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  • सीएम के सामने बदले मंच के समीकरण, रावण के 9 सिर पर सवाल और अफसर को मकान नहीं, एमपी के ये किस्से चर्चा में

    सीएम के सामने बदले मंच के समीकरण, रावण के 9 सिर पर सवाल और अफसर को मकान नहीं, एमपी के ये किस्से चर्चा में


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में दशहरे के आयोजनों के दौरान कुछ ऐसे दिलचस्प नजारे सामने आए जिन्होंने राजनीति से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक को चर्चा में ला दिया। कहीं मुख्यमंत्री के सामने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ हुई एक घटना ने सियासी गलियारों में तंज का मौका दिया तो कहीं रावण के पुतले में दस की जगह नौ सिर लगाए जाने पर सवाल उठे। वहीं हरदा में पूर्व मंत्री कमल पटेल का भाषण उस समय चर्चा में आ गया जब बीच कार्यक्रम में उनके पास फोन पहुंच गया। इन घटनाओं के बीच नए जिले में पदस्थ एक आईएएस अधिकारी को सरकारी आवास नहीं मिलने का मामला भी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता नजर आया।

    भोपाल में दशहरे के एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंच की ओर जा रहे थे। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा मुख्यमंत्री की अगवानी कर रहे थे और उन्हें आगे लेकर बढ़ रहे थे। इसी दौरान मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद वीडी शर्मा ने मुख्यमंत्री से हाथ मिलाया। लेकिन मुलाकात ज्यादा देर नहीं चल सकी। रामेश्वर शर्मा मुख्यमंत्री को आगे बढ़ने का इशारा करते दिखाई दिए और इसी दौरान वीडी शर्मा को धक्का लगने के बाद वह एक तरफ हो गए। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस पर राजनीतिक अंदाज में टिप्पणियां कीं। हालांकि इस दृश्य से किसी की राजनीतिक हैसियत या इरादे के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा लेकिन घटना चर्चा का विषय जरूर बन गई।

    दूसरा दिलचस्प मामला ग्वालियर जिले के डबरा का है जहां दशहरे पर रावण के पुतले को लेकर चूक सामने आई। रावण को दशानन कहा जाता है और उसके दस सिरों की पहचान धार्मिक कथाओं में खास महत्व रखती है। लेकिन यहां पुतले में दस की जगह नौ सिर ही लगाए गए थे। जब इस गलती पर लोगों का ध्यान गया तो आयोजन से जुड़े लोगों ने दसवां सिर भी लगा दिया। इसके बावजूद मामला पूरी तरह नहीं संभला क्योंकि नए सिर का आकार भी चर्चा का कारण बन गया। इस छोटी सी चूक ने दशहरे के आयोजन को लोगों के बीच हास्य और सवालों का विषय बना दिया।

    हरदा में दशहरा उत्सव के दौरान पूर्व मंत्री कमल पटेल अपने भाषण को लेकर सुर्खियों में रहे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उन्होंने जोशीले अंदाज में अपनी बात रखी। भाषण के दौरान उन्होंने भारत माता का अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान राम का वंशज तथा अवतारी पुरुष बताया। इसी बीच एक युवक उनके पास फोन लेकर पहुंचा। कमल पटेल ने भाषण रोककर फोन पर बात करना शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम पर भी लोगों ने चुटकी ली और सवाल उठाया कि आखिर भाषण के बीच फोन आने की वजह क्या थी। हालांकि फोन आने के कारण का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया।

    इसी बीच प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा एक और मामला सामने आया। बताया गया कि नए जिले में पदस्थ एक आईएएस अधिकारी को रहने के लिए सरकारी आवास उपलब्ध नहीं हो सका। उन्हें बताया गया कि पहले पदस्थ अधिकारी ने भी करीब दो साल रेस्ट हाउस में रहकर समय बिताया था और परिवार को साथ नहीं रख पाए थे। यह स्थिति नए जिलों में सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों की तैनाती के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की चुनौती को सामने लाती है। कुल मिलाकर दशहरे के इन किस्सों ने प्रदेश में राजनीतिक घटनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।

  • छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा

    छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा


    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की अपील की है।

    स्तुति मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके आंदोलन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान निकलना चाहिए। बड़े पदों पर बैठे लोगों को जिद नहीं करनी चाहिए, बल्कि बच्चों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने लिखा कि यदि छात्र सरकार से उम्मीद नहीं करेंगे तो फिर किससे करेंगे। उनके अनुसार, प्रेम और सहानुभूति किसी भी समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और हर बच्चे को सम्मान व संवेदनशील व्यवहार मिलना चाहिए।

    पोस्ट के शुरुआती संस्करण में उन्होंने यह भी लिखा था कि गलती होने पर क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं होता और जो लोग इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें दंड मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि छात्रों की मांगों को सुनना आवश्यक है और उनके साथ न्याय होना चाहिए। हालांकि, पोस्ट वायरल होने के बाद उन्होंने इस हिस्से को संपादित कर हटा दिया।

    स्तुति मिश्रा का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। हालांकि, उन्होंने बाद में अपने संदेश में संशोधन करते हुए केवल छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

    यह पहला अवसर नहीं है जब स्तुति मिश्रा का कोई सोशल मीडिया पोस्ट सुर्खियों में आया हो। इससे पहले बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा था कि भविष्य में बैंक होम लोन और कार लोन की तरह पेट्रोल-डीजल लोन भी ईएमआई पर उपलब्ध कराएंगे। उस पोस्ट के वायरल होने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी टिप्पणी पर सफाई भी दी थी।

    वर्तमान पोस्ट ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इसे लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • पेट्रोल-डीजल EMI वाले बयान पर सफाई, कहा- गलत तरीके से पेश किया गया

    पेट्रोल-डीजल EMI वाले बयान पर सफाई, कहा- गलत तरीके से पेश किया गया


    मध्यप्रदेश। भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा का सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का विषय बन गया है। शनिवार सुबह उन्होंने महंगाई और बढ़ते ईंधन दामों को लेकर एक तंज भरा पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि भविष्य में शायद पेट्रोल-डीजल भी ईएमआई पर मिलने लगे।

    इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और विपक्ष ने इसे सरकार पर अप्रत्यक्ष हमला बताते हुए मुद्दा बनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो गया और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

    हालात बिगड़ते देख स्तुति मिश्रा ने तुरंत अपने बयान पर सफाई देते हुए यू-टर्न लिया। उन्होंने एक लंबा स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पोस्ट को गलत संदर्भ में समझा गया है और इसका उद्देश्य किसी सरकार या संस्था की आलोचना करना नहीं था।

    उन्होंने अपने नए बयान में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण तेल आपूर्ति पर असर पड़ता है, जिसका बोझ आम जनता को उठाना पड़ता है। उन्होंने इसे एक चेतावनी और जागरूकता संदेश बताते हुए कहा कि नागरिकों को प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुसार ऊर्जा संरक्षण और नियमों का पालन करना चाहिए।

    स्तुति मिश्रा ने आगे कहा कि यदि लोग मिलकर ईंधन की खपत कम करें तो कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, और यह समय देश के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया, जबकि यह एक सामाजिक संदेश था।

    विवाद की शुरुआत उस पोस्ट से हुई थी जिसमें उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा था कि वह दिन दूर नहीं जब बैंक होम लोन और कार लोन के साथ पेट्रोल-डीजल लोन भी देने लगेंगे, वो भी 10 प्रतिशत ईएमआई पर। इस टिप्पणी को महंगाई पर तीखा तंज माना गया और यह तेजी से चर्चा में आ गया।

    पोस्ट के बाद उठे राजनीतिक विवाद और आलोचना को देखते हुए उनका स्पष्टीकरण सामने आया, जिसमें उन्होंने खुद को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी मंशा किसी को निशाना बनाना नहीं था बल्कि एक सामाजिक संदेश देना था।

    फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है और राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच यह पोस्ट लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।