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  • दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा ने कहा अलविदा, कला जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक किया जाएगा याद

    दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा ने कहा अलविदा, कला जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक किया जाएगा याद


    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। अपनी दमदार अभिनय शैली और लंबे करियर के लिए पहचाने जाने वाले दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा अब इस दुनिया में नहीं रहे। 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म और टीवी जगत में शोक का माहौल है। कई कलाकारों और उनके प्रशंसकों ने उनके जाने पर दुख व्यक्त किया है। वर्षों तक अभिनय की दुनिया में सक्रिय रहे रमाकांत दायमा ने अपने काम के जरिए दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई थी।

    बताया जा रहा है कि रमाकांत दायमा पिछले लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे थे। उम्र संबंधी समस्याओं के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा था। मंगलवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में शोक की लहर फैल गई। उनके करीबियों और साथ काम कर चुके कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

    उनके साथ लंबे समय तक काम कर चुके कई कलाकारों ने उन्हें केवल एक अभिनेता नहीं बल्कि प्रेरणा देने वाला व्यक्तित्व बताया। उनके सहयोगी कलाकारों ने कहा कि रमाकांत दायमा सेट पर अपने अनुभव, सहज व्यवहार और सकारात्मक ऊर्जा के लिए जाने जाते थे। वह अपने काम के प्रति बेहद समर्पित थे और नए कलाकारों को हमेशा मार्गदर्शन देते थे। उनके व्यक्तित्व की यही विशेषता उन्हें सबसे अलग बनाती थी।

    उनके निधन के बाद कई कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए भावुक संदेश साझा किए। श्रद्धांजलि देते हुए कलाकारों ने कहा कि रमाकांत दायमा जैसे लोग केवल अभिनय नहीं करते बल्कि अपने व्यवहार और व्यक्तित्व से भी लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। उनके साथ बिताए गए पल और उनसे मिली सीख हमेशा याद रखी जाएगी। उनके जाने को इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

    रमाकांत दायमा ने अपने लंबे करियर में फिल्मों, टेलीविजन और थिएटर के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। उन्होंने कई चर्चित परियोजनाओं में अभिनय किया और अपने किरदारों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी अभिनय शैली में सहजता और गहराई दिखाई देती थी, जो दर्शकों को उनसे जोड़ने का काम करती थी। उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और वर्षों तक मनोरंजन जगत में अपनी सक्रिय उपस्थिति बनाए रखी।

    अभिनय की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो केवल पर्दे तक सीमित नहीं रहते बल्कि अपने व्यवहार और व्यक्तित्व से भी लोगों की यादों का हिस्सा बन जाते हैं। रमाकांत दायमा उन्हीं कलाकारों में शामिल थे। उनके जाने से मनोरंजन जगत ने एक अनुभवी कलाकार, मार्गदर्शक और सम्मानित चेहरा खो दिया है। उनके अभिनय और योगदान को लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।

  • दिग्गज एक्टर भरत कपूर का निधन…. 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

    दिग्गज एक्टर भरत कपूर का निधन…. 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस


    नई दिल्ली।
    फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) से बुरी खबर सामने आ रही है। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर भरत कपूर (Bharat Kapoor) अब इस दुनिया में नहीं रहे। 80 साल की उम्र में भरत कपूर (Bharat Kapoor) ने अंतिम सांस ली। उनके निधन (Passed Away) की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच गहरा दुख और शोक की लहर दौड़ गई है।


    अशोक पंडित ने जताया शोक

    भरत कपूर ने निधन पर निर्माता अशोक पंडित शोक व्यक्त किया है। अशोक पंडित ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिग्गज एक्टर की तस्वीर शेयर करते हुए उनके निधन की खबर की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा, “दिग्गज थिएटर और फिल्म अभिनेता भरत कपूर जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। मेरे करियर के शुरुआती दिनों में उनके साथ काम करने की बहुत अच्छी यादें हैं। एक महान इंसान। ओम शांति।”


    तीन दिनों से बीमार थे एक्टर

    भरत कपूर का निधन मुंबई के Sion Hospital में दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। उनका अंतिम संस्कार शाम 6:30 बजे परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में किया गया। एक्टर और उनके करीबी दोस्त अवतार गिल ने India Today को बताया, “मैं अभी-अभी श्मशान घाट से लौटा हूं, जहां शाम 6:30 बजे अंतिम संस्कार हुआ। उनका निधन आज दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल में हुआ। पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। पिछले कुछ दिनों से उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।”


    चार दशकों तक पर्दे पर किया राज

    भरत कपूर ने 1972 में फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत की और लगभग चार दशक तक पर्दे पर छाए रहे। भरत सपोर्टिंग रोल और खलनायक की भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। वह 1970, 80 और 90 के दशक में हिंदी सिनेमा में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। उन्होंने नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाजार (1982), गुलामी (1985), आखिरी रास्ता (1986), सत्यमेव जयते (1987), स्वर्ग (1990), खुदा गवाह (1992), और रंग (1993) सहित कई उल्लेखनीय फिल्मों में अभिनय किया।


    इन फिल्मों में दिखाया जलवा

    भरत कपूर ने इसके अलावा ‘बरसात’ (1995), ‘साजन चले ससुराल’ (1996), और ‘मीनाक्षी: ए टेल ऑफ थ्री सिटीज’ (2004) जैसी फिल्मों में नजर आए, जिनमें उन्होंने हर दौर के हिसाब से खुद को ढालने की अपनी काबिलियत दिखाई। फिल्मों के अलावा, भरत कपूर ने ‘कैंपस’, ‘परंपरा’, ‘राहत’, ‘सांस’, ‘अमानत’, ‘तारा’, ‘चुनौती’ और ‘कहानी चंद्रकांता की’ जैसे टीवी शो के जरिए टेलीविजन पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें अलग-अलग माध्यमों के बीच आसानी से काम करने का मौका दिया।