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  • तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    नई दिल्ली ।चेन्नई। तमिलनाडु दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के नागरिकों से तमिल भाषा की रक्षा करने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की अपील की। रविवार, 1 नवंबर को जारी अपने संदेश में उन्होंने तमिलनाडु की ऐतिहासिक पहचान, मातृभाषा के महत्व और राज्य के गठन के लिए हुए संघर्षों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने संदेश में उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने तमिल भाषा की रक्षा और तमिल भाषी क्षेत्रों को एक राज्य के अंतर्गत लाने के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि इन लोगों के प्रयास और बलिदान तमिल समाज की एकता तथा साझा पहचान के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे। उनके संघर्षों ने तमिलनाडु के गठन और उसकी विशिष्ट पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    उन्होंने तमिलनाडु दिवस को केवल राज्य स्थापना की वर्षगांठ तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे राज्य के इतिहास, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को याद करने का अवसर भी माना। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह दिन उन ऐतिहासिक प्रयासों को सम्मान देने का मौका है, जिनके माध्यम से तमिल भाषी लोगों की पहचान को एकजुट स्वरूप मिला।

    विजय ने नागरिकों से तमिल थाई यानी मातृ तमिल भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज के इतिहास, संस्कृति और सामूहिक पहचान से गहराई से जुड़ी होती है। इसलिए तमिल भाषा की रक्षा करना अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के समान है। उन्होंने लोगों से भाषा से जुड़ी परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने उन शहीदों और संघर्षकर्ताओं के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एकजुट करने तथा मातृभाषा के सम्मान के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक करता रहेगा। ऐसे ऐतिहासिक प्रयासों को याद रखना समाज में एकता और अपनत्व की भावना को मजबूत करने के लिए जरूरी है।

    तमिलनाडु दिवस का संबंध राज्यों के भाषाई आधार पर पुनर्गठन और राज्य के गठन की ऐतिहासिक प्रक्रिया से है। हर साल 1 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्य के गठन में योगदान देने वाले लोगों और उन संघर्षों को याद किया जाता है, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एक अलग पहचान दिलाने में भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने शुभकामना संदेश में इस ऐतिहासिक अवसर को तमिलनाडु की विशिष्ट पहचान और गौरव से जोड़ते हुए नागरिकों से अपनी विरासत के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने भाषा, संस्कृति और इतिहास के संरक्षण को राज्य की पहचान बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनका संदेश तमिलनाडु दिवस के ऐतिहासिक महत्व के साथ मातृभाषा और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने पर केंद्रित रहा।

  • विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने मुख्यमंत्री थलापति विजय से की मुलाकात, अभिनेता ने की तारीफ, रश्मिका बोलीं- मैं उनकी फैन हूं

    विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने मुख्यमंत्री थलापति विजय से की मुलाकात, अभिनेता ने की तारीफ, रश्मिका बोलीं- मैं उनकी फैन हूं

    नई दिल्ली ।अभिनेता विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें दोनों कलाकारों ने साझा की हैं। विजय देवरकोंडा ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत को खास अनुभव बताया और उनके व्यवहार की तारीफ की। वहीं, रश्मिका मंदाना ने भी मुख्यमंत्री विजय के प्रति अपना सम्मान जाहिर करते हुए कहा कि एक प्रशंसक के रूप में उन्हें हमेशा से उनसे लगाव रहा है।

    विजय देवरकोंडा ने मुलाकात की तीन तस्वीरें साझा कीं। इनमें एक तस्वीर में मुख्यमंत्री विजय दोनों कलाकारों के साथ खड़े होकर तस्वीर खिंचवाते दिखाई दे रहे हैं। दूसरी तस्वीर में तीनों बैठकर बातचीत करते नजर आ रहे हैं, जबकि तीसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री अभिनेता विजय देवरकोंडा को गले लगाते दिख रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ अभिनेता ने मुलाकात के अनुभव को भी साझा किया।

    विजय देवरकोंडा ने अपने संदेश में कहा कि थलापति विजय के साथ समय बिताना उनके लिए बेहद सुखद रहा। उन्होंने बताया कि व्यस्त दिन होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान निजी जीवन, काम और दुनिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई। अभिनेता ने यह भी कहा कि एक ही मुलाकात के बाद थलापति विजय उनके पसंदीदा लोगों में शामिल हो गए। उनके संदेश से मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान और उनके साथ हुई बातचीत को लेकर उत्साह जाहिर हुआ।

    रश्मिका मंदाना ने भी मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री विजय के लिए खास संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद विजय सर से मिलना उनके लिए अच्छा अनुभव रहा। रश्मिका ने एक प्रशंसक के रूप में उन्हें पसंद करने से लेकर उनके साथ काम करने का अवसर मिलने तक के सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में उनकी प्रशंसा करते हुए खुशी हो रही है। अभिनेत्री ने उन्हें आगे के लिए प्यार और शुभकामनाएं भी दीं।

    थलापति विजय के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने पर विजय देवरकोंडा ने पहले भी खुशी जाहिर की थी और उन्हें बधाई दी थी। हालांकि, अभिनेता ने वर्ष 2018 में एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि उन्होंने थलापति विजय की कोई भी फिल्म पूरी नहीं देखी है, लेकिन उनकी फिल्मों के ट्रेलर उन्हें पसंद आते हैं। हालिया मुलाकात के बाद अभिनेता की टिप्पणी ने दोनों कलाकारों के बीच हुई बातचीत को फिर चर्चा में ला दिया है।

    कामकाज की बात करें तो विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना आगामी फिल्म ‘राणाबाली’ में एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म से जुड़े कई वीडियो पहले ही चर्चा में आ चुके हैं। फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। दर्शक दोनों कलाकारों को एक बार फिर पर्दे पर साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं।

    विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना इससे पहले ‘गीता गोविंदम’ और ‘डियर कॉमरेड’ में साथ काम कर चुके हैं। ‘राणाबाली’ में दोनों तीसरी बार एक साथ पर्दे पर दिखाई देंगे। दोनों के निजी जीवन को लेकर भी प्रशंसकों में दिलचस्पी रही है। दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों ने इसी साल फरवरी में उदयपुर में शादी की थी और इसके बाद हैदराबाद में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया था। शादी के बाद ‘राणाबाली’ उनकी पहली साथ आने वाली फिल्म है।

  • पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को दिया केंद्र की मदद का भरोसा, 13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

    पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को दिया केंद्र की मदद का भरोसा, 13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र पूरी प्रतिबद्धता के साथ तमिलनाडु के साथ खड़ा है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु के विकास और देश को विकसित बनाने के साझा लक्ष्य पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों मिलकर विकसित तमिलनाडु के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र से जिस भी सहायता की जरूरत होगी, उसे उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक, तमिलनाडु के विकास को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य के लोगों को विकास परियोजनाओं से जुड़े इस अवसर पर बधाई भी दी।

    चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री ने इसे तमिलनाडु के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत कुछ ऐसी परियोजनाएं जनता को समर्पित की जा रही हैं, जिनका काम पूरा हो चुका है, जबकि कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है। इन योजनाओं का संबंध परिवहन, उद्योग, व्यापार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से है।

    मोदी ने कहा कि विकास परियोजनाओं में से कुछ लोगों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाएंगी। वहीं, दूसरी परियोजनाओं से उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का संयुक्त उद्देश्य तमिलनाडु के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास में बुनियादी ढांचे की भूमिका को भी रेखांकित किया।

    अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो के एक अन्य चरण को जनता को समर्पित करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में ब्रेन रिसर्च सेंटर जाने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस क्षेत्र में होने वाला अनुसंधान सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नए अवसर पैदा कर सकता है। इस तरह उनके कार्यक्रम में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य से जुड़े विषय भी शामिल रहे।

    प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के बीच संबंध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मंदिरों से लेकर मेट्रो तक राज्य के अनुभव आज के भारत की भावना को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, भारत अपनी सांस्कृतिक शक्ति से प्रेरणा लेते हुए विज्ञान में प्रगति कर रहा है और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से नए अवसर तैयार कर रहा है। उन्होंने विरासत और भविष्य की आकांक्षाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    प्रधानमंत्री का यह संबोधन तमिलनाडु में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के अवसर पर हुआ। उन्होंने राज्य के विकास के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार तमिलनाडु को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता देने को तैयार है। 13 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के जरिए परिवहन, उद्योग, व्यापार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुख्यमंत्री विजय की ओर से इस प्रस्ताव पर किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

  • तृषा कृष्णन पर टिप्पणी को लेकर सीएम विजय का DMK पर हमला, मदुरंतकम उपचुनाव में भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना

    तृषा कृष्णन पर टिप्पणी को लेकर सीएम विजय का DMK पर हमला, मदुरंतकम उपचुनाव में भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना


    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान डीएमके पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। तृषा कृष्णन से जुड़ी विवादित टिप्पणी के संदर्भ में उन्होंने डीएमके नेताओं पर निशाना साधते हुए पार्टी को चुनावी मुकाबले में अपनी मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताया। इस दौरान उन्होंने एमके स्टालिन के लिए ‘स्वीट अंकल’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि राजनीतिक लड़ाई उनकी पार्टी टीवीके और डीएमके के बीच है।

    मदुरंतकम में होने वाला विधानसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस सीट से मारगाथम कुमारवेल को टीवीके ने उम्मीदवार बनाया है। वह इससे पहले एआईएडीएमके के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं, लेकिन बाद में विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो गईं। इसी घटनाक्रम के बाद मदुरंतकम सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी है।

    प्रचार के दौरान विजय ने आरोप लगाया कि डीएमके के नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का काम जनता की सेवा करना है और सरकार को चुनावी वादों तथा कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को नहीं छोड़ेगी।

    विजय ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डीएमके को घेरते हुए कहा कि जब वह विधानसभा में भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं तो विपक्ष उनसे सबूत मांगता है। उनके मुताबिक, भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने पर उन्हें विधानसभा में बोलने से रोकने और बदनाम करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने पुराने मामलों का उल्लेख किए जाने पर डीएमके की आपत्ति का भी जिक्र किया।

    मुख्यमंत्री ने चुनावी मुकाबले को दो राजनीतिक ताकतों के बीच बताया। उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके को ‘अच्छी ताकत’ और डीएमके को ‘बुरी ताकत’ के रूप में पेश किया। यह उनके चुनावी भाषण का राजनीतिक दावा था, जबकि उपचुनाव में कई दल अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं।

    विजय ने एआईएडीएमके पर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वह अब डीएमके की एक शाखा जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि डीएमके के लिए उनका विरोध नया नहीं है और इसकी तुलना उन्होंने एमजीआर तथा जयललिता के दौर की राजनीतिक लड़ाई से की।

    तृषा कृष्णन से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने डीएमके के नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इससे पहले इस मामले को लेकर टीवीके कार्यकर्ताओं और महिला विंग की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि इस पूरे विवाद में लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    विजय सरकार द्वारा 24 अगस्त को परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद्द किए जाने का मुद्दा भी उनके भाषण में सामने आया। सरकार ने इस फैसले के पीछे कृषि भूमि, किसानों की आजीविका और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को आधार बताया था। परियोजना रद्द किए जाने के बाद डीएमके और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव भी सामने आया।

    मदुरंतकम उपचुनाव के बीच विजय का यह अभियान टीवीके और डीएमके के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से चुनावी मुद्दों और सरकार के कामकाज को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।

  • खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में गणेश उत्सव के समापन के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला धूमधाम से जारी है। विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने विसर्जन स्थल पहुंचकर भगवान गणेश की आरती की और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

    मंत्री विजय शाह ने विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उनके साथ खंडवा की महापौर अमृता यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।

    खंडवा में गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए नगर निगम की ओर से शहर में तीन कृत्रिम कुंड तैयार किए गए हैं। इन कुंडों के माध्यम से प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके और विसर्जन के दौरान आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकें।

    मंत्री विजय शाह ने महापौर अमृता यादव और नगर निगम परिषद के सदस्यों के साथ भैरव तालाब परिसर में बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और नगर निगम के प्रतिनिधियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री विजय शाह विसर्जन में इस्तेमाल की जा रही क्रेन पर भी चढ़े और वहां से कुंड की व्यवस्था का जायजा लिया। विसर्जन के लिए क्रेन के इस्तेमाल से प्रतिमाओं को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की व्यवस्था की गई है।

    गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की ओर से सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। नगर निगम की टीम विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से विसर्जन कराने में जुटी हुई है।

    मंत्री विजय शाह ने नगर निगम की ओर से बनाए गए कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप भगवान गणेश के विसर्जन के लिए कुंड तैयार करना सराहनीय पहल है। उन्होंने खंडवा नगर निगम की पूरी टीम को इस व्यवस्था के लिए बधाई दी।

    मंत्री ने कहा कि नगर निगम ने लोगों की भावनाओं और विश्वास के अनुरूप व्यवस्था की है। उन्होंने भगवान गणेश के विसर्जन को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विसर्जन की व्यवस्था की गई है।

    विजय शाह ने यह भी कहा कि भगवान गणेश का विसर्जन मां नर्मदा के पवित्र जल में सम्मानपूर्वक किया जा रहा है। गणेश उत्सव के अंतिम चरण में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर पहुंच रहे हैं।

    खंडवा में तीन कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था और नगर निगम की तैयारियों के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन लगातार जारी है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा तथा विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • तमन्ना भाटिया से अलगाव के बाद आलिया कुरैशी संग नजर आए विजय वर्मा, ‘लस्ट स्टोरीज 3’ स्क्रीनिंग से फिर बढ़ीं डेटिंग चर्चाएं

    तमन्ना भाटिया से अलगाव के बाद आलिया कुरैशी संग नजर आए विजय वर्मा, ‘लस्ट स्टोरीज 3’ स्क्रीनिंग से फिर बढ़ीं डेटिंग चर्चाएं


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड अभिनेता विजय वर्मा इन दिनों अपनी फिल्मों के साथ निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में हैं। तमन्ना भाटिया से रिश्ता खत्म होने के बाद अब उनका नाम अभिनेत्री और सिंगर आलिया कुरैशी के साथ जोड़ा जा रहा है। हाल ही में मुंबई में ‘लस्ट स्टोरीज 3’ की स्क्रीनिंग के दौरान दोनों को साथ देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गईं।

    विजय वर्मा और आलिया कुरैशी की साथ मौजूदगी ने स्क्रीनिंग के दौरान लोगों का ध्यान खींचा। दोनों इससे पहले भी मुंबई में एक साथ नजर आ चुके हैं। उनकी लगातार सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो के बाद विजय और आलिया की डेटिंग को लेकर चर्चाएं होने लगी हैं। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी अपने रिश्ते को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है।

    आलिया कुरैशी मनोरंजन जगत में अभिनेत्री, सिंगर और गीतकार के तौर पर काम कर रही हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘झल्ली’ नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अभिनय के साथ संगीत के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है और कई चर्चित प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं।

    आलिया ने शाहरुख खान की फिल्म ‘जवान’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। एटली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने आजाद की टीम की सदस्य जानवी का किरदार निभाया था। फिल्म में काम करने के बाद उन्हें अन्य प्रोजेक्ट्स में भी देखा गया। वह ‘बंदिश बैंडिट्स’ के दूसरे सीजन में अनन्या के किरदार में नजर आई थीं।

    इसके अलावा आलिया कुरैशी खुशी कपूर और इब्राहिम अली खान की फिल्म ‘नादानियां’ में भी काम कर चुकी हैं। इस फिल्म में उन्होंने साहिरा की भूमिका निभाई थी। अभिनय के अलावा संगीत से जुड़े उनके काम ने भी उन्हें मनोरंजन जगत में अलग पहचान दी है।

    आलिया ने एक पुराने इंटरव्यू में ‘जवान’ के सेट पर शाहरुख खान के साथ काम करने के अनुभव के बारे में भी बात की थी। उन्होंने बताया था कि सेट पर दोनों मॉनिटर के पास बैठकर अभिनय, जिंदगी और अलग-अलग विषयों पर बातचीत करते थे। उन्होंने शाहरुख की समझ और उनके ह्यूमर की भी तारीफ की थी।

    आलिया के मुताबिक, एटली की बर्थडे पार्टी में उन्होंने शाहरुख खान के साथ पूल गेम खेला था और ‘छैयां छैयां’ गाने पर डांस भी किया था। उन्होंने ‘जवान’ के सेट पर बिताए समय को अपने लिए खास अनुभव बताया था।

    विजय वर्मा इससे पहले तमन्ना भाटिया के साथ रिश्ते को लेकर लंबे समय तक सुर्खियों में रहे थे। दोनों की नजदीकियां ‘लस्ट स्टोरीज 2’ के दौरान बढ़ी थीं। फिल्म से जुड़ी उनकी मुलाकात के बाद दोनों के रिश्ते की चर्चाएं शुरू हुईं और करीब दो साल तक दोनों का नाम साथ जोड़ा जाता रहा।

    विजय और तमन्ना को कई मौकों पर साथ देखा गया था और दोनों ने सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को लेकर बातचीत भी की थी। हालांकि, 2025 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आईं। इसके बाद विजय ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा चर्चा नहीं की। तमन्ना से अलगाव के बाद अब आलिया कुरैशी के साथ उनकी लगातार सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो ने एक बार फिर उनके निजी जीवन को चर्चा में ला दिया है। दोनों की ओर से रिश्ते की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

  • पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय ने दी शुभकामनाएं, मजबूत भारत बनाने के प्रयासों की सराहना

    पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय ने दी शुभकामनाएं, मजबूत भारत बनाने के प्रयासों की सराहना

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री विजय के संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मजबूत भारत के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया गया। विजय ने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की।

    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए संदेश में विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मजबूत भारत के निर्माण के लिए समर्पण के साथ नेतृत्व कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। विजय का यह संदेश 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर सामने आया।

    मुख्यमंत्री विजय के संदेश में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर राजनीतिक चर्चा भी शुरू हुई है। इसकी वजह यह है कि विजय ने प्रधानमंत्री को केवल औपचारिक जन्मदिन की शुभकामना देने के बजाय उनके नेतृत्व और मजबूत भारत के निर्माण के प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया। संदेश में प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और सकारात्मक भाषा दिखाई दी।

    सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री होने के साथ तमिलगा वेत्री कषगम के प्रमुख भी हैं। उनके राजनीतिक रुख को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों पर विशेष ध्यान गया है। हालांकि, जन्मदिन की शुभकामना में व्यक्त किए गए विचारों से किसी व्यापक राजनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना अलग विषय है। फिलहाल संदेश में प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मजबूत भारत के निर्माण के प्रयासों की सराहना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

    विजय और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले विजय ने भाजपा को अपनी पार्टी का वैचारिक विरोधी बताया था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री बनने के बाद केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद और समन्वय भी देखने को मिला है। ऐसे में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दिया गया यह संदेश राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बना है।

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। इनमें विपक्षी दलों के नेता भी शामिल रहे। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के अलावा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। इस वर्ष उनका 76वां जन्मदिन मनाया जा रहा है। जन्मदिन के अवसर पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान राजनीतिक नेताओं ने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की।

    मुख्यमंत्री विजय का संदेश ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में केंद्र और राज्य के संबंधों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। उनके संदेश में प्रधानमंत्री के साथ राजनीतिक मुद्दों पर मतभेदों का कोई उल्लेख नहीं था। इसके बजाय संदेश पूरी तरह जन्मदिन की शुभकामनाओं और मजबूत भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना पर केंद्रित रहा।

  • तृषा और विजय की दोस्ती पर अंबिका ने क्यों दी दूरी बनाने की सलाह, सिल्वरस्टोन मुलाकात के बाद फिर चर्चा में आया मामला

    तृषा और विजय की दोस्ती पर अंबिका ने क्यों दी दूरी बनाने की सलाह, सिल्वरस्टोन मुलाकात के बाद फिर चर्चा में आया मामला

    नई दिल्ली ।अभिनेत्री तृषा कृष्णन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की हालिया मुलाकात और एक साथ नजर आने के बाद उनकी दोस्ती को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। दोनों को ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में आयोजित ले मांस कप रेस के दौरान साथ देखा गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी दोस्ती को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। इसी बीच दिग्गज अभिनेत्री अंबिका ने तृषा और विजय की दोस्ती को लेकर अपनी राय साझा की है।

    अंबिका ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक रूप से साथ नजर आने से अगर किसी दोस्त को आलोचना या परेशानी का सामना करना पड़े, तो ऐसी स्थिति को समझते हुए सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि अगर वह तृषा की जगह होतीं और उन्हें लगता कि उनकी वजह से उनके दोस्त को परेशानी या शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है, तो वह ऐसी स्थिति से पीछे हटना पसंद करतीं।

    अंबिका ने यह बात विजय के मौजूदा सार्वजनिक पद के संदर्भ में कही। उनके मुताबिक, जब कोई व्यक्ति जीवन में बड़े मुकाम पर पहुंच जाता है और उसके साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई देने वाली हर चीज चर्चा का विषय बन सकती है, तो करीबी लोगों को भी परिस्थितियों को समझना चाहिए।

    हालांकि, अंबिका ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी बात का मतलब दोस्ती खत्म करना नहीं है। उन्होंने दोस्ती और सार्वजनिक मौजूदगी को अलग-अलग नजरिए से देखने की बात कही। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति के बड़े पद पर पहुंचने के बाद पुरानी दोस्ती को समाप्त करने की जरूरत नहीं होती।

    अंबिका ने कहा कि अगर दो लोग लंबे समय से एक-दूसरे के दोस्त हैं, तो केवल लोगों की चर्चाओं की वजह से उनके रिश्ते को खत्म करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोस्ती को किसी दूसरे अर्थ में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, दो लोगों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को केवल उनकी सार्वजनिक मौजूदगी के आधार पर अलग अर्थ देना उचित नहीं है।

    तृषा और विजय की सिल्वरस्टोन में मौजूदगी के बाद उनकी दोस्ती एक बार फिर चर्चा में आई। दोनों को रेस के दौरान साथ देखा गया था। विजय ने वहां आयोजित ले मांस कप रेस में हिस्सा लिया और रेस की शुरुआत भी की। तृषा भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हुई।

    विजय और तृषा इससे पहले भी साथ काम कर चुके हैं और दोनों की ऑन-स्क्रीन जोड़ी दक्षिण भारतीय सिनेमा में चर्चित रही है। समय-समय पर दोनों की सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर भी चर्चा होती रही है। हालांकि, अंबिका ने अपनी टिप्पणी में दोस्ती को किसी दूसरे रिश्ते से जोड़ने के बजाय सार्वजनिक परिस्थितियों में सावधानी बरतने पर जोर दिया।

    अंबिका की टिप्पणी का मुख्य केंद्र यही रहा कि दोस्ती को बनाए रखते हुए भी ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है, जिनसे किसी करीबी व्यक्ति को सार्वजनिक आलोचना या असहज स्थिति का सामना करना पड़े। उन्होंने अपनी बात व्यक्तिगत उदाहरण के जरिए रखी और कहा कि अगर उन्हें ऐसी स्थिति का अंदाजा होता, तो वह खुद पीछे हटना पसंद करतीं।

  • तमिलनाडु में नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना टली, मुख्यमंत्री विजय के विदेश दौरे से बदली शुरुआत की तारीख

    तमिलनाडु में नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना टली, मुख्यमंत्री विजय के विदेश दौरे से बदली शुरुआत की तारीख

    नई दिल्ली । तमिलनाडु में नवजात शिशुओं के लिए शुरू की जाने वाली एक खास सरकारी योजना की शुरुआत फिलहाल टाल दी गई है। मुख्यमंत्री विजय थलापति की सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना बनाई थी। ‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ नाम की इस योजना को पहले 15 सितंबर 2026 से शुरू किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री विजय के विदेश दौरे के कारण तय कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया है।

    सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि योजना को रद्द नहीं किया गया है। इसमें केवल शुरुआत की तारीख में बदलाव किया गया है। योजना की नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे को राज्य में नए निवेश लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बताया गया है। इसी वजह से वह 15 सितंबर को तमिलनाडु में मौजूद नहीं रहेंगे और योजना के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।

    इस योजना का लाभ 22 जून 2026 यानी मुख्यमंत्री विजय के जन्मदिन से सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए नवजात बच्चों को देने का फैसला किया गया है। योजना के तहत पात्र बच्चों को एक ग्राम वजन की हॉलमार्क सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य नवजात बच्चों वाले परिवारों को सहायता देना है।

    इसके साथ ही योजना के पीछे सरकारी अस्पतालों को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ाने का उद्देश्य भी बताया गया है। सरकार चाहती है कि अधिक संख्या में लोग बच्चों की डिलीवरी के लिए सरकारी अस्पतालों का इस्तेमाल करें। इस पहल के जरिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

    योजना में तारीख के अलावा किसी अन्य नियम में बदलाव नहीं किया गया है। यानी जिन बच्चों को निर्धारित अवधि के अनुसार योजना का लाभ मिलना है, उनके लिए एक ग्राम हॉलमार्क सोने की अंगूठी देने का प्रावधान पहले की तरह ही रहेगा। कार्यक्रम की नई तारीख तय होने के बाद योजना को उसी व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

    राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. जी अरुणराज ने योजना के टलने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विजय विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं और यह दौरा राज्य में नए निवेश आकर्षित करने के लिए जरूरी है। इसी कारण 15 सितंबर को योजना की शुरुआत संभव नहीं होगी।

    मुख्यमंत्री के विदेश दौरे और योजना के कार्यक्रम की तारीख के बीच पैदा हुई स्थिति के कारण अब राज्य सरकार को नई तारीख तय करनी होगी। हालांकि अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि कार्यक्रम किस दिन आयोजित किया जाएगा। सरकार ने यह जरूर साफ किया है कि योजना की मूल व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    इस योजना को लेकर नवजात बच्चों के परिवारों के बीच भी उम्मीद बनी हुई है, क्योंकि पात्र बच्चों को एक ग्राम की हॉलमार्क सोने की अंगूठी देने का प्रावधान पहले से तय है। अब निगाहें सरकार की ओर से घोषित होने वाली नई शुरुआत की तारीख पर रहेंगी।

  • राजनीतिक मतभेदों के बीच महिलाओं के सम्मान पर समझौता नहीं, तृषा विवाद के बाद विजय ने आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

    राजनीतिक मतभेदों के बीच महिलाओं के सम्मान पर समझौता नहीं, तृषा विवाद के बाद विजय ने आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विधानसभा में सोमवार को उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीति में विचारों और नीतियों को लेकर तीखी बहस हो सकती है, लेकिन किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा और सफलता में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में महिलाओं के खिलाफ गलत, गंदी या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत अपमान के बीच अंतर बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

    विजय का यह बयान अभिनेत्री तृषा कृष्णन से जुड़े हालिया विवाद के बीच सामने आया है। इस विवाद ने तमिलनाडु की राजनीति में भी काफी चर्चा पैदा की है। मामले को लेकर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था।

    विवाद की शुरुआत कावेरी नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े राजनीतिक मुद्दे को लेकर हुई बहस के दौरान हुई। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार को इस मुद्दे पर घेरा था। इसी दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया।

    इसके बाद टीवीके कार्यकर्ताओं ने मामले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में इस कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और संबंधित लोगों की रिहाई हुई। पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाजी में भाषा और मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने बयान के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि राजनीतिक असहमति लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन महिलाओं को निशाना बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना अलग विषय है। उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं के बीच आलोचना और बहस हो सकती है, मगर व्यक्तिगत गरिमा और महिलाओं के सम्मान की सीमा नहीं टूटनी चाहिए।

    इसी विवाद से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस ने उद्यमी प्रवीन गणेशन को गिरफ्तार किया है। 35 वर्षीय गणेशन हांगकांग से भारत लौट रहे थे। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया, जिसके बाद उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

    गणेशन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनके खिलाफ जून में किए गए एक पोस्ट को लेकर लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। उनका कहना है कि संबंधित पोस्ट बाद में हटा दिया गया था। इसके बावजूद मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

    तृषा कृष्णन से जुड़ा विवाद अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि साइबर अपराध और कानूनी कार्रवाई का विषय भी बन चुका है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच विजय का विधानसभा में दिया गया बयान महिलाओं के सम्मान को लेकर उनकी पार्टी और सरकार के रुख को सामने रखता है।

    तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके के सत्ता में आने के बाद राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माहौल भी तेज हुआ है। ऐसे में महिला सम्मान, सार्वजनिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर नेताओं तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री विजय ने साफ किया है कि राजनीतिक संघर्ष अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।