Tag: VBGRAMG

  • देशभर में लागू हुई नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था, 300 रुपये से कम नहीं मिलेगी मजदूरी, रोजगार गारंटी भी बढ़कर 125 दिन हुई

    देशभर में लागू हुई नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था, 300 रुपये से कम नहीं मिलेगी मजदूरी, रोजगार गारंटी भी बढ़कर 125 दिन हुई

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G एक्ट 2025 को पूरे देश में लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी दरों का संशोधन प्रभावी हो गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसरों का विस्तार करना और विभिन्न राज्यों के बीच मजदूरी में मौजूद असमानता को कम करना है। इस बदलाव को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

    नई व्यवस्था के तहत अब देश में इस योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले किसी भी पात्र मजदूर को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी। जिन राज्यों में पहले मजदूरी दर इस स्तर से नीचे थी, वहां नई दरें लागू कर दी गई हैं। इससे विशेष रूप से उन राज्यों के श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां अब तक अपेक्षाकृत कम मजदूरी मिलती थी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण श्रमिकों की आमदनी में सुधार होगा और जीवन स्तर बेहतर बनेगा।

    इस कानून के तहत रोजगार गारंटी की अवधि भी बढ़ा दी गई है। पहले जहां पात्र ग्रामीण परिवारों को सीमित अवधि तक रोजगार की गारंटी मिलती थी, वहीं अब उन्हें वर्ष में 125 दिनों तक मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि अतिरिक्त रोजगार के अवसर मिलने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और गांवों में रोजगार की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

    नई मजदूरी व्यवस्था लागू होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर औसत दैनिक मजदूरी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पहले की तुलना में औसत मजदूरी बढ़ने से लाखों श्रमिकों की मासिक आय में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति बढ़ेगी, स्थानीय बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और समग्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

    मजदूरी दरों के पुनर्निर्धारण में विशेष रूप से उन राज्यों को प्राथमिकता दी गई है, जहां पहले मजदूरी अपेक्षाकृत कम थी। पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तराखंड और त्रिपुरा जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वहीं जिन राज्यों में पहले से अपेक्षाकृत अधिक मजदूरी मिल रही थी, वहां भी नई दरों के अनुरूप संशोधन किया गया है ताकि सभी क्षेत्रों में संतुलित व्यवस्था बनी रहे।

    सरकार के अनुसार नई मजदूरी दरें वैज्ञानिक और पारदर्शी मानकों के आधार पर निर्धारित की गई हैं। इसमें महंगाई, वार्षिक समीक्षा, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखते हुए मजदूरी तय की गई है। इससे श्रमिकों को न्यायसंगत भुगतान सुनिश्चित करने के साथ-साथ रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।

    सरकार का विश्वास है कि VB-G RAM G एक्ट ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई दिशा देगा। बढ़ी हुई मजदूरी, विस्तारित रोजगार गारंटी और समान अवसरों की व्यवस्था से ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही यह कदम गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और समावेशी विकास के लक्ष्य को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • शशि थरूर का बदला रुख, कांग्रेस का खुला समर्थन, मनरेगा पर राहुल गांधी के संदेश को किया साझा

    शशि थरूर का बदला रुख, कांग्रेस का खुला समर्थन, मनरेगा पर राहुल गांधी के संदेश को किया साझा


    नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल के दिनों में अपने राजनीतिक रुख में बदलाव दिखाया है और पार्टी नेतृत्व के साथ अपने संबंधों में सुधार के संकेत दिए हैं। बीते कुछ समय से थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच मतभेद की अटकलें आम रही हैं। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के बाद थरूर ने कई मौकों पर मोदी सरकार की तारीफ की थी जिससे राजनीतिक गलियारों में उनकी नाराजगी और पार्टी से दूरी की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
    हालांकि अब शशि थरूर ने अपने रुख में बदलाव किया है। उन्होंने पार्टी का खुलकर समर्थन करना शुरू कर दिया है और हाल ही में राहुल गांधी द्वारा मनरेगा योजना पर पोस्ट साझा किया है। थरूर ने इसे री-शेयर करते हुए लिखा कि मनरेगा देश की सबसे सफल विकास योजनाओं में शामिल रही है और ग्रामीण गरीबों के लिए यह एक अहम सामाजिक सुरक्षा कवच का काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना को खत्म करना पीछे की ओर उठाया गया कदम होगा जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। मनरेगा योजना को लेकर सियासी घमासान भी तेज हो गया है।
    मोदी सरकार ने मनरेगा की जगह VB-GRAM G बिल संसद में लाकर पारित किया जिसे विपक्षी दल ग्रामीण हितों के खिलाफ मान रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि यह नया कानून मनरेगा की अधिकार और मांग पर आधारित गारंटी व्यवस्था को समाप्त करता है और इसे केंद्र से संचालित राशन-आधारित योजना में बदल देता है। शशि थरूर ने राहुल गांधी के इस संदेश को साझा कर इसे समर्थन दिया।राहुल गांधी ने पोस्ट में मनरेगा के ग्रामीण मजदूरों और महिलाओं पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना ने ग्रामीणों को अपने काम का सही मूल्य दिलाने में मदद की मजदूरी में सुधार किया पलायन को कम किया और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया। उन्होंने चेतावनी दी कि VB-GRAM G इन उपलब्धियों को कमजोर करता है और कोविड काल में मनरेगा की उपयोगिता का उदाहरण देते हुए कहा कि इसने लाखों लोगों को भूख और कर्ज से बचाया।
    थरूर का रुख पहले मोदी सरकार की सराहना करने वाला था लेकिन अब वे पार्टी के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं। हाल ही में केरल निकाय चुनावों के दौरान उन्होंने भाजपा की तारीफ की थी लेकिन उसके बाद कई मौकों पर कांग्रेस का समर्थन किया। लोकसभा में भारत के रुपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन और अभिवर्द्धन शांति विधेयक 2025 पर चर्चा में उन्होंने इसके खामियों को उजागर किया और कहा कि यह रेडियोधर्मी पदार्थों और परमाणु अपशिष्ट से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज करता है। इसके अलावा थरूर ने केरल अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव IFFK में 19 फिल्मों के प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी न देने की आलोचना की। उन्होंने इसे सिनेमाई अशिक्षा और नौकरशाही की अत्यधिक सतर्कता करार दिया। थरूर ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से अनुमति देने का अनुरोध भी किया। साथ ही उन्होंने फिल्म अभिनेता देव आनंद की फिल्म हरे रामा हरे
  • मनरेगा की जगह अब आएगा 'G Ram G'125 दिन रोजगार की गारंटी वाला नया बिल संसद में पेश होगाBJP ने जारी किया व्हिप

    मनरेगा की जगह अब आएगा 'G Ram G'125 दिन रोजगार की गारंटी वाला नया बिल संसद में पेश होगाBJP ने जारी किया व्हिप


    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा के स्थान पर एक नया विधेयक लाने की तैयारी हैजिसे ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण 2025’ नाम दिया गया है। इस विधेयक को संक्षेप में VB-G RAM G कहा जाएगा। इस नए बिल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका के लिए एक नया और अधिक मजबूत ढांचा तैयार करना हैजो गरीब और पिछड़े समुदायों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सके।

    मनरेगा की जगह VB-G RAM G

    मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को ग्रामीण भारत में रोजगार की स्थिरता देने वाला एक महत्वपूर्ण कानून माना जाता है। यह कानून ग्रामीण इलाकों के बेरोजगारों को कम से कम 100 दिन का रोजगार मुहैया कराता है। हालांकियह योजना कई मायनों में विफल रही है और सरकार ने अब इसे बदलने का निर्णय लिया है। नए विधेयक का मकसद रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिनों तक करना है और इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में नई रोजगार योजनाओं को लागू करना है।

    क्या है VB-G RAM G का उद्देश्य

    ‘VB-G RAM G’ विधेयक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और जीवन यापन को बेहतर बनाना है। यह विधेयक न केवल रोजगार की गारंटी देगाबल्कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर और स्वरोजगार के विकल्प भी पैदा होंगे। इसके अलावायह योजनाएं ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार करनेग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और महिलाओं तथा युवा वर्ग को रोजगार में अधिक शामिल करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगी।

    125 दिन रोजगार की गारंटी

    VB-G RAM G के तहतसरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन का रोजगार देने का वादा कर रही है। इससे पहले मनरेगा में 100 दिन तक रोजगार की गारंटी दी जाती थी। यह कदम सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में स्थिर रोजगार और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है। इसके तहत ग्रामीण कामकाजी वर्ग को लंबे समय तक रोजगार प्राप्त होगाजिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    BJP ने जारी किया व्हिप

    सूत्रों के मुताबिककेंद्र सरकार ने अपने विधायकों और सांसदों को इस विधेयक के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया है। भाजपा ने सुनिश्चित किया है कि इस विधेयक के समर्थन में पूरी पार्टी एकजुट रहेताकि इसे संसद में जल्दी से पास किया जा सके। पार्टी का मानना है कि यह नया विधेयक ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।

    नए विधेयक की संभावित विशेषताएं

    125 दिन रोजगार की गारंटी: यह मनरेगा से एक कदम आगे होगाजहां ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिन तक काम मिल सकेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा: इस विधेयक में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार: इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास करने का भी प्रस्ताव हैजिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता: महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष रोजगार अवसर दिए जाएंगे। नई परियोजनाओं की शुरुआत: ग्रामीण विकासजल संरक्षणशिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

    क्या होगा मनरेगा के स्थान पर

    मनरेगा को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाएगाबल्कि इसे नए विधेयक के तहत अपडेट किया जाएगा। जहां मनरेगा में मुख्य रूप से फिजिकल कामों पर ध्यान केंद्रित किया गया थावहीं VB-G RAM G का उद्देश्य रोजगार के अवसरों को और विस्तारित करना हैताकि अधिक से अधिक लोगों को फायदा हो सके।

    आखिरकारइस विधेयक का क्या असर होगा

    ‘VB-G RAM G’ विधेयक के लागू होने से यह उम्मीद की जा रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिरता में सुधार होगा और श्रमिकों को अधिक काम मिलेगा। इससे न केवल गांवों में आर्थिक सुधार होगाबल्कि यह राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी देने के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम हैऔर यह देश के किसानों और श्रमिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकिइसे लेकर विपक्ष में विभिन्न विचार हो सकते हैंलेकिन इसे ग्रामीण विकास और रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।