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  • घर में बढ़ रही हैं परेशानियां तो बुधवार को करें ये वास्तु उपाय, बुध देव की कृपा से खुल सकते हैं सुख-समृद्धि के रास्ते

    घर में बढ़ रही हैं परेशानियां तो बुधवार को करें ये वास्तु उपाय, बुध देव की कृपा से खुल सकते हैं सुख-समृद्धि के रास्ते


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व बताया गया है और बुधवार को विशेष रूप से बुध ग्रह तथा भगवान गणेश से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ सरल वास्तु उपाय घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक हो सकते हैं। अगर घर में लगातार तनाव बना रहता है कामों में रुकावट आती है आर्थिक परेशानियां पीछा नहीं छोड़ रही हैं या परिवार के सदस्यों के बीच बिना किसी बड़े कारण के मतभेद बढ़ रहे हैं तो बुधवार के दिन कुछ बातों पर ध्यान देना लाभकारी माना जाता है। वास्तु के अनुसार घर का वातावरण केवल दीवारों और सामान से नहीं बल्कि वहां मौजूद ऊर्जा से भी प्रभावित होता है इसलिए समय समय पर घर की साफ सफाई और सकारात्मकता पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है।

    बुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले घर की अच्छी तरह साफ सफाई करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से घर के मुख्य द्वार के आसपास गंदगी जमा नहीं रहने देनी चाहिए क्योंकि वास्तु मान्यताओं में मुख्य द्वार को सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का स्थान माना गया है। इस दिन मुख्य द्वार को साफ करके सुंदर और व्यवस्थित रखना अच्छा माना जाता है। घर में टूटी फूटी या लंबे समय से बेकार पड़ी चीजों को हटाना भी जरूरी है क्योंकि ऐसी वस्तुएं घर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं। बुधवार को घर के उत्तर दिशा वाले हिस्से पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है क्योंकि वास्तु में उत्तर दिशा का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। इस स्थान को साफ सुथरा और व्यवस्थित रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ने की मान्यता है।

    बुधवार के दिन हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन घर में हरे पौधे लगाना या पहले से लगे पौधों की देखभाल करना शुभ माना जाता है। हरे पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि वातावरण को भी ताजगी प्रदान करते हैं। हालांकि पौधों को सूखने नहीं देना चाहिए क्योंकि वास्तु मान्यताओं के अनुसार सूखे और मुरझाए पौधे नकारात्मकता का संकेत माने जाते हैं। बुधवार को घर में तुलसी या अन्य हरे पौधों के आसपास सफाई रखने और उनकी उचित देखभाल करने की परंपरा भी देखी जाती है।

    भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है इसलिए बुधवार को उनकी पूजा का विशेष महत्व है। घर के पूजा स्थान को साफ करके भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से मन को शांति और सकारात्मकता मिलने की मान्यता है। पूजा के दौरान घर में शांत और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना चाहिए। माना जाता है कि जब घर के सदस्य सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत करते हैं तो उसका प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है। बुधवार को जरूरतमंद व्यक्ति को हरी वस्तु या हरी मूंग का दान करना भी शुभ माना जाता है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार घर में किसी भी दिशा को लंबे समय तक बंद और अंधेरा नहीं रखना चाहिए। बुधवार को विशेष रूप से उत्तर दिशा में पर्याप्त रोशनी और सफाई रखने पर ध्यान दिया जा सकता है। घर में हवा और प्राकृतिक प्रकाश का सही प्रवेश भी सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों को आपसी बातचीत में कटु शब्दों से बचना चाहिए क्योंकि घर की सबसे बड़ी सकारात्मक ऊर्जा परिवार के लोगों के व्यवहार से ही बनती है। बुधवार के दिन किए गए ये छोटे छोटे बदलाव जीवन की परेशानियों का चमत्कारी समाधान होने का दावा नहीं करते लेकिन स्वच्छता अनुशासन सकारात्मक सोच और धार्मिक आस्था के साथ इन्हें अपनाना घर के वातावरण को बेहतर बनाने में मददगार माना जाता है।

  • घर की खुशहाली के लिए आज ही करें ये वास्तु उपाय! छोटी छोटी गलतियां बन सकती हैं तनाव और परेशानियों की वजह

    घर की खुशहाली के लिए आज ही करें ये वास्तु उपाय! छोटी छोटी गलतियां बन सकती हैं तनाव और परेशानियों की वजह


    नई दिल्ली। घर को केवल रहने की जगह नहीं बल्कि सुख शांति और सकारात्मक माहौल का केंद्र माना जाता है। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा कमरे की स्थिति और अलग अलग वस्तुओं की व्यवस्था को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि घर में वास्तु से जुड़ी कुछ गलतियां होने पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है और इसका असर परिवार के माहौल पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में कुछ आसान वास्तु उपायों को अपनाकर घर के वातावरण को बेहतर और सकारात्मक बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

    वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्य दरवाजे के आसपास गंदगी कूड़ा या अनावश्यक सामान जमा नहीं रखना चाहिए। प्रवेश स्थान को साफ सुथरा और व्यवस्थित रखने से घर का वातावरण बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। दरवाजे के पास पर्याप्त रोशनी रखना भी अच्छा माना जाता है। टूटे हुए दरवाजे या खराब सामान को लंबे समय तक घर में रखना भी वास्तु की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।

    घर के उत्तर पूर्व हिस्से को वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिशा को साफ और खुला रखने की सलाह दी जाती है। यहां भारी सामान या अनावश्यक वस्तुओं का ढेर लगाने से बचना चाहिए। मान्यता के अनुसार इस हिस्से में साफ सफाई और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने से घर में अच्छी ऊर्जा का संचार बना रह सकता है।

    घर में टूटे हुए शीशे बंद घड़ी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली चीजें जमा करके रखना भी उचित नहीं माना जाता। ऐसी वस्तुओं को समय समय पर हटाकर घर को व्यवस्थित रखना बेहतर होता है। इससे घर में अनावश्यक अव्यवस्था कम होती है और रहने का माहौल भी ज्यादा सहज महसूस हो सकता है।

    वास्तु से जुड़े उपायों में घर की साफ सफाई को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। रोजाना घर की सफाई करने के साथ उन स्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए जहां धूल और गंदगी आसानी से जमा होती है। रसोई और बाथरूम को साफ रखना भी जरूरी है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार गंदगी नकारात्मकता को बढ़ावा दे सकती है इसलिए घर को साफ और हवादार रखना अच्छा माना जाता है।

    घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा का पर्याप्त इंतजाम रखना भी सकारात्मक वातावरण के लिए उपयोगी हो सकता है। दिन के समय खिड़कियां खोलने से घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी आती है। पौधे भी घर के वातावरण को सुंदर और खुशनुमा बनाने में मदद करते हैं। हालांकि पौधों को सही स्थान पर रखना और सूखे या मुरझाए पौधों को समय पर हटाना जरूरी है।

    सोने के कमरे में भी व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। बिस्तर के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचें और कमरे को शांत तथा व्यवस्थित रखें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कम करना भी बेहतर दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। वास्तु उपायों को मान्यता के तौर पर देखा जाना चाहिए। इनका वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं है कि वे किसी समस्या का निश्चित समाधान करते हैं। इसलिए घर की परेशानियों के व्यावहारिक कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

  • घर की इन गलतियों से बढ़ सकता है वास्तु दोष, जानें रसोई से लेकर मुख्य द्वार तक किन बातों का रखें खास ध्यान

    घर की इन गलतियों से बढ़ सकता है वास्तु दोष, जानें रसोई से लेकर मुख्य द्वार तक किन बातों का रखें खास ध्यान


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और वहां रखी वस्तुओं को लेकर कई तरह की मान्यताएं बताई गई हैं। माना जाता है कि घर का वातावरण केवल साफ सफाई से ही नहीं बल्कि उसकी बनावट और वस्तुओं की सही स्थिति से भी प्रभावित हो सकता है। वास्तु के अनुसार यदि घर में कुछ चीजें गलत दिशा में रखी हों या निर्माण के दौरान दिशाओं का ध्यान नहीं रखा गया हो तो इसे वास्तु दोष से जोड़ा जाता है। हालांकि इन बातों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    वास्तु दोष की चर्चा सबसे पहले घर के मुख्य द्वार से शुरू होती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है। यदि प्रवेश द्वार के आसपास हमेशा गंदगी रहे या वहां टूटी फूटी वस्तुएं जमा हों तो इसे शुभ नहीं माना जाता। इसलिए मुख्य द्वार को साफ रखना चाहिए और वहां पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करना बेहतर माना जाता है। दरवाजे के आसपास कबाड़ या बेकार सामान जमा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

    घर की रसोई को लेकर भी वास्तु में विशेष नियम बताए गए हैं। रसोई को सामान्य तौर पर अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है। मान्यता के अनुसार रसोई में गैस चूल्हे और पानी से जुड़े स्थानों के बीच उचित संतुलन होना चाहिए। रसोई में गंदगी या लंबे समय तक खराब पड़े सामान को रखना नकारात्मक माना जाता है। इसलिए समय समय पर रसोई की सफाई करना और खराब खाद्य सामग्री को हटाना जरूरी है।

    बेडरूम में भी कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार सोते समय सिर किस दिशा में हो इसका भी महत्व माना जाता है। कमरे में टूटे हुए शीशे खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में न आने वाली वस्तुओं को जमा करके रखना उचित नहीं माना जाता। माना जाता है कि इससे कमरे का वातावरण भारी हो सकता है।

    घर के उत्तर पूर्व हिस्से को वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। इसे ईशान कोण कहा जाता है और धार्मिक मान्यताओं में इसे पूजा तथा सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इस हिस्से में अत्यधिक भारी सामान या अनावश्यक कबाड़ रखने से बचने की सलाह दी जाती है। पूजा स्थल को साफ और व्यवस्थित रखना भी शुभ माना जाता है।

    बाथरूम और पानी की निकासी को लेकर भी वास्तु में कई मान्यताएं हैं। घर में कहीं पानी का रिसाव हो तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए। लगातार टपकता नल या पाइप से पानी का रिसाव केवल वास्तु की दृष्टि से ही नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से भी नुकसानदायक हो सकता है। पानी की बर्बादी रोकना और घर की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

    वास्तु दोष के उपायों में सबसे महत्वपूर्ण उपाय घर को साफ सुथरा और व्यवस्थित रखना माना जा सकता है। प्राकृतिक रोशनी और हवा का पर्याप्त प्रवेश घर के वातावरण को बेहतर बनाता है। पूजा स्थल की नियमित सफाई करें और घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और संवाद को प्राथमिकता दें। किसी गंभीर निर्माण संबंधी समस्या में बिना तोड़फोड़ किए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    वास्तु से जुड़ी मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है इसलिए इन्हें निश्चित परिणाम देने वाले उपाय के रूप में नहीं देखना चाहिए। घर की सुरक्षा स्वच्छता रोशनी हवा और सही रखरखाव को हमेशा प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।

  • OTT Release This Week: 17 से 23 अगस्त तक ओटीटी पर लगेगा मनोरंजन का तड़का, 8 फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    OTT Release This Week: 17 से 23 अगस्त तक ओटीटी पर लगेगा मनोरंजन का तड़का, 8 फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज


    नई दिल्ली । अगस्त का तीसरा हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए काफी खास रहने वाला है। 17 से 23 अगस्त के बीच नेटफ्लिक्स और जियो हॉटस्टार समेत कई बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इस हफ्ते रोमांटिक कॉमेडी से लेकर क्राइम थ्रिलर सुपरहीरो ड्रामा डॉक्यूमेंट्री और रियलिटी शो तक देखने को मिलेगा। अगर आप सिनेमाघर जाने के बजाय घर बैठे नई फिल्म या सीरीज देखने का इंतजार कर रहे हैं तो इस हफ्ते आपके पास कई विकल्प मौजूद रहेंगे।

    इस हफ्ते की शुरुआत जियो हॉटस्टार की सुपरहीरो सीरीज लैंटर्न्स से होगी। यह सीरीज 17 अगस्त को रिलीज होगी। इसकी कहानी नए रिक्रूट जॉन स्टीवर्ट और लैंटर्न लेजेंड हैल जॉर्डन के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों एक हत्या की जांच के दौरान धरती से जुड़े कई गहरे रहस्यों का सामना करते हैं। सुपरहीरो और मिस्ट्री पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह सीरीज खास हो सकती है।

    18 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर सील टीम रिलीज होगी। यह अमेरिकी सस्पेंस सीरीज एक नेवी टीम की कहानी पर आधारित है। टीम के सदस्य खतरनाक मिशन को अंजाम देने के साथ अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों से भी जूझते नजर आएंगे। इसी दिन जियो हॉटस्टार पर लोकप्रिय डार्क सिटकॉम इट्स ऑलवेज सनी इन फिलाडेल्फिया का 18वां सीजन भी स्ट्रीम होगा। इस सीरीज की IMDb रेटिंग 8.8 बताई गई है।

    19 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर फ्रीफॉल: ए रेकनिंग फॉर बोइंग नाम की डॉक्यूमेंट्री रिलीज होगी। रॉरी कैनेडी के निर्देशन में बनी यह डॉक्यूमेंट्री बोइंग व्हिसलब्लोअर जॉन बार्नेट की मौत के बाद सामने आए घटनाक्रम पर केंद्रित है। वास्तविक घटनाओं और कॉरपोरेट विवादों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण रिलीज हो सकती है।

    20 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर स्वीडिश क्राइम थ्रिलर सीरीज ब्लड सैक्रिफाइस दस्तक देगी। कहानी दो पुलिस अधिकारियों की हत्या के बाद शुरू होती है। मामले की जांच कर रहा एक डिटेक्टिव हत्यारे तक पहुंचने के लिए अपने पिता के साथ वर्षों बाद फिर से जुड़ता है। अपराध और रहस्य से भरपूर यह सीरीज दर्शकों को अंत तक बांधे रखने की कोशिश करेगी।

    21 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रोमांटिक कॉमेडी फिल्म प्यार प्रेमा कल्याणम रिलीज होगी। फिल्म की कहानी पावी नाम की इंफ्लुएंसर के इर्द गिर्द है जो शादी के बाद अपना घर छोड़कर जाने से इनकार कर देती है। इसके बाद उसका पति उसी के घर में रहने का फैसला करता है। अब दोनों एक साथ कैसे एडजस्ट करते हैं यही फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाता है।

    इसी दिन जियो हॉटस्टार पर ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 भी रिलीज होगा। यह रिवेंज पॉलिटिकल रोमांटिक थ्रिलर सीरीज है और इसके नए एपिसोड हर शुक्रवार स्ट्रीम होंगे। सीरीज को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    22 और 23 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर हसल रियलिटी शो के नए एपिसोड देखने को मिलेंगे। इसमें कंटेस्टेंट्स अपने रैप और म्यूजिक टैलेंट का प्रदर्शन करते हैं। शो को रैपर बादशाह जज कर रहे हैं और हर शनिवार तथा रविवार इसके नए एपिसोड स्ट्रीम किए जाते हैं।

    इस तरह 17 से 23 अगस्त के बीच ओटीटी पर अलग-अलग जॉनर की आठ फिल्में और सीरीज दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। अगर आपको रोमांस पसंद है तो प्यार प्रेमा कल्याणम अच्छा विकल्प हो सकता है वहीं क्राइम थ्रिलर के शौकीन ब्लड सैक्रिफाइस देख सकते हैं। सुपरहीरो फैंस के लिए लैंटर्न्स और रियलिटी शो पसंद करने वालों के लिए हसल इस हफ्ते खास आकर्षण रहने वाला है।

  • वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय अपनाएं और घर में सुख समृद्धि सकारात्मक ऊर्जा का करें स्वागत

    वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय अपनाएं और घर में सुख समृद्धि सकारात्मक ऊर्जा का करें स्वागत


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ सुथरा और आकर्षक होना चाहिए। इसके आसपास गंदगी टूटा सामान या कचरा नहीं रखना चाहिए। नियमित रूप से दीपक जलाना और स्वच्छता बनाए रखना शुभ माना जाता है।

    पूजा घर को उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इस स्थान पर नियमित पूजा पाठ करने से घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है। पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचना चाहिए। धार्मिक ग्रंथों और पूजा सामग्री को भी व्यवस्थित रखना अच्छा माना जाता है।

    रसोईघर को अग्नि तत्व का स्थान माना जाता है। वास्तु के अनुसार खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखना शुभ माना जाता है। रसोई को साफ रखना और गैस चूल्हे तथा पानी के स्रोत के बीच उचित दूरी बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे घर में संतुलन और सकारात्मकता बनी रहती है।

    शयनकक्ष का भी विशेष महत्व बताया गया है। परिवार के मुखिया का कमरा दक्षिण पश्चिम दिशा में होना शुभ माना जाता है। सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखने की सलाह दी जाती है। इससे बेहतर नींद और मानसिक शांति मिलने की मान्यता है।

    घर में टूटे हुए फर्नीचर बंद घड़ियां खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार वस्तुओं को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा का कारण मानी जाती हैं। समय समय पर घर की सफाई और अनावश्यक वस्तुओं को हटाना वातावरण को बेहतर बनाता है।

    तुलसी का पौधा और हरे पौधे घर की सकारात्मकता बढ़ाने वाले माने जाते हैं। तुलसी को आंगन या बालकनी में उचित स्थान पर लगाने से वातावरण शुद्ध रहने की मान्यता है। वहीं कांटेदार पौधों को मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।

    घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का प्रवेश भी बहुत जरूरी माना जाता है। बंद और अंधेरे स्थान नकारात्मकता बढ़ा सकते हैं। इसलिए रोजाना खिड़कियां खोलकर घर में धूप और ताजी हवा आने देना लाभकारी माना जाता है।

    यदि किसी कारणवश घर में वास्तु संबंधी बदलाव संभव नहीं हैं तो साफ सफाई नियमित पूजा सकारात्मक सोच और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यही बातें किसी भी घर को सुख शांति और समृद्धि से भर सकती हैं।

    ध्यान रहे कि वास्तु शास्त्र पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसे आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार अपनाया जा सकता है। किसी भी समस्या का समाधान केवल वास्तु उपायों पर निर्भर न रखकर व्यावहारिक प्रयास और सही निर्णय भी जरूरी हैं।

  • 30 जुलाई को इन वास्तु दोषों से रहें सावधान वरना घर में बढ़ सकती हैं आर्थिक परेशानी और पारिवारिक कलह

    30 जुलाई को इन वास्तु दोषों से रहें सावधान वरना घर में बढ़ सकती हैं आर्थिक परेशानी और पारिवारिक कलह


    नई दिल्ली । सनातन परंपरा में सावन का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है। 30 जुलाई का गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि इस दिन घर में मौजूद वास्तु दोषों को दूर करने का प्रयास किया जाए तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख समृद्धि के मार्ग खुलते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दिशा स्वच्छता और ऊर्जा का सीधा संबंध परिवार के स्वास्थ्य आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति से माना गया है।

    वास्तु शास्त्र कहता है कि घर का मुख्य द्वार हमेशा साफ सुथरा और व्यवस्थित होना चाहिए। मुख्य द्वार पर टूटी हुई नेम प्लेट खराब दरवाजा या गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है। गुरुवार के दिन मुख्य द्वार की सफाई करके हल्दी मिले जल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक वातावरण बनता है और घर में शुभता का प्रवेश होता है।

    ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा को सबसे पवित्र माना गया है। इस दिशा में भारी सामान कबाड़ या गंदगी रखने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। यदि पूजा घर इसी दिशा में हो और वहां नियमित रूप से दीपक जलाया जाए तो वातावरण सकारात्मक बना रहता है। इस स्थान को हमेशा स्वच्छ और शांत रखना शुभ माना जाता है।

    रसोई घर में भी कई ऐसी छोटी गलतियां होती हैं जो वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं। गैस चूल्हे के आसपास गंदगी रखना टूटे बर्तन जमा करना या रसोई में अनावश्यक सामान रखना शुभ नहीं माना जाता। गुरुवार के दिन रसोई की विशेष सफाई करें और भगवान विष्णु को पीले रंग के प्रसाद का भोग लगाएं। इससे घर में अन्न धन और समृद्धि बनी रहने की मान्यता है।

    घर में यदि लंबे समय से टूटे हुए फर्नीचर बंद घड़ी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या बेकार वस्तुएं पड़ी हों तो उन्हें हटाना बेहतर माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं और कार्यों में बार बार बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। गुरुवार का दिन ऐसे अनुपयोगी सामान को हटाने के लिए शुभ माना जाता है।

    तुलसी का पौधा घर की सकारात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। यदि घर में तुलसी का पौधा सूख गया हो तो उसे सम्मानपूर्वक हटाकर नया पौधा लगाना चाहिए। शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाने से घर का वातावरण पवित्र और शांत बना रहता है। साथ ही भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता भी है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन घर में झगड़ा कटु वचन और नकारात्मक विचारों से भी बचना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रेम और सौहार्द का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। जरूरतमंद लोगों को पीली दाल हल्दी या पीले वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है।

    ध्यान रहे कि वास्तु शास्त्र आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य घर में स्वच्छता संतुलन और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना है। यदि इन बातों का पालन श्रद्धा और सद्भाव के साथ किया जाए तो घर का माहौल सुखद और ऊर्जावान बना रह सकता है।

  • बार बार आ रही हैं परेशानियां तो कहीं घर में वास्तु दोष तो नहीं इन संकेतों को पहचानें और अपनाएं शुभ उपाय

    बार बार आ रही हैं परेशानियां तो कहीं घर में वास्तु दोष तो नहीं इन संकेतों को पहचानें और अपनाएं शुभ उपाय


    नई दिल्ली । भारतीय वास्तु शास्त्र में घर को केवल रहने का स्थान नहीं बल्कि सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है। मान्यता है कि यदि घर का निर्माण दिशा और ऊर्जा के संतुलन के अनुसार हो तो परिवार में सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। वहीं वास्तु दोष होने पर व्यक्ति को बार बार आर्थिक परेशानियों स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए घर की व्यवस्था और दिशाओं का संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक माना गया है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर में बिना किसी कारण लगातार विवाद होते हों धन आने के बाद भी टिकता न हो नौकरी या व्यापार में बार बार रुकावट आ रही हो या परिवार के सदस्य बार बार बीमार पड़ रहे हों तो यह वास्तु दोष का संकेत माना जाता है। ऐसे में घबराने के बजाय घर की दिशा और व्यवस्था का सावधानी से निरीक्षण करना चाहिए। कई बार छोटी सी गलती भी नकारात्मक प्रभाव का कारण बन जाती है।

    घर का मुख्य द्वार वास्तु में सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। मुख्य प्रवेश द्वार हमेशा साफ स्वच्छ और व्यवस्थित होना चाहिए। दरवाजे के सामने कूड़ा कबाड़ या टूटी फूटी वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए क्योंकि इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश बाधित होता है। मुख्य द्वार पर शुभ चिन्ह स्वस्तिक या शुभ लाभ का प्रतीक लगाने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

    ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा को सबसे पवित्र माना गया है। इस दिशा में पूजा घर रखना शुभ माना जाता है जबकि भारी सामान या अनुपयोगी वस्तुएं रखने से बचना चाहिए। रसोईघर के लिए दक्षिण पूर्व दिशा उपयुक्त मानी जाती है। रसोई में गैस चूल्हा इस प्रकार रखें कि भोजन बनाते समय मुख पूर्व दिशा की ओर रहे। इससे घर में सुख समृद्धि और स्वास्थ्य का संतुलन बना रहता है।

    शयनकक्ष में भी कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से बचने की सलाह दी जाती है। बिस्तर के सामने टूटा हुआ शीशा या अव्यवस्थित सामान नहीं होना चाहिए। इससे मानसिक तनाव और नकारात्मकता बढ़ सकती है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में नियमित रूप से सफाई करना और बेकार वस्तुओं को हटाना भी अत्यंत आवश्यक है। टूटे हुए बर्तन बंद घड़ियां खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या सूखे पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं। घर में तुलसी का पौधा लगाना सुबह शाम दीपक जलाना और समय समय पर पूजा पाठ करना सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

    यदि घर में किसी प्रकार का वास्तु दोष हो और तुरंत निर्माण संबंधी बदलाव संभव न हो तो कुछ सरल उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। नियमित रूप से भगवान गणेश की पूजा करें क्योंकि उन्हें विघ्नहर्ता माना जाता है। घर में कपूर या गुग्गुल की धूप जलाने से वातावरण शुद्ध होता है। नमक मिले पानी से सप्ताह में एक बार पोछा लगाने और घर में प्राकृतिक रोशनी व ताजी हवा का पर्याप्त प्रवेश सुनिश्चित करने से भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वास्तु शास्त्र का उद्देश्य केवल दिशाओं का पालन कराना नहीं बल्कि जीवन में संतुलन अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। यदि घर की व्यवस्था स्वच्छ संतुलित और ऊर्जा के अनुकूल हो तो परिवार में सुख शांति समृद्धि और सफलता के अवसर भी बढ़ते हैं।

  • मंगलवार को भूलकर भी न करें ये वास्तु गलतियां वरना बढ़ सकती हैं आर्थिक संकट और घर में बनी रह सकती है अशांति

    मंगलवार को भूलकर भी न करें ये वास्तु गलतियां वरना बढ़ सकती हैं आर्थिक संकट और घर में बनी रह सकती है अशांति


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल देव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्य और सही उपाय जीवन में आने वाली कई परेशानियों को कम करने में सहायक माने जाते हैं। मान्यता है कि यदि घर में वास्तु दोष मौजूद हो तो व्यक्ति को बार बार आर्थिक हानि मानसिक तनाव पारिवारिक कलह और कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मंगलवार के दिन कुछ विशेष उपाय और सावधानियां अपनाकर इन दोषों के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का दक्षिण दिशा से जुड़ा भाग मंगल ग्रह का क्षेत्र माना जाता है। यदि इस दिशा में गंदगी टूटा फर्नीचर कबाड़ या बेकार सामान रखा हो तो यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। मंगलवार के दिन इस स्थान की अच्छी तरह सफाई करना और अनावश्यक वस्तुओं को हटाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार के सदस्यों के आत्मविश्वास तथा साहस में वृद्धि होती है।

    धार्मिक मान्यता है कि मंगलवार को मुख्य द्वार और पूजा स्थल को विशेष रूप से स्वच्छ रखना चाहिए। सुबह स्नान के बाद घर के प्रवेश द्वार पर दीपक जलाना और भगवान हनुमान की पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है। पूजा के दौरान सिंदूर चमेली का तेल लाल पुष्प और गुड़ चना अर्पित करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करते हैं। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार के दिन रसोईघर और अग्नि से जुड़े स्थानों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि मंगल ग्रह का संबंध अग्नि तत्व से माना गया है। गैस चूल्हे के आसपास गंदगी नहीं रहने देना चाहिए। साथ ही घर में टूटे हुए बिजली के उपकरण या खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए क्योंकि इन्हें भी वास्तु दोष का कारण माना जाता है।

    मंगलवार के दिन दक्षिण दिशा में लाल रंग का स्वच्छ कपड़ा या भगवान हनुमान का चित्र स्थापित करना शुभ माना जाता है। यदि पहले से चित्र लगा हो तो उसकी नियमित सफाई करें और वहां दीपक जलाकर प्रार्थना करें। इससे घर में साहस आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जिन लोगों के जीवन में बार बार बाधाएं आ रही हों या मंगल दोष से जुड़ी समस्याएं हों उन्हें इस दिन विशेष रूप से बजरंगबली की आराधना करनी चाहिए।

    वास्तु शास्त्र यह भी कहता है कि मंगलवार को किसी भी प्रकार का विवाद क्रोध या कटु वचन बोलने से बचना चाहिए क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना बंदरों को गुड़ और चना खिलाना तथा लाल वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। इन उपायों से मंगल ग्रह की शुभता बढ़ती है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे धीरे कम होने लगती हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वास्तु उपाय तभी अधिक प्रभावी माने जाते हैं जब उनके साथ सदाचार संयम और सकारात्मक सोच भी जुड़ी हो। इसलिए मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की भक्ति के साथ घर की स्वच्छता वास्तु संतुलन और सेवा भाव को अपनाना चाहिए। ऐसा करने से परिवार में सुख शांति समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होने की मान्यता है।

  • रविवार को इन वास्तु नियमों का करें पालन सूर्यदेव की कृपा से दूर होंगे वास्तु दोष और खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते

    रविवार को इन वास्तु नियमों का करें पालन सूर्यदेव की कृपा से दूर होंगे वास्तु दोष और खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते


    नई दिल्ली। रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष को कम करने में सहायक माने जाते हैं। सूर्यदेव को ऊर्जा प्रकाश और जीवन का आधार माना गया है इसलिए उनकी कृपा प्राप्त होने पर व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास सम्मान स्वास्थ्य और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। यदि घर में लगातार आर्थिक तंगी पारिवारिक कलह मानसिक तनाव या कार्यों में बाधाएं आ रही हों तो रविवार के दिन कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाना शुभ माना जाता है।

    रविवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद सबसे पहले भगवान सूर्य को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। जल में लाल पुष्प अक्षत और थोड़ा सा लाल चंदन डालना शुभ माना जाता है। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घर के मुख्य द्वार और आंगन की अच्छी तरह सफाई करें क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार स्वच्छता सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है और नकारात्मक प्रभाव को दूर करती है। घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर गंदगी या टूटे फूटे सामान का होना शुभ नहीं माना जाता इसलिए रविवार के दिन ऐसी वस्तुओं को हटाना लाभकारी माना जाता है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार घर की पूर्व दिशा का विशेष महत्व होता है क्योंकि यह दिशा सूर्यदेव से जुड़ी मानी जाती है। इस दिशा को हमेशा साफ सुथरा और खुला रखना चाहिए। यदि यहां भारी सामान या कबाड़ रखा हो तो उसे हटाने का प्रयास करें। पूर्व दिशा में सुबह की धूप आने देना भी शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार के सदस्यों का मन प्रसन्न रहता है।

    रविवार के दिन घर में गुड़ और गेहूं का दान करना भी शुभ माना गया है। जरूरतमंद लोगों को लाल वस्त्र या तांबे की वस्तु दान करने से सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। इसके साथ ही घर में घी का दीपक जलाकर सूर्य मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि होती है। यदि संभव हो तो रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे ग्रह दोषों का प्रभाव भी कम होता है।

    वास्तु शास्त्र यह भी कहता है कि घर में टूटी हुई घड़ी बंद इलेक्ट्रॉनिक सामान फटे हुए चित्र या बेकार वस्तुओं को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। रविवार का दिन ऐसे अनुपयोगी सामान को हटाने के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा घर में प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का प्रवेश बनाए रखना सकारात्मक वातावरण के लिए आवश्यक माना गया है।

    ध्यान रहे कि वास्तु उपाय धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं। इनका उद्देश्य घर में स्वच्छता अनुशासन सकारात्मक सोच और संतुलित वातावरण बनाए रखने की प्रेरणा देना है। जब व्यक्ति नियमित रूप से सूर्यदेव की आराधना करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने का प्रयास करता है तब जीवन में नई उम्मीद आत्मविश्वास और खुशहाली का अनुभव होने लगता है। इसलिए रविवार के दिन इन सरल उपायों को अपनाकर घर के वातावरण को अधिक सुखद और ऊर्जावान बनाया जा सकता है।

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    रविवार का वास्तु नियम इन गलतियों से रूठ सकते हैं सूर्य देव सुख समृद्धि और मान सम्मान पर पड़ सकता है असर


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्य देव को ऊर्जा आत्मविश्वास सफलता स्वास्थ्य और मान सम्मान का कारक माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि यदि रविवार के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाए और वास्तु से जुड़ी गलतियों से बचा जाए तो जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं इस दिन की गई कुछ लापरवाहियां घर में नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष का कारण भी बन सकती हैं। इसलिए रविवार के दिन पूजा पाठ के साथ साथ घर की व्यवस्था और दैनिक कार्यों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

    रविवार की शुरुआत सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने और सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करने से करनी चाहिए। जल अर्पित करते समय सूर्य मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति के साथ आत्मबल बढ़ने की मान्यता है। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार रविवार के दिन घर के पूर्व दिशा को साफ सुथरा रखना चाहिए क्योंकि यह दिशा सूर्य देव की मानी जाती है। इस दिशा में कूड़ा कबाड़ टूटे हुए सामान या गंदगी जमा होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। यदि घर के पूर्व भाग में पर्याप्त रोशनी आती है तो उसे बाधित नहीं करना चाहिए।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार के दिन नमक का अत्यधिक सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और बिना नमक का भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते हैं।

    रविवार को लोहे से बनी नई वस्तुओं की खरीदारी या अनावश्यक लोहे का दान करने से भी बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस दिन तांबे और गेहूं से जुड़े दान अधिक शुभ फल प्रदान करते हैं। जरूरतमंद लोगों को गुड़ गेहूं लाल वस्त्र या तांबे के पात्र का दान करना पुण्यदायी माना जाता है।

    घर में यदि लंबे समय से वास्तु दोष महसूस हो रहा हो तो रविवार के दिन मुख्य द्वार और पूजा स्थल की विशेष सफाई करें। सुबह के समय घी का दीपक जलाकर सूर्य देव का ध्यान करने से वातावरण में सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। घर में नियमित रूप से सूर्य का प्रकाश आने देना भी शुभ माना जाता है।

    रविवार के दिन अनावश्यक क्रोध विवाद और कटु वचन से बचना चाहिए। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रह नेतृत्व और सम्मान का प्रतीक है इसलिए इस दिन बड़ों का सम्मान करना और जरूरतमंदों की सहायता करना विशेष फलदायी माना गया है।

    हालांकि वास्तु और ज्योतिष से जुड़े ये उपाय धार्मिक आस्थाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार अपनाया जा सकता है। यदि इन नियमों के साथ सकारात्मक सोच स्वच्छता अनुशासित जीवनशैली और नियमित पूजा को जोड़ा जाए तो घर का वातावरण अधिक शांत और सुखद बनाया जा सकता है। रविवार का दिन केवल पूजा का अवसर नहीं बल्कि आत्मचिंतन सकारात्मक ऊर्जा और नए संकल्प के साथ जीवन को बेहतर बनाने का भी श्रेष्ठ समय माना जाता है।