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  • बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर शराब दुकान-ढाबा हटाने की मांग तेज: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर शराब दुकान-ढाबा हटाने की मांग तेज: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    शाजापुर। जिले की ग्राम पंचायत मोहन बड़ोदिया में बस स्टैंड परिसर और प्रसिद्ध गुसाईजी की बैठक मंदिर जाने वाले मार्ग पर संचालित शराब दुकान और नॉनवेज ढाबे को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कलेक्टर के नाम ग्राम पंचायत, थाना और तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान और मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर शराब दुकान का संचालन क्षेत्र के सामाजिक माहौल को प्रभावित कर रहा है। लोगों का आरोप है कि इससे न केवल आम नागरिकों को असुविधा हो रही है, बल्कि धार्मिक वातावरण भी बाधित हो रहा है।

    स्कूल, पंचायत और मंदिर के पास दुकान से बढ़ी चिंत
    ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित हो रही है, उसके आसपास ग्राम पंचायत भवन, स्कूल, बस स्टैंड, रिहायशी कॉलोनी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थित है। इसके अलावा यह मार्ग गुसाईजी की बैठक मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी है, जहां नियमित रूप से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से महिलाओं और श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना रहता है, ऐसे में शराब दुकान और ढाबे की मौजूदगी से असुरक्षा का माहौल बनता है।

    टीनशेड में बैठकर शराब सेवन का आरोप
    ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब ठेके के पास टीनशेड लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई है, जहां दिनभर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे क्षेत्र में गाली-गलौज, विवाद और अराजकता की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से गांव की शांति और सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश
    मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने नॉनवेज ढाबे के संचालन स्थल की जांच कर ग्राम पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर गंदगी फैलाने और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं आबकारी विभाग की सदस्य मीनाक्षी सिंह ने दो दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

    ग्रामीणों की उम्मीद: जल्द हटे अवैध गतिविधियां
    ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस मामले में ठोस कदम उठाएगा और बस स्टैंड तथा मंदिर मार्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विवाद और अव्यवस्था से मुक्त कराया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

  • सिरसौद में राशन वितरण पर बवाल: हितग्राहियों ने गेहूं-चावल में कटौती और अवैध वसूली के लगाए आरोप

    सिरसौद में राशन वितरण पर बवाल: हितग्राहियों ने गेहूं-चावल में कटौती और अवैध वसूली के लगाए आरोप


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करेरा अनुविभाग के सिरसौद गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम गेहूं और चावल दिया जा रहा है, साथ ही राशन देने के बदले अतिरिक्त पैसे भी वसूले जा रहे हैं।

    मामला तब सामने आया जब ग्रामीणों ने राशन वितरण के दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इन वीडियो के सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और लोगों ने खुलकर अपनी शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दीं।

    ग्रामीणों के अनुसार, कई हितग्राहियों को 2 से 3 किलो तक कम राशन दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रति व्यक्ति 10 से 20 रुपये तक अतिरिक्त वसूली भी की जा रही है। लोगों का आरोप है कि यह प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब जाकर मामला उजागर हुआ है।

    प्रेम नारायण नामक ग्रामीण ने बताया कि उन्हें दो महीने के राशन के बदले 22 किलो गेहूं और 6 किलो चावल मिला, जबकि निर्धारित मात्रा से 2 किलो कम अनाज दिया गया। साथ ही उनसे 10 रुपये अतिरिक्त लिए गए। इसी तरह पुष्पेंद्र लोधी ने भी आरोप लगाया कि उन्हें 20 किलो गेहूं और 8 किलो चावल के बजाय कम मात्रा में राशन मिला और 10 रुपये अतिरिक्त वसूले गए।

    अन्य ग्रामीणों ने भी समान आरोप लगाए हैं। मुकेश पाल ने कहा कि उन्हें 60 किलो गेहूं और 10 किलो चावल दिया गया, लेकिन उसमें भी 2 किलो की कमी पाई गई और 20 रुपये अतिरिक्त लिए गए। वहीं धनीराम शिवहरे का कहना है कि दो व्यक्तियों के हिस्से का राशन लेने पर उन्हें 3 किलो अनाज कम मिला और अतिरिक्त पैसे भी लिए गए।

    इन आरोपों के बाद गांव में नाराजगी बढ़ गई है और लोग राशन दुकान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वायरल वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है, जिसके बाद प्रशासनिक जांच की मांग भी तेज हो गई है।

    दूसरी ओर, राशन दुकान के सेल्समैन सुमित लोधी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वह पहली बार राशन वितरण कर रहे हैं और इससे पहले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा यह कार्य किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

    फिलहाल मामला तूल पकड़ चुका है और स्थानीय प्रशासन से जांच की उम्मीद की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ी अनियमितताओं का संकेत होगा।