वैभव के लिए अब सबसे बड़ा इम्तिहान अपनी प्रतिभा साबित करने के साथ धैर्य बनाए रखने का है।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुरली कार्तिक ने वैभव की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय रखते हुए कहा है कि क्रिकेट में हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को तुरंत प्लेइंग इलेवन में जगह मिल जाए यह जरूरी नहीं है। कई बार खिलाड़ियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है और इस सच्चाई को स्वीकार करना उनके करियर का अहम हिस्सा होता है। कार्तिक के मुताबिक किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए टीम से बाहर नहीं किया जा सकता कि कोई दूसरा युवा खिलाड़ी अधिक रोमांचक प्रतिभा के रूप में सामने आया है। चयन के पीछे ठोस वजह और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    भारतीय टीम में ओपनिंग की जगह को लेकर इस समय मुकाबला काफी दिलचस्प है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे स्थापित खिलाड़ियों के रहते वैभव के लिए तुरंत नियमित जगह बनाना आसान नहीं होगा। दोनों खिलाड़ी 2026 टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में केवल एक युवा खिलाड़ी को मौका देने के लिए मौजूदा संयोजन में बदलाव करना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    मुरली कार्तिक ने भी इस बात पर जोर दिया कि केवल बदलाव करने के लिए बदलाव नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि भारतीय ओपनिंग जोड़ी के प्रदर्शन में उतार चढ़ाव जरूर रहा है लेकिन इसी जोड़ी ने टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत भी दिलाई है। ऐसे में कुछ मैचों के प्रदर्शन के आधार पर स्थापित खिलाड़ियों को बाहर करना सही रणनीति नहीं मानी जा सकती। टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के पिछले योगदान और भविष्य की योजनाओं दोनों को ध्यान में रखकर फैसला लेना होता है।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यशस्वी जायसवाल का उदाहरण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिभाशाली बल्लेबाज होने के बावजूद सीमित ओवरों की टीम में नियमित जगह हासिल करना आसान नहीं होता। टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों और टीम संयोजन के कारण कई बार अच्छे खिलाड़ी को भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे यह साफ होता है कि प्रतिभा किसी खिलाड़ी को पहचान दिला सकती है लेकिन नियमित अवसर हासिल करने के लिए परिस्थितियों का साथ देना भी जरूरी है।

    कार्तिक के मुताबिक कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर वैभव से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे होंगे। इसका अर्थ यह नहीं है कि युवा बल्लेबाज टीम की योजनाओं से बाहर हैं। बल्कि उन्हें सही समय पर अवसर देने और भविष्य के लिए तैयार रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है। वैभव को इस दौरान अपनी फिटनेस तकनीक और बल्लेबाजी की निरंतरता पर ध्यान देना होगा ताकि मौका मिलने पर वह प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकें।

    दूसरी ओर संजू सैमसन का हालिया प्रदर्शन वैभव के लिए प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू ने अपने पिछले दस मैचों में चार अर्धशतक लगाए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भी उनके प्रदर्शन ने टीम में उनकी दावेदारी को मजबूत किया है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे विकल्पों की मौजूदगी से भारतीय टीम के पास शीर्ष क्रम में कई विकल्प उपलब्ध हैं।

    ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को समझना होगा कि आईपीएल की सफलता उनके करियर की बड़ी उपलब्धि जरूर है लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबी पारी खेलने के लिए धैर्य और निरंतरता भी जरूरी है। कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके लिए अवसरों के दरवाजे खोल सकती है लेकिन दबाव को संभालना और अपने मौके का पूरा फायदा उठाना ही उन्हें आगे बढ़ाएगा। फिलहाल उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इंतजार के इस दौर में खुद को तैयार रखना है क्योंकि टीम इंडिया में जगह बनाने की असली परीक्षा अभी बाकी है।

  • वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं

    वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में संजू सैमसन ने बल्ले से शानदार वापसी की। उन्होंने महज 22 गेंदों में 57 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। लंबे समय से अपनी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में रहे संजू के लिए यह पारी खास रही। हालांकि मैच के बाद उन्होंने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी को लेकर बात नहीं की बल्कि आलोचना और सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के असर को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी।

    संजू ने माना कि क्रिकेटरों को लेकर लगातार होने वाली चर्चाएं और आलोचनाएं खिलाड़ी को प्रभावित करती हैं। उनका कहना था कि अनुभव के साथ उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से निपटना जरूर सीखा है लेकिन वह भी इंसान हैं। लगातार सामने आने वाली बातों का असर होना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे समझाते हुए कहा कि वह कई बार खुद को बाहरी शोर से दूर रखने की कोशिश करते हैं लेकिन कभी कभी सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर सामने आने वाली टिप्पणियां नजर आ ही जाती हैं।

    संजू ने बताया कि वह खुद को बाहरी शोर से दूर रखने के लिए वाईफाई बंद करने जैसी कोशिश करते हैं लेकिन कई बार वह दोबारा चालू हो जाता है और कुछ कमेंट सामने आ जाते हैं। उनके मुताबिक ऐसी चीजें मन को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि उनका फोकस इस बात पर रहता है कि मैदान पर उतरते समय उनका माइंडसेट साफ रहे और वह अपनी तैयारी तथा खेल पर ध्यान दें।

    उन्होंने साफ किया कि अगर वह बाहर की बातों को अपने खेल पर हावी होने देंगे तो गेंदबाजी के खिलाफ खुलकर बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाएगा। उनके अनुसार बल्लेबाज को हर गेंद पर सोच समझकर खेलना होता है और ज्यादा सोचने से स्वाभाविक खेल प्रभावित हो सकता है। इसलिए वह कोशिश करते हैं कि मैदान पर अपना ध्यान सिर्फ खेल और टीम की जरूरत पर रखें।

    इसी बातचीत के दौरान संजू सैमसन ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी अपनी राय रखी। वैभव ने हाल के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और उनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी मजबूत की है। संजू ने माना कि वैभव के प्रदर्शन को देखते हुए उसे टीम में मौका मिलना स्वाभाविक था।

    संजू ने कहा कि भारतीय टीम को संभालना आसान काम नहीं है। एक तरफ अनुभवी खिलाड़ी होते हैं तो दूसरी तरफ युवा खिलाड़ियों का शानदार फॉर्म भी चयन के फैसले को प्रभावित करता है। उन्होंने वैभव के करीब 700 से 800 रन बनाने वाले प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रदर्शन के बाद युवा खिलाड़ी को मौका देना टीम मैनेजमेंट के लिए समझ में आने वाला फैसला है।

    संजू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने हाल के दो तीन मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था जबकि वैभव अच्छी फॉर्म में थे। ऐसे में नेतृत्व समूह के सामने टीम के हित को देखते हुए फैसला लेने की स्थिति बनी। संजू ने इस फैसले को शिकायत की नजर से देखने के बजाय टीम मैनेजमेंट की मजबूरी और जिम्मेदारी को समझने की बात कही।

    उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। संजू के मुताबिक सीरीज के दौरान इस मुद्दे पर टीम के भीतर बातचीत हुई थी और सीरीज शुरू होने से पहले भी गंभीर ने उनसे काफी बात की थी। उनके अनुसार ऐसे मामलों में स्पष्ट संवाद बेहद जरूरी होता है।

    संजू ने कहा कि लोकप्रिय फैसला लेना आसान होता है लेकिन टीम के हित में कठिन फैसला लेना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने नेतृत्व समूह की तारीफ करते हुए कहा कि टीम को सबसे आगे रखते हुए मुश्किल फैसले लिए जा रहे हैं। उनका बयान यह दिखाता है कि चयन की प्रतिस्पर्धा के बीच खिलाड़ी के लिए टीम का लक्ष्य और आपसी संवाद कितना महत्वपूर्ण है।

  • आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका

    आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाजों में शामिल वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू फिलहाल एक बार फिर टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में भी टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं दी। चेस्टर ले स्ट्रीट में जैसे ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग इलेवन का एलान किया वैसे ही करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदों को झटका लगा क्योंकि वैभव का नाम उसमें शामिल नहीं था। लगातार दूसरी श्रृंखला में मौका नहीं मिलने के बाद अब यह सवाल और तेज हो गया है कि आखिर इस युवा बल्लेबाज को भारतीय टीम के लिए पदार्पण करने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ महीनों से अपने प्रदर्शन के दम पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 16 पारियों में 776 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनका स्ट्राइक रेट भी 237 से अधिक रहा जिसने क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। इसके अलावा अंडर 19 विश्व कप में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया जबकि हाल ही में भारत ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार उदाहरण पेश किया।

    इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पहले आयरलैंड दौरे पर भी उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में बाहर बैठना पड़ा था। उस श्रृंखला में भारतीय शीर्ष क्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद माना जा रहा था कि इंग्लैंड दौरे पर वैभव को जरूर मौका मिलेगा लेकिन टीम प्रबंधन ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताना बेहतर समझा।

    क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गज पहले ही संकेत दे चुके थे कि वैभव का डेब्यू तुरंत नहीं होगा। उनका मानना था कि टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को सही समय पर मौका देना चाहता है ताकि उस पर अतिरिक्त दबाव न बने। हालांकि प्रशंसकों का तर्क है कि जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट आईपीएल और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा हो तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर भी मिलना चाहिए।

    बैटिंग कोच सितांशु कोटक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंतिम फैसला मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति के अनुसार लिया जाएगा। ऐसे में यह साफ है कि वैभव को मौका कब मिलेगा इसका फैसला टीम प्रबंधन की योजनाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल भारतीय टीम ने पहले मुकाबले में संजू सैमसन अभिषेक शर्मा ईशान किशन श्रेयस अय्यर तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल हर्षित राणा रवि बिश्नोई अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह इंतजार भले ही लंबा होता जा रहा हो लेकिन उनकी उम्र और प्रदर्शन दोनों यह संकेत देते हैं कि भविष्य पूरी तरह उनके पक्ष में है। यदि वह इसी तरह रन बनाते रहे और अपने खेल में निरंतरता बनाए रखी तो भारतीय टीम में उनका पदार्पण केवल समय की बात होगी। अब सभी की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबलों पर रहेंगी जहां शायद भारतीय क्रिकेट को अपना नया युवा सितारा पहली बार नीली जर्सी में खेलते हुए देखने का मौका मिल जाए।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल गया है। महज 15 साल की उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाजी की उसने चयनकर्ताओं के साथ-साथ क्रिकेट विशेषज्ञों को भी प्रभावित कर दिया है। अब माना जा रहा है कि 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले में उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिल सकता है।

    बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने बेहद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर खेल और दबाव भरे मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करना है। यही वजह है कि उन्हें अब नॉकआउट मुकाबलों का नया किंग कहा जाने लगा है। इस साल उन्होंने पांच करो या मरो मुकाबले खेले हैं जिनमें चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। खास बात यह है कि तीन बार वह 90 से अधिक रन बनाकर आउट हुए लेकिन कभी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार धीमी नहीं की।

    श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे इस युवा बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। यानी उन्होंने अपने 94 में से 88 रन केवल बाउंड्री से जुटाए। शतक से महज कुछ कदम दूर रह जाने के बावजूद उनकी इस पारी ने मैच का रुख बदल दिया और विरोधी टीम पर जबरदस्त दबाव बना दिया।

    वैभव की बल्लेबाजी का अंदाज उन्हें अपनी उम्र के खिलाड़ियों से अलग बनाता है। वह बड़े शॉट खेलने से नहीं घबराते और मैच की स्थिति के अनुसार तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। उनके प्रदर्शन ने यह भी साबित किया है कि दबाव जितना बढ़ता है उनका खेल उतना ही निखरता है।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत के आयरलैंड दौरे पर टिकी हैं। भारतीय टीम वहां दो टी20 मैच खेलेगी। पहला मुकाबला 26 जून और दूसरा 28 जून को बेलफास्ट में खेला जाएगा। यदि वैभव को पहले ही मैच में मौका मिलता है तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं वे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के सबसे कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    आयरलैंड दौरे के बाद भारत को इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज खेलनी है। ऐसे में यदि वैभव को मौका मिलता है और वह अपनी फॉर्म बरकरार रखते हैं तो भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजरें 26 जून पर टिकी हैं जब यह युवा बल्लेबाज अपने सपनों की उड़ान भर सकता है।

  • 15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

    15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर रहे युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने न सिर्फ क्रिकेट फैंस को प्रभावित किया है, बल्कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन भी उनके खेल के कायल हो गए हैं। वैभव की धमाकेदार पारियों के बाद सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। उन्होंने 15 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को “अद्भुत” बताया और उनकी बल्लेबाजी की तुलना करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि इस उम्र में तो लोग सामान्य खेल भी ठीक से नहीं खेल पाते, जबकि वैभव बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    बिग बी के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहां कई फैंस ने अमिताभ बच्चन की तारीफ की, वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दीं। हालांकि अमिताभ बच्चन अक्सर अपने विचारों और ट्वीट्स को लेकर चर्चा में रहते हैं, और एक बार फिर उन्होंने सुर्खियां बटोर ली हैं।

    दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन IPL 2026 में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मात्र 37 गेंदों में 103 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। इसके बाद गुजरात टाइटन्स के खिलाफ क्वालिफायर मुकाबले में भी उन्होंने 47 गेंदों में 96 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    भले ही उनकी टीम को गुजरात के खिलाफ जीत नहीं मिली, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी ने सभी का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतने बड़े मंच पर इस तरह का प्रदर्शन उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा साबित कर रहा है।

    अमिताभ बच्चन का यह रिएक्शन भी इस बात का संकेत है कि वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेट जगत ही नहीं, बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।