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  • Vastu Tips: तरक्की पाने के लिए रखें इन वास्तु उपायों का ध्यान, तरक्की हो जाएगी डबल

    Vastu Tips: तरक्की पाने के लिए रखें इन वास्तु उपायों का ध्यान, तरक्की हो जाएगी डबल


    नई दिल्ली वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) घर परिवार के लिए काफी जरूरी होता है। इसमें बताए गए नियम का पालन करने से आपके भाग्य में परिवर्तन भी होते हैं। घर परिवार में सुख समृद्धि पाने के लिए छोटे-मोटे उपायों को जरूर करना चाहिए। हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहे और चारों तरफ से उसे तरक्की हो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने घर में लगे हुए वास्तु दोष को दूर करना चाहिए। अगर आपके घर में नकारात्मकता और वास्तु दोष का संचार है तब तरक्की दूर-दूर तक आपके घर में नहीं आएगी। इस दूर करने के लिए नीचे वास्तु शास्त्र के कुछ उपाय दिए गए हैं जिन्हें आपको अपनाना चाहिए।

    जरूर करें वास्तु उपाय
    घर से वास्तु दोष दूर करने के लिए आपको घर की साफ सफाई का बिल्कुल भी ध्यान रखना चाहिए। कभी भी मुख्य द्वार पर अंधेरा नहीं रहना चाहिए अगर ऐसा होता है तो देवी देवता आपके घर में प्रवेश नहीं करते हैं जिसके कारण आपका कोई भी कार्य सफल नहीं होता है और घर में बरकत रुक जाती है। इसके साथ ही मुख्य द्वार की अगल-बगल आपको कूड़ा या फिर टूट- फूटा सामान नहीं रखना चाहिए।

    घर में सुख समृद्धि बनी रहे और नकारात्मकता दूर हो इसके कारण आपके घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। कपूर जलाकर पूरे घर में दिखना चाहिए ताकि आपके घर में शुद्धता बनी रहे इसके साथ ही अगर आपके घर में मंदिर है तो रोजाना पूजा पाठ करें। जिस घर में मंदिर रहने के बाद भी लोग पूजा अर्चना नहीं करते हैं वहां पर देवी देवता का भी आगमन नहीं होता है और कई समस्या खड़ी हो जाती है।

    वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि अगर आपके घर के साथ-साथ किचन और बाथरूम में भी साफ सफाई नहीं होती है तब भी वास्तु दोष आपको घेरे रहता है। इसके साथ ही कई लोग अपने बालकनी में भी फूल पौधे लगा देते हैं लेकिन उन पर ध्यान नहीं रखते हैं उनकी पट्टियां टूट कर ऐसे ही टूटी हुई रहती हैं फूल पौधे सूखे पड़े रहते हैं सबसे घर की आर्थिक स्थिति में प्रभाव पड़ता है।

  • Vastu Tips: आर्थिक तंगी से हैं परेशान, तो करें ये वास्तु उपाय

    Vastu Tips: आर्थिक तंगी से हैं परेशान, तो करें ये वास्तु उपाय


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र हमारे जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होता है। इसमें बताए गए उपायों को करके आप अपना भाग्य परिवर्तन कर सकते हैं। आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहे देवी देवताओं की कृपा उसके घर में हो लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पता है। क्योंकि वास्तु दोष आपके घर में इतना बढ़ जाता है कि वह आने वाली हर तरक्की को रोक देता है। इसलिए आपको ही उपाय पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए ताकि आपके घर में लगा हुआ तो उसे खत्म हो और जीवन में सफलता मिले।

    जरूर अपनाएं ये वास्तु शास्त्र के नियम
    अगर आपके घर में आर्थिक तंगी जैसी समस्या लगातार आ रही है तब आपके घर में वास्तु दोष लगा हुआ है। इसे दूर करने के लिए आपको अपने घर को शुद्ध करना चाहिए। घर की पूरी साफ सफाई पर ध्यान देना चाहिए इसके साथ ही जहां पर आप अपनी तिजोरी रख रहे हैं उसकी अगल-बगल भी साफ सफाई करें चोरी के आसपास गंगाजल छिड़क और शुद्धता बनाए रखें। ऐसा कहां जाता है की तिजोरी अगर साफ नहीं रहती है तो धन आकर्षित नहीं होता है माता लक्ष्मी भी नाराज रहती हैं।

    घर की सुख शांति को बढ़ाने के लिए आपके घर के मुख्य द्वार पर आम के बने तोरण लगाने चाहिए मुख्य द्वार पर रंगोली बनानी चाहिए आप स्वास्तिक भी बना सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि घर के मुख्य द्वार के आसपास अंधेरा नहीं रखते हैं अंधेरा रखने से घर में कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो जाती है जिसके बाद आपकी तरक्की में बाधा पहुंचती है। इसके साथ ही देवी देवता भी अंधेरा होने के कारण घर में दस्तक नहीं देते हैं। जिससे कई प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है।

    घर में सुख समृद्धि पाने के लिए आपके घर की बनी मंदिर में हमेशा पूजा पाठ करते रहना चाहिए क्योंकि पूजा पाठ करने से जीवन में खुशहाली आती है देवी देवताओं की कृपा आपको मिलती है। आपको अपने घर में हमेशा कपूर जलाना चाहिए और पूरे घर को दिखाना चाहिए इससे घर की उन्नति और विकास में बढ़ोतरी होती है घर की नकारात्मकता दूर हो जाती है और सकारात्मक का संचार होता है।

  • बसंत पंचमी पर इन 5 स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक

    बसंत पंचमी पर इन 5 स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक


    नई दिल्ली ।माँ सरस्वती के सम्मुख पूजा स्थानसबसे पहला दीपक अपने घर के मंदिर में माँ सरस्वती की प्रतिमा या चित्र के सामने जलाएं। यह दीपक घी का होना चाहिए। दीपक जलाते समय अपनी करियर संबंधी बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक स्पष्टता आती है।

    अध्ययन कक्ष या स्टडी टेबल विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह स्थान सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी स्टडी टेबल या जिस स्थान पर आप बैठकर काम करते हैं, वहाँ एक छोटा दीपक जलाएं। वास्तु के अनुसार, इससे उस स्थान की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और पढ़ाई या काम में एकाग्रताबढ़ती है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा ईशान कोणवास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना गया है। बसंत पंचमी की शाम को इस कोने में एक शुद्ध घी का दीपक जलाने से करियर में नए अवसर प्राप्त होते हैं और अटके हुए काम बनने लगते हैं।

    तुलसी के पौधे के पास तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है और माँ सरस्वती के पूजन वाले दिन तुलसी के पास दीपक जलाने से सुख-समृद्धि और ज्ञान का संगम होता है। शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाने से पारिवारिक शांति बनी रहती है और करियर में आने वाले उतार-चढ़ाव कम होते हैं मुख्य द्वार के दोनों ओर घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना ‘देहरी पूजन’ का हिस्सा है। मान्यता है कि बसंत पंचमी की शाम मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से माँ सरस्वती और माँ लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। यह आपके जीवन से अंधकार और असफलता को दूर कर सफलता के मार्ग प्रशस्त करता है।

    सफलता के लिए विशेष टिप
    दीपक जलाते समय उसमें थोड़ी सी हल्दी या केसर डालना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि पीला रंग माँ सरस्वती को अत्यंत प्रिय है और यह गुरु ग्रह बृहस्पति को मजबूत करता है, जो करियर और पद-प्रतिष्ठा का कारक है।

  • घर की खिड़कियों में वास्तु की अनदेखी पड़ सकती है भारी, जानिए संतुलन बनाए रखने के आसान उपाय

    घर की खिड़कियों में वास्तु की अनदेखी पड़ सकती है भारी, जानिए संतुलन बनाए रखने के आसान उपाय


    नई दिल्ली। घर बनाते समय या रिनोवेशन के दौरान अक्सर लोग खिड़कियों को सिर्फ रोशनी, हवा और डिजाइन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वास्तुशास्त्र में इनका महत्व कहीं अधिक गहरा बताया गया है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार खिड़कियां घर के भीतर ऊर्जा के प्रवेश का मुख्य माध्यम होती हैं और उनकी दिशा, बनावट व संख्या का सीधा असर घर के वातावरण के साथ-साथ वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और पारिवारिक संतुलन पर पड़ता है। यदि इस दौरान थोड़ी भी लापरवाही हो जाए तो उसका प्रभाव लंबे समय तक महसूस किया जा सकता है।

    वास्तु सिद्धांतों के अनुसार किसी भी घर में प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का संतुलन बेहद जरूरी है। उत्तर और पूर्व दिशा से आने वाली रोशनी को विशेष रूप से शुभ माना गया है। इन दिशाओं में बनी खिड़कियां सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और घर में स्थिरता, शांति व सक्रियता बनाए रखने में मदद करती हैं। सुबह की धूप यदि पूर्व दिशा की खिड़की से घर में प्रवेश करे, तो यह मानसिक स्पष्टता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है।इसके विपरीत, कुछ दिशाओं में खिड़कियों की अधिकता वास्तु असंतुलन का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण दिशा की खिड़कियों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि इस दिशा में खिड़की हो, तो उसे हमेशा साफ-सुथरा और नियंत्रित रखना जरूरी माना जाता है। टूटी, गंदी या लंबे समय तक खुली रहने वाली खिड़कियां नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं, जिससे घर के सदस्यों के बीच तनाव और असहजता बढ़ सकती है।

    खिड़कियों के खुलने की दिशा भी वास्तु में महत्वपूर्ण मानी गई है। भीतर की ओर खुलने वाली खिड़कियां घर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने का संकेत देती हैं, जबकि बाहर की ओर खुलने वाली खिड़कियां ऊर्जा के प्रवाह में बाधा पैदा कर सकती हैं। इसी तरह, खिड़कियों से आने वाली तेज हवा, शोर या असंतुलित प्रकाश भी घर के वातावरण को प्रभावित करता है। इसलिए खिड़कियों पर हल्के परदे या ब्लाइंड्स का उपयोग संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

    मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास खिड़कियों की स्थिति को लेकर भी वास्तु में खास ध्यान देने की सलाह दी जाती है। दरवाजे के दोनों ओर यदि समान आकार और समान ऊंचाई की खिड़कियां हों, तो इससे ऊर्जा का प्रवाह संतुलित बना रहता है। इसके अलावा, खिड़कियों की संख्या भी वास्तु संतुलन से जुड़ी होती है। मान्यताओं के अनुसार सम संख्या में खिड़कियां घर में स्थिरता और सामंजस्य को दर्शाती हैं।वास्तु विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आधुनिक जीवनशैली और फ्लैट संस्कृति में हर नियम का शत-प्रतिशत पालन संभव नहीं होता। ऐसे में सबसे जरूरी है संतुलन और साफ-सफाई। खिड़कियों की नियमित सफाई, पर्याप्त रोशनी और सही दिशा में खुलने वाली संरचना घर के माहौल को सकारात्मक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। छोटे-छोटे सुधार भी लंबे समय में बड़े बदलाव ला सकते हैं।

  • उत्तर-पूर्व दिशा में पौधे लगाने से बढ़ेगी शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि: वास्तु विशेषज्ञों की सलाह

    उत्तर-पूर्व दिशा में पौधे लगाने से बढ़ेगी शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि: वास्तु विशेषज्ञों की सलाह


    नई दिल्ली।भारतीय घरों में वास्तुशास्त्र का महत्व समय के साथ और अधिक बढ़ा है। खासकर शहरी जीवन में बढ़ते तनाव और अस्थिरता के बीच लोग ऐसे उपायों की तलाश कर रहे हैं, जो घर के वातावरण को संतुलित और सकारात्मक बनाए रखें। इस क्रम में उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे वास्तु में ईशान कोण कहा जाता है, सबसे प्रभावशाली मानी जाती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिशा में सही प्रकार के पौधे लगाने से घर में मानसिक शांति, पारिवारिक स्थिरता और आर्थिक संतुलन बन सकता है।उत्तर-पूर्व दिशा को ज्ञान, जल तत्व और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ा गया है। यह दिशा मानसिक शांति और स्पष्ट सोच का प्रतीक मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस स्थान को हल्का साफ और जीवंत रखा जाए तो घर में रहने वालों के निर्णय बेहतर होते हैं, अनावश्यक विवाद कम होते हैं और घर का वातावरण सकारात्मक रहता है। पौधे इस दिशा में जीवन तत्व और ऊर्जा को सक्रिय रखने का एक सरल और प्राकृतिक तरीका हैं।

    वास्तु विशेषज्ञ कुछ पौधों को विशेष रूप से उपयोगी मानते हैं। मोटे पत्तों वाला क्रासुला पौधा आर्थिक संतुलन से जुड़ा माना जाता है। इसे उत्तर-पूर्व या इसके आसपास रखने से घर में खर्च और आय के बीच संतुलन बन सकता है। अपराजिता का पौधा धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है और इसे रखने से मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास बढ़ता है।मोगरे जैसे खुशबूदार पौधे घर के वातावरण को शांत रखते हैं और तनाव कम करने में सहायक होते हैं। शमी का पौधा अनुशासन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। इसे सही दिशा में रखने से घर में नकारात्मकता कम होती है। वहीं, गेंदे के फूल सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार इसके फूल घर के वातावरण को हल्का और प्रसन्न बनाते हैं।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है। पौधों की नियमित देखभाल, पर्याप्त धूप और स्वच्छ मिट्टी जरूरी है। सूखे या खराब पौधे ऊर्जा को बाधित कर सकते हैं। इसके अलावा उत्तर-पूर्व दिशा में भारी फर्नीचर या अव्यवस्था से बचना चाहिए। घर का यह क्षेत्र हमेशा हल्का खुला और साफ-सुथरा होना चाहिए।हाल के वर्षों में ग्रीन वास्तु की अवधारणा लोकप्रिय हुई है। अब लोग पौधों को सिर्फ सजावट के लिए नहीं बल्कि ऊर्जा संतुलन के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि पौधों के साथ जीवनशैली में भी संतुलन रखा जाए, तो इसके सकारात्मक परिणाम लंबे समय तक बनाए रखे जा सकते हैं।

    हालांकि, किसी भी वास्तु उपाय को अपनाने से पहले व्यक्तिगत परिस्थितियों, घर के आकार और परिवार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना जरूरी है। सही दिशा में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने से घर का माहौल न केवल स्वस्थ और शांत रहेगा बल्कि आर्थिक और मानसिक स्थिरता भी बढ़ेगी।इस प्रकार उत्तर-पूर्व दिशा में हरियाली का संतुलित उपयोग आधुनिक शहरी घरों में न सिर्फ सौंदर्य बढ़ाता है बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का माध्यम भी बन सकता है।