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एक करोड़ दिलाने का वादा और फिर सोने की कहानी, तमिलनाडु के CM के नाम पर बुजुर्ग से ₹7.52 लाख की ठगी
जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति के नाम का इस्तेमाल कर 69 वर्षीय बुजुर्ग को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग का भरोसा जीतकर अलग-अलग चरणों में कुल 7.52 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद भी ठगों ने पैसे मांगना बंद नहीं किया। उन्होंने सोना लेकर आने और रास्ते में पुलिस के पकड़ लेने की कहानी सुनाकर बुजुर्ग से 60 हजार रुपये और मांग लिए। इस बार उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी। गोरखपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक जबलपुर के गुप्तेश्वर निवासी प्रवेश धीर को फेसबुक पर आर्थिक सहायता और ऋण उपलब्ध कराने से जुड़ा एक लिंक दिखाई दिया था। आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद में उन्होंने लिंक पर क्लिक किया। इसके कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर चार अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वालों ने खुद को विजय थलापति से जुड़ा हुआ बताया और दावा किया कि उन्हें एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जा सकती है। आरोपियों ने मुख्यमंत्री के नाम का इस्तेमाल कर बुजुर्ग को भरोसे में लेने की कोशिश की। उनकी बातों में आकर प्रवेश धीर ने आरोपियों पर विश्वास कर लिया।इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू हुआ। आरोपियों ने आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर अलग-अलग चरणों में भुगतान करने को कहा। उन्होंने सात बार स्कैनर भेजे और बुजुर्ग से विभिन्न बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 7.52 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में चले गए। बुजुर्ग को उम्मीद थी कि रकम जमा करने के बाद उन्हें वादा की गई आर्थिक मदद मिल जाएगी। लेकिन आरोपियों ने न तो आर्थिक सहायता दिलाई और न ही पैसे वापस किए। इसके बजाय वे लगातार नई कहानी बनाकर उनसे और रकम मांगने लगे।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पैसे लेने के बाद बुजुर्ग को बताया कि वे उनके लिए सोना लेकर आ रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने दावा किया कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है और अब उन्हें छुड़ाने के लिए अतिरिक्त रकम की जरूरत है। इस बहाने आरोपियों ने 60 हजार रुपये और मांगे। लगातार भुगतान की मांग होने से प्रवेश धीर को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है जिनसे बुजुर्ग को फोन किए गए थे। इसके साथ ही रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी नितिन कमल के मुताबिक साइबर टीम की मदद से मामले की जांच की जा रही है।यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर लोगों को किस तरह निशाना बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या फोन पर किए गए दावों पर तुरंत भरोसा करने से बचना जरूरी है। सरकारी सहायता या बड़ी रकम दिलाने के नाम पर अग्रिम भुगतान मांगने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड या स्कैनर को जांचे बिना भुगतान नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री या किसी सरकारी योजना का नाम लेकर पैसे मांगता है तो पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत बैंक को सूचना देकर खाते से जुड़े लेनदेन पर कार्रवाई का अनुरोध करना चाहिए और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करानी चाहिए। -

मुख्यमंत्री बनने के बाद भी बेटे की फिल्म से दूर रहेंगे विजय जेसन बोले- मैं ओवरलैप नहीं चाहता
नई दिल्ली। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार विजय के बेटे जेसन संजय अब बतौर निर्देशक फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। उनकी डेब्यू फिल्म सिग्मा को लेकर चर्चा तेज है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान जेसन ने अपने पिता विजय को लेकर कई बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि विजय उनकी फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं लेकिन वह सिग्मा का प्रमोशन नहीं करेंगे। जेसन के मुताबिक इसकी वजह यह है कि वह अपनी फिल्म के प्रचार को अपने पिता के मौजूदा सार्वजनिक दायित्वों से अलग रखना चाहते हैं।हैदराबाद में सिग्मा के प्रमोशन के दौरान जेसन से पूछा गया कि उन्हें अपने पिता विजय से कौन सी खास खूबी मिली है। इस सवाल पर उन्होंने पंक्चुअलिटी यानी समय की पाबंदी का जिक्र किया। जेसन के इस जवाब से यह भी साफ नजर आया कि वह अपने पिता के व्यक्तित्व और काम करने के तरीके को काफी करीब से देखते रहे हैं।
जेसन से जब पूछा गया कि डेब्यू से पहले उनके पिता ने उन्हें कुछ दिया है या नहीं तो उन्होंने वहां मौजूद लोगों की तरफ इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि इन सबको। उनके इस जवाब ने प्रमोशनल इवेंट में माहौल को हल्का कर दिया। जेसन को लेकर इससे पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि उन्होंने सिग्मा के लिए अपने नाम में पिता के नाम से जुड़ा वी हटाकर अपनी मां के नाम का एस इस्तेमाल किया है।
विजय के मुख्यमंत्री बनने को लेकर भी जेसन से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह काफी खुश हैं। उन्होंने इसे अपने लिए और विजय के आसपास मौजूद लोगों के लिए खुशी का मौका बताया। जेसन के बयान से यह भी सामने आया कि वह अपने पिता की नई भूमिका को लेकर सकारात्मक नजरिया रखते हैं।
हालांकि जब जेसन से पूछा गया कि क्या विजय सिग्मा के लिए किसी तरह योगदान करेंगे या फिल्म का प्रमोशन करेंगे तो उन्होंने साफ किया कि उनके पिता फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। जेसन ने कहा कि वह सिर्फ अपनी फिल्म का प्रमोशन चाहते हैं और दोनों चीजों को आपस में नहीं मिलाना चाहते। उन्होंने यह भी बताया कि विजय अब मुख्यमंत्री हैं और उनके पास कई जिम्मेदारियां हैं। इसलिए वह नहीं चाहते कि फिल्म के प्रमोशन में उनके पिता की राजनीतिक भूमिका का असर आए।
जेसन ने कहा कि उनके पिता यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि उन्होंने फिल्म में क्या काम किया है। इस तरह विजय पर्दे के पीछे से बेटे के काम को लेकर उत्सुक जरूर हैं लेकिन सिग्मा के प्रचार अभियान में सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे।
सिग्मा जेसन संजय की बतौर निर्देशक पहली फिल्म है। इसे लायका प्रोडक्शन्स ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म की कहानी हाइस्ट कॉमेडी के इर्द गिर्द बुनी गई है। फिल्म में संदीप किशन फरिया अब्दुल्लाह सम्पथ राज शिव पंडित योग जापी शीला राजकुमार और राजू सुंदरम जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी थमन एस ने संभाली है।
फिल्म की रिलीज डेट में भी बदलाव हुआ है। सिग्मा पहले 31 जुलाई को रिलीज होने वाली थी लेकिन बाद में इसकी रिलीज टाल दी गई। अब यह फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज की जाएगी। जेसन के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर अब दर्शकों की नजर उनकी पहली कोशिश पर टिकी है।
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फिल्मों से लेकर जननायक बनने तक: कैसे बने तमिलनाडु के नए ‘थलापति’ विजय, जानिए पूरी कहानी
नई दिल्ली । फिल्मों की दुनिया से निकलकर राजनीति के शिखर तक पहुंचने की कहानी अक्सर कल्पना जैसी लगती है, लेकिन तमिल सुपरस्टार विजय थलापति के जीवन में यह सच बनती दिख रही है। आमिर खान की फिल्म ‘3 इडियट्स’ का गाना “जैसा फिल्मों में होता है, हो रहा है हूबहू…” जैसे उनके सफर पर बिल्कुल फिट बैठता है। पर्दे पर कई बार नेता बनकर जनता का दिल जीतने वाले विजय अब असल जीवन में तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा नाम बन चुके हैं।
विजय को फिल्मी दुनिया की प्रेरणा उनके परिवार से मिली। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर निर्देशक हैं, जबकि मां शोभा चंद्रशेखर प्लेबैक सिंगर रही हैं। घर में कला और संगीत के माहौल ने उन्हें बचपन से ही अभिनय की ओर खींचा। अभिनय के साथ-साथ उन्हें गायन का भी शौक है।
बाल कलाकार से शुरुआत
22 जून 1974 को जन्मे जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने 1984 में फिल्म ‘वेट्री’ से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘कुडुम्बम’, ‘नान सिगप्पू मणिथन’, ‘वसंत रागम्’, ‘सत्तम ओरु विलायाट्टू’ और ‘इधु एंगळ नीति’ जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों का निर्देशन उनके पिता ने ही किया था।हीरो बनने की राह में संघर्ष
18 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘नालया थीरपू’ से बतौर लीड हीरो शुरुआत की, लेकिन फिल्म असफल रही और उनके लुक की आलोचना भी हुई। इसके बाद उनके पिता ने अभिनेता विजयकांत के साथ ‘सेंथूरपांडी’ (1993) बनाई, जो हिट रही और यहीं से विजय के करियर ने रफ्तार पकड़ी।हिट फिल्मों से सुपरस्टार तक
अपने करियर में उन्होंने अब तक 69 फिल्में की हैं। ‘थेरी’, ‘राजविन परवैयिले’, ‘मिन्सरा कन्ना’, ‘बीस्ट’, ‘शाहजहां’, ‘लियो’ और ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी सफलता दिलाई। 2023 की ‘लियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े। बताया जाता है कि वह एक फिल्म के लिए करीब 250 करोड़ रुपये तक फीस लेते हैं।‘थलापति’ नाम कैसे मिला
फैंस ने उन्हें प्यार से ‘थलापति’ यानी कमांडर का नाम दिया। 1994 की फिल्म ‘रसिगन’ की सफलता के बाद उन्हें ‘इलाया थलापति’ (छोटा कमांडर) कहा गया। 2017 में फिल्म ‘मार्सल’ की बड़ी सफलता के बाद वे पूरी तरह ‘थलापति’ बन गए।फिल्मों में विवाद भी साथ-साथ
उनकी फिल्मों ने कई बार विवाद भी झेले। 2013 की ‘थलाइवा’ और 2018 की ‘सरकार’ पर राजनीतिक विवाद हुए। हाल ही में उनकी फिल्म ‘जन नायकन’ भी सेंसर और कानूनी अड़चनों में फंसी रही और रिलीज नहीं हो सकी।राजनीति में एंट्री और बड़ा बदलाव
फरवरी 2024 में विजय ने राजनीति में कदम रखते हुए अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) बनाई। इसके बाद उनकी पार्टी ने तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से मजबूत पकड़ बनाई और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई।करूर रैली हादसा
27 सितंबर 2025 को करूर में हुई रैली के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद विजय ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की और गहरा दुख जताया। इस मामले में जांच भी आगे बढ़ी और पुलिस केस दर्ज हुआ।निजी जीवन भी चर्चा में
विजय ने 1999 में अपनी एक फैन से शादी की थी। हाल ही में उनके निजी जीवन को लेकर तलाक की खबरें सामने आई हैं। उनका नाम अभिनेत्री तृषा कृष्णन के साथ भी जोड़ा जाता रहा है।नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत
आज 10 मई 2026 को विजय का राजनीतिक सफर एक नए मोड़ पर पहुंचने वाला है। बड़े पर्दे पर निभाए गए उनके नेता के किरदार अब असल जिंदगी में भी आकार लेते दिख रहे हैं। उनके समर्थक इस बदलाव को एक ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। -

तमिलनाडु में विजय का सियासी विस्फोट! पाकिस्तान तक गूंजी TVK की जीत, दिग्गजों की हिली कुर्सी
नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने Vijay Thalapathy ने ऐसा राजनीतिक धमाका किया है, जिसकी चर्चा अब भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान तक में हो रही है। हाल ही में आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति के पुराने समीकरण हिला दिए। सिर्फ दो साल पहले राजनीति में उतरी पार्टी ने 234 में से 108 सीटें जीतकर खुद को राज्य की सबसे ताकतवर राजनीतिक ताकतों में शामिल कर लिया। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई, लेकिन पहली बार चुनाव लड़कर इतना बड़ा प्रदर्शन करना अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।विजय की इस सफलता ने पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी सुर्खियां बटोरी हैं। पाकिस्तान के चर्चित पत्रकार Rauf Klasra ने एक टीवी चर्चा के दौरान विजय की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार विजय ने राजनीति में आकर उन नेताओं को चुनौती दे दी, जिनके परिवार दशकों से सत्ता में बने हुए थे। रऊफ कलासरा ने खास तौर पर यह कहा कि सिर्फ दो साल में इतना बड़ा जनसमर्थन हासिल करना बेहद बड़ी बात है।
उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin और उनके राजनीतिक परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि विजय ने ऐसे नेताओं को कड़ी टक्कर दी जिनके पिता और दादा तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पाकिस्तानी पत्रकार ने यह भी कहा कि विजय का नाम लोगों को तेजी से जोड़ता है और उनकी लोकप्रियता किसी बड़े राष्ट्रीय नेता जैसी बनती जा रही है।
ایک دن بھارت میں تامل فلوں کے ہیرو وجے @actorvijay نے فیصلہ کیا کہ اس نے اب تک 69 بلاک بسٹر فلموں میں ہیرو بن کر کام کر لیا، ہندوستان کے مہنگے اداکار کا لقب بھی لے لی, بہت شہرت اور دولت کما لی۔ بس کافی ہوگیا۔ اب کچھ نیا کرتے ہیں۔
دو سال پہلے 2024 میں وجے نے نئی پارٹی بنائی اور… pic.twitter.com/VyRbHOL4XJ— Rauf Klasra (@KlasraRauf) May 8, 2026
चुनाव परिणामों में TVK ने कई बड़े राजनीतिक दलों को झटका दिया। सत्तारूढ़ DMK को 59 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि AIADMK को 47 सीटें मिलीं। वहीं विजय खुद अपनी दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता, युवा वोटरों का समर्थन और भ्रष्टाचार विरोधी छवि ने TVK को तेजी से मजबूत बनाया।फिल्मों में सुपरस्टार की पहचान रखने वाले विजय अब तमिलनाडु की राजनीति में भी बड़े चेहरे के तौर पर उभर चुके हैं। दक्षिण भारत की राजनीति में यह बदलाव आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है।
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विजय थलापति की निजी जिंदगी पर चर्चा तेज: कौन हैं संगीता सोर्नालिंगम और क्यों उड़ी अफेयर की अफवाहें?
नई दिल्ली। विजय थलापति की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम मूल रूप से श्रीलंकाई तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं और यूनाइटेड किंगडम में पली-बढ़ी हैं। दोनों की मुलाकात एक फिल्म सेट के दौरान हुई थी, जब संगीता खुद विजय की बड़ी फैन थीं। साल 1999 में दोनों ने शादी की और उनके दो बच्चे हैं बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा। शादी के बाद संगीता हमेशा लाइमलाइट से दूर रही हैं और परिवार को प्राथमिकता देती रही हैं।तलाक की अर्जी और रिश्ते में दरार की खबर
रिपोर्ट्स के अनुसार, संगीता ने चेन्नई के चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की है। इसमें कथित तौर पर विवाह में दूरी, भावनात्मक तनाव और उपेक्षा को कारण बताया गया है।सूत्रों के मुताबिक, दोनों पिछले कुछ समय से अलग रह रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी साथ नजर नहीं आते।
तृषा कृष्णन के साथ अफेयर की चर्चा क्यों?
अफवाहों की जड़ में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का नाम सामने आ रहा है। फिल्म ‘लियो’ के बाद से दोनों के बीच नजदीकियों की चर्चा तेज हो गई थी।हाल ही में तृषा को विजय के घर और मंदिर में प्रार्थना करते देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर अटकलें और बढ़ गईं। हालांकि दोनों कलाकारों ने कभी भी अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और हमेशा इसे दोस्ती बताया है।
राजनीतिक सफलता के बीच निजी जीवन पर सवाल
विजय थलापति हाल ही में अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की जीत के बाद राजनीति में मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में उनकी निजी जिंदगी को लेकर उठे सवालों ने उनके समर्थकों को भी हैरान कर दिया है।अफवाह या सच्चाई? अब भी सस्पेंस कायम
अब तक न तो विजय और न ही संगीता की ओर से तलाक या रिश्ते में दरार की आधिकारिक पुष्टि की गई है। ऐसे में यह मामला फिलहाल अफवाहों और अटकलों के बीच ही बना हुआ है।स्टारडम और निजी जिंदगी की उलझन
विजय थलापति की लोकप्रियता जहां राजनीति और सिनेमा दोनों में बढ़ रही है, वहीं उनकी निजी जिंदगी पर उठे सवाल लगातार चर्चा में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर उनका रुख ही स्थिति को साफ करेगा। -

फिल्मी सितारों के ग्लैमर और राजनीति के चाणक्यों के बीच सीधी जंग, क्या थलपति विजय बनेंगे सियासत के नए 'थलापति'?
नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति का सिनेमा के साथ अटूट और दशकों पुराना रिश्ता रहा है, लेकिन साल 2026 का विधानसभा चुनाव इस रिश्ते को एक नए और निर्णायक मोड़ पर ले जाता दिख रहा है। इस बार चुनावी मैदान में केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि फिल्मी पर्दे के वे महानायक भी उतरे हैं जिनकी एक झलक पाने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ पड़ती है। राज्य की सत्ता पर काबिज होने के लिए इस बार ग्लैमर और जनसेवा का ऐसा मेल देखने को मिल रहा है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सुपरस्टार विजय थलपति से लेकर खुशबू सुंदर और उदयनिधि स्टालिन जैसे चर्चित चेहरों ने इस चुनावी जंग को न केवल रोचक बना दिया है, बल्कि राजनीतिक समीकरणों को भी पूरी तरह से उलझा दिया है।इस पूरे चुनावी परिदृश्य में सबसे बड़ा नाम बनकर उभरे हैं जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें दुनिया ‘विजय थलपति’ के नाम से जानती है। अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के साथ पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। अपनी पार्टी को अकेले चुनाव लड़ाने के फैसले के साथ विजय ने यह साफ कर दिया है कि वह केवल एक विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि सत्ता के मुख्य दावेदार के रूप में उभरे हैं। उनके विशाल फैन बेस और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता ने सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और विपक्षी AIADMK के लिए कड़ी चुनौती पेश कर दी है। विजय की सभाओं में उमड़ रही भीड़ इस बात का संकेत है कि तमिलनाडु की जनता अब नए चेहरों और नई सोच की ओर आकर्षित हो रही है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी की ओर से खुशबू सुंदर एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरी हैं। बीजेपी की उपाध्यक्ष और मशहूर अभिनेत्री खुशबू ने राजनीति के साथ-साथ अपने अभिनय करियर को भी बखूबी संभाला है, लेकिन इस चुनाव में उनकी पूरी ताकत पार्टी के विस्तार और एनडीए की सीटों को बढ़ाने में लगी है। वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन सत्ता को बचाए रखने के लिए फ्रंटफुट पर खेल रहे हैं। उदयनिधि ने भले ही सिनेमा को अलविदा कह दिया हो, लेकिन युवाओं के बीच उनकी पकड़ और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर उनका नियंत्रण उन्हें इस चुनाव का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी बनाता है।
इस चुनावी बिसात पर केवल ये तीन नाम ही नहीं, बल्कि गौतमी ताड़ीमाल्ला और आर. सरथकुमार जैसे दिग्गज भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। गौतमी जहां AIADMK के टिकट पर चुनावी समर में कूदी हैं, वहीं सरथकुमार अपनी पार्टी के बीजेपी में विलय के बाद एनडीए के लिए जोरदार प्रचार कर रहे हैं। इनके साथ ही नाम तमिलर काची (NTK) के प्रमुख सीमैन अपनी क्षेत्रीय पहचान की राजनीति के साथ मजबूती से डटे हुए हैं। कुल मिलाकर, 2026 का यह चुनाव केवल वोट और जीत का आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु की उस विरासत की परीक्षा है जहां सिनेमाई नायक अक्सर राजनीतिक भाग्य विधाता बनते रहे हैं। अब देखना यह है कि जनता इस बार पर्दे के किस नायक को असल जिंदगी का जननायक चुनती है।

