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  • काम की तलाश में निकला था मजदूर जेब खाली थी और लगी थी तेज भूख अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचते ही सुरक्षा जांच में फंसा

    काम की तलाश में निकला था मजदूर जेब खाली थी और लगी थी तेज भूख अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचते ही सुरक्षा जांच में फंसा


    नई दिल्ली। वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास शनिवार को उस समय सुरक्षा व्यवस्था में हलचल मच गई जब अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र के पास एक युवक को चाकू के साथ देखा गया। सुरक्षाकर्मियों को युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ शुरू की गई। मामला संवेदनशील क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण पुलिस को सूचना दी गई और कुछ ही देर में कई सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गईं। हालांकि घंटों चली पूछताछ और पड़ताल के बाद जो तस्वीर सामने आई उसने पूरे मामले को एक अलग ही दिशा दे दी।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान शाहिद जमाल के रूप में हुई है जो चंदौली के मुगलसराय क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। वह मजदूरी करता है और शादी समारोह तथा अन्य आयोजनों में सब्जी और नॉनवेज काटने का काम भी करता है। शनिवार सुबह वह अपने घर से काम की तलाश में पैदल निकला था। काफी देर तक इधर उधर घूमने के बावजूद उसे कोई काम नहीं मिला। जेब में पैसे नहीं थे और कई घंटे बीतने के बाद उसे तेज भूख लगने लगी।

    काम नहीं मिलने और भूख से परेशान युवक ने स्थानीय लोगों से रास्ता पूछा और अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र तक पहुंच गया। उसे उम्मीद थी कि वहां जरूरतमंदों के लिए मिलने वाले निशुल्क भोजन से उसकी भूख मिट जाएगी। लेकिन अन्न क्षेत्र के पास सुरक्षाकर्मियों की नजर उसके पास मौजूद चाकू पर पड़ गई। मंदिर क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उसे रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद युवक को दशाश्वमेध थाने ले जाया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने युवक से विस्तार से पूछताछ की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। उसके घर और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई गई। उसके निवास क्षेत्र की पुलिस टीम ने परिजनों और गांव के प्रधान से भी पूछताछ की। इतना ही नहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईबी इंटेलिजेंस एलआईयू एटीएस और सीआरपीएफ की इंटेलिजेंस यूनिट ने भी युवक से पूछताछ की।

    जांच के दौरान युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। पुलिस ने सीसीटीएनएस और डीसीआरबी के रिकॉर्ड में उसका आपराधिक इतिहास तलाशा। इन सभी स्तरों पर जांच के बाद फिलहाल ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया जिससे युवक की गतिविधियों को किसी आपराधिक साजिश से जोड़ा जा सके। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं मिला है।

    पूछताछ में चाकू रखने की वजह भी सामने आई। युवक ने बताया कि वह मजदूरी के साथ सब्जी और नॉनवेज काटने का काम करता है और इसी काम के सिलसिले में वह चाकू अपने साथ रखता था। शनिवार को भी वह इसी उम्मीद से घर से निकला था कि कहीं काम मिल जाएगा और कुछ कमाई हो सकेगी। लेकिन कई घंटे तक काम नहीं मिलने के बाद उसकी प्राथमिकता रोजगार से बदलकर भोजन की तलाश तक पहुंच गई।

    इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता दिखाई दी तो दूसरी तरफ जांच के बाद युवक की मजबूरी की तस्वीर भी सामने आई। जिस युवक को चाकू के कारण संदिग्ध मानकर रोका गया था वह पूछताछ में एक ऐसा मजदूर निकला जो काम की तलाश में घर से निकला था और भूख लगने पर अन्न क्षेत्र तक पहुंचा था। फिलहाल पुलिस ने मामले में सतर्कता बरकरार रखी है और स्थानीय स्तर पर निगरानी जारी है।

  • संत वेश में प्रदर्शन पर घिरे पप्पू यादव, वाराणसी में तहरीर, राहुल, डिंपल समेत अन्य नेताओं पर FIR की मांग

    संत वेश में प्रदर्शन पर घिरे पप्पू यादव, वाराणसी में तहरीर, राहुल, डिंपल समेत अन्य नेताओं पर FIR की मांग

    वाराणसी। संसद परिसर में संत वेशभूषा पहनकर किए गए राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में शनिवार को काशी के संत समाज ने सांसद पप्पू यादव समेत प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली थाने में तहरीर सौंपी।

    पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास के नेतृत्व में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि संसद में संतों का वेश धारण कर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक प्रदर्शन किया गया, जिससे संत समाज की गरिमा और करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

    महंत बालक दास ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने के कई तरीके हैं, लेकिन संतों की वेशभूषा और धार्मिक परंपराओं का राजनीतिक मंच पर उपयोग करना अनुचित और निंदनीय है। उनके अनुसार, संत समाज सदैव राष्ट्र और समाज के हित में कार्य करता रहा है और संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर संत स्वरूप का राजनीतिक प्रदर्शन पूरे संत समाज की छवि को प्रभावित करता है।

    संत समाज की ओर से दी गई तहरीर में पप्पू यादव के साथ राहुल गांधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद तथा प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

    तहरीर सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और समर्थक भी मौजूद रहे। मामले पर डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि संत समाज के प्रतिनिधिमंडल से शिकायत प्राप्त हुई है और उसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।