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  • जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें

    जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली ।
    जापान के आइची नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स में दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिलेगा। इस बहुखेल प्रतियोगिता में लगभग 15 हजार खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। इस बार प्रतियोगिता में कई बेहद कम उम्र के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने उतर रहे हैं, जिनमें भारत के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और चीन की युवा स्विमिंग स्टार यू जिडी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। भारत अपने पिछले खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। भारत की टीम में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से ध्यान खींचा है। एशियाई खेलों में क्रिकेट के सभी मुकाबले जापान में विशेष रूप से तैयार किए गए नए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    चीन की तैराक यू जिडी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में से एक होंगी। महज 13 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकीं यू जिडी ने पिछले वर्ष महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धा में नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया था। नागोया खेलों में वह चीन की मजबूत स्विमिंग टीम की ओर से मुख्य दावेदार के रूप में हिस्सा लेंगी। चीन इस बार भी पदक तालिका में शीर्ष पर रहने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

    टेनिस स्पर्धा में फिलीपींस की 21 वर्षीय खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला भी एक बड़े नाम के रूप में चुनौती पेश करेंगी। हाल ही में वाशिंगटन ओपन जीतकर इतिहास रचने वाली ईला के शानदार प्रदर्शन से फिलीपींस में इस खेल के प्रति युवाओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। उनके भाग लेने से एशियन गेम्स के टेनिस मुकाबलों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    आयोजकों ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए अनोखी व्यवस्था की है। लगभग 4,000 से 5,000 खिलाड़ियों को एक क्रूज शिप में ठहराया जाएगा, जिसमें स्विमिंग पूल, रेस्तरां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा नागोया के गार्डन पियर क्षेत्र में विशेष रूप से तैयार किए गए लकड़ी के अस्थायी कंटेनर घरों में भी लगभग 2,000 खिलाड़ियों के रहने का प्रबंध किया गया है। तैराकी और घुड़सवारी जैसे कुछ विशेष मुकाबले टोक्यो में आयोजित किए जाएंगे।

    इस बार प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, स्विमिंग, फुटबॉल और कबड्डी के साथ-साथ मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, टेकबॉल और वर्चुअल ताइक्वांडो जैसे नए खेलों को शामिल किया गया है। साथ ही ई-स्पोर्ट्स की भी वापसी हो रही है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के खेल प्रेमी इन ऐतिहासिक खेलों में भारतीय दल और विशेषकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।

  • हरारे में फिर होगा वैभव का धमाका टीम इंडिया की नजर सीरीज पर जिम्बाब्वे के लिए करो या मरो का मुकाबला

    हरारे में फिर होगा वैभव का धमाका टीम इंडिया की नजर सीरीज पर जिम्बाब्वे के लिए करो या मरो का मुकाबला


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा जहां टीम इंडिया की नजरें जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने सात विकेट से जीत दर्ज की थी और अब उसके पास अजेय बढ़त हासिल करने का सुनहरा मौका है। दूसरी ओर मेजबान जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा क्योंकि हार के साथ सीरीज भी हाथ से निकल जाएगी। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को एक बार फिर रोमांच से भरपूर मुकाबले की उम्मीद है।

    पहले मैच के सबसे बड़े हीरो युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे जिन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया। महज 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का दमदार परिचय दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया था। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वैभव दूसरे मुकाबले में भी उसी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर कहर बरपा पाएंगे। अगर उनका बल्ला एक बार फिर चल पड़ा तो जिम्बाब्वे की मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।

    टीम इंडिया के लिए सिर्फ वैभव ही नहीं बल्कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी बेहद अहम खिलाड़ी होंगे। टी20 क्रिकेट में उनकी तेज शुरुआत किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती है। यदि अभिषेक और वैभव शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं तो भारत एक बार फिर बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है। मध्यक्रम में मौजूद बल्लेबाज भी अच्छी लय में दिखाई दे रहे हैं जिससे भारतीय बल्लेबाजी पहले से अधिक मजबूत नजर आ रही है।

    गेंदबाजी विभाग में तेज रफ्तार के लिए मशहूर मयंक यादव पर भी सभी की नजरें रहेंगी। पहले मुकाबले में उन्होंने अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था। दो महत्वपूर्ण विकेट लेने के साथ उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था। उनकी 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार विपक्षी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। अगर मयंक एक बार फिर नई गेंद से शुरुआती झटके दिलाते हैं तो भारत की जीत की राह और आसान हो जाएगी।

    भारतीय टीम पहले मुकाबले की तरह बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन दोहराना चाहेगी। कप्तान की कोशिश होगी कि टीम शुरुआती बढ़त का पूरा फायदा उठाए और सीरीज पर कब्जा जमाए। वहीं जिम्बाब्वे अपनी घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाकर वापसी करने की पूरी कोशिश करेगा। मेजबान टीम जानती है कि इस मुकाबले में हार का मतलब सीरीज गंवाना होगा इसलिए वह पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरेगी।

    हरारे में होने वाला यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर भी माना जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर पूरे क्रिकेट जगत की नजरें टिकी होंगी क्योंकि उन्होंने कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज का परिचय दिया है उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है। यदि वह दूसरी बार भी धमाकेदार पारी खेलते हैं तो यह सीरीज उनके करियर का एक और यादगार अध्याय बन सकती है।

  • हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा

    हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा


    नई दिल्ली ।  भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन और तैयारी को लेकर भरोसा जताया है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बावजूद वैभव ने कहा कि क्रिकेट में फॉर्म का ऊपर-नीचे होना सामान्य बात है और उनका पूरा ध्यान प्रक्रिया पर कायम रहने तथा टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।

    बीसीसीआई टीवी से बातचीत में वैभव ने कहा कि पिछले चार महीनों में उनके क्रिकेट करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन यही खेल की प्रकृति है। उन्होंने कहा कि वह अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं और कोचिंग स्टाफ से उन्हें लगातार सही मार्गदर्शन और अभ्यास का पूरा सहयोग मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।

    वैभव ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब को अपने करियर का बेहद खास मैदान बताया। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले इसी मैदान पर भारत ने अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था, जो उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। उसी मैदान पर फिर से भारत की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि हरारे की पिच और परिस्थितियों की उन्हें अच्छी समझ है, क्योंकि अंडर-19 विश्व कप के दौरान यहां कई मुकाबले खेल चुके हैं। उनका मानना है कि उस टूर्नामेंट से मिले अनुभव का फायदा अब इस टी20 सीरीज में मिलेगा और वह उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे।

    उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान जिस तरह की तैयारी की है, उसी पर भरोसा रखते हुए अपने स्वाभाविक खेल को जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देना है। वैभव ने उम्मीद जताई कि हरारे में उनका पिछला शानदार प्रदर्शन इस बार भी उन्हें बड़ी पारी खेलने का आत्मविश्वास देगा।

    गौरतलब है कि अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर हरारे में उनकी बल्लेबाजी पर टिकी होंगी।

  • अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें

    अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें


    नई दिल्ली ।
    आयरलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले से पहले बेलफास्ट में भारतीय क्रिकेट टीम का अभ्यास सत्र कुछ शुरुआती तकनीकी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में रहा। हालांकि इन चुनौतियों का खिलाड़ियों की तैयारियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। टीम प्रबंधन की त्वरित पहल के बाद अभ्यास सुविधाओं में आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद पूरा सत्र सामान्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान सबसे अधिक चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की रही, जिन्होंने अपने पहले सीनियर टीम नेट सेशन में बेहतरीन बल्लेबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    अभ्यास की शुरुआत में एक नेट पर गेंदबाज के पीछे साइटस्क्रीन उपलब्ध नहीं होने से बल्लेबाजों को गेंद को स्पष्ट रूप से देखने में परेशानी हुई। भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ ने इस समस्या को तुरंत आयोजकों के सामने रखा। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए और कुछ ही समय में अभ्यास की परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य हो गईं। इसके बाद खिलाड़ियों ने बिना किसी रुकावट के अपने निर्धारित अभ्यास कार्यक्रम को पूरा किया।

    व्यवस्था बहाल होने के बाद नेट्स में सबसे ज्यादा निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर रहीं। सीनियर भारतीय टीम के साथ अपने पहले अभ्यास सत्र में उन्होंने पूरी सहजता और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। लंबे नेट सेशन के दौरान उन्होंने सीधे ड्राइव, कवर ड्राइव, पुल और आक्रामक स्ट्रोक्स के जरिए अपनी तकनीकी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कम उम्र के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में संयम, संतुलन और परिस्थितियों के अनुरूप खेलने की समझ साफ दिखाई दी।

    आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव पहले ही भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके हैं। बेलफास्ट के अभ्यास सत्र में भी उन्होंने उसी लय को कायम रखते हुए टीम प्रबंधन, साथी खिलाड़ियों और मौजूद क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने के बावजूद उनके व्यवहार और बल्लेबाजी में किसी प्रकार का दबाव नजर नहीं आया, जिसने उनके मानसिक संतुलन को भी रेखांकित किया।

    अभ्यास के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी वैभव के साथ कुछ समय बिताया और उन्हें खेल के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। युवा खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार करने की टीम प्रबंधन की रणनीति के तहत यह संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर लगातार खिलाड़ियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांत रहने और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा बनाए रखने की सलाह देते रहे हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव युवा खिलाड़ियों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बेलफास्ट में भारतीय टीम का अभ्यास देखने स्थानीय भारतीय समुदाय भी बड़ी संख्या में पहुंचा। वैभव सूर्यवंशी को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ लिए। युवा बल्लेबाज की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत भी है कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलानी शुरू कर दी है।

    पहले टी20 मुकाबले से पहले आयोजित यह अभ्यास सत्र भारतीय टीम के लिए केवल तकनीकी तैयारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं का भी परिचायक बना। वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि बड़े मंच की चुनौतियां उनके आत्मविश्वास को प्रभावित नहीं कर रहीं। अब आगामी मुकाबलों में सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर रहेंगी कि वह नेट्स में दिखाई गई अपनी लय को मैच के दौरान कितनी प्रभावी बल्लेबाजी में बदल पाते हैं।

  • सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह नाम है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। अपनी असाधारण प्रतिभा और मैदान के हर कोने में शॉट लगाने की काबिलियत से चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाले वैभव अब इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। इस महीने के अंत में भारतीय क्रिकेट टीम को दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा करना है और इसके ठीक बाद टीम पांच मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना होगी। इस व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को आजमाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे आगे चल रहा है क्योंकि आईपीएल के हालिया सीजन में उनके बल्ले से जो रनों का तूफान निकला है, उसने क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है। अगर चयन समिति उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम इंडिया की जर्सी सौंप देती है, तो वह भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का करीब 37 साल पुराना एक महाकीर्तिमान ध्वस्त कर देंगे।

    सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में जब पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब ठीक 37 साल बाद 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इस चमत्कार को दोहराने के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में यह गौरव ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के नाम है। सुंदर ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 18 साल और 80 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी आगामी सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो वह वॉशिंगटन सुंदर के इस 9 साल पुराने रिकॉर्ड को भी बेहद आसानी से पीछे छोड़ देंगे।

    वैभव सूर्यवंशी की इस दावेदारी को उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा मजबूती मिली है। उन्होंने इस सीजन के 16 मुकाबलों में लगभग 48.50 की बेहतरीन औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन कूटे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 103 रन रहा है। इतना ही नहीं, अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ 72 छक्के भी जड़े हैं। उनके इसी गैरमामूली टैलेंट को देखते हुए उन्हें पहले ही इंडिया ए टीम में शामिल किया जा चुका है, जहां वह श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इंडिया ए की इस टीम में वह कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में खेलेंगे, जबकि सीनियर खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ भी मार्गदर्शन के लिए टीम में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की यह टाइमिंग और खेल की समझ उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाती है। उपकप्तान रियान पराग के चोटिल होने के बाद वैभव के लिए मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे और तेजी से खुल गए हैं और अब खेल प्रेमियों की नजरें चयनकर्ताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

  • आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का जलवा लगातार चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा ओपनर ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में शतक ठोककर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उनकी इस पारी के बाद पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने उनकी जमकर तारीफ की और उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सुपरस्टार बताया।

    मोहम्मद कैफ ने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव जिस तरह के गेंदबाजों के सामने बिना किसी डर के बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह उन्हें खास बनाता है। उन्होंने याद दिलाया कि वैभव ने एक ही ओवर में चार छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाज को पूरी तरह दबाव में ला दिया था और पिछले मुकाबले की हार का जवाब भी मैदान पर दिया।

    कैफ के मुताबिक वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर रवैया है। उन्होंने बताया कि वह नाम या बड़े गेंदबाजों को देखकर अपनी सोच नहीं बदलते, बल्कि हर गेंद को अटैक करने के इरादे से खेलते हैं। पैट कमिंस जैसे अनुभवी गेंदबाज के सामने भी उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर अपनी मंशा साफ कर दी।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने यह भी कहा कि वैभव की लगातार दो सीजन में शतक लगाने की क्षमता और तेज स्ट्राइक रेट इस बात का सबूत है कि उनकी मानसिकता बेहद मजबूत है। उनके अनुसार वैभव गेंद की लेंथ को जल्दी समझ लेते हैं और क्रीज पर उनका संतुलन उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग करता है।

    अंत में कैफ ने कहा कि अगर वैभव इसी तरह फिट रहते हैं और अपने खेल पर फोकस बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा खिलाड़ी मिल सकता है जो लंबे समय तक टीम की रीढ़ बन सकता है।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी सलाह, ब्रायन लारा मॉडल अपनाने की जरूरत: कार्लोस ब्रैथवेट..

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी सलाह, ब्रायन लारा मॉडल अपनाने की जरूरत: कार्लोस ब्रैथवेट..

    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कार्लोस ब्रैथवेट ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक अहम राय दी है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्दबाजी में नहीं उतारना चाहिए, बल्कि उन्हें सही तरीके से तैयार करके आगे बढ़ाना चाहिए ताकि उनका करियर लंबे समय तक सफल रह सके।

    ब्रैथवेट ने उदाहरण देते हुए ब्रायन लारा का नाम लिया और कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट ने लारा को बहुत सोच-समझकर तैयार किया था। उन्हें शुरुआत में सीधे अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं डाला गया, बल्कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ अभ्यास और सीखने का मौका दिया गया, जिससे उनका खेल और मजबूत हुआ।

    उन्होंने सुझाव दिया कि वैभव सूर्यवंशी को भी इसी तरह धीरे-धीरे तैयार किया जाना चाहिए। उन्हें भारतीय क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों जैसे विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ समय बिताने और सीखने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे खेल की बारीकियों को बेहतर समझ सकें।

    वैभव सूर्यवंशी ने हाल के समय में अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। कम उम्र में ही उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहचान बनाई है। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और निडर खेल शैली ने उन्हें चर्चा में ला दिया है।

    आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य का बड़ा खिलाड़ी माना जाने लगा है। कई मौकों पर उन्होंने कम गेंदों में तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है।

    हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतारना सही नहीं होगा। सही मार्गदर्शन और धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया उनके करियर को और मजबूत बना सकती है और वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।