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  • विदिशा में कचरा संकट गहराया, डंपिंग साइट तक नहीं पहुंच सके वाहन, शहर में गंदगी का खतरा बढ़ा

    विदिशा में कचरा संकट गहराया, डंपिंग साइट तक नहीं पहुंच सके वाहन, शहर में गंदगी का खतरा बढ़ा


    विदिशा  लगातार हो रही बारिश ने विदिशा शहर की सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। जतरापुरा स्थित डंपिंग ग्राउंड तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है जिसके कारण नगर पालिका के कचरा वाहन वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर से रोजाना एकत्र होने वाला लगभग 35 टन कचरा नगर पालिका परिसर में ही रुका हुआ है और ट्रैक्टर ट्रॉलियां व डंपर खड़े रहने को मजबूर हैं। यदि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में शहर में कचरे का ढेर लगने और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

    नगर पालिका के सफाई कर्मचारी प्रतिदिन शहर के सभी वार्डों घरों बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से कचरा एकत्र करते हैं। सामान्य दिनों में करीब छह ट्रैक्टर ट्रॉलियों और चार बड़े डंपरों के माध्यम से इस कचरे को जतरापुरा डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाता है। लेकिन गुरुवार की तेज बारिश के बाद डंपिंग स्थल तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह दलदल बन गया जिससे वाहन बीच रास्ते में फंसने लगे और कचरा ले जाना असंभव हो गया। मजबूरी में सभी वाहनों को नगर पालिका परिसर में ही खड़ा करना पड़ा।

    यह समस्या पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले भी बारिश के मौसम में इसी तरह की स्थिति बन चुकी है जब डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया था और कई दिनों तक कचरे से भरे वाहन नगर पालिका परिसर में खड़े रहे थे। हालांकि उस समय बारिश थमने के बाद रास्ता खुल गया था और कचरे का निस्तारण किया जा सका था। इस बार भी पूरे मार्ग में कीचड़ होने से वाहन आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं और फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

    विदिशा नगर पालिका पहले सोठिया क्षेत्र के पास कचरा डंप करती थी लेकिन ग्रामीणों के विरोध और मानव अधिकार आयोग में शिकायत के बाद वहां कचरा डालना बंद कर दिया गया। इसके बाद जतरापुरा और मिर्जापुर क्षेत्रों को अस्थायी डंपिंग स्थल के रूप में उपयोग किया जाने लगा। अब लगातार बारिश के कारण इन स्थानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है जिससे नगर पालिका के सामने कचरा प्रबंधन की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

    नगर पालिका के कर्मचारियों का कहना है कि यदि रास्ता जल्द नहीं खुला तो शहर से निकलने वाले दैनिक कचरे का उठाव प्रभावित हो जाएगा। इससे सड़कों और मोहल्लों में गंदगी बढ़ेगी तथा मच्छरों और संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। बारिश के मौसम में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना पहले से ही चुनौतीपूर्ण होता है और ऐसे में डंपिंग ग्राउंड तक पहुंच बंद होना हालात को और गंभीर बना सकता है।

    नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष आशीष माहेश्वरी ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक डंपिंग व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो शहर को गंभीर स्वच्छता और स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। वहीं नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि स्थायी डंपिंग ग्राउंड के लिए जिला प्रशासन से भूमि की मांग की गई है। फिलहाल दूसरी जगह तलाशने के साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में बारिश के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

  • विदिशा में सड़कों की दुर्दशा पर तंज, कांग्रेस ने गड्ढों का पूजन कर साधा निशाना

    विदिशा में सड़कों की दुर्दशा पर तंज, कांग्रेस ने गड्ढों का पूजन कर साधा निशाना


    मध्य प्रदेश । विदिशा जिले में सड़क की खराब हालत और बढ़ते गड्ढों को लेकर कांग्रेस ने सांकेतिक विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क के गड्ढों की पूजा-अर्चना कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।

     भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना
    कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि जिले में भाजपा सांसद, विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष होने के बावजूद सड़कें बदहाल हैं। उनका कहना है कि जनता ने विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को चुना था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।

     पूरे जिले में सड़कें खराब होने का दावा
    कांग्रेस नेताओं के अनुसार केवल शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में सड़कों की स्थिति खराब है। कई जगह लंबे समय से मरम्मत और निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक खींचतान के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

    “सद्बुद्धि” की प्रार्थना और विरोध का संदेश
    कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि गड्ढों की पूजा कर उन्होंने जिम्मेदारों को “सद्बुद्धि” देने और जल्द सड़क सुधार की प्रार्थना की है। यह प्रदर्शन पूरी तरह सांकेतिक था, जिसका उद्देश्य जनता की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना था।

     आगे आंदोलन की चेतावनी
    कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो पार्टी कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी। साथ ही आने वाले दौरों में वरिष्ठ नेताओं से भी इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाएगा।

  • विदिशा में अड़ीबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन, बदमाश का निकाला जुलूस

    विदिशा में अड़ीबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन, बदमाश का निकाला जुलूस


    मध्य प्रदेश । विदिशा जिले में कोतवाली पुलिस ने अड़ीबाजी और अवैध वसूली के आरोपी राहुल अहिरवार (36) का सार्वजनिक जुलूस निकालकर कड़ा संदेश दिया है। आरोपी पर कृषि उपज मंडी के व्यापारियों से मारपीट, धमकी और पैसों की जबरन मांग करने के गंभीर आरोप थे। पुलिस ने आरोपी को मंडी क्षेत्र, बरईपुरा चौराहा और आसपास के इलाकों में घुमाया, जहां उसने लोगों के सामने अपने अपराधों के लिए माफी मांगते हुए तौबा करने की बात कही।

    मंडी में व्यापारियों से मारपीट और धमकी का मामला
    कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि आरोपी राहुल अहिरवार कुछ समय पहले कृषि उपज मंडी क्षेत्र में शराब के नशे में व्यापारियों से पैसे मांग रहा था। विरोध करने पर उसने व्यापारियों के साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया भी था। इस मामले में उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई, फरार आरोपी गिरफ्तार
    पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर जिले में फरार और आदतन अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी को बरईपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को उन स्थानों पर ले जाकर कार्रवाई दिखाई, जहां उसने पहले लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली की घटनाओं को अंजाम दिया था।

    सार्वजनिक संदेश: अपराधियों में डर, जनता में भरोसा
    पुलिस द्वारा निकाले गए इस जुलूस का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना बताया गया। थाना प्रभारी आनंद राज ने कहा कि गुंडागर्दी, अड़ीबाजी और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि सार्वजनिक रूप से भी सख्त संदेश दिया जाएगा, ताकि शहर में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

  • विदिशा में अवैध कॉलोनियों का दर्द, सुविधाओं के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग

    विदिशा में अवैध कॉलोनियों का दर्द, सुविधाओं के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग


    मध्य प्रदेश । विदिशा जिले में अवैध कॉलोनियों का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। जतरपुरा क्षेत्र स्थित गोकुलधाम फेस-1 और सूरज नगर कॉलोनी के रहवासी मंगलवार को अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए कॉलोनाइजर पर गंभीर आरोप लगाए।

    रहवासियों का कहना है कि प्लॉट बेचते समय उन्हें सड़क, बिजली, पानी, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कॉलोनी में कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

    बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन मुश्किल
    कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गोकुलधाम कॉलोनी के रहवासी पहले भी कई बार जनसुनवाई में पहुंचकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं और कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।

    पूर्व में प्रशासन द्वारा मामले की जांच भी कराई गई थी और तहसीलदार ने रहवासियों के बयान दर्ज किए थे। जांच में कॉलोनी में सुविधाओं की गंभीर कमी की पुष्टि भी हुई थी, जिसके बाद कॉलोनाइजर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

    “वादे किए गए, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलीं”
    स्थानीय निवासी पूजा वर्मा ने बताया कि प्लॉट खरीदते समय सभी सुविधाएं देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं की गई हैं।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर कुछ लोगों द्वारा दबाव बनाने और धमकाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे रहवासी डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं।

    अवैध कॉलोनियों का बढ़ता जाल, प्रशासन पर सवाल
    विदिशा शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। आकर्षक दावों और विकास के वादों के नाम पर लोगों को प्लॉट बेच दिए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कॉलोनाइजर बेखौफ होकर ऐसे काम कर रहे हैं। समय पर कार्रवाई न होने से आम लोग अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर भी परेशान हो रहे हैं।

    प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
    इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध कॉलोनियों का विस्तार हो रहा था, तब संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।

    अब रहवासियों की मांग है कि कॉलोनाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और कॉलोनियों में जल्द से जल्द सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

  • विदिशा में हादसे से मातम, परिजनों की आंखों के सामने बुझ गई जिंदगी

    विदिशा में हादसे से मातम, परिजनों की आंखों के सामने बुझ गई जिंदगी


    विदिशा। विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय किशोर की पानी की टंकी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि किशोर घर के बाथरूम में नहाने गया था, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, जहां वह पानी की टंकी में डूबा मिला।

    जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान महेंद्र रघुवंशी के रूप में हुई है। गुरुवार दोपहर महेंद्र घर के बाथरूम में नहाने के लिए गया था। उस समय परिवार के अन्य सदस्य भी घर में मौजूद थे। काफी देर बीत जाने के बाद जब वह बाहर नहीं आया, तो परिजनों को चिंता हुई।

    परिवार के सदस्य और उसकी बहन उसे देखने के लिए बाथरूम पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि महेंद्र पानी की बड़ी टंकी में डूबा हुआ है। यह दृश्य देखकर घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और इलाज के लिए नटेरन अस्पताल पहुंचाया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक के परिजन मुकुट रघुवंशी ने बताया कि दोपहर के समय घर के सभी सदस्य मौजूद थे और किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि महेंद्र किसी तरह पानी की टंकी में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका।

    घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

    इस दुखद घटना ने एक बार फिर घरों में बने खुले पानी के टैंक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए पानी की टंकियों को सुरक्षित ढंग से ढंककर रखना बेहद जरूरी है।

  • विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना

    विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना


    विदिशा । विदिशा शहर के माधवगंज चौराहे स्थित होटल राजावत में मंगलवार सुबह अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब होटल के मीटर बॉक्स से धुआं निकलता देखा गया। शुरुआती तौर पर कर्मचारियों को स्थिति समझ नहीं आई, लेकिन कुछ ही देर में चिंगारियां निकलने लगीं और आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया।

    होटल स्टाफ ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। साथ ही होटल में मौजूद अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग को फैलने से पहले ही मीटर बॉक्स तक सीमित कर दिया गया।

    सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पानी डालकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    होटल संचालक महिपाल सिंह ने बताया कि यदि मौके पर अग्निशमन यंत्र मौजूद नहीं होते तो आग तेजी से फैल सकती थी और होटल को भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

    संचालक ने अन्य व्यापारियों, होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों में अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

  • सड़कों पर घूमते कुत्तों ने किया हमला, नगर पालिका पर उठे सवाल

    सड़कों पर घूमते कुत्तों ने किया हमला, नगर पालिका पर उठे सवाल

    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में आवारा कुत्तों के आतंक की एक और घटना सामने आई है। जतरापुरा इलाके में सड़क से पैदल गुजर रही एक बुजुर्ग महिला पर तीन आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें घेर लिया। कुत्तों ने महिला के पैर पर काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दर्द से कराहती महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाकर उनकी जान बचाई।

    घायल महिला अस्पताल में भर्ती, स्थानीय लोगों में आक्रोश
    घटना के बाद महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक था कि महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना से इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया है।

     नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप, बढ़ रहा गुस्सा
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। निवासियों ने आरोप लगाया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई नियमित अभियान नहीं चलाया जा रहा, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

    आंदोलन की चेतावनी, लोग हुए एकजुट
    घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। परिजनों में भी चिंता है क्योंकि अब बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।

    विदिशा की यह घटना शहरी इलाकों में आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • सरकारी कार्रवाई: वन भूमि पर कब्जे के आरोप में पंचायत सचिव की नौकरी गई

    सरकारी कार्रवाई: वन भूमि पर कब्जे के आरोप में पंचायत सचिव की नौकरी गई


    नई दिल्ली । विदिशा वन मंडल में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। ग्राम पंचायत बीजूखेड़ी, जनपद पंचायत लटेरी के पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई वन भूमि पर कब्जे के गंभीर आरोपों और जांच में दोष सिद्ध होने के बाद की गई है।
    मामले की शुरुआत उस समय हुई जब वन परिक्षेत्र उत्तर लटेरी की देहरीपामा बीट के कक्ष क्रमांक पी-410 में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत सामने आई। इस पर वन विभाग ने 21 जुलाई 2024 को वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर पर ही इस अतिक्रमण का आरोप था।
    वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 ‘अ’ के तहत संबंधित सचिव को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन आरोपी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे मामला और गंभीर हो गया।
    जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद वनमंडलाधिकारी विदिशा ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद भूमि से कब्जा नहीं हटाया गया। आदेश की अवहेलना के बाद विभाग ने जिला पंचायत को कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
    इसके बाद जिला पंचायत ने कार्रवाई करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर 8 मई 2026 को पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।
    वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों।
    इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि संरक्षण को लेकर एक सख्त संदेश दिया गया है।

  • विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार

    विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार


    विदिशा  मध्यप्रदेश के विदिशा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित करीब 4.44 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई से शहर में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने का स्पष्ट संदेश गया है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

    पुलिस को सूचना मिली थी कि बालाजी पैराडाइज कॉलोनी के पीछे स्थित खाली जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 11 आरोपी जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

    मोबाइल, बाइक और नगदी बरामद

    छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव साहू, रवि बघेल, अक्षय खान, आसिफ खान, तौफीक खान, दिनेश मालवीय, गौरव सूर्यवंशी, इशान खान, आशीष लोधी, रानू सिलावट और साजिद खान शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे शिव नगर, पुरनपुरा, बजरिया और बेस दरवाजा के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में की गई। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

    अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और अपराध पर नियंत्रण करना है।

  • मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान

    मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान


    विदिशा :केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जनसेवा से जुड़े कई बड़े संकल्प लेने की घोषणा की है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण सेवा सहायता शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का संकल्प लिया है। उनके संसदीय क्षेत्र Vidisha में इस दिन को प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

    इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मामा कोचिंग क्लासेस शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल के तहत छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाएगी। शुरुआत में यह कोचिंग Vidisha के साथ साथ Raisen और Bhairunda से शुरू की जाएगी। यहां छात्रों को बैंकिंग एसएससी एमपीपीएससी डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सकें।

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रालयों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नई परंपरा भी शुरू की है। उन्होंने कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों में अब गुलदस्ते शाल और मोमेंटो की जगह पौधे भेंट किए जाएंगे। उनका मानना है कि उपहार देने के बजाय प्रकृति के लिए उपकार करना ज्यादा जरूरी है। इस अभियान के तहत पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड कर शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे।

    उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग शाल या बुके लेकर न आए। इसके बजाय अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी सुरक्षित रह सके।

    इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता पिता की स्मृति में प्रेम सुंदर प्रतिभा सम्मान शुरू करने की घोषणा भी की है। इस योजना के तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉपर्स को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 51 हजार 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही लोकसभा स्तर पर भी शीर्ष तीन विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मामा चलित अस्पताल भी शुरू किए जाएंगे। इन मोबाइल अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी जो गांव गांव और दूरदराज के मजरे टोलों तक पहुंचकर लोगों को निशुल्क इलाज और परामर्श देगी। इन अस्पतालों का संचालन सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा।

    इसके साथ ही दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांग लोगों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है ताकि उनकी रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने काम कर सकें।