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  • माधव चौक पर रातभर गूंजे माता के भजन, अमोला पुल पर विसर्जन के दौरान मची अफरा-तफरी, बेहोश युवक को बचाया

    माधव चौक पर रातभर गूंजे माता के भजन, अमोला पुल पर विसर्जन के दौरान मची अफरा-तफरी, बेहोश युवक को बचाया


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को माता रानी की प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम के साथ किया गया। श्री नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मंडल के आयोजन में शहर के माधव चौक से आकर्षक झांकियां निकाली गईं। इस दौरान भव्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और माता की प्रतिमाओं के साथ निकली झांकियों का आयोजन समिति की ओर से सम्मान किया गया। पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा और देर रात तक डीजे तथा ढोल की धुन पर युवा माता के भजनों पर झूमते नजर आए। वहीं अमोला पुल पर बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार सुबह तक जारी रहा। इस दौरान विसर्जन की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस और वहां पहुंचे लोगों के बीच गहमा-गहमी भी देखने को मिली। इसी बीच पानी में ट्यूब पर बैठा एक युवक अचानक चक्कर आने से बेहोश हो गया। उसके साथ मौजूद युवकों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पानी में डूबने से बचा लिया।

    माधव चौक पर रातभर रही उत्सव की रौनक

    दशहरे के अवसर पर माधव चौक पर भव्य मंच तैयार किया गया था। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ माता रानी की आकर्षक झांकियां निकाली गईं। आयोजन समिति ने झांकियों का सम्मान कर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। शहर के अलग-अलग इलाकों के साथ बाहर से भी डीजे और ढोल की टीमें पहुंचीं। उनकी धुन पर युवा देर रात तक माता के भजनों पर नाचते रहे। माधव चौक पर अलग-अलग डीजे के बीच तेज संगीत बजाने की होड़ भी दिखाई दी। कई जगहों पर एक-दूसरे के पास खड़े होकर डीजे बजाए गए और युवाओं ने जमकर नृत्य किया। श्रद्धा और उत्साह के बीच पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।

    अमोला पुल पर सुबह तक चलता रहा विसर्जन

    शहर में निकलीं माता की बड़ी प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए अमोला पुल ले जाया गया। यहां मंगलवार रात से शुरू हुआ विसर्जन बुधवार सुबह तक चलता रहा। बड़ी प्रतिमाओं को पानी तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। लगातार आवाजाही के कारण मौके पर भीड़ बनी रही। व्यवस्था संभालने के दौरान पुलिस और विसर्जन करने पहुंचे कुछ लोगों के बीच गहमा-गहमी की स्थिति भी बनी। प्रतिमाओं के आकार और भीड़ को देखते हुए विसर्जन का काम सुबह तक जारी रहा।

    ट्यूब पर बैठा युवक चक्कर आने से हुआ बेहोश

    अमोला पुल के नीचे पानी में कुछ युवक ट्यूब पर बैठकर प्रतिमा विसर्जन के दौरान क्रेन का पट्टा निकाल रहे थे। इसी दौरान एक युवक को अचानक चक्कर आया और वह बेहोश हो गया। पानी में मौजूद उसके साथियों ने उसे संभालते हुए पकड़ लिया और डूबने से बचाया। इसके बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार युवक की हालत सामान्य बताई गई है। इस घटना के बाद विसर्जन के दौरान पानी में उतरने और भारी प्रतिमाओं के आसपास काम करने के समय सावधानी बरतने की जरूरत एक बार फिर सामने आई। विजयादशमी पर जहां शहर में धार्मिक उत्साह और भव्य आयोजनों की रौनक रही वहीं अमोला पुल पर हुई इस घटना ने विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को भी उजागर किया।

  • MP में दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा, भोपाल पुलिस लाइन में जुटे जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी, सत्य-धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश

    MP में दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा, भोपाल पुलिस लाइन में जुटे जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी, सत्य-धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश


    भोपाल । विजयादशमी के अवसर पर मध्य प्रदेश में मंगलवार को शस्त्र पूजन के आयोजन किए गए। राजधानी भोपाल में नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग और सांसद आलोक शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान पारंपरिक विधि-विधान से शस्त्रों का पूजन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सुख-समृद्धि शांति और उन्नति की कामना की। विजयादशमी पर आयोजित इस कार्यक्रम में सनातन परंपराओं और शस्त्र पूजन के महत्व पर भी जोर दिया गया।

    भोपाल पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में महापौर मालती राय विधायक भगवानदास सबनानी कमिश्नर कर्मवीर शर्मा पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और संयुक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पूजा में भाग लिया। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा को शक्ति साहस और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इसी परंपरा के तहत भोपाल में भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने समाज और प्रदेश में शांति तथा समृद्धि बनाए रखने की कामना की।

    मंत्री विश्वास सारंग ने विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार पूरे विश्व में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। उनके मुताबिक विजयादशमी लोगों को सत्य धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने शस्त्रों को शक्ति साहस और राष्ट्र की सुरक्षा का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारतीय परंपराओं में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। यह परंपरा लोगों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश देती है।

    सारंग ने कहा कि सनातन परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे लोगों को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी बोध कराती हैं। विजयादशमी के अवसर पर शस्त्रों की पूजा इसी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस दिन लोग बुराई पर अच्छाई की जीत का संकल्प लेते हैं और समाज में सकारात्मकता तथा सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

    भोपाल के अलावा मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी विजयादशमी पर शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। शस्त्र पूजन की परंपरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें शक्ति के साथ जिम्मेदारी और सुरक्षा के भाव को भी जोड़ा जाता है। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन को औपचारिक स्वरूप दिया।

    विजयादशमी का पर्व देशभर में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है। कहीं रावण दहन के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है तो कहीं शस्त्र पूजन के माध्यम से शक्ति और कर्तव्य के महत्व को याद किया जाता है। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम भी इसी परंपरा का हिस्सा रहा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने प्रदेश में सुख-समृद्धि शांति और उन्नति की कामना की।

  • उज्जैन में विजयादशमी पर संघ का पथ संचलन, बैंड और लाठी के साथ कदमताल करते निकले स्वयंसेवक, 25 अक्टूबर तक होंगे आयोजन

    उज्जैन में विजयादशमी पर संघ का पथ संचलन, बैंड और लाठी के साथ कदमताल करते निकले स्वयंसेवक, 25 अक्टूबर तक होंगे आयोजन


    उज्जैन। विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS का पथ संचलन निकाला गया। शहर की 65 बस्तियों से स्वयंसेवक पारंपरिक वेशभूषा में अनुशासित तरीके से कदमताल करते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरे। इस दौरान शहर में कई जगह उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय रहवासियों ने रंगोली बनाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने फूल बरसाए और सड़क के दोनों ओर खड़े होकर संचलन में शामिल स्वयंसेवकों का अभिवादन किया। विजयादशमी पर आयोजित इस कार्यक्रम में अनुशासन और सामूहिक सहभागिता प्रमुख रूप से दिखाई दी।

    पथ संचलन की शुरुआत से पहले संबंधित बस्तियों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें संघ के गीत अमृत वचन बौद्धिक और प्रार्थना शामिल रहे। इन कार्यक्रमों के बाद स्वयंसेवक निर्धारित मार्गों पर संचलन के लिए निकले। सभी स्वयंसेवक एक साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़े। उनके साथ बैंड भी शामिल रहा और कई स्वयंसेवक हाथों में लाठी लेकर चलते दिखाई दिए। संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासन बनाए रखा और निर्धारित मार्ग से होते हुए कार्यक्रम पूरा किया। इसके बाद सभी अपने अपने क्षेत्रों की बस्तियों में लौट गए।

    उज्जैन में दशहरे के अवसर पर संघ की ओर से अलग-अलग बस्तियों में पथ संचलन निकालने की परंपरा रही है। इस आयोजन के माध्यम से स्वयंसेवक एकजुट होकर निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेते हैं। इस बार भी शहर की 65 बस्तियों में विजयादशमी के दिन संचलन आयोजित किए गए। मार्गों पर स्थानीय लोगों की मौजूदगी और स्वागत की तैयारियों ने आयोजन को खास बनाया। कई स्थानों पर रंगोली के जरिए रास्तों को सजाया गया। लोगों ने फूल बरसाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और उनके गुजरने के दौरान अभिवादन किया।

    संघ की ओर से पथ संचलन के आयोजन केवल विजयादशमी तक सीमित नहीं रहेंगे। जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक शहर की अलग-अलग बस्तियों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत संबंधित क्षेत्रों में स्वयंसेवक एकत्र होंगे और तय कार्यक्रम के अनुसार संचलन निकालेंगे। आयोजन की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जा रही है। इससे शहर की विभिन्न बस्तियों में अलग-अलग दिनों पर संघ के कार्यक्रम देखने को मिलेंगे।

    विजयादशमी पर निकले पथ संचलन के दौरान पारंपरिक वेशभूषा बैंड की धुन और एक साथ कदमताल करते स्वयंसेवक आकर्षण का केंद्र रहे। स्वागत के लिए बनाई गई रंगोलियों और फूलों की वर्षा से कई मार्गों पर उत्सवी माहौल दिखाई दिया। अब 25 अक्टूबर तक उज्जैन की अन्य बस्तियों में भी पथ संचलन और संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के जरिए संघ की स्थानीय इकाइयां अपने तय कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगी।