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  • Vijaya Ekadashi 2026: इस व्रत से मिलती है शत्रुओं पर जीत और सफलता, फरवरी में जानें शुभ मुहूर्त व पारण का सही समय

    Vijaya Ekadashi 2026: इस व्रत से मिलती है शत्रुओं पर जीत और सफलता, फरवरी में जानें शुभ मुहूर्त व पारण का सही समय

    नई दिल्ली। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘विजया एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, यह एकादशी साधक को कठिन परिस्थितियों, शत्रुओं और मानसिक बाधाओं पर विजय दिलाने वाली मानी गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु की पूरी श्रद्धा के साथ उपासना करता है, उसे कार्यों में सिद्धि और अटके हुए कामों में सफलता प्राप्त होती है।

    विजया एकादशी का महत्व स्वयं भगवान श्रीराम से जुड़ा है। कहा जाता है कि जब प्रभु श्रीराम माता सीता की खोज में समुद्र तट पर पहुँचे और लंका पर चढ़ाई की चुनौती सामने थी, तब मुनि वकदालभ्य के निर्देश पर उन्होंने अपनी सेना सहित विजया एकादशी का व्रत किया था। इस व्रत के पुण्य प्रताप से ही उन्हें समुद्र पार करने और रावण पर विजय पाने में सफलता मिली। तभी से इसे ‘जीत’ का आशीर्वाद देने वाली एकादशी कहा जाता है।

    विजया एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष एकादशी तिथि दो दिनों तक व्याप्त रहेगी, लेकिन उदयातिथि की प्रधानता के कारण व्रत 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।

    एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026, दोपहर 12:22 बजे।

    एकादशी तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026, दोपहर 02:25 बजे।

    व्रत की तारीख: 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)।

    पूजा के विशेष मुहूर्त:

    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:10 बजे तक।

    अमृत काल (सर्वोत्तम): सुबह 09:08 से 10:54 बजे तक।

    विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से 03:11 बजे तक।

    पारण का समय और नियम
    एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब इसका पारण (व्रत खोलना) शुभ समय और विधि के साथ किया जाए। विजया एकादशी का पारण 14 फरवरी 2026 को होगा।

    पारण समय: सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक।

    विशेष सावधानी: चूंकि हरि वासर सुबह 08:20 बजे समाप्त हो रहा है, इसलिए पारण के लिए सुबह 08:21 से 09:14 के बीच का समय सबसे उत्तम रहेगा।

    इस दिन साधक को पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करना चाहिए। व्रत के दौरान सात्विकता बनाए रखें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें।

    विजया एकादशी 2026 का व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा। यह व्रत शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। भगवान राम ने भी लंका विजय के लिए यह व्रत किया था। 14 फरवरी की सुबह 07:00 से 09:14 के बीच व्रत का पारण करना शुभ रहेगा।

  • Vijaya Ekadashi 2026 Date: फरवरी में कब है जीत दिलाने वाली विजया एकादशी? जानें सही डेट, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

    Vijaya Ekadashi 2026 Date: फरवरी में कब है जीत दिलाने वाली विजया एकादशी? जानें सही डेट, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली । धार्मिक महत्व क्या है, पूजा के लिए कौन से शुभ मुहूर्त हैं और व्रत पारण की टाइमिंग क्या रहेगी विजया एकादशी हिंदू पंचांग की एक विशेष और प्रभावशाली एकादशी मानी जाती है. यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है. इस दिन भगवान विष्णु की उपासना कर जीवन की कठिन परिस्थितियों पर विजय पाने की कामना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत शत्रुओं पर जीत, मानसिक मजबूती और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना गया है. आइए जानते हैं, फरवरी में कब है जीत दिलाने वाली विजया एकादशी और इसका महत्व, पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण टाइमिंग क्या है?

    विजया एकादशी का धार्मिक महत्व

    विजया एकादशी केवल एक उपवास नहीं, बल्कि आत्मबल और संकल्प को मजबूत करने का पर्व है. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से पुराने कष्ट दूर होते हैं. व्यक्ति के जीवन में चल रही बाधाएं कम होती हैं. साथ ही यह व्रत जाने अनजाने में हुए दोषों से भी मुक्ति दिलाता है. साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

    भगवान राम से जुड़ी पौराणिक कथा

    पुराणों में वर्णन मिलता है कि लंका विजय से पहले भगवान श्रीराम ने समुद्र तट पर इस एकादशी का व्रत किया था. मुनि वकदालभ्य के निर्देश पर किए गए इस व्रत से श्रीराम को विजय प्राप्त हुई. तभी से यह एकादशी विजय प्रदान करने वाली मानी जाने लगी. यही कारण है कि कठिन समय में इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है.

    कब है विजया एकादशी 2026?

    द्रिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण एकादशी तिथि का आरंभ 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12:22 बजे होगा. तिथि की समाप्ति 13 फरवरी 2026 को दोपहर 02:25 बजे होगी. उदयातिथि के कारण विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा.

    विजया एकादशी 2026 के शुभ मुहूर्त

    इस दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा विशेष रूप से की जाती है. पूजा एकादशी तिथि के भीतर ही करनी चाहिए. उपलब्ध शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:10 बजे तक
    अमृत काल: सुबह 09:08 से 10:54 बजे तक
    अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक
    विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से 03:11 बजे तक

    व्रत पारण का सही समय

    विजया एकादशी का पारण 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा. पारण का समय सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक रहेगा. हरि वासर की समाप्ति उसी दिन सुबह 08:20 बजे होगी. पारण हमेशा हरि वासर के बाद ही करना शुभ माना जाता है. विजया एकादशी के दिन सात्विक आहार लें. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें. क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूरी रखें. यह दिन संयम और श्रद्धा के साथ बिताना ही व्रत का सार माना गया है.