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  • रक्षाबंधन पर भोपाल-रीवा यात्रियों को राहत, 25 से 31 अगस्त तक चलेंगी विशेष ट्रेनें और वंदे भारत में बढ़े कोच

    रक्षाबंधन पर भोपाल-रीवा यात्रियों को राहत, 25 से 31 अगस्त तक चलेंगी विशेष ट्रेनें और वंदे भारत में बढ़े कोच

    भोपाल:  रक्षाबंधन के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मध्य प्रदेश में रेलवे ने अतिरिक्त यात्री सुविधाओं की तैयारी की है। भोपाल और रीवा के बीच 25 से 31 अगस्त तक अलग-अलग तारीखों में विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही रीवा और रानी कमलापति के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में भी यात्रियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई गई है।

    रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, त्योहार के दौरान भोपाल-रीवा रेल मार्ग पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। गाड़ी संख्या 02155 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 25 अगस्त की रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी।

    इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 02156 के रूप में 26 अगस्त को शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रीवा से रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भोपाल पहुंचेगी। इससे त्योहार के दौरान दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

    इसके अलावा गाड़ी संख्या 02189 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 26 और 27 अगस्त को संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों तारीखों में रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी। इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 02190 के रूप में 27 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर रीवा से चलेगी और रात 9 बजे भोपाल पहुंचेगी।

    रक्षाबंधन के बाद 29 और 30 अगस्त को भी यात्रियों के लिए विशेष रेल सुविधा उपलब्ध रहेगी। गाड़ी संख्या 02154 रीवा से 29 अगस्त को शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भोपाल पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या 02180 भी 30 अगस्त को रीवा से भोपाल के लिए संचालित होगी।

    इसके बाद गाड़ी संख्या 02179 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 31 अगस्त की रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी। इन विशेष ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    विशेष ट्रेनों का मार्ग विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना से होकर रहेगा। इससे केवल भोपाल और रीवा के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि मार्ग में आने वाले कई शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी अतिरिक्त रेल सुविधा मिल सकेगी।

    इसके अलावा रीवा-रानी कमलापति-रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस में भी यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। 7 अगस्त से 24 अक्टूबर 2026 तक इस ट्रेन में 8 की जगह 16 कोच वाली रेक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    कोच की संख्या दोगुनी किए जाने से ट्रेन में उपलब्ध सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे त्योहारी सीजन में आरक्षित टिकट की मांग पूरी करने और यात्रियों को अतिरिक्त सीट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन के समय और ठहराव की जानकारी की पुष्टि करने की अपील की है। यात्रियों को स्टेशन, रेलवे की हेल्पलाइन 139 और रेल ऐप के माध्यम से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों और बढ़ी हुई क्षमता से भोपाल-रीवा मार्ग पर यात्रियों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।

  • उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप

    उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। यह घटना उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

    जानकारी के अनुसार घटना शाम लगभग 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित रफ्तार से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए। अचानक हुए हमले से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई। इसके बावजूद अचानक कांच टूटने की आवाजों से कई यात्री घबरा गए और कुछ देर के लिए कोचों में भय का माहौल बना रहा। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। ट्रेन को रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ी और यह अपने तय समय पर आगे रवाना हो गई।

    घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उप निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित कोचों की जांच की और यात्रियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक ट्रेन के आने से पहले ट्रैक के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ट्रेन पास आई, वे पथराव कर मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में इसे अचानक किया गया हमला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।

    इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ट्रैक के आसपास निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

  • रेलवे रचेगा गति का नया इतिहास, दिल्ली-मुंबई और कोलकाता रूट पर सुपरफास्ट सफर का सपना होगा साकार

    रेलवे रचेगा गति का नया इतिहास, दिल्ली-मुंबई और कोलकाता रूट पर सुपरफास्ट सफर का सपना होगा साकार


    नई दिल्ली । देश में रेल यात्रा को नई गति और आधुनिक पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी चल रही है। आने वाले वर्षों में यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए पहले की तुलना में काफी कम समय देना पड़ सकता है। रेलवे अब अपनी प्रीमियम ट्रेनों को अधिक तेज, आधुनिक और समय की दृष्टि से प्रभावी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी उद्देश्य के तहत ‘मिशन रफ्तार’ नामक महत्वाकांक्षी योजना पर काम किया जा रहा है, जिसका मकसद देश के प्रमुख रेल मार्गों पर ट्रेनों की गति बढ़ाकर यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदलना है।

    इस योजना के लागू होने के बाद देश के कई प्रमुख शहरों के बीच की दूरी समय के हिसाब से काफी कम महसूस होगी। लंबे समय से यात्रियों की यह मांग रही है कि रेल यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक बनाई जाए ताकि हवाई यात्रा और रेल यात्रा के बीच समय का अंतर कम हो सके। अब रेलवे इसी दिशा में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी करता दिखाई दे रहा है। योजना के अनुसार कई प्रीमियम ट्रेनों की रफ्तार को मौजूदा स्तर से और बढ़ाया जाएगा, जिससे यात्रियों को कई घंटों की बचत हो सकती है।

    रेलवे की रणनीति केवल ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे पूरी रेल संरचना को मजबूत करने का व्यापक लक्ष्य भी शामिल है। देश के व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़ कम करने और यातायात को सुचारु बनाने के लिए बड़े स्तर पर मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग प्रकार की ट्रेनों के संचालन को व्यवस्थित बनाना है ताकि हाई स्पीड सेवाओं को बिना रुकावट चलाया जा सके।

    रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी होती हैं तो देश में रेल परिवहन की तस्वीर काफी बदल सकती है। यात्रियों के लिए समय की बचत के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी इससे नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बड़े शहरों के बीच यात्रा अवधि कम होने का सीधा असर लोगों की जीवनशैली और कामकाजी ढांचे पर भी पड़ सकता है। कम समय में यात्रा पूरी होने से लोगों को बेहतर सुविधा और अधिक उत्पादक समय मिल सकेगा।

    वर्तमान समय में भारत तेज गति वाले बुनियादी ढांचे पर लगातार जोर दे रहा है और रेलवे भी इसी परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। आधुनिक तकनीक, बेहतर ट्रैक नेटवर्क और उन्नत ट्रेन सेवाओं के जरिए रेल यात्रा को भविष्य के अनुरूप बनाने की कोशिशें तेज हो चुकी हैं। यदि यह योजना पूरी तरह सफल होती है तो आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं बल्कि गति, सुविधा और आधुनिक विकास का प्रतीक बनकर उभर सकता है। यात्रियों के लिए यह बदलाव केवल समय बचाने वाला नहीं बल्कि यात्रा अनुभव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित हो सकता है।