Tag: Vidarbha

  • SAIL की जमीन पर बने कथित अवैध दफ्तर पर प्रशासन की कार्रवाई, बर्नपुर में चार कार्यालय हटाए गए

    SAIL की जमीन पर बने कथित अवैध दफ्तर पर प्रशासन की कार्रवाई, बर्नपुर में चार कार्यालय हटाए गए

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में इन दिनों डीजल आपूर्ति को लेकर स्थिति गंभीर चर्चा का विषय बनी हुई है। भीषण गर्मी और खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण इलाकों में स्थिति ऐसी बन गई है कि किसान 50 से 80 किलोमीटर दूर तक डीजल लेने के लिए यात्रा करने को मजबूर हैं। इससे खेती की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका गहराने लगी है।

    बुलढाणा, वाशिम और आसपास के जिलों में पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टरों और डीजल कैनों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। किसान सुबह से ही पंपों पर पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा। इस स्थिति ने किसानों के बीच चिंता और असंतोष दोनों को बढ़ा दिया है।

    वाशिम जिले के कई किसान बताते हैं कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में डीजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा, जिसके चलते उन्हें अकोला जैसे जिलों का रुख करना पड़ रहा है। एक किसान के अनुसार, उन्होंने कई पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाए, लेकिन अंततः बहुत कम मात्रा में डीजल मिल पाया, जिससे उनकी खेती की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही।

    इस बीच अकोला जिले की स्थिति थोड़ी अलग बताई जा रही है। यहां बड़े डिपो होने के कारण डीजल उपलब्ध तो है, लेकिन आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण पंपों पर दबाव काफी बढ़ गया है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वास्तविक कमी की बजाय यह स्थिति अचानक बढ़ी मांग और घबराहट के कारण बनी है।

    अधिकारियों और पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार पिछले कुछ दिनों में डीजल की बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन में देरी के कारण सप्लाई समय पर नहीं पहुंच पा रही, जिससे कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो जाता है और लोगों में डर बढ़ जाता है।

    अकोला के एक पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि उनके पास डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन भीड़ बढ़ने से दबाव जरूर महसूस किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि किसान जरूरत से ज्यादा डीजल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।

    हालांकि किसानों का तर्क है कि खरीफ सीजन की तैयारी के लिए समय पर जुताई और बुवाई जरूरी है, और डीजल की अनुपलब्धता से उनकी खेती प्रभावित हो सकती है। तेज धूप और 45 से 46 डिग्री तक पहुंचते तापमान में किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

    इस पूरे मामले में दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक ओर किसान डीजल की कमी और लंबी कतारों की शिकायत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक इसे पैनिक और अफवाह का परिणाम बता रहे हैं।

    फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि अगर सप्लाई और वितरण व्यवस्था समय पर दुरुस्त नहीं हुई, तो खरीफ सीजन की खेती पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

  • Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना

    Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना



    नई दिल्ली । मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजस्थान के अकोला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मार्च की गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले करीब 50 वर्षों में मार्च के पहले ही सप्ताह में दर्ज सबसे अधिक तापमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। ऐसे समय लोगों को लू लगने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

    हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में राहत मिल सकती है। 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और अनंतनाग में भी हल्की बर्फबारी हो सकती है।

    इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा और केरल में बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पीएं और बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। इस मार्च की गर्मी ने देशभर में गर्मी की शुरुआती चेतावनी दे दी है और आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।