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  • आतंकवादियों की बहन बयान पर विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: अभियोजन मंजूरी का फैसला राज्यपाल के पास, कोर्ट ने कहा रिपोर्ट पेश करें

    आतंकवादियों की बहन बयान पर विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: अभियोजन मंजूरी का फैसला राज्यपाल के पास, कोर्ट ने कहा रिपोर्ट पेश करें


    भोपाल । मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह से जुड़े विवादित बयान के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद दर्ज FIR को चुनौती देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच और अभियोजन मंजूरी की स्थिति पर जानकारी ली। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने सरकार की ओर से बताया गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और जांच रिपोर्ट फिलहाल सीलबंद है। अब चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से अभियोजन की मंजूरी लेना जरूरी है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले में कैबिनेट स्तर पर विचार हो चुका है और फाइल अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल के पास भेजी गई है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच की स्थिति को लेकर स्पष्ट सवाल किया कि जब जांच रिपोर्ट पूरी तरह तैयार है तो क्या अब केवल सरकार की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। सरकार की ओर से इसकी पुष्टि की गई। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने बताया कि कैबिनेट इस विषय पर विचार कर चुकी है और फाइल राज्यपाल के पास भेजी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय हो जाएगा। सरकार की ओर से मंत्री के माफीनामे का भी हवाला दिया गया। अदालत से अनुरोध किया गया कि सक्षम प्राधिकारी जब मामले पर विचार करे तो विजय शाह की ओर से घटना के अगले दिन सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को भी ध्यान में रखा जाए।

    विजय शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने भी अदालत के सामने यही बात रखी कि मंत्री ने बयान के बाद माफी मांग ली थी और इस तथ्य को रिकॉर्ड पर लिया जाना चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले के गुण दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की। अदालत ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट सीलबंद है। अभियोजन मंजूरी का विषय फिलहाल सक्षम प्राधिकारी के सामने लंबित है। मंजूरी मिलने के बाद सीलबंद रिपोर्ट को संबंधित सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच अधिकारी और DIG इंटेलिजेंस डी कल्याण चक्रवर्ती की भूमिका को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी अपना काम पूरा कर चुके हैं इसलिए उन्हें बार बार व्यक्तिगत रूप से अदालत में आने की जरूरत नहीं है। अब सक्षम प्राधिकारी के फैसले के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलती है तो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने की बात भी अदालत के सामने रखी गई।

    मामला मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की उस टिप्पणी से जुड़ा है जो उन्होंने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में हलमा कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की थी। ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दिए गए बयान में उन्होंने कर्नल सोफिया को आतंकवादियों की बहन कहकर टिप्पणी की थी। बयान सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत संज्ञान लिया था और बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया।

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी मध्य प्रदेश सरकार के रुख पर नाराजगी जता चुका है। अभियोजन की मंजूरी में देरी को लेकर अदालत ने सरकार को सख्त चेतावनी दी थी और कहा था कि उसके निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। पिछली सुनवाई में मंत्री की ओर से कई बार माफी मांगे जाने की दलील भी दी गई थी लेकिन अदालत ने इसे पर्याप्त नहीं माना था।

    अब पूरा मामला अभियोजन की मंजूरी पर टिक गया है। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं देने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा है। राज्यपाल के निर्णय के बाद ही यह तय होगा कि सीलबंद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अभियोजन की कार्रवाई होगी या मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।

  • एमपी की राजनीति और नौकरशाही में हलचल: सिंधिया के भाषण पर सीएम का ‘मक्खन’ वाला तंज, एसीएस की नाराजगी और विजय शाह के बयान चर्चा में

    एमपी की राजनीति और नौकरशाही में हलचल: सिंधिया के भाषण पर सीएम का ‘मक्खन’ वाला तंज, एसीएस की नाराजगी और विजय शाह के बयान चर्चा में


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में इन दिनों कई घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक ओर कैबिनेट मंत्री विजय शाह अपने भाषण को लेकर सुर्खियों में हैं तो दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबोधन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इसी बीच रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल और भोपाल के एक होटल से जुड़ा एक चर्चित प्रशासनिक किस्सा भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

    वीबीजी राम जी योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता मिली है तथा बेटी बचाओ जैसे अभियानों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बचपन का एक प्रसंग भी सुनाया जिसमें उनकी मां खुले में शौच के लिए जाते समय सावधानी बरतने की सीख देती थीं। उनके इस भाषण की राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग अलग तरह से चर्चा हो रही है।

    उधर रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गांव तक सड़क नहीं होने और बारिश से रास्ता खराब होने के कारण एक बीमार महिला को परिजन खाट पर उठाकर अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हुए। समय पर इलाज नहीं मिलने से महिला की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब प्रदेश में एयर एंबुलेंस जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की घोषणा की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सड़क और एंबुलेंस सुविधा की कमी को लेकर विपक्ष और स्थानीय लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं।

    इधर शिवपुरी में हथियार निर्माण फैक्ट्री के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव और निवेश परियोजना की सराहना की। भाषण के दौरान उनका उत्साह देखकर मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आज महाराज की आवाज में वैसा आनंद आया जैसा मां रोटी पर थोड़ा ज्यादा मक्खन लगा दे। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर मंच पर मौजूद नेताओं के साथ कार्यक्रम में शामिल लोग भी मुस्कुराते नजर आए। इसके बाद यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

    इसी बीच भोपाल में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ा एक चर्चित किस्सा भी सामने आया है। चर्चा है कि एक होटल में सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार किए जाने के कुछ समय बाद संबंधित विभाग की जांच टीम वहां पहुंच गई। हालांकि इस मामले को लेकर किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित अधिकारी या विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है। इसलिए इस घटना को केवल चर्चाओं और अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति प्रशासनिक कार्यशैली और जनसुविधाओं को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां नेताओं के बयान और मंचीय संवाद सुर्खियां बटोर रहे हैं वहीं स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आम लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं।

  • महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश

    महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश


    भोपाल । मध्यप्रदेश के सीधी जिले में महिला के साथ मारपीट की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले में झूठ फैला रही है और वास्तविक आरोपियों को कांग्रेसी बताकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

    श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। एक महिला को डंडों से पीटा जा रहा है और मौके पर मौजूद लोग ‘मारो-मारो’ के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें जबरन कांग्रेस से जोड़ा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहन’ और ‘लाड़ला भैया’ जैसी योजनाओं के दावे करने वाली सरकार में महिलाओं के साथ खुलेआम मारपीट हो रही है, जो बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए और जेल भेजा जाए।

    पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बलात्कार, मारपीट और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे अहंकारी और हिंसक नेता उसी पार्टी से जुड़े हुए हैं।

    नकल माफिया पर गंभीर आरोप

    पीसी शर्मा ने बोर्ड परीक्षाओं और नकल माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में वर्षों से संगठित रूप से नकल कराई जा रही है। हर साल पेपर लीक होते हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने ग्वालियर-चंबल, विंध्य और निमाड़ अंचल को नकल माफिया का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।

    निगम-मंडल नियुक्तियों पर सवाल
    उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में निगम और मंडल के पद भ्रष्टाचार की राजनीति के लिए भरे जाते हैं। बिना लेन-देन के कोई नियुक्ति नहीं होती। जिला प्रभारियों की नियुक्ति भी संभावित नुकसान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी के भीतर पदों को लेकर गुटबाजी और टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें असली कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।

    विजय शाह प्रकरण पर बयान
    विजय शाह मामले को लेकर पीसी शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायालय से बड़ी उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और उन्हें विश्वास है कि न्याय होगा। उन्होंने कहा कि चार बार माफी मांगने के बावजूद विजय शाह को अपने पद से हाथ धोना ही पड़ेगा।

    संघ और जनसंख्या बयान पर प्रतिक्रिया

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के तीन बच्चों वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, रोजगार के अवसर नहीं हैं और ऐसे समय में जनसंख्या बढ़ाने की बात करना चिंताजनक है। उन्होंने संघ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए इसे असंवेदनशील बताया।

    BLO और SIR को लेकर आरोप

    पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। जबरन नाम काटे और जोड़े जा रहे हैं। BLO पर दबाव बनाया जा रहा है और उनका वेतन भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।

  • पीएम मोदी ने बजट चर्चा में दिग्विजय सिंह के भाषण पर साधा चुटकी भरा तंज कहा– क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे?

    पीएम मोदी ने बजट चर्चा में दिग्विजय सिंह के भाषण पर साधा चुटकी भरा तंज कहा– क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे?


    भोपाल :संसद में बजट पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्विजय सिंह के भाषण पर चुटकी ली और मुस्कुराते हुए कहा कि क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मैं कल एक माननीय सदस्य को सुन रहा था जो अपने आप को राजा कहलाने में गर्व महसूस करते हैं लेकिन वही आर्थिक असमानता की चर्चा कर रहे थे मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा बताइए जो खुद को राजा माने और आर्थिक असमानता की बात करे क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में सामाजिक सौहार्द और समरसता बिगड़ने के साथ आर्थिक असमानता बढ़ने की चिंता जताई थी

    संसद में विपक्ष के लगभग हर सांसद ने सरकार को घेरने की कोशिश की लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के जवाब ने ‘राजा साहब’ को सीधे तंज की जद में ला दिया

    इसी बीच लाड़ली बहनों पर विवादित बयान देने वाले मंत्री करण सिंह वर्मा ने सफाई दी और कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा उन्होंने केवल लाड़ली बहनों को भोजन पर आमंत्रित किया था उन्होंने अपने बयान पर खेद भी जताया विपक्ष ने इसकी कड़ी निंदा की वहीं इस तरह के बयान भाजपा सरकार के लिए किरकिरी का सबब बन सकते हैं इससे पहले भी मंत्री विजय शाह को लाड़ली बहनों के बयान को लेकर विवाद का सामना करना पड़ा था

    सियासी हलचल श्योपुर में तब और तेज हुई जब भाजपा पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर चोरी की घटना सामने आई चोरों ने एसी का पंखा ही चोरी कर लिया कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने इस घटना को लेकर खुशी जाहिर की और कहा ऐसे चोर को पुरस्कार मिलना चाहिए उन्होंने तंज कसा कि जब सत्ताधारी दल के नेता के घर में सुरक्षा नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है

    भोपाल में मीडिया के सवालों से बचते हुए मंत्री विजय शाह सीधे कार में बैठे और शीशा चढ़ाकर रवाना हो गए उनका कर्नल सोफिया पर दिया गया विवादित बयान 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तय है मंत्री की चुप्पी सियासी गलियारों में चर्चाओं को और बढ़ा रही है लोग कह रहे हैं इसे ही कहते हैं दूध का जला छाछ को भी फूंक फूंक कर पीता है वहीं कुछ का कहना है कहीं पार्टी ने मंत्री की जुबान पर ताला तो नहीं लगा दिया

    इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि संसद की बहस और सियासी बयानबाज़ियों ने एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा दी है पीएम के तंज से लेकर मंत्री के बयान और मीडिया से बचने की कवायद तक ये सब राजनीतिक हलचल

  • कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को फटकारा मंत्री विजय शाह की माफी पर उठाए सवाल

    कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को फटकारा मंत्री विजय शाह की माफी पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने नाराजगी जताई कि एसआईटी ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने 19 अगस्त 2025 से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का सख्त रुख

    CJI सूर्यकांत ने कहा कि एसआईटी ने पूरी जांच कर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी।

    अब तक लंबित निर्णय के चलते कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं हो सकी।

    खुफिया विभाग के डीआईजी डी. कल्याण चक्रवर्ती से कोर्ट ने मामले के अन्य पहलुओं पर ध्यान रखने के निर्देश दिए।

    विजय शाह की माफी पर सवाल

    मंत्री की ओर से माफी पेश करने का दावा किया गया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में कोई माफीनामा मौजूद नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी को मगरमच्छ के आंसू बताते हुए इसे कानूनी राहत से अलग करार दिया।

    ऑनलाइन माफी पर भी कोर्ट ने असंतोष जताया और स्पष्ट किया कि ऐसे कदमों से कार्रवाई से राहत नहीं मिल सकती।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    मध्य प्रदेश सरकार को अभी तुरंत कार्रवाई करने और एसआईटी की सिफारिशों के मुताबिक मंजूरी देने का निर्देश।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब लंबित मामलों में विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • CSCS डायरेक्टर विजय शाह से खास बातचीत: रायपुर को हो सकता है रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर का नया होम ग्राउंड

    CSCS डायरेक्टर विजय शाह से खास बातचीत: रायपुर को हो सकता है रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर का नया होम ग्राउंड


    रायपुर । छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए आईपीएल 2026 बड़ी सौगात लेकर आ सकता है। रायपुर में आईपीएल के 2 से 5 मुकाबले आयोजित करने की योजना बन रही है और इसके साथ ही एक और बड़ी खबर सामने आई है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर इस शहर को अपना नया होम ग्राउंड बना सकती है। यह खबर प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह पैदा कर रही है। इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के निदेशक विजय शाह ने लल्लूराम डॉट कॉम के संवाददाता नितिन नामदेव से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि हाल ही में स्टेडियम में खेले गए एक मैच के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर की टीम रायपुर आई थी और टीम ने यहां के दर्शकों के उत्साह और फुल स्टेडियम को देखकर इस शहर को अपना नया होम ग्राउंड बनाने पर विचार किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है और स्थिति स्पष्ट होने में एक-दो दिन लग सकते हैं।

    विजय शाह ने आगे कहा हमारी तैयारी पूरी है। आईपीएल के मुकाबले हों या कोई अन्य मैच एसोसिएशन अपनी पूरी तैयारी करता है। फार्मेट चाहे जो भी हो हमारी टीम सभी परिस्थितियों के लिए तैयार है। अब यह देखना होगा कि कितने मैच हमसे होते हैं लेकिन हम हर मैच को बेहतरीन तरीके से आयोजित करने का प्रयास करेंगे। इस बारे में रायपुर स्टेडियम के अपग्रेडेशन के सवाल पर विजय शाह ने बताया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य स्टेडियम को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा “हम स्टेडियम के अपग्रेडेशन पर काम कर रहे हैं। इसके लिए हमने कुछ अनुभवी आर्किटेक्ट्स से बात की है जो पहले भी स्टेडियम के अपग्रेडेशन का काम कर चुके हैं। इनकी मदद से हम स्टेडियम को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

    विजय शाह ने यह भी कहा कि स्टेडियम के बाहरी हिस्से और सिक्योरिटी व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। हम एक नई टिकटिंग प्रणाली भी लागू करेंगे और सुरक्षा के लिहाज से भी पूरी तैयारी की जाएगी उन्होंने बताया। इसके अलावा उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि स्टेडियम का काम जल्द शुरू किया जाएगा और प्रपोजल के आधार पर काम किया जाएगा। रायपुर में आईपीएल के मुकाबले आयोजित होने से प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को बड़े स्तर पर खेल आयोजन का आनंद मिलेगा और यहां की क्रिकेट संस्कृति को भी एक नई दिशा मिलेगी। यदि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर यहां अपना होम ग्राउंड बनाती है तो यह शहर को क्रिकेट के मक्का की तरह एक और पहचान दिला सकता है।