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  • वेनेजुएला के बाद पाकिस्तान में भूकंप से हिली धरती, डेरा गाजी खान के पास 5.4 तीव्रता का झटका

    वेनेजुएला के बाद पाकिस्तान में भूकंप से हिली धरती, डेरा गाजी खान के पास 5.4 तीव्रता का झटका


    नई दिल्ली । दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंपों के बीच अब पाकिस्तान में भी धरती कांपने से लोगों में दहशत फैल गई। शनिवार सुबह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान क्षेत्र के पास 5.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। झटके महसूस होते ही लोग एहतियातन घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    भूकंप शनिवार सुबह पाकिस्तान के स्थानीय समयानुसार करीब 8 बजकर 53 मिनट पर आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 दर्ज की गई जबकि इसका केंद्र डेरा गाजी खान के आसपास जमीन से लगभग 75 किलोमीटर की गहराई में था। विशेषज्ञों के अनुसार अपेक्षाकृत अधिक गहराई में केंद्र होने के कारण सतह पर नुकसान सीमित रहने की संभावना रहती है लेकिन इसके बावजूद झटके कई इलाकों में महसूस किए गए।

    भूकंप के बाद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी इमारत के गिरने या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पाकिस्तान भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है जहां समय-समय पर मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। हाल के दिनों में भी देश के कई हिस्सों में धरती कांप चुकी है। शुक्रवार को बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। विशेषज्ञ लगातार लोगों को भूकंप के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह देते रहे हैं।

    पाकिस्तान में आया यह भूकंप ऐसे समय दर्ज किया गया है जब वेनेजुएला हाल ही में आए शक्तिशाली भूकंपों से उबरने की कोशिश कर रहा है। वहां 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंपों ने भारी तबाही मचाई थी। कई इमारतें ढह गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है तथा कई इलाकों में मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।

    वेनेजुएला में अस्पतालों और राहत शिविरों में बड़ी संख्या में घायलों का इलाज चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां भी प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचा रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई इलाकों तक पहुंचने में अब भी चुनौतियां बनी हुई हैं।

    दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगातार आ रहे भूकंप यह याद दिलाते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था और लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हमेशा आपातकालीन तैयारियों और सुरक्षा उपायों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

  • भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत वेनेजुएला भेजे डॉक्टर, भीष्म क्यूब और राहत सामग्री

    भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत वेनेजुएला भेजे डॉक्टर, भीष्म क्यूब और राहत सामग्री


    नई दिल्ली । उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने एक बार फिर वैश्विक मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए राहत और चिकित्सा सहायता के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। इस विशेष अभियान के तहत भारतीय सेना की मेडिकल टीम, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और बड़ी मात्रा में राहत सामग्री वेनेजुएला भेजी गई है, ताकि आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल इलाज और जरूरी सहायता मिल सके।

    भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय विशेषज्ञ दल भारतीय वायुसेना के दो सी-17 परिवहन विमानों के जरिए वेनेजुएला रवाना हुआ है। इस टीम में नौ अनुभवी सैन्य चिकित्सक भी शामिल हैं, जो प्रभावित इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, ट्रॉमा केयर, गंभीर घायलों का इलाज, सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

    भारतीय सेना के अनुसार राहत दल अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय सहायता लेकर गया है। इसके अलावा मिशन में 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भी भेजे गए हैं। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता ‘भीष्म क्यूब’ है, जिसे भारत की आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित किया गया है। यह अत्याधुनिक मॉड्यूलर फील्ड हॉस्पिटल बेहद कम समय में स्थापित किया जा सकता है और लगभग 200 मरीजों को एक साथ जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा देने में सक्षम है।

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भारतीय वायुसेना के दो सी-17 विमान राहत सामग्री और चिकित्सा दल के साथ वेनेजुएला रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है तथा हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    भीष्म क्यूब को विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकट वाले क्षेत्रों में तेजी से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह उन्नत ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाओं से लैस है, जिससे बड़ी संख्या में घायलों का तत्काल उपचार संभव हो पाता है।

    भारत का यह मिशन केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मित्र देशों के साथ संकट की घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की उसकी विदेश नीति और मानवीय दृष्टिकोण का भी मजबूत संदेश देता है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना पर आधारित यह अभियान वैश्विक सहयोग, करुणा और मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित करता है।

    वेनेजुएला में चलाया जा रहा ऑपरेशन अमिस्ताद हजारों प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो सकता है। साथ ही यह अभियान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की एक जिम्मेदार, विश्वसनीय और मानवीय शक्ति की छवि को भी और मजबूत करेगा।

  • 7.5 तीव्रता के भूकंप ने वेनेजुएला को झकझोरा, 235 लोगों की मौत, बचाव अभियान तेज, अंतरराष्ट्रीय सहायता जुटाने में सरकार सक्रिय

    7.5 तीव्रता के भूकंप ने वेनेजुएला को झकझोरा, 235 लोगों की मौत, बचाव अभियान तेज, अंतरराष्ट्रीय सहायता जुटाने में सरकार सक्रिय


    नई दिल्ली । वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुकाबले हालात कहीं अधिक गंभीर साबित हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और कई अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। लगातार चल रहे राहत एवं बचाव अभियान के बीच सरकार ने पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में भी बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं।

    समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निजी कंपनियों को भारी मशीनें और मलबा हटाने वाले उपकरण तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है ताकि बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही सरकार ने 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का विशेष राहत कोष बनाने का फैसला किया है जिससे प्रभावित परिवारों और क्षेत्रों को आर्थिक सहायता मिल सके। कारोबारियों को राहत देने के लिए विशेष ऋण सुविधा भी शुरू की जा रही है ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को जल्द दोबारा पटरी पर लाया जा सके।

    नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि यह देश में कई दशकों बाद आई सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। उनके अनुसार करीब 200 लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। बचाव दल दिन रात अभियान चला रहे हैं और समय के साथ जीवन बचाने की चुनौती लगातार कठिन होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हर संभव संसाधन बचाव अभियान में लगाए गए हैं और प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

    विदेश मंत्री इवान गिल ने जानकारी दी कि वेनेजुएला सरकार अंतरराष्ट्रीय सहायता के समन्वय के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही है। उन्होंने बताया कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कम से कम एक दर्जन देशों ने राहत सामग्री विशेषज्ञ टीमों और तकनीकी सहयोग की पेशकश की है। सरकार इन प्रस्तावों पर तेजी से काम कर रही है ताकि प्रभावित इलाकों तक जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।

    बुधवार को आए दोनों भूकंपों की तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई थी। दोनों झटके लगभग 10 किलोमीटर की कम गहराई पर आए जिससे उनका असर अत्यधिक विनाशकारी रहा। उत्तर मध्य राज्य ला गुएरा और राजधानी काराकस महानगरीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया। दोनों भूकंपों के बीच एक मिनट से भी कम का अंतर था और उसके बाद आए लगातार आफ्टरशॉक्स ने पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के गिरने का खतरा और बढ़ा दिया है।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वेनेजुएला को व्यापक समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है और सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल राहत कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने भी वेनेजुएला के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए बचाव एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम भेजने की तैयारी का ऐलान किया है। वैश्विक सहयोग के बीच अब वेनेजुएला के सामने सबसे बड़ी चुनौती राहत कार्यों को तेज करते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और सामान्य जीवन बहाल करना है।

  • वेनेजुएला में तबाही के बीच भारत का मानवीय संदेश, पीएम मोदी के समर्थन पर राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने कहा धन्यवाद

    वेनेजुएला में तबाही के बीच भारत का मानवीय संदेश, पीएम मोदी के समर्थन पर राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने कहा धन्यवाद


    नई दिल्ली । वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद उत्पन्न मानवीय संकट के बीच भारत ने एक बार फिर वैश्विक मानवीय सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वेनेजुएला की जनता के प्रति व्यक्त की गई संवेदनाओं और राहत कार्यों में हरसंभव सहयोग के आश्वासन का वहां की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने स्वागत किया है। उन्होंने भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में भारत का समर्थन वेनेजुएला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का जवाब देते हुए डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि वे भारत की ओर से व्यक्त संवेदनाओं और सहायता की इच्छा का दिल से स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए भारत का सहयोग और समर्थन दोनों देशों के बीच मजबूत मित्रता और मानवीय संबंधों का प्रतीक है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने इस कठिन घड़ी में भारत के साथ खड़े होने के लिए विशेष धन्यवाद भी दिया।

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप पर गहरा दुख व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि और व्यापक तबाही की खबर बेहद पीड़ादायक है। प्रधानमंत्री ने भारत के लोगों की ओर से उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।

    वेनेजुएला सरकार लगातार राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रही है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार अब तक कम से कम 32 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में इमारतों के ढहने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर बचाव कार्यों को तेज करने में जुटी हैं।

    इस बीच यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने चेतावनी दी है कि आपदा का वास्तविक असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकता है। एजेंसी ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में हालात का आकलन कर रही हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार स्रोतों से सामने आई तस्वीरों में काराकस सहित कई शहरों में इमारतों और घरों को भारी नुकसान पहुंचा दिखाई दे रहा है।

    जानकारी के अनुसार बुधवार शाम सबसे पहले 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। इसके महज एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंप समुद्र तटीय क्षेत्र मोरोन के पास और राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में आए। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर होने के कारण इसका प्रभाव अधिक विनाशकारी साबित हुआ।

    वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने बताया कि देश के कई हिस्सों में इमारतों और सार्वजनिक ढांचों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस आपदा पर नजर बनाए हुए है और कई देशों ने वेनेजुएला को सहायता देने की पेशकश की है।

  • वेनेजुएला में मौत और तबाही का मंजर, पीएम मोदी ने जताई संवेदना, ट्रंप ने जारी किया अलर्ट

    वेनेजुएला में मौत और तबाही का मंजर, पीएम मोदी ने जताई संवेदना, ट्रंप ने जारी किया अलर्ट

    काराकस। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। देश के कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और जानमाल के बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके दुख में पूरा भारत सहभागी है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

    वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भूकंप से हुई तबाही पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में आए दोनों भूकंप अत्यंत शक्तिशाली थे और शुरुआती रिपोर्टें अच्छे संकेत नहीं दे रही हैं। ट्रंप के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और भारी जनहानि की आशंका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी संबंधित एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

    संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार पहला भूकंप बुधवार देर शाम 7.1 तीव्रता का दर्ज किया गया। इसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम स्थित तटीय क्षेत्र मोरोन के आसपास था। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर होने के कारण इसका प्रभाव और अधिक विनाशकारी माना जा रहा है।

    भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी काराकस सहित कई शहरों में लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई इमारतों में दरारें आ गईं जबकि कुछ भवन पूरी तरह ढह गए। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर मलबा और क्षतिग्रस्त मकान दिखाई दे रहे हैं।

    वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने पुष्टि की कि देश के विभिन्न हिस्सों में नुकसान की खबरें मिली हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे फिलहाल इमारतों के अंदर जाने से बचें क्योंकि आफ्टरशॉक यानी भूकंप के बाद आने वाले झटकों का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं।

    भूकंप का असर पड़ोसी देश कोलंबिया तक भी महसूस किया गया। वहां के कई शहरों में लोगों ने तेज झटकों की सूचना दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नुकसान का वास्तविक आकलन आने वाले दिनों में ही हो पाएगा। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों में सहयोग के लिए तैयार हैं।

    वेनेजुएला इस समय अपने हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। पूरी दुनिया की नजर अब राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हुई है, जबकि प्रभावित परिवारों के लिए वैश्विक स्तर पर संवेदनाएं और सहायता के संदेश लगातार सामने आ रहे हैं। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। देश के कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और जानमाल के बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके दुख में पूरा भारत सहभागी है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

    वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भूकंप से हुई तबाही पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में आए दोनों भूकंप अत्यंत शक्तिशाली थे और शुरुआती रिपोर्टें अच्छे संकेत नहीं दे रही हैं। ट्रंप के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और भारी जनहानि की आशंका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी संबंधित एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

    संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार पहला भूकंप बुधवार देर शाम 7.1 तीव्रता का दर्ज किया गया। इसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम स्थित तटीय क्षेत्र मोरोन के आसपास था। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर होने के कारण इसका प्रभाव और अधिक विनाशकारी माना जा रहा है।

    भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी काराकस सहित कई शहरों में लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई इमारतों में दरारें आ गईं जबकि कुछ भवन पूरी तरह ढह गए। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर मलबा और क्षतिग्रस्त मकान दिखाई दे रहे हैं।

    वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने पुष्टि की कि देश के विभिन्न हिस्सों में नुकसान की खबरें मिली हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे फिलहाल इमारतों के अंदर जाने से बचें क्योंकि आफ्टरशॉक यानी भूकंप के बाद आने वाले झटकों का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं।

    भूकंप का असर पड़ोसी देश कोलंबिया तक भी महसूस किया गया। वहां के कई शहरों में लोगों ने तेज झटकों की सूचना दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नुकसान का वास्तविक आकलन आने वाले दिनों में ही हो पाएगा। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों में सहयोग के लिए तैयार हैं।

    वेनेजुएला इस समय अपने हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। पूरी दुनिया की नजर अब राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हुई है, जबकि प्रभावित परिवारों के लिए वैश्विक स्तर पर संवेदनाएं और सहायता के संदेश लगातार सामने आ रहे हैं।