Tag: Vastu Dosh

  • रविवार का वास्तु नियम इन गलतियों से रूठ सकते हैं सूर्य देव सुख समृद्धि और मान सम्मान पर पड़ सकता है असर

    रविवार का वास्तु नियम इन गलतियों से रूठ सकते हैं सूर्य देव सुख समृद्धि और मान सम्मान पर पड़ सकता है असर


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्य देव को ऊर्जा आत्मविश्वास सफलता स्वास्थ्य और मान सम्मान का कारक माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि यदि रविवार के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाए और वास्तु से जुड़ी गलतियों से बचा जाए तो जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं इस दिन की गई कुछ लापरवाहियां घर में नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष का कारण भी बन सकती हैं। इसलिए रविवार के दिन पूजा पाठ के साथ साथ घर की व्यवस्था और दैनिक कार्यों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

    रविवार की शुरुआत सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने और सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करने से करनी चाहिए। जल अर्पित करते समय सूर्य मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति के साथ आत्मबल बढ़ने की मान्यता है। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार रविवार के दिन घर के पूर्व दिशा को साफ सुथरा रखना चाहिए क्योंकि यह दिशा सूर्य देव की मानी जाती है। इस दिशा में कूड़ा कबाड़ टूटे हुए सामान या गंदगी जमा होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। यदि घर के पूर्व भाग में पर्याप्त रोशनी आती है तो उसे बाधित नहीं करना चाहिए।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार के दिन नमक का अत्यधिक सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और बिना नमक का भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते हैं।

    रविवार को लोहे से बनी नई वस्तुओं की खरीदारी या अनावश्यक लोहे का दान करने से भी बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस दिन तांबे और गेहूं से जुड़े दान अधिक शुभ फल प्रदान करते हैं। जरूरतमंद लोगों को गुड़ गेहूं लाल वस्त्र या तांबे के पात्र का दान करना पुण्यदायी माना जाता है।

    घर में यदि लंबे समय से वास्तु दोष महसूस हो रहा हो तो रविवार के दिन मुख्य द्वार और पूजा स्थल की विशेष सफाई करें। सुबह के समय घी का दीपक जलाकर सूर्य देव का ध्यान करने से वातावरण में सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। घर में नियमित रूप से सूर्य का प्रकाश आने देना भी शुभ माना जाता है।

    रविवार के दिन अनावश्यक क्रोध विवाद और कटु वचन से बचना चाहिए। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रह नेतृत्व और सम्मान का प्रतीक है इसलिए इस दिन बड़ों का सम्मान करना और जरूरतमंदों की सहायता करना विशेष फलदायी माना गया है।

    हालांकि वास्तु और ज्योतिष से जुड़े ये उपाय धार्मिक आस्थाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार अपनाया जा सकता है। यदि इन नियमों के साथ सकारात्मक सोच स्वच्छता अनुशासित जीवनशैली और नियमित पूजा को जोड़ा जाए तो घर का वातावरण अधिक शांत और सुखद बनाया जा सकता है। रविवार का दिन केवल पूजा का अवसर नहीं बल्कि आत्मचिंतन सकारात्मक ऊर्जा और नए संकल्प के साथ जीवन को बेहतर बनाने का भी श्रेष्ठ समय माना जाता है।

  • बार-बार हो रही परेशानी का कारण कहीं वास्तु दोष तो नहीं? जानिए 5 संकेत

    बार-बार हो रही परेशानी का कारण कहीं वास्तु दोष तो नहीं? जानिए 5 संकेत


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा, ऊर्जा और वातावरण को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि यदि घर में वास्तु नियमों की अनदेखी की जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। इसका असर परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर साफ दिखाई देने लगता है। कई बार लोग लगातार परेशानियों का सामना करते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि इसकी वजह घर का वास्तु दोष भी हो सकता है। ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर में कुछ ऐसे संकेत दिखाई देते हैं जो बताते हैं कि वहां नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय है। यदि समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

    आर्थिक तंगी और बढ़ते खर्च
    अगर घर में खूब मेहनत करने के बावजूद धन नहीं टिक रहा, आय से ज्यादा खर्च बढ़ रहे हैं या हमेशा पैसों की कमी बनी रहती है, तो यह वास्तु दोष का बड़ा संकेत माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में भारी सामान रखना या घर में अव्यवस्था होना आर्थिक संकट को बढ़ाता है।

    परिवार में लगातार बीमारी
    घर का कोई सदस्य बार-बार बीमार पड़ रहा हो, इलाज के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार न हो रहा हो, तो इसे भी नकारात्मक ऊर्जा का असर माना जाता है। वास्तु के मुताबिक, घर में सूर्य प्रकाश और शुद्ध हवा का अभाव स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

    बिना वजह झगड़े और मानसिक तनाव
    अगर घर में छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगे, परिवार के सदस्यों में तनाव बढ़ने लगे या हमेशा नकारात्मक माहौल बना रहे, तो यह वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। ऐसे घरों में मानसिक शांति धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।

    बनते काम बिगड़ना
    कई बार मेहनत के बाद भी काम आखिरी समय में बिगड़ जाते हैं या सफलता मिलते-मिलते रुक जाती है। वास्तु शास्त्र में इसे भी दोष का प्रभाव माना गया है। खासतौर पर मुख्य द्वार और दक्षिण दिशा से जुड़े दोष जीवन में बाधाएं बढ़ा सकते हैं।

    घर के पौधों का सूखना
    यदि घर में लगे हरे-भरे पौधे अचानक सूखने लगें या बार-बार खराब हो जाएं, तो इसे नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। वास्तु के अनुसार, पौधे घर की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होते हैं।

    कैसे दूर करें वास्तु दोष
    वास्तु दोष से राहत पाने के लिए कुछ आसान उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं। घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर होती है। घर की दक्षिण दिशा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करना भी शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इससे बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा घर और मंदिर की नियमित साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरा और सकारात्मक वातावरण वाला घर परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि का कारण बनता है।

  • Vastu Tips: तरक्की पाने के लिए रखें इन वास्तु उपायों का ध्यान, तरक्की हो जाएगी डबल

    Vastu Tips: तरक्की पाने के लिए रखें इन वास्तु उपायों का ध्यान, तरक्की हो जाएगी डबल


    नई दिल्ली वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) घर परिवार के लिए काफी जरूरी होता है। इसमें बताए गए नियम का पालन करने से आपके भाग्य में परिवर्तन भी होते हैं। घर परिवार में सुख समृद्धि पाने के लिए छोटे-मोटे उपायों को जरूर करना चाहिए। हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहे और चारों तरफ से उसे तरक्की हो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने घर में लगे हुए वास्तु दोष को दूर करना चाहिए। अगर आपके घर में नकारात्मकता और वास्तु दोष का संचार है तब तरक्की दूर-दूर तक आपके घर में नहीं आएगी। इस दूर करने के लिए नीचे वास्तु शास्त्र के कुछ उपाय दिए गए हैं जिन्हें आपको अपनाना चाहिए।

    जरूर करें वास्तु उपाय
    घर से वास्तु दोष दूर करने के लिए आपको घर की साफ सफाई का बिल्कुल भी ध्यान रखना चाहिए। कभी भी मुख्य द्वार पर अंधेरा नहीं रहना चाहिए अगर ऐसा होता है तो देवी देवता आपके घर में प्रवेश नहीं करते हैं जिसके कारण आपका कोई भी कार्य सफल नहीं होता है और घर में बरकत रुक जाती है। इसके साथ ही मुख्य द्वार की अगल-बगल आपको कूड़ा या फिर टूट- फूटा सामान नहीं रखना चाहिए।

    घर में सुख समृद्धि बनी रहे और नकारात्मकता दूर हो इसके कारण आपके घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। कपूर जलाकर पूरे घर में दिखना चाहिए ताकि आपके घर में शुद्धता बनी रहे इसके साथ ही अगर आपके घर में मंदिर है तो रोजाना पूजा पाठ करें। जिस घर में मंदिर रहने के बाद भी लोग पूजा अर्चना नहीं करते हैं वहां पर देवी देवता का भी आगमन नहीं होता है और कई समस्या खड़ी हो जाती है।

    वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि अगर आपके घर के साथ-साथ किचन और बाथरूम में भी साफ सफाई नहीं होती है तब भी वास्तु दोष आपको घेरे रहता है। इसके साथ ही कई लोग अपने बालकनी में भी फूल पौधे लगा देते हैं लेकिन उन पर ध्यान नहीं रखते हैं उनकी पट्टियां टूट कर ऐसे ही टूटी हुई रहती हैं फूल पौधे सूखे पड़े रहते हैं सबसे घर की आर्थिक स्थिति में प्रभाव पड़ता है।

  • Vastu Tips: घर में नहीं रूक रहा धन, हरी इलायची से करें खास उपाय

    Vastu Tips: घर में नहीं रूक रहा धन, हरी इलायची से करें खास उपाय


    नई दिल्ली। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि आए और चारों तरफ से तरक्की हो। लेकिन कई बार कुछ प्रयास करने के बाद भी हाथ असफलता ही लगती है। घर में सकारात्मक को बरकरार रखने के लिए आपको कई सारे उपाय करने चाहिए। वास्तु शास्त्र में नीचे इनके बारे में बताया गया है साथ ही इलायची से जुड़े कुछ खास उपाय बताए गए हैं जिनको करके आप अपना भाग्य परिवर्तन कर सकते हैं।

    वास्तु के खास उपाय
    बहुत कोशिश करने के बाद भी आपके हाथ असफलता लग रही है। आपका कोई भी काम सफल नहीं हो रहा है। तब आपको इन बातों पर विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। कड़ी मेहनत और तपस्या के बाद भी लोग सफलता और धन प्राप्त करने में असफल रहते हैं। ऐसे में हरी इलायची का ये उपाय बहुत कारगार है. पैसे को जेब में रोकने के लिए 5 हरी इलायची को अपने पर्स में रख लें. ऐसा करने से व्यक्ति की आय में बढ़ोतरी होती है और पैसी भी ज्यादा खर्च नहीं होता।

    कई बार सालों मेहनत करने के बाद व्यक्ति को इच्छानुसार प्रगति नहीं मिल पाती।इसके लिए अगर आप नौकरी में प्रमोशन चाहते हैं तो एक हरा कपड़ा लें और इसमें 4-5 इलायची लेकर बांध लें। और इस पोटली को सोते समय तकीए के नीचे रख लें।अगले दिन उठने के बाद ये पोटली किसी दूसरे व्यक्ति को दे दें।

    अगर आपका बिजनेस में लाभ नहीं हो रहा है। आपको नौकरी नहीं मिल पा रही है। तब घर से बाहर जाते समय आप अपनी जेब में दो इलायची जरूर रखें साथ ही अपने पर्स में भी दो हरी इलायची डालें। ऐसा करने से आपकी बरकत तेजी से होती है और तरक्की आपके घर आते है। इन सभी उपायों को करके आप अपने घर में सुख समृद्धि ला सकते हैं।

  • वास्तु टिप्स : घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें ये 4 प्रकार की मूर्तियां, वरना रुक सकती है तरक्की और बढ़ सकता है गृह-क्लेश

    वास्तु टिप्स : घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें ये 4 प्रकार की मूर्तियां, वरना रुक सकती है तरक्की और बढ़ सकता है गृह-क्लेश


    नई दिल्ली । घर के मंदिर के लिए वास्तु टिप्स । हिंदू धर्म में घर का मंदिर सबसे पवित्र, शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर स्थान माना जाता है। मान्यता है कि यहीं से पूरे घर में शुभ ऊर्जा का संचार होता है और परिवार पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि अनजाने में पूजा स्थल पर कुछ गलत प्रकार की मूर्तियां या तस्वीरें रख दी जाएं, तो यही मंदिर वास्तु दोष का कारण भी बन सकता है। ऐसे दोष न केवल आर्थिक परेशानियां बढ़ाते हैं, बल्कि पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव और निर्णय क्षमता में कमी का कारण भी बन सकते हैं।

    ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर के मंदिर में कुछ विशेष प्रकार की मूर्तियां रखना अशुभ माना गया है। सबसे पहले बात करते हैं खंडित या टूटी हुई मूर्तियों की। यदि किसी मूर्ति का हाथ, पैर, मुख या अन्य कोई हिस्सा टूटा हुआ है, या उस पर से रंग उतर चुका है, तो ऐसी मूर्ति की पूजा नहीं करनी चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि खंडित प्रतिमाओं से सकारात्मक फल नहीं मिलता, बल्कि घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। ऐसी मूर्तियों को सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए या पीपल के वृक्ष के नीचे रख देना उचित माना गया है। दूसरी महत्वपूर्ण बात भगवान के रौद्र या उग्र स्वरूप से जुड़ी है। घर के मंदिर में हमेशा देवी-देवताओं के शांत, सौम्य और आशीर्वाद देने वाले स्वरूप की ही मूर्तियां या तस्वीरें रखनी चाहिए। भगवान शिव का तांडव स्वरूप, कालभैरव या अत्यधिक क्रोधित मुद्रा वाली प्रतिमाएं घर में मानसिक अशांति, भय और तनाव का कारण बन सकती हैं। वास्तु के अनुसार, सौम्य स्वरूप की प्रतिमाएं घर में शांति, प्रेम और सामंजस्य बनाए रखती हैं।

    तीसरा वास्तु दोष तब उत्पन्न होता है जब एक ही देवता की एक से अधिक मूर्तियां या तस्वीरें एक ही स्थान पर रख दी जाती हैं। वास्तु शास्त्र कहता है कि एक ही भगवान की दो या उससे अधिक प्रतिमाएं रखने से ऊर्जा का टकराव होता है। इसका प्रभाव घर के मुखिया और परिवार के सदस्यों की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है और अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। चौथी महत्वपूर्ण गलती मूर्तियों को आमने-सामने रखना है। कई बार जगह की कमी या सजावट के कारण लोग देवी-देवताओं की मूर्तियों को एक-दूसरे के सामने रख देते हैं। वास्तु जानकारों के अनुसार, ऐसा करने से घर के सदस्यों के बीच मतभेद, विवाद और कलह की स्थिति बन सकती है। मूर्तियों की स्थापना इस प्रकार होनी चाहिए कि सभी एक ही दिशा में शांत भाव से विराजमान हों।

    इसके साथ ही मंदिर की नियमित साफ-सफाई और देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। मूर्तियों पर धूल जमना, पुराने सूखे फूल, मुरझाई माला या जले हुए दीपक का अवशेष रखना वास्तु दोष को बढ़ाता है। यदि घर में लड्डू गोपाल विराजमान हैं, तो उनकी नियमित सेवा, भोग और श्रृंगार करना विशेष रूप से आवश्यक माना गया है। कुल मिलाकर, घर का मंदिर केवल सजावट का स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और ऊर्जा का केंद्र होता है। किसी भी शुभ तिथि या शनिवार के दिन अपने मंदिर का निरीक्षण कर वास्तु के अनुसार आवश्यक सुधार करें, ताकि आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता के मार्ग सदैव खुले रहें।