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  • मुख्यमंत्री विजय के बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीर आई सामने, तृषा कृष्णन के भावुक संदेश ने अफवाहों के बाजार को किया शांत

    मुख्यमंत्री विजय के बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीर आई सामने, तृषा कृष्णन के भावुक संदेश ने अफवाहों के बाजार को किया शांत

    नई दिल्ली । तमिल फिल्म उद्योग और राजनीति से जुड़े चर्चित चेहरों में शामिल विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा की वजह कोई नई फिल्म या राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक सोशल मीडिया पोस्ट है जिसने बीते कुछ दिनों से चल रही तमाम अटकलों को नया मोड़ दे दिया है। मुख्यमंत्री विजय के जन्मदिन के अवसर पर तृषा कृष्णन द्वारा साझा की गई एक तस्वीर और भावनात्मक संदेश ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

    दरअसल, विजय के जन्मदिन पर तृषा की ओर से शुरुआती घंटों में कोई सार्वजनिक शुभकामना संदेश सामने नहीं आया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। कुछ लोगों ने दोनों के रिश्तों में दूरी आने की संभावना जताई, जबकि कई यूजर्स ने यह अनुमान लगाया कि शायद दोनों के बीच पहले जैसी नजदीकियां नहीं रहीं। इन चर्चाओं के बीच तृषा की ओर से साझा किया गया पोस्ट चर्चा का केंद्र बन गया।

    तस्वीर में विजय और तृषा एक साथ नजर आ रहे हैं। फोटो में विजय के सामने जन्मदिन के कई केक रखे हुए दिखाई देते हैं, जबकि तृषा उनकी ओर देखती हुई नजर आती हैं। तस्वीर का सहज और निजी अंदाज लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इसके साथ साझा किए गए संदेश में तृषा ने विजय को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया जिसकी वजह से कई चीजें खास महसूस होती हैं। इस भावनात्मक संदेश को सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया गया और इसे दोनों के बीच अच्छे संबंधों का संकेत माना जाने लगा।

    पोस्ट सामने आने के बाद प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं भी बड़ी संख्या में देखने को मिलीं। कई लोगों ने कहा कि वे इसी पोस्ट का इंतजार कर रहे थे, जबकि कुछ ने इसे उन तमाम अफवाहों का जवाब बताया जो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चल रही थीं। प्रशंसकों का मानना है कि तस्वीर और संदेश ने रिश्तों को लेकर उठ रहे सवालों को काफी हद तक शांत कर दिया है।

    विजय और तृषा को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। दोनों ने कई सफल फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया है। समय-समय पर दोनों की तस्वीरें और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी भी सुर्खियां बटोरती रही है। हालांकि दोनों ने निजी संबंधों को लेकर कभी खुलकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

    इधर, विजय के निजी जीवन को लेकर भी पिछले कुछ समय से चर्चाओं का दौर जारी है। उनकी पारिवारिक स्थिति और निजी रिश्तों को लेकर विभिन्न तरह की खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश बातों पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आने वाली तस्वीरें और पोस्ट ही लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख आधार बन जाती हैं।

    राजनीति और मनोरंजन जगत के संगम का प्रतीक बन चुके विजय के सार्वजनिक जीवन पर लोगों की लगातार नजर रहती है। वहीं तृषा कृष्णन भी दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। ऐसे में दोनों से जुड़ी छोटी से छोटी गतिविधि भी सुर्खियां बन जाती है। विजय के जन्मदिन पर साझा की गई यह तस्वीर भी इसी वजह से चर्चा का विषय बनी हुई है और प्रशंसकों के बीच लगातार वायरल हो रही है।

  • तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले में फिर टली सुनवाई, अदालत ने 7 अगस्त की नई तारीख की तय

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले में फिर टली सुनवाई, अदालत ने 7 अगस्त की नई तारीख की तय

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय तथा उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक मामले की सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में निर्धारित सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने के कारण अदालत ने मामले की अगली तारीख 7 अगस्त तय की है। इस घटनाक्रम के बाद यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है।

    सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान न तो मुख्यमंत्री विजय अदालत पहुंचे और न ही उनकी पत्नी संगीता ने व्यक्तिगत रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की गैरहाजिरी को ध्यान में रखते हुए सुनवाई को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

    यह मामला पिछले कई महीनों से फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। इससे पहले भी कई अवसरों पर सुनवाई निर्धारित होने के बावजूद दोनों पक्ष व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। कानूनी प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति को लेकर भी अदालत के समक्ष अनुरोध प्रस्तुत किए गए थे। मुख्यमंत्री पद से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण कारणों के रूप में बताया गया है।

    संगीता ने वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए वैवाहिक संबंध समाप्त करने की मांग की थी। याचिका में यह कहा गया था कि पति-पत्नी के बीच उत्पन्न मतभेद ऐसे स्तर तक पहुंच चुके हैं जहां वैवाहिक संबंधों को सामान्य रूप से आगे बढ़ाना संभव नहीं रह गया है। याचिका में वैधानिक अधिकारों से संबंधित अन्य मांगों को भी शामिल किया गया था।

    मुख्यमंत्री विजय का सार्वजनिक जीवन लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है। फिल्म जगत में लोकप्रिय अभिनेता के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और अपनी पार्टी के माध्यम से राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक छवि पर लोगों की विशेष नजर बनी हुई है।

    इसी कारण उनके निजी जीवन से जुड़ा यह कानूनी मामला भी व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के निजी मामलों को लेकर लोगों की स्वाभाविक रुचि रहती है, हालांकि कानूनी प्रक्रिया को पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में अदालत दोनों पक्षों को पर्याप्त अवसर देती है ताकि किसी भी संभावित समाधान की संभावना को परखा जा सके। ऐसे मामलों में अदालत की प्राथमिकता कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षा करना होती है।

    अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। उस दिन अदालत मामले की प्रगति, पक्षकारों की उपस्थिति और आगे की कानूनी कार्यवाही को लेकर निर्णय ले सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस चर्चित मामले में आगे की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।

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  • मुल्लिवैक्काल पोस्ट पर तमिलनाडु में सियासी घमासान: Vijay के बयान से गरमाई राजनीति, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

    मुल्लिवैक्काल पोस्ट पर तमिलनाडु में सियासी घमासान: Vijay के बयान से गरमाई राजनीति, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Vijay द्वारा मुल्लिवैक्काल स्मृति दिवस को लेकर किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे ने अब राज्य की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का रूप ले लिया है।

    मुल्लिवैक्काल पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
    यह विवाद 18 मई को तब शुरू हुआ जब 2009 के मुल्लिवैक्काल घटनाक्रम की याद में सीएम विजय ने एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने श्रीलंकाई तमिल समुदाय के अधिकारों और पीड़ितों को याद करते हुए एकजुटता की बात कही। इसी पोस्ट को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग व्याख्याएं सामने आने लगीं।

    भाजपा का कांग्रेस पर हमला
    भाजपा नेता Amit Malviya ने इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पोस्ट लिट्टे प्रमुख Velupillai Prabhakaran को अप्रत्यक्ष श्रद्धांजलि जैसा है, जिनकी संगठन पर पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की हत्या का आरोप है। भाजपा ने कांग्रेस की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और इसे गंभीर राजनीतिक मुद्दा बताया।

    टीवीके की सफाई
    विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बयान जारी कर सफाई दी। पार्टी ने कहा कि सीएम के संदेश का उद्देश्य किसी भी संगठन या नेता को समर्थन देना नहीं था, बल्कि 2009 में मारे गए हजारों निर्दोष तमिल नागरिकों को श्रद्धांजलि देना था। टीवीके ने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्ट में कहीं भी प्रभाकरण का नाम नहीं लिया गया था।

    मुल्लिवैक्काल स्मृति दिवस का संदर्भ
    टीवीके के अनुसार, 18 मई को दुनियाभर में बसे श्रीलंकाई तमिल समुदाय द्वारा ‘मुल्लिवैक्काल स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जिसमें युद्ध में मारे गए आम नागरिकों को याद किया जाता है। पार्टी ने कहा कि यह संदेश केवल उन्हीं पीड़ितों की स्मृति में था।

    राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ा
    इस पूरे मामले ने तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और टीवीके के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और आगे इसके और तूल पकड़ने की संभावना है।

  • फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी

    फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी


    नई दिल्ली।
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय की बहुचर्चित फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर कानून के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में असिस्टेंट एडिटर प्रशांत, सेल्वम और बालाकृष्णन शामिल हैं, जिन्हें इस अवैध लीक का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार फिल्म को 3 अप्रैल को अवैध तरीके से ऑनलाइन लीक किया गया था, जिसके बाद साइबर क्राइम यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    सूत्रों के मुताबिक यह फिल्म विजय के करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने के लिए फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली है। ‘जन नायकन’ का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और इसकी शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी। फिल्म को पोंगल 2026 में रिलीज किया जाना था, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता और कुछ तकनीकी कारणों से इसकी रिलीज टाल दी गई। सेंसर बोर्ड की कमेटी अभी भी फिल्म का रिव्यू कर रही है और प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।

    फिल्म में विजय के साथ बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, प्रकाश राज और गौतम वासुदेव मेनन जैसे बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। प्रोड्यूसर के. वेंकट नारायण ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जैसे ही सेंसर सर्टिफिकेट मिलेगा, फिल्म को रिलीज कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनके लिए एक नया अध्याय है और फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है।

    इधर फिल्म लीक मामले ने इंडस्ट्री में सुरक्षा और डिजिटल पाइरेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच में जुटी हुई है।

  • थलपति विजय बने मुख्यमंत्री, 9 मंत्रियों के साथ ली शपथ, 29 वर्षीय कीर्तना बनी सबसे युवा मंत्री, राज्य की राजनीति में नए युग की शुरुआत

    थलपति विजय बने मुख्यमंत्री, 9 मंत्रियों के साथ ली शपथ, 29 वर्षीय कीर्तना बनी सबसे युवा मंत्री, राज्य की राजनीति में नए युग की शुरुआत

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक बदलाव के रूप में दर्ज हो गया है, जहां लोकप्रिय अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य में नई सरकार की शुरुआत कर दी है। लंबे समय से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता और चुनावी परिणामों के बाद आखिरकार सत्ता का समीकरण साफ हुआ और नई सरकार का गठन औपचारिक रूप से पूरा हुआ। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां जनता के समर्थन से एक फिल्मी सितारे ने शासन की कमान संभाली है।

    चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में सुबह 10 बजे आयोजित भव्य समारोह में हजारों लोगों की मौजूदगी रही। पूरा वातावरण उत्साह और राजनीतिक बदलाव की भावना से भरा हुआ था। थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और उनके साथ उनकी पार्टी के 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। यह नई कैबिनेट अनुभव और युवा नेतृत्व के संतुलन के रूप में देखी जा रही है, जिसमें दोनों पीढ़ियों की भागीदारी स्पष्ट नजर आती है।

    इस सरकार में सबसे अधिक चर्चा 29 वर्षीय कीर्तना को लेकर हो रही है, जो इस कैबिनेट की सबसे युवा मंत्री बनी हैं। उनकी नियुक्ति को नई पीढ़ी के नेतृत्व को बढ़ावा देने और प्रशासन में युवा सोच को शामिल करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम यह दर्शाता है कि नई सरकार बदलाव और नए दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    शपथ ग्रहण समारोह में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। विभिन्न दलों के नेताओं की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि यह सत्ता परिवर्तन केवल राज्य स्तर की घटना नहीं बल्कि व्यापक राजनीतिक प्रभाव रखने वाला बदलाव है। समारोह के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन ने भीड़ को पूरी तरह नियंत्रित रखा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

    विजय के इस नए राजनीतिक सफर को उनके परिवार ने भी भावनात्मक रूप से देखा। उनके करीबी लोगों ने इसे उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ बताया, जहां उन्होंने मनोरंजन की दुनिया से आगे बढ़कर जनता की सेवा की जिम्मेदारी संभाली है। यह बदलाव उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन दोनों में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वास मत हासिल करने और प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने की होगी। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह सरकार अपने फैसलों और नीतियों के जरिए राज्य की दिशा को किस तरह आगे ले जाती है।

    तमिलनाडु की राजनीति में यह परिवर्तन केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि एक नई सोच, नए नेतृत्व और नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां जनता के समर्थन से एक नया अध्याय लिखा गया है।

  • तमिलनाडु में सत्ता संग्राम तेज: विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, कांग्रेस ने DMK छोड़ TVK को दिया समर्थन

    तमिलनाडु में सत्ता संग्राम तेज: विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, कांग्रेस ने DMK छोड़ TVK को दिया समर्थन


    नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां विजय ने चुनाव नतीजों के बाद सरकार गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय का यह कदम राज्य की सियासत को नए मोड़ पर ले गया है।

    इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए दशकों पुराना गठबंधन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम से तोड़ दिया और विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए दशकों पुराना गठबंधन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम से तोड़ दिया और विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने टीवीके प्रमुख से मुलाकात कर औपचारिक रूप से समर्थन पत्र भी सौंपा, जिसके बाद पार्टी मुख्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला।

    कांग्रेस के इस फैसले को तमिलनाडु की राजनीति में गेमचेंजर माना जा रहा है। पार्टी के प्रभारी गिरीश चोडानकर ने कहा कि विजय के समर्थन मांगने के बाद यह निर्णय लिया गया और शीर्ष नेतृत्व ने भी इसे मंजूरी दी है। कांग्रेस को उम्मीद है कि राज्यपाल विजय को जल्द ही सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।

    हालांकि, आंकड़ों पर नजर डालें तो अभी भी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। टीवीके ने चुनाव में 108 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस के 5 विधायक हैं। इस तरह दोनों का कुल आंकड़ा 113 तक पहुंचता है, जो बहुमत से अभी भी 5 सीट कम है। ऐसे में विजय को सरकार बनाने के लिए अन्य दलों या निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाना होगा।

    तमिलनाडु की सियासत में यह घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है, जहां एक तरफ नए समीकरण बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुराने गठबंधन टूटते नजर आ रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या विजय बहुमत का आंकड़ा हासिल कर पाते हैं या राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ेगी।

  • तमिलनाडु में TVK का कमाल…. लेकिन अभी राजनीति में नहीं आना चाहते थे विजय….जानें इसकी वजह?

    तमिलनाडु में TVK का कमाल…. लेकिन अभी राजनीति में नहीं आना चाहते थे विजय….जानें इसकी वजह?


    चेन्नई।
    सोमवार को आए तमिलनाडु विधानसभा (Tamil Nadu Assembly elections) के चुनावी नतीजों में हाल ही में बनी पार्टी टीवीके (TVK) ने कमाल कर दिया। अपने पहले ही चुनाव में टीवीके चीफ थालापति विजय (TVK Chief Thalapathy Vijay) की पार्टी ने तमिलनाडु के 108 सीटों पर जीद दर्ज की है। आज पूरे देश में नई बनी पार्टी टीवीके और थालापति विजय की चर्चा है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब थालापति विजय राजनीति में नहीं आना चाहते थे। राजनीति में आने से पहले अपने भविष्य को लेकर विजय थालापति असमंजस में रहते थे। आइए जानते हैं उन्हें किस बात का डर था और वो राजनीति में अभी क्यों नहीं आना चाहते थे।


    किस बात का था डर

    साउथ की फिल्मों में सुपरस्टार थालापति विजय बॉक्स ऑफिस पर एकदम हिट थे और प्रदेश की जनता भी उन्हें भगवान की तरह पूजती थी, लेकिन वो राजनीति में नहीं आना चाहते थे। विजय के पिता भी चाहते थे कि वो राजनीति में आएं, लेकिन उनको अपने ऊपर पूरी तरह भरोसा नहीं था। अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर थालापति विजय निश्चित नहीं थे, इसलिए वो पार्टी नहीं बनाना चाहते थे।

    थालापति विजय ने अचानक क्यों बनाई पार्टी
    थालापति के माता-पिता उन्हें साल 2009 से ही राजनीति में लाना चाहते थे, क्योंकि पूरे तमिलनाडु में उनकी लोकप्रियता और फैन फॉलोइंग बहुत ज्यादा थी। लेकिन वो राजनीति में नहीं आए। इस दौरान वो चाहते थे कि प्रदेश में ऐसा वैक्यूम बने जब एक नई राजनीतिक पार्टी की जरूरत हो। साल 2016 में जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके (AIADMK) अपनी साख खोती दिख रही थी। तमिलनाडु में मजबूत संगठन के बावजूद अपने शीर्ष नेताओं के बीच चल रही लगातार लड़ाई के कारण एआईएडीएमके ने अपनी राजनीतिक हैसियत को खत्म कर लिया। इस दौरान विजय थालापति ने एआईएडीएमके के खिलाफ बुगल फूंक दिया और बीजेपी को भी निशाने पर लिया।

    एआईएडीएमके के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और बीजेपी के खिलाफ सांप्रदायिकता का आरोप लगाकर विजय ने जमीन पर अपना काम शुरू कर दिया। इस दौरान विजय को युवाओं और महिलाओं के बीच काफी समर्थन मिला। इसी समय विजय ने पार्टी बनाने का मन बना लिया और साल 2026 के चुनावों में कमाल करते हुए पहली बार में ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर आई।

  • देश की सियासत में बड़ा उलटफेर! बंगाल में BJP का ‘जयघोष’, तमिलनाडु में विजय की एंट्री, प्रियंका चतुर्वेदी ने बताए बदलाव के संकेत

    देश की सियासत में बड़ा उलटफेर! बंगाल में BJP का ‘जयघोष’, तमिलनाडु में विजय की एंट्री, प्रियंका चतुर्वेदी ने बताए बदलाव के संकेत


    नई दिल्ली।  देशभर में चुनावी रुझानों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और अलग-अलग राज्यों से बड़े बदलाव के संकेत सामने आ रहे हैं। इसी बीच Priyanka Chaturvedi ने इन नतीजों को भारतीय राजनीति में बड़े बदलाव का इशारा बताया है।

    उनके मुताबिक, ये चुनाव सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की सियासी दिशा बदलने वाले साबित हो सकते हैं। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF गठबंधन की बढ़त ने वामपंथी गढ़ को हिला दिया है, जो लंबे समय से सत्ता में बना हुआ था। इसे एंटी-इनकंबेंसी और बदलाव की चाह का नतीजा माना जा रहा है।

    वहीं तमिलनाडु में Vijay की पार्टी TVK ने जबरदस्त एंट्री करते हुए पारंपरिक दलों DMK और AIADMK को कड़ी टक्कर दी है। यह राज्य की राजनीति में नई शुरुआत और युवा नेतृत्व के उभार के तौर पर देखा जा रहा है।

    पश्चिम बंगाल में Bharatiya Janata Party की मजबूत बढ़त ने सबका ध्यान खींचा है। रुझानों में पार्टी 150 से 200 सीटों के बीच पहुंचती दिख रही है, जो राज्य की राजनीति में बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। वहीं असम और पुडुचेरी में भी बीजेपी और उसके सहयोगियों ने अपनी पकड़ बनाए रखी है।

    प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि इन नतीजों से साफ है कि देश में पुराने राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं और नई ताकतें उभर रही हैं। जहां एक तरफ पारंपरिक गढ़ कमजोर पड़ते दिख रहे हैं, वहीं नए नेतृत्व और नई पार्टियां तेजी से जगह बना रही हैं।

    कुल मिलाकर, 2026 के चुनावी रुझान भारतीय राजनीति के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं जहां हर राज्य अपनी अलग कहानी लिख रहा है और आने वाले समय में सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

  • जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार

    जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार


    नई दिल्ली । TVK यानी तमिलगा वेत्री (tamilga vetri)कषगम प्रमुख विजय ने मंगलवार को पुडुचेरी (Puducherry)में अपनी पहली जनसभा की। इस दौरान उनकी पार्टी के नेताओं और एक महिला आईपीएस(IPS) के बीच बहस का वीडियो सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि अधिकारी करूर रैली(Karur Rally) में हुई मौतों का जिक्र कर नेताओं पर निशाना साध रही हैं। मामले का वीडियो वायरल हो रहा है।

    क्या था मामला
    मामला टीवीके की उप्पालम पोर्ट ग्राउंड में हुई जनसभा का है। एक वायरल वीडियो में पुडुचेरी पुलिस अधीक्षक ईशा सिंह को नाराज होते हुए देखा जा सकता है। वह कह रही हैं, ‘तुम पर इतने लोगों का खून है। तुम मुझे पूछ रहे हो कि मैं क्या कर रही हूं। तुम क्या कर रहे हो। 40 लोग मर गए थे। तुम क्या कर रहे।’ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें टीवीके महासचिव बस्सी आनंद के हाथों से माइक छीनते हुए भी देखा गया।

    खबर है कि एसपी ईशा सिंह ने अपने विजय के रोड शो को अनुमति देने के पहले ही अपने सीनियर्स को चेताया था। इसके बाद उन्हें रैली की देखरेख का काम सौंपा गया। खास बात है कि करूर में हुए कांड के बाद विजय की यह पहली बड़ी रैली थी। उस रैली में 41 लोगों की मौत हो गई थी।

    कौन हैं आईपीएस ईशा सिंह
    साल 1998 में मुंबई में जन्मीं ईशा सिंह के पिता योगेश प्रताप सिंह भी 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। कहा जाता है कि भ्रष्टाचार उजागर करने के चलते बार-बार सजा के तौर पर मिल रही पोस्टिंग के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। सिंह की मां आभा सिंह भारतीय डाक सेवा में कार्यरत थीं, लेकिन बाद में उन्होंने कानून का रास्ता चुना और वकालत की और जनहित के मामलों में रहीं। इनमें सलमान खान हिट एंड रन केस भी शामिल है।

    इंडिया टुडे के अनुसार, ईशा सिंह भी पुलिस अधिकारी बनने से पहले वकालत में समय गुजार चुकी हैं। उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल से शिक्षा हासिल की थी। साल 2010 में उन्होंने सैप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों की विधवाओं को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलवाया था।