Tag: Vijay Hazare Trophy

  • संघर्ष से सफलता तक: प्रफुल हिंगे की कहानी और हार्दिक पांड्या का खास मैसेज

    संघर्ष से सफलता तक: प्रफुल हिंगे की कहानी और हार्दिक पांड्या का खास मैसेज


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 21वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के युवा तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने अपने डेब्यू से ही क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी। अपने पहले ही मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 34 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जिसमें पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

    पिता का वादा बना करियर की नींव
    प्रफुल्ल हिंगे की कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि संघर्ष और परिवार के सपोर्ट की मिसाल है। उन्होंने बताया कि जब वह छठी क्लास में थे, तब उन्होंने अपने पिता से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई थी। उस समय उनके पिता ने उन्हें तुरंत मैदान में उतारने के बजाय एक साल रुकने को कहा, लेकिन साथ ही उन्हें टेनिस बॉल से खेलने के लिए एक बैट दिलाया। यही छोटा सा कदम आगे चलकर उनके बड़े क्रिकेटर बनने की नींव बन गया।

    समर कैंप से शुरू हुआ असली सफर
    एक साल बाद उनके पिता ने उनका एडमिशन एक समर कैंप में कराया, जहां से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखनी शुरू कीं। प्रफुल्ल ने बताया कि शुरुआत में उन्हें सीजन बॉल क्रिकेट की समझ नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने खुद को धीरे-धीरे तैयार किया।
    पिता ने साफ कहा था कि पढ़ाई, स्कूल और क्रिकेट—तीनों को साथ संभालना होगा, और प्रफुल्ल ने यह चुनौती स्वीकार की।

    चोट और MRF अकादमी का कठिन दौर
    प्रफुल्ल के करियर में मुश्किल समय भी आया, जब MRF पेस अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर की समस्या सामने आई। करीब 7–8 महीने का समय उनके लिए बेहद कठिन रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने अंडर-23 क्रिकेट में 25 से ज्यादा विकेट लेकर जोरदार वापसी की।

    ऑस्ट्रेलिया ट्रेनिंग और बड़े गेंदबाजों से सीख
    MRF अकादमी के जरिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया में ट्रेनिंग का मौका मिला, जहां उन्होंने दिग्गज तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड और झाय रिचर्डसन से मुलाकात की। वहां उन्होंने फिटनेस, डाइट और मैच मैनेजमेंट को लेकर कई अहम बातें सीखीं।

    हार्दिक पांड्या से खास पल
    विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान हार्दिक पांड्या के खिलाफ गेंदबाजी करते समय प्रफुल्ल शुरुआत में घबराए हुए थे, लेकिन पहली गेंद के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। हार्दिक ने भी उनकी गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा था

    “बहुत बढ़िया गेंदबाजी।”
    यह बात उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

     IPL में बड़ा सपना
    प्रफुल्ल हिंगे का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ आईपीएल खेलना नहीं बल्कि अपनी टीम को चैंपियन बनाना है। इसके अलावा वह बेस्ट फील्डर बनने और सबसे शानदार कैच लेने का सपना भी देखते हैं।

  • भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तान, जिनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफी

    भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तान, जिनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफी

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया। उन्हीं महान खिलाड़ियों में से एक थे Vijay Hazare। विजय सैमुअल हजारे को भारत के शुरुआती दौर के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को मजबूती दी। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट का नाम उनके नाम पर रखा गया है, जिसे आज Vijay Hazare Trophy के नाम से जाना जाता है।

    सांगली में जन्म, बचपन से ही क्रिकेट का जुनून
    विजय हजारे का जन्म 11 मार्च 1915 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का बेहद शौक था। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिन गेंदबाज Clarrie Grimmett से भी कोचिंग लेने का मौका मिला था। उस दौर में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को निखारा और जल्द ही घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली।


    फर्स्ट क्लास क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत
    विजय हजारे ने 1934-35 में अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की शुरुआत की। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उन्होंने 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के ऐतिहासिक मैदान Lord’s Cricket Ground पर अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया। उस समय उनकी उम्र 31 साल थी। अपने पहले टेस्ट मैच में उन्होंने दोनों पारियों में 31 और 34 रन बनाकर अपने करियर की ठोस शुरुआत की।

    कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड किए अपने नाम
    विजय हजारे भारतीय क्रिकेट के शुरुआती रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। वह भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में 1000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, उन्होंने जनवरी 1948 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में खेले गए टेस्ट मैच में दोनों पारियों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया। उस मैच में उन्होंने 116 और 145 रन की शानदार पारियां खेलीं। इसके अलावा वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। यह उपलब्धि उन्होंने जनवरी 1940 में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए बड़ौदा के खिलाफ हासिल की थी।

    🇮🇳 आजाद भारत को दिलाई पहली टेस्ट जीत
    विजय हजारे सिर्फ एक महान बल्लेबाज ही नहीं बल्कि सफल कप्तान भी थे। उनकी कप्तानी में भारत ने आजाद होने के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल की थी। यह ऐतिहासिक मुकाबला 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया था, जिसमें भारत ने पारी और 8 रन से शानदार जीत दर्ज की थी। यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है।

    शानदार रहा क्रिकेट करियर
    विजय हजारे का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने भारत की ओर से 30 टेस्ट मैच खेले, जिनकी 52 पारियों में 47.65 की औसत से 2,192 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 7 शतक और 9 अर्धशतक निकले। वहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने कुल 238 मैच खेले और 58.38 की शानदार औसत से 18,740 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 60 शतक और 73 अर्धशतक भी जड़े। उस दौर में इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद खास माना जाता था।

    पद्म श्री से हुए सम्मानित
    भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए सरकार ने उन्हें 1960 में Padma Shri से सम्मानित किया। इसके अलावा साल 1996 में उन्हें भारतीय क्रिकेट का सर्वोच्च सम्मान C. K. Nayudu Lifetime Achievement Award भी दिया गया।

     उनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफी
    भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को अमर बनाने के लिए 2002-03 में घरेलू वनडे टूर्नामेंट की शुरुआत की गई, जिसका नाम Vijay Hazare Trophy रखा गया। इस टूर्नामेंट में रणजी ट्रॉफी की सभी टीमें हिस्सा लेती हैं और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण घरेलू वनडे टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है।

  • अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय स्टार्स की भागीदारी बढ़ने के साथ ही दर्शकों की मांग भी बढ़ी है। हालिया विजय हजारे ट्रॉफी में जब टीम इंडिया के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा खेल रहे थे, तब भी उनके मैचों का लाइव प्रसारण नहीं हुआ, जिससे फैंस में निराशा और नाराजगी देखने को मिली।

    अब BCCI ने इस मुद्दे पर साफ संकेत दे दिए हैं कि वह घरेलू क्रिकेट की ब्रॉडकास्ट नीति में बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण को लेकर कोई सवाल नहीं उठता था, लेकिन अब दर्शक और मीडिया दोनों ही यह मांग कर रहे हैं कि इंटरनेशनल खिलाड़ियों के मैच लाइव दिखाए जाएं।

    BCCI के पास फिलहाल 100 घरेलू मैचों का टेलीकास्ट कॉन्ट्रैक्ट है, जिसे अगले सीजन से बढ़ाने की योजना है। सैकिया ने स्पष्ट किया कि जब घरेलू क्रिकेट में शीर्ष खिलाड़ी नियमित रूप से खेल रहे हैं, तो दर्शक भी इन मैचों को लाइव देखना चाहते हैं। इसलिए बोर्ड 100 मैचों की सीमा बढ़ाकर अधिक मैचों का टेलीकास्ट कराएगा और इसके लिए ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।

    देवजीत सैकिया ने घरेलू क्रिकेट में इंटरनेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी के फायदे भी बताए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता है और इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। ड्रेसिंग रूम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहकर युवा खिलाड़ी खेल को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और सीखते हैं।

    हालांकि यह बदलाव कब लागू होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा BCCI अगले सीजन की शुरुआत से पहले कर सकता है। लेकिन यह साफ है कि BCCI घरेलू क्रिकेट को और अधिक प्रोफेशनल और दर्शक-केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे स्टार खिलाड़ियों की वजह से घरेलू क्रिकेट में दर्शकों की रुचि बढ़ी है, और BCCI भी घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण की संख्या बढ़ाकर इस मांग को पूरा करने की तैयारी कर रहा है।

  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।


    नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। यह सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 और वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मुकाबले वडोदरा, राजकोट और इंदौर में आयोजित होंगे और तीनों मैच डे-नाइट होंगे।सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को वडोदरा में होगी। दूसरा मैच 14 जनवरी को राजकोट और तीसरा तथा अंतिम मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। मुकाबलों में टॉस दोपहर 1 बजे होगा और मैच 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    टीम चयन और सस्पेंस

    भारतीय टीम के चयन को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। चयनकर्ता श्रेयस अय्यर की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि अय्यर फिट नहीं होते हैं, तो ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिल सकता है। इसके अलावा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिए जाने की चर्चा है। वहीं ऋषभ पंत की वापसी पर भी संशय है।विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान और ईशान किशन भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं।

    रोहित और विराट पर नजर
    टीम के दो सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं। दोनों से इस सीरीज में बड़ी पारियों की उम्मीद है। उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन मिलेगा। यह सीरीज वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    भारत बनाम न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड

    वनडे क्रिकेट में भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत रहा है। अब तक 120 वनडे मुकाबलों में भारत ने 62 जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 52 में सफलता मिली है। सात मैच बेनतीजा रहे हैं और एक मुकाबला टाई रहा है।

    लाइव प्रसारण
    भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मोबाइल और ऑनलाइन दर्शक JioHotstar के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

    संभावित प्लेइंग-11

    भारत: शुभमन गिल कप्तान, रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी।न्यूजीलैंड: माइकल ब्रेसवेल कप्तान, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, टॉम लैथम, ग्लेन फिलिप्स, जेम्स नीशम, काइल जैमीसन, ट्रेंट बोल्ट, मिच हे, विल यंग, निकोल्स।इस सीरीज से टीम इंडिया को नई प्रतिभाओं की परख करने का मौका मिलेगा और खिलाड़ियों की फॉर्म पर भी नजर रखी जाएगी। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रतिस्पर्धा और रोमांचक मुकाबले फैंस के लिए उत्साह बढ़ाने वाले होंगे।
  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र 2025-26 का समापन करीब है और इसी बीच टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम की चुनौती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है। हालांकिभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया हैलेकिन क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    ऋषभ पंत: मौके मिलेपर भुना नहीं पाए


    ऋषभ पंत के लिए पिछला कुछ समय वनडे क्रिकेट में संघर्षपूर्ण रहा है। पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में शामिल किया गया थालेकिन विडंबना यह रही कि उन्हें पूरी सीरीज के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पंत ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। तब से वह छोटे फॉर्मेट में अपनी उस लय को नहीं पा सके हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए अब पंत का ‘फॉर्म और बैलेंस’ चिंता का विषय बना हुआ हैजिसके चलते उन्हें इस सीरीज से ड्रॉप करने की तैयारी की जा रही है।

    ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट में मचाया कोहराम


    दूसरी ओरईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर-शोर से दस्तक दी है। ईशान किशन ने लगभग दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मैच नहीं खेला है (आखिरी बार 11 अक्टूबर 2023बनाम अफगानिस्तान)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके बल्ले से निकले रनों ने सबको चौंका दिया है।ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी टीम झारखंड को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता यहीं नहीं रुकी; विजय हजारे ट्रॉफी में 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 33 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक है। उनके इसी प्रचंड फॉर्म के कारण उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना जा चुका है।

    रणनीतिक बदलाव और किशन की उपयोगिता


    ईशान किशन के आने से टीम इंडिया को थ्री-इन-वन विकल्प मिलता है। किशन न केवल केएल राहुल के लिए एक मजबूत बैकअप विकेटकीपर साबित होंगेबल्कि वह एक बेहतरीन बैकअप ओपनर की भूमिका भी निभा सकते हैं। साथ हीमिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम को मध्यक्रम में वह लचीलापन Flexibility प्रदान करती हैजिसकी तलाश कप्तान और कोच को काफी समय से है।बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम मैनेजमेंट अब 2025-26 के आगामी घरेलू असाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए टीम में संतुलन बनाना चाहता है। ईशान किशन का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना और टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी फिट हो जानाउनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क है।

    कब होगा टीम का ऐलान?


    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसारचयन समिति इस हफ्ते के अंत तक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस सीरीज को चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि ईशान किशन को मौका मिलता हैतो यह उनके वनडे करियर को दोबारा पटरी पर लाने का सुनहरा अवसर होगा। वहींऋषभ पंत के लिए यह एक संकेत होगा कि उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस पर दोबारा काम करने की जरूरत है।क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैंजो यह तय करेगा कि क्या युवा जोश ईशान अनुभवी फिनिशर पंत पर भारी पड़ेगा।
  • अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट

    अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट


    नई दिल्ली । मुंबई के सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान सिर और कंधे में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। शुक्रवार को उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए मैच में रघुवंशी ने एक मुश्किल कैच लपकने की कोशिश कीलेकिन इस दौरान वह गिर पड़े और उनके सिर और कंधे में चोट लग गई।

    यह घटना पारी के 30वें ओवर में हुईजब ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान गेंदबाजी कर रहे थे। सौरभ रावत ने स्लॉग-स्वीप खेलते हुए डीप मिडविकेट पर खड़े रघुवंशी की दिशा में गेंद मारी। रघुवंशी ने एक हाथ से गेंद को लपकने की कोशिश कीलेकिन यह प्रयास विफल रहा और वह गिर पड़े। इस गिरावट के दौरान उनके कंधे में चोट लगी और सिर जमीन से टकरायाजिससे उन्हें कनकशन सिर में चोटहो गया।

    चोट के बाद रघुवंशी कुछ सेकंड के लिए घुटनों के बल बैठेफिर जमीन पर लेट गए। तुरंत मुंबई के फिजियो मैदान पर पहुंचे और चूंकि रघुवंशी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पा रहे थेतो स्ट्रेचर मंगवाया गया। उन्हें पास के एसडीएमएच अस्पताल ले जाया गयाजहां उनके सिर और गर्दन का सीटी स्कैन किया गया। रिपोर्ट्स में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई और अंगकृष को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्हें बीसीसीआई के ‘कनकशन प्रोटोकॉल’ के तहत कुछ दिनों का आराम करने की सलाह दी गई है।

    विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई ने उत्तराखंड को 51 रनों से हराया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 331 रन बनाएजिसमें हार्दिक तमोरे ने 93 रनसरफराज खान ने 55 रन और मुशीर खान ने 55 रन बनाए। मुशीर ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 रन पर दो विकेट लिए। उत्तराखंड की टीम युवराज चौधरी की 96 रनों की आक्रामक पारी के बावजूद 280 रन ही बना सकी। अंगकृष रघुवंशी की चोट के बाद क्रिकेट प्रेमी उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं।

  • विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल

    विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल


    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो उनके करियर और जीवन के लिए एक अविस्मरणीय क्षण साबित हुई। पीएम से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बिहार के मोतिहारी जिले से ताल्लुक रखने वाले 15 वर्षीय वैभव को हाल ही में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्रिकेट के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि के लिए यह सम्मान पाने वाले वे देश के पहले क्रिकेटर बन गए।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों में वैभव और पीएम मोदी के बीच आत्मीय बातचीत दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने वैभव की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। वैभव ने भी कहा कि पीएम से मिला प्रोत्साहन उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

    वैभव सूर्यवंशी का नाम चर्चा में तब आया, जब उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों में 190 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 15 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए और पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।वैभव बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं और कम उम्र में ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंकाने वाला रहा। माना जा रहा है कि भविष्य में वे भारत के अंडर-19 और सीनियर स्तर के क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को कला, खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। वैभव का इस सूची में शामिल होना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के युवा खिलाड़ियों के लिए गर्व की बात है। इससे पहले इस मंच पर शतरंज खिलाड़ी आर प्रज्ञानानंद और आर वैशाली जैसे नाम अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।वैभव की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2025 की शुरुआत में वे गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले भारतीय क्रिकेटरों में शामिल थे। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के बीच एक किशोर खिलाड़ी का इस तरह चर्चा में आना भारतीय क्रिकेट के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है।

    बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, वैभव के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर वह अपनी फॉर्म और फिटनेस बनाए रखते हैं, तो जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और बड़े मौके मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात और मिला सम्मान उनके करियर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।इस उपलब्धि और सम्मान ने वैभव सूर्यवंशी को केवल एक क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। उनका यह सफर यह दिखाता है कि कड़ी मेहनत, टैलेंट और सही दिशा मिलने पर कम उम्र में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

  • मुंबई-उत्तराखंड मुकाबले में रोहित शर्मा का फ्लॉप शो गोल्डन डक पर आउट हुए हिटमैन

    मुंबई-उत्तराखंड मुकाबले में रोहित शर्मा का फ्लॉप शो गोल्डन डक पर आउट हुए हिटमैन


    नई दिल्ली । विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में मुंबई को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए. उत्तराखंड के खिलाफ खेले जा रहे इस मुकाबले में रोहित का गोल्डन डक पर पवेलियन लौटना सभी के लिए चौंकाने वाला रहा. यह मैच सवाई मानसिंह स्टेडियम जयपुर में खेला जा रहा है जहां बड़ी संख्या में फैंस रोहित को बल्लेबाजी करते देखने पहुंचे थे.

    रोहित शर्मा गोल्डन डक पर हुए आउट

    पहले राउंड में सिक्किम के खिलाफ 155 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाले रोहित से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल उलट रही. पारी की पहली ही ओवर की आखिरी गेंद पर दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज बोरा ने रोहित को फंसाया. रोहित ने गेंद को फाइन लेग की दिशा में खेला जहां जगमोहन नागरकोटी ने एक बेहतरीन कैच पकड़ा. हालांकि नागरकोटी से गेंद पहले छूट गई लेकिन उन्होंने दूसरे प्रयास में अपना कैच पूरा कर लिया.
    रोहित के आउट होते ही स्टेडियम में मौजूद फैंस मायूस नजर आए. घरेलू क्रिकेट में रोहित की वापसी को लेकर जो उत्साह था उसे यह झटका किसी को भी रास नहीं आया.

    युवा बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी

    रोहित के जल्दी आउट होने के बाद मुंबई की पारी को संभालने की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाजों पर आ गई है. अंगकृष रघुवंशी और मुशीर खान क्रीज पर टिके हुए हैं और पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. टीम की कमान इस मैच में शार्दुल ठाकुर के हाथों में है जबकि सरफराज खान अभी बल्लेबाजी के लिए आना बाकी हैं. मुंबई के लिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि टीम मजबूत शुरुआत के इरादे से उतरी थी. रोहित का जल्दी आउट होना न सिर्फ रणनीति पर असर डालता है बल्कि टीम के मनोबल के लिए भी चुनौती बन सकता है. वहीं उत्तराखंड की टीम ने शुरुआती सफलता हासिल कर मैच में दबाव बनाने की कोशिश की है.