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  • रिटायर्ड IAS की हत्या के 26 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही SIT

    रिटायर्ड IAS की हत्या के 26 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही SIT


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की जांच में उसके पुराने पारिवारिक विवादों और आक्रामक व्यवहार से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक वरुण अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज था और इस वजह से उन पर हमला भी कर चुका था। इसके अलावा पंजाब में रहने वाली अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया है। हालांकि पुलिस के अनुसार इन पुराने विवादों का राकेश अग्रवाल की हत्या से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी की तलाश और हत्या से जुड़े सबूतों की पड़ताल पर है।

    राकेश अग्रवाल की हत्या 30 सितंबर को भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई थी। वारदात के बाद से केयरटेकर वरुण कुमार फरार है। मामले में गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी अब नए सिरे से जांच कर रही है। पुलिस अलग-अलग शहरों में आरोपी के संपर्कों और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान सामने आया है कि वरुण ग्वालियर आगरा दिल्ली और भोपाल जैसे शहरों में केयरटेकर के तौर पर काम कर चुका है। वह करीब छह साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था। उसके परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ के दौरान पुराने विवादों और उसके व्यवहार से संबंधित जानकारियां मिली हैं।

    इस हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग मृतक का मोबाइल फोन भी है। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ ले गया था। क्राइम ब्रांच ने बाद में फोन बरामद कर लिया। जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार आरोपी ने करीब दो दिन तक इस मोबाइल का इस्तेमाल किया था। अब पुलिस फोन की सर्च हिस्ट्री कॉल रिकॉर्ड मैसेज और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से वारदात के बाद आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

    पुलिस ने वरुण की तलाश में कई जगहों पर जांच की है। उसकी आखिरी लोकेशन आगरा-वृंदावन रोड पर ट्रेस किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद से उसका कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस पंजाब में रहने वाली उसकी बहन आगरा में उसके दोस्तों और ग्वालियर में रहने वाले पिता से भी पूछताछ कर चुकी है। अलग-अलग शहरों में उसके पुराने संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि फरारी के दौरान उसे मदद मिलने की संभावनाओं की जांच की जा सके।

    एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों का दोबारा विश्लेषण कर रही है। वारदात के बाद आरोपी के भागने के रास्ते और उसकी गतिविधियों को समझने के लिए उपलब्ध फुटेज की जांच की जा रही है। पहले सामने आई जानकारी के अनुसार हत्या के बाद वरुण घर से निकलकर करीब दो किलोमीटर तक गया था और फिर ट्रेन से फरार होने की आशंका जताई गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को अन्य तथ्यों से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    इस मामले में पुराने आर्थिक विवाद का पहलू भी जांच के दायरे में बताया गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को लेकर शिकायत की थी। पुलिस जांच में इस पहलू की क्या भूमिका है यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल वरुण की गिरफ्तारी इस मामले की जांच के लिए अहम बनी हुई है। पुलिस के सामने चुनौती यह है कि फरार आरोपी का पता लगाकर हत्या के पीछे की परिस्थितियों और घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट किया जाए।

  • राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे

    राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस की जांच में वरुण की ताजा लोकेशन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मिली है। यह जगह भोपाल से करीब 612 किलोमीटर दूर है। इससे पहले उसकी लोकेशन आगरा और आगरा से वृंदावन जाने वाले रास्ते पर ट्रेस हुई थी। पुलिस अब CCTV फुटेज और तकनीकी लोकेशन के आधार पर उसके पूरे रूट को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

    जांच में सामने आए नए CCTV फुटेज में वरुण बाइक से स्टेशन के आसपास जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक स्टेशन तक पहुंचने के लिए उसने दो अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया था। इससे पहले सामने आए फुटेज में वह पैदल जाता हुआ भी दिखाई दिया था। पुलिस को शक है कि वारदात के बाद वरुण लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके।

    पुलिस के अनुसार पिछले 24 घंटे में वरुण की गतिविधियां आगरा वृंदावन रोड और आसपास के इलाकों में सामने आई हैं। टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल गया। वह किसी एक स्थान पर ज्यादा देर नहीं रुक रहा है और यात्री वाहनों का इस्तेमाल कर लगातार जगह बदल रहा है। यही वजह है कि उसकी सटीक लोकेशन तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

    वरुण की तलाश के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की 12 टीमें लगाई गई हैं। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस उसके पुराने संपर्कों और संभावित मददगारों की जानकारी भी जुटा रही है। इसी सिलसिले में भोपाल पुलिस की एक टीम पटियाला पहुंची थी। वहां वरुण की बहन से पूछताछ कर उसके संपर्क और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक परिवार से भी लंबे समय से उसका संपर्क नहीं था।

    जांच में एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ लेकर गया था। आगरा पहुंचने के बाद उसने यह मोबाइल एक परिचित को दे दिया था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल की गतिविधियों और वरुण से जुड़ी तकनीकी जानकारी खंगाली। इसी आधार पर उसकी गतिविधियों का ट्रेल आगरा और मथुरा क्षेत्र तक पहुंचा।

    राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि हत्या धारदार सर्जिकल ब्लेड से की गई। वारदात के बाद से ही उनका केयरटेकर वरुण फरार है। अब पुलिस CCTV फुटेज तकनीकी लोकेशन और उसके संपर्कों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि वृंदावन से आगे वह किस दिशा में गया है। पुलिस का फोकस उसे जल्द पकड़ने के साथ हत्या के पीछे की पूरी वजह सामने लाने पर भी है।

  • IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस

    IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस


    भोपाल। भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। वारदात के बाद फरार चल रहे उनके केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश में पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाते हुए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। आरोपी घटना के बाद से पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसे गिरफ्तार करने के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की करीब 12 टीमें लगातार काम कर रही हैं। जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे आरोपी के भागने और संभावित ठिकानों से जुड़े नए सुराग सामने आ रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार वरुण कुमार की तलाश मध्यप्रदेश के अलावा पंजाब हरियाणा उत्तरप्रदेश और दिल्ली में की जा रही है। पुलिस की अलग अलग टीमें उसके रिश्तेदारों परिचितों और संभावित संपर्कों से जुड़े ठिकानों पर पहुंचकर जानकारी जुटा रही हैं। कुछ स्थानों पर परिजनों से पूछताछ भी की जा चुकी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के संपर्क का सहारा ले सकता है।

    आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अब तकनीकी जांच को भी तेज कर दिया है। उसकी मोबाइल गतिविधियों और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद उसने किन लोगों से संपर्क किया और किन स्थानों पर उसकी मौजूदगी रही। इसके साथ ही घटना के बाद उसके आने जाने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर आरोपी की गतिविधियों की पूरी कड़ी तैयार की जा सकेगी।

    जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि वारदात के बाद वरुण भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसके बाद उसके ट्रेन से दिल्ली की ओर जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस की टीमें दिल्ली और आसपास के इलाकों के साथ दूसरे राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं। पुलिस उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोपाल से निकलने के बाद उसे किसने मदद दी या किन लोगों के संपर्क में वह रहा।

    राकेश अग्रवाल की हत्या ने भोपाल में सनसनी फैला दी थी। बुधवार सुबह सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव कमरे के अंदर जमीन पर मिला था। शुरुआती जांच में उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले थे। घर के अंदर अलमारी के लॉक टूटे हुए पाए गए थे जिससे पुलिस ने लूट की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा। इसके अलावा किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला था। इससे पूरे घर में गैस भर गई थी और पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आग लगाने की साजिश भी की गई हो सकती है।

    अब पुलिस इस पूरे मामले में हत्या के पीछे की वजह और आरोपी की भूमिका को लेकर अलग अलग पहलुओं की जांच कर रही है। फरार केयरटेकर पर इनाम घोषित होने के बाद उसकी तलाश और तेज होने की उम्मीद है। पांच राज्यों में फैली पुलिस टीमों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ भी आरोपी के मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुराग तलाश रहे हैं। पुलिस का फोकस अब वरुण को जल्द गिरफ्तार करने के साथ वारदात की पूरी कड़ी सामने लाने पर है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और घटना को अंजाम देने के बाद फरार होने में उसे किस स्तर पर मदद मिली।