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  • UP: वाराणसी को मिलेगी बड़ी सौगात…200 करोड़ से बनेगा प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल

    UP: वाराणसी को मिलेगी बड़ी सौगात…200 करोड़ से बनेगा प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल


    वाराणसी।
    वाराणसी (Varanasi) में प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल (International Cruise Terminal) बनाया जाएगा। आईडब्ल्यूएआई की ओर से निर्माण कराया जाएगा। नगर निगम सामनेघाट में 2 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगा। इस क्रूज टर्मिनल (Cruise Terminal) पर दुनिया भर से बड़े जहाजों और मालवाहकों का ठहराव होगा। पर्यटन के साथ जल परिवहन के जरिये हल्दिया तक की यात्रा होगी। रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण में 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    आईडब्ल्यूएआई के निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सामनेघाट में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल में एक समय में 10,000 यात्रियों की क्षमता होगी। इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम्स काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर, सुरक्षा जांच काउंटर, सीसीटीवी निगरानी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम होगा।

    यात्रियों के लिए पैसेंजर लाउंज, बैगेज ट्रॉली, इलेक्ट्रिक बग्गी, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट होंगे। इसके अलावा कैफेटेरिया और ड्यूटी-फ्री शॉपिंग के लिए व्यावसायिक जगह भी होगी। वाहन पार्किंग और प्रीपेड टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। टर्मिनल को दिव्यांग-अनुकूल बनाया जाएगा। अभी मुख्यालय में डीपीआर तैयार की जा रही है।


    कोच्चि से 3.6 गुना बड़ा होगा क्रूज टर्मिनल

    कोच्चि के सागरिका में 2,253 वर्गमीटर क्रूज टर्मिनल बनाया गया है। कोच्चि टर्मिनल में 48 इमिग्रेशन काउंटर, 10-12 कस्टम काउंटर, बैगेज स्कैनर, लाउंज, ड्यूटी-फ्री शॉप और पार्किंग जैसी सुविधाएं हैं। इसके मुकाबले वाराणसी में सामनेघाट पर दो एकड़ यानी 8,094 वर्गमीटर में टर्मिनल का निर्माण होगा। ऐसे में वाराणसी का प्रस्तावित टर्मिनल क्षेत्रफल के लिहाज से कोच्चि से करीब 3.6 गुना बड़ा होगा।


    रोजगार और व्यापार के बढ़ेंगे अवसर

    टर्मिनल के निर्माण के बाद वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की योजनाओं के एक बेड़े में एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी। टर्मिनल बन जाने से देश विदेश से व्यापार बढ़ जाएगा। अभी तक जो व्यापार पानी के रास्ते नहीं हो पा रहा था वो आने वाले समय में संभव होगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

  • वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    नई दिल्ली । वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान अचानक गोली चलने से अफरा तफरी मच गई। घटना में एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से जुड़े दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोली चलने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, एक यात्री अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। यात्री के पास बंदूक थी और उसने विमान यात्रा के दौरान हथियार ले जाने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी।

    बताया गया है कि हथियार की जांच के दौरान अचानक बंदूक से एक राउंड फायर हो गया। गोली चलने के बाद एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना में सुरक्षा जांच का काम कर रहे दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए।

    घटना के तुरंत बाद दोनों घायल कर्मचारियों को न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। घायलों की स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर आगे जानकारी दी जा सकती है।

    जिस यात्री के हथियार से गोली चली, वह मुंबई जाने वाली IX-1810 फ्लाइट से यात्रा करने वाला था। वह अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचा था। हथियार साथ होने की जानकारी पहले से दिए जाने के बावजूद जांच के दौरान अचानक फायरिंग हो गई। इस कारण अब सुरक्षा प्रक्रिया और घटना की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके से जुड़े घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बंदूक से गोली किस परिस्थिति में चली और हथियार की जांच के समय सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं का किस तरह पालन किया जा रहा था।

    पुलिस और संबंधित अधिकारी यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि फायरिंग के समय हथियार की स्थिति क्या थी और जांच के दौरान किन परिस्थितियों में अचानक एक राउंड फायर हुआ। मामले में उपलब्ध जानकारी और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील परिसर में हथियार की जांच के दौरान गोली चलने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान घायलों के उपचार और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने पर है।

    पुलिस की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग किस वजह से हुई और इस दौरान सुरक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई थी या नहीं। फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है और आगे की जानकारी जांच के आधार पर सामने आने की संभावना है।

  • महेश बाबू के 51वें जन्मदिन पर ‘वाराणसी’ से उनके किरदार रुद्र का नया लुक सामने आया है।

    महेश बाबू के 51वें जन्मदिन पर ‘वाराणसी’ से उनके किरदार रुद्र का नया लुक सामने आया है।

    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू ने अपने 51वें जन्मदिन के मौके पर फैंस को खास तोहफा दिया है। 9 अगस्त को जन्मदिन मना रहे अभिनेता ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ से अपने किरदार रुद्र का नया लुक साझा किया। फिल्म को लेकर लंबे समय से दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है और महेश बाबू की नई तस्वीरों ने इस उत्साह को और बढ़ा दिया है।

    जन्मदिन के अवसर पर जारी की गई तस्वीरों में महेश बाबू का अंदाज पहले से काफी अलग नजर आ रहा है। अभिनेता गंभीर और रहस्यमयी लुक में दिखाई दे रहे हैं। उनका स्टाइल और व्यक्तित्व फिल्म के बड़े स्तर की ओर संकेत करता है। तस्वीरों में वह अफ्रीका की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच नजर आते हैं, जहां फिल्म की शूटिंग भी की गई है।

    ‘वाराणसी’ की शूटिंग अफ्रीका की चर्चित लोकेशन्स किलिमंजारो और मसाई मारा में हुई है। सामने आई तस्वीरों में महेश बाबू कभी विशाल प्राकृतिक दृश्यों को निहारते दिखाई देते हैं तो कभी शांत अंदाज में नजर आते हैं। बैकग्राउंड में मौजूद वन्यजीवन और प्राकृतिक दृश्य फिल्म की भव्य दुनिया को और आकर्षक बनाते हैं।

    फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली कर रहे हैं। ऐसे में महेश बाबू और राजामौली की पहली साझेदारी को लेकर दर्शकों में खास दिलचस्पी है। सामने आए लुक से यह संकेत मिलता है कि रुद्र के किरदार को बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। हालांकि फिल्म की कहानी से जुड़ी अधिकांश जानकारी अभी गोपनीय रखी गई है।

    कहानी को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार फिल्म की घटनाएं वर्ष 2027 की पृष्ठभूमि में दिखाई जा सकती हैं। कथानक में ‘शाम्भवी’ नाम के एक एस्टेरॉयड का जिक्र है, जो वाराणसी की ओर बढ़ रहा होता है। इसके कारण पूरी दुनिया के सामने एक बड़ा खतरा पैदा होने की स्थिति बनती है। हालांकि फिल्म की आधिकारिक कहानी को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

    महेश बाबू फिल्म में एक आर्कियोलॉजिस्ट की भूमिका निभा रहे हैं। उनके किरदार का नाम रुद्र बताया गया है। कहानी में उनका सामना एक ऐसे घटनाक्रम से होता है, जिसका संबंध इतिहास, रोमांच और वैश्विक खतरे से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से फिल्म को सामान्य एक्शन कहानी से अलग पैमाने पर तैयार किए जाने की चर्चा है।

    फिल्म में प्रियंका चोपड़ा भी महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगी। वह मंदाकिनी नाम की महिला किरदार निभा रही हैं, जिसे एक हिस्टोरियन और कुशल शूटर के रूप में पेश किए जाने की जानकारी है। महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा की जोड़ी भी फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।

    वहीं पृथ्वीराज सुकुमारन फिल्म में नकारात्मक भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार को लेकर भी अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में महेश बाबू के रुद्र, प्रियंका चोपड़ा के मंदाकिनी और पृथ्वीराज सुकुमारन के किरदार के बीच कहानी किस तरह आगे बढ़ेगी, इसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

    फिल्म के विशाल स्तर, अंतरराष्ट्रीय लोकेशन्स और बड़े कलाकारों की मौजूदगी के कारण ‘वाराणसी’ पर खास नजर है। जन्मदिन के मौके पर जारी महेश बाबू का नया लुक फिल्म की चर्चा को और तेज कर रहा है। हालांकि कहानी के कई अहम पहलुओं पर अभी पर्दा पड़ा हुआ है, लेकिन रुद्र का नया अंदाज फिल्म की दुनिया और किरदार की गंभीरता की झलक जरूर देता है।

  • गुरु पूर्णिमा पर काशी में मुस्लिमों ने उतारी संत की आरती, वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के स्वागत में बिछे फूल

    गुरु पूर्णिमा पर काशी में मुस्लिमों ने उतारी संत की आरती, वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के स्वागत में बिछे फूल

    अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मथुरा, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और गोरखपुर समेत कई शहरों में हजारों श्रद्धालुओं ने अपने गुरुओं का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शिष्यों ने उनके स्वागत में करीब 50 मीटर लंबे मार्ग पर फूल बिछाए और दंडवत प्रणाम कर गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

    गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर महायोगी गुरु गोरखनाथ की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    अयोध्या में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 100 से अधिक मंदिरों को आकर्षक फूलों से सजाया गया। सुबह से ही सरयू घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अनुमान है कि दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।

    वाराणसी में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जगद्गुरु बाबा बालक दास की आरती उतारकर उनका आशीर्वाद लिया। वहीं, गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया।

    प्रयागराज में सनातनी किन्नर अखाड़े की ओर से गुरु वंदना यात्रा निकाली गई। आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि रथ पर सवार रहीं, जबकि किन्नर समुदाय के सदस्य भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए यात्रा में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ से करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर पहुंचीं सोनिया अपने परिवार और लड्डू गोपाल की प्रतिमा के साथ संगम में स्नान करने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि लड्डू गोपाल के घर आने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
    प्रयागराज में सनातनी किन्नर अखाड़े की ओर से गुरु वंदना यात्रा निकाली गई। आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि रथ पर सवार रहीं, जबकि किन्नर समुदाय के सदस्य भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए यात्रा में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ से करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर पहुंचीं सोनिया अपने परिवार और लड्डू गोपाल की प्रतिमा के साथ संगम में स्नान करने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि लड्डू गोपाल के घर आने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।

    गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन महाराज के दर्शन और पूजन के लिए 10 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के बीच भक्तों ने गुरु का आशीर्वाद लिया और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को आत्मसात किया।

    वात्सल्य ग्राम आश्रम में पद्म भूषण साध्वी ऋतम्भरा के शिष्यों ने श्रद्धापूर्वक उनका पूजन किया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक जीवन, सेवा और संस्कारों का संदेश दिया। उधर, काशी विश्वनाथ मंदिर में मध्य आरती के दौरान बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार कर उन्हें राम नाम की माला अर्पित की गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

  • वाराणसी की आध्यात्मिक यात्रा ने छुआ निवेथा पेथुराज का मन, काशी विश्वनाथ और मां गंगा पर लिखी भावुक बात

    वाराणसी की आध्यात्मिक यात्रा ने छुआ निवेथा पेथुराज का मन, काशी विश्वनाथ और मां गंगा पर लिखी भावुक बात

    नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री निवेथा पेथुराज एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने वाराणसी स्थित काशी की यात्रा की कुछ झलकियां साझा करते हुए अपने अनुभवों को भावनात्मक शब्दों में व्यक्त किया है। अभिनेत्री ने बताया कि कुछ स्थान केवल घूमने के लिए नहीं होते, बल्कि वे इंसान को अपने भीतर झांकने और ईश्वर से जुड़ने का अवसर देते हैं। उनकी इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है और प्रशंसक उनकी आस्था तथा विचारों की सराहना कर रहे हैं।

    निवेथा पेथुराज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर काशी यात्रा का एक वीडियो साझा किया, जिसमें घाटों, मंदिरों और आध्यात्मिक वातावरण की झलक दिखाई गई। इसके साथ उन्होंने लिखा कि जब भी वह मणिकर्णिका घाट पर बैठकर मां गंगा के प्रवाह को देखती हैं, तो उन्हें उत्तरों से अधिक नए प्रश्न मिलते हैं। उनके अनुसार, मां गंगा सदियों के इतिहास की साक्षी रही हैं, लेकिन इसके बावजूद बिना किसी रुकावट और शिकायत के निरंतर बहती रहती हैं। यही निरंतरता और धैर्य जीवन के लिए सबसे बड़ी सीख प्रतीत होती है।

    अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि वह अक्सर सोचती हैं कि क्या मां गंगा हर व्यक्ति को यही संदेश देने का प्रयास करती हैं कि जीवन में परिस्थितियों से उलझने के बजाय निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने इस अनुभव को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मचिंतन से जुड़ा एक गहरा एहसास बताया। उनके शब्दों में काशी का वातावरण व्यक्ति को स्वयं से संवाद करने का अवसर देता है और यही इस शहर की सबसे बड़ी विशेषता है।

    निवेथा ने अपनी यात्रा के दौरान मिले धार्मिक अनुभवों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने का सौभाग्य मिला। इसके अलावा उन्होंने महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित रुद्री पाठ पूजा में भाग लिया और पवित्र निशिता काल पूजा के दौरान काल भैरव के दर्शन भी किए। उन्होंने इन धार्मिक अनुष्ठानों को अपने जीवन के सबसे यादगार और आध्यात्मिक अनुभवों में शामिल बताया।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्हें कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे भगवान काल भैरव स्वयं उन्हें दोबारा काशी आने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके अनुसार, हर बार कोई न कोई ऐसा संयोग बन जाता है, जो उन्हें फिर से इस पवित्र नगरी तक पहुंचा देता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर काशी उन्हें बार-बार अपनी ओर क्यों आकर्षित करती है, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि शायद हर आस्था का उत्तर तर्क से नहीं, बल्कि अनुभूति से मिलता है।

    अपनी पोस्ट के अंतिम हिस्से में निवेथा पेथुराज ने लिखा कि कुछ स्थान केवल यात्रा की मंजिल नहीं होते, बल्कि वे ईश्वर के साथ होने वाली ऐसी मौन बातचीत होते हैं, जिसका प्रभाव वहां से लौटने के बाद भी लंबे समय तक मन में बना रहता है। उनके इस भावनात्मक संदेश को प्रशंसकों ने काफी पसंद किया है। बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए काशी की आध्यात्मिक महिमा और अभिनेत्री की आस्था की सराहना की। निवेथा की यह यात्रा एक बार फिर यह दर्शाती है कि व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच भी आध्यात्मिक अनुभव व्यक्ति को आत्मिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं।

  • कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पुरुषों की शिकायत पर कार्रवाई, दो युवतियां न्यायिक हिरासत में भेजी गईं

    कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पुरुषों की शिकायत पर कार्रवाई, दो युवतियां न्यायिक हिरासत में भेजी गईं


    नई दिल्ली । 
    उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई से जुड़ा एक अलग तरह का मामला सामने आया है। आमतौर पर महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ या उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई करने वाली एंटी रोमियो टीम ने इस बार दो युवतियों को पुरुषों से कथित छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणियां और अश्लील इशारे करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    यह घटना वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब पांच बजे चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे दो युवतियों के राह चलते पुरुषों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दोनों राहगीरों की ओर अश्लील टिप्पणियां कर रही थीं और आपत्तिजनक इशारे कर रही थीं। सूचना मिलते ही एंटी रोमियो स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर दोनों युवतियों ने अपना चेहरा ढका हुआ था। प्रारंभिक पूछताछ और मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी लेने के बाद उन्हें थाने लाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर कथित अश्लील हरकतों और अभद्र व्यवहार से जुड़े आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गिरफ्तार की गई दोनों महिलाएं बिहार की रहने वाली हैं। हालांकि उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एंटी रोमियो स्क्वॉड का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, अभद्रता या उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना है। कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है और शिकायत मिलने पर आरोपी के महिला या पुरुष होने के आधार पर कार्रवाई में कोई भेदभाव नहीं किया जाता। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित व्यवहार या किसी व्यक्ति को असहज करने वाली गतिविधियों के मामलों में निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

    वाराणसी की यह घटना इसलिए चर्चा में है क्योंकि एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई इस बार महिलाओं के खिलाफ हुई है। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। प्रशासन ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादित व्यवहार बनाए रखने और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है, ताकि सभी नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।

  • गांवों के विकास से मजबूत होगा विकसित भारत का सपना, केशव मौर्य ने पंचायतों को बनाया भविष्य की प्रगति का आधार

    गांवों के विकास से मजबूत होगा विकसित भारत का सपना, केशव मौर्य ने पंचायतों को बनाया भविष्य की प्रगति का आधार

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि गांवों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है और मजबूत एवं विकसित पंचायतों के बिना विकसित भारत की कल्पना पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत, उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के विकास का है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

    वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पंच सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को देश की प्रगति का आधार बताया। यह सम्मेलन ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारियों को गांवों को आत्मनिर्भर और सुविधाओं से संपन्न बनाने की दिशा में काम करने का संदेश दिया गया।

    केशव मौर्य ने कहा कि सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि विकसित पंचायतों की अवधारणा के तहत योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को गति मिल सके।

    उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन व्यवस्था, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों से बड़ी संख्या में लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने का अवसर मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, नक्सलवाद पर नियंत्रण और अन्य बड़े फैसलों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा और सुशासन भी किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए जरूरी है।

    सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने भी ग्रामीण विकास को देश के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि भारत की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विकसित पंचायतों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    कमलेश पासवान ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय देश के प्रमुख मंत्रालयों में शामिल है और आने वाले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और सरस मेलों जैसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

    कार्यक्रम के दौरान काशी के विकास का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वाराणसी में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, बेहतर सड़क सुविधाओं और हवाई संपर्क में सुधार के कारण यहां पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ-साथ गांवों का विकास भी समान गति से होना जरूरी है, तभी प्रदेश और देश समग्र विकास के लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे।

  • 'वाराणसी' से महेश बाबू का कथित राम अवतार लुक वायरल, सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर की 'रामायण' से शुरू हुई तुलना

    'वाराणसी' से महेश बाबू का कथित राम अवतार लुक वायरल, सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर की 'रामायण' से शुरू हुई तुलना


    मुंबई।
    निर्देशक एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह फिल्म की कहानी या आधिकारिक घोषणा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कथित तस्वीर है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर फिल्म के सेट से लीक हुई है, जिसमें अभिनेता महेश बाबू भगवान राम के स्वरूप से मिलते-जुलते परिधान में नजर आ रहे हैं। हालांकि फिल्म निर्माताओं या कलाकारों की ओर से इस तस्वीर की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    वायरल तस्वीर में महेश बाबू पीले और भगवा रंग के वस्त्र पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके परिधान और लुक को देखकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे भगवान राम के वनवास काल से प्रेरित बताया है। हालांकि इंटरनेट पर तस्वीर को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह फिल्म के सेट से लीक हुई वास्तविक तस्वीर है, जबकि कई यूजर्स इसे फैन-आर्ट या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई इमेज भी बता रहे हैं। आधिकारिक पुष्टि के अभाव में तस्वीर की प्रामाणिकता स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर महेश बाबू के इस कथित लुक की तुलना अभिनेता रणबीर कपूर के आगामी प्रोजेक्ट ‘रामायण’ में उनके भगवान राम वाले किरदार से की जाने लगी। कई प्रशंसकों ने दोनों कलाकारों के संभावित स्क्रीन लुक पर अपनी राय साझा की, जबकि कुछ ने राजामौली की भव्य फिल्म निर्माण शैली की भी चर्चा की। सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    एसएस राजामौली की यह फिल्म पहले से ही अपने बड़े पैमाने और स्टारकास्ट के कारण चर्चा में है। फिल्म में महेश बाबू मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। इसके अलावा अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि निर्माताओं ने अभी तक किसी भी भूमिका का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।

    फिल्म से जुड़ी अधिकांश जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है। राजामौली की फिल्मों की तरह इस प्रोजेक्ट को लेकर भी निर्माताओं ने कहानी और पात्रों से जुड़े विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली हर तस्वीर और दावे को लेकर उत्सुकता बढ़ जाती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी वायरल सामग्री की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    बताया जा रहा है कि फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल इसकी शूटिंग विभिन्न स्थानों पर जारी है। दर्शकों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही काफी उत्साह है और अब कथित लीक तस्वीर ने चर्चा को और तेज कर दिया है। फिल्म से जुड़े आधिकारिक पोस्टर, टीजर या कलाकारों के लुक सामने आने तक वायरल तस्वीरों को केवल अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।

  • 8 जुलाई को काशी से शिक्षकों को बड़ी सौगात देंगे मुख्यमंत्री योगी, 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा' योजना का होगा शुभारंभ, लाखों परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच

    8 जुलाई को काशी से शिक्षकों को बड़ी सौगात देंगे मुख्यमंत्री योगी, 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा' योजना का होगा शुभारंभ, लाखों परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को वाराणसी दौरे के दौरान ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा’ योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस योजना के माध्यम से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और गंभीर बीमारियों के उपचार में आने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।

    यह योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर संचालित की जाएगी। इसके तहत पात्र लाभार्थी देशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के उपचार प्राप्त कर सकेंगे। योजना के अंतर्गत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं और उपचार संबंधी लाभ आयुष्मान भारत योजना के अनुरूप होंगे, जिससे शिक्षकों और उनके परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध हो सकेगी।

    योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए विशेष डेटा संग्रह पोर्टल विकसित किया गया है, जहां शिक्षक अपना विवरण दर्ज कर रहे हैं। डिजिटल प्रणाली अपनाने का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक विलंब के योजना का लाभ मिल सके।

    बेसिक शिक्षा विभाग के लिए तैयार किए गए पोर्टल पर अब तक लाखों लाभार्थी अपना विवरण दर्ज करा चुके हैं। आवेदन के बाद संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जानकारी का सत्यापन किया जाएगा, जबकि अंतिम स्वीकृति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर पर दी जाएगी। अनुमोदन के पश्चात लाभार्थियों का विवरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली से एकीकृत किया जाएगा, जिसके बाद आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी कर डिजिटल कार्ड डाउनलोड किया जा सकेगा।

    माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए भी ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस श्रेणी के शिक्षकों के आवेदन का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे और अंतिम अनुमोदन जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रदान किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की प्रणाली से जोड़ा जाएगा। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शिक्षक डिजिटल कार्ड प्राप्त कर योजना के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

    राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से शिक्षकों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच अधिक आसान और प्रभावी बनेगी। डिजिटल व्यवस्था के कारण आवेदन से लेकर लाभ प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक होगी।

    सरकार इस योजना का दायरा आगे और बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है। आगामी चरण में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को भी योजना से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अलग ऑनलाइन डेटा संग्रह पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारी भी इस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। इस विस्तार के बाद राज्य में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में कार्मिकों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

  • वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश

    वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश


    वाराणसी । वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजाबाद बंधा रोड पर उस समय सनसनी फैल गई जब एक बंद मकान में अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया घटना उस वक्त हुई जब घर के मालिक अपने पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे और इसी दौरान चोरों ने सूने घर को निशाना बना लिया

    जानकारी के अनुसार सुजाबाद निवासी अभिलाष सहानी पुत्र राजेंद्र प्रसाद अपने परिवार के साथ शुक्रवार की शाम चौबेपुर थाना क्षेत्र के मल्लापुर गांव में अपनी बुआ के घर आयोजित बहन की शादी में शामिल होने गए थे परिवार के सभी सदस्य खुशी-खुशी समारोह में व्यस्त थे और घर पूरी तरह से खाली पड़ा था इसी सुनसान मौके का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया

    बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह जब पूरा परिवार शादी समारोह से वापस अपने घर लौटा तो जैसे ही मुख्य दरवाजा खोला गया अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए घर का सामान बिखरा हुआ था और अलमारियों व कमरों में रखा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था शुरुआती जांच में सामने आया कि चोरों ने दरवाजे का ताला तोड़ने के बजाय उसके कब्जे उखाड़कर घर के अंदर प्रवेश किया जिससे उनकी सटीक योजना और सूझबूझ का अंदाजा लगाया जा रहा है

    घर के अंदर पहुंचने पर पता चला कि चोरों ने सोने और चांदी के आभूषणों के साथ-साथ हजारों रुपये की नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया है जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए

    सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आया और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा सुजाबाद चौकी प्रभारी प्रशांत पांडेय सहित फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र करने का प्रयास किया

    पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर घटना को संदिग्ध मानते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही इस चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके