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  • चींटियों की गंध पहचानने की क्षमता पर असर डालते हैं ये घरेलू उपाय, जानिए रसोई में कैसे करें इस्तेमाल

    चींटियों की गंध पहचानने की क्षमता पर असर डालते हैं ये घरेलू उपाय, जानिए रसोई में कैसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली ।
    रसोई और घर में चींटियों का दिखाई देना आम समस्या है। खासकर गर्मी और बारिश के मौसम में खाने-पीने की चीजों के आसपास इनकी संख्या बढ़ सकती है। चीनी, मिठाई और अन्य मीठी चीजें चींटियों को जल्दी आकर्षित करती हैं। कई बार खाने के छोटे कण या चिपचिपे अवशेष अच्छी तरह सफाई करने के बाद भी रह जाते हैं, जिनकी गंध चींटियों को उस स्थान तक पहुंचा देती है।

    एक बार चींटियां किसी जगह पर लगातार आने लगें तो उन्हें रोकना आसान नहीं होता। ऐसे में केवल उन्हें हटाने के बजाय उस जगह की नियमित सफाई करना और उनके आने के रास्ते को बाधित करना ज्यादा प्रभावी तरीका हो सकता है। कुछ घरेलू चीजों की तेज गंध भी चींटियों की गतिविधि को कम करने में मदद कर सकती है।

    लौंग को चींटियों को दूर रखने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी तेज खुशबू उन स्थानों पर रखी जा सकती है जहां चींटियां बार-बार दिखाई देती हैं। खासतौर पर चीनी या अन्य मीठी चीजों के डिब्बों के आसपास लौंग रखने से चींटियों की आवाजाही को रोकने में मदद मिल सकती है।

    तेजपत्ता भी रसोई में आसानी से उपलब्ध होने वाला विकल्प है। तेजपत्ते को हल्का तोड़कर उन जगहों पर रखा जा सकता है जहां से चींटियां आती हैं। इसकी गंध चींटियों के लिए अप्रिय मानी जाती है और यह उनके आने वाले रास्ते को बदलने में मदद कर सकती है।

    दालचीनी का इस्तेमाल भी इसी तरह किया जा सकता है। इसे पाउडर के रूप में रसोई के दरवाजे, खिड़की या उन दरारों के पास रखा जा सकता है जहां से चींटियां अंदर आती हैं। इसकी तेज खुशबू चींटियों को उस रास्ते से दूर रखने में मदद कर सकती है।

    हल्दी भी एक घरेलू उपाय है। इसे उन जगहों पर हल्की रेखा के रूप में रखा जा सकता है जहां से चींटियों के घर के अंदर आने की संभावना होती है। हालांकि, इसका इस्तेमाल साफ और सूखी सतह पर करना बेहतर रहता है, ताकि रसोई में गंदगी न फैले।

    नींबू का रस भी चींटियों की गंध आधारित राह को प्रभावित करने में मदद कर सकता है। इसके लिए नींबू के रस को पानी में मिलाकर उन स्थानों पर छिड़का जा सकता है जहां चींटियां दिखाई देती हैं। रसोई के फर्श, खिड़की और दरवाजे के आसपास सफाई के बाद इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सफेद सिरके और पानी का घोल भी चींटियों की आवाजाही वाले स्थानों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे फर्श, खिड़की, दरवाजे और डस्टबिन के आसपास छिड़कने से चींटियों के छोड़े हुए गंध संकेत कम करने में मदद मिल सकती है।

    पुदीने या पेपरमिंट की तेज खुशबू भी चींटियों को दूर रखने के लिए इस्तेमाल की जाती है। पानी में थोड़ी मात्रा में पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल मिलाकर चींटियों के आने वाले रास्तों पर हल्का स्प्रे किया जा सकता है। हालांकि, इसे खाने की चीजों, बर्तनों और बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।

    इन उपायों के साथ रसोई में मीठी और खाने की वस्तुओं को अच्छी तरह बंद डिब्बों में रखना, गिरे हुए खाद्य पदार्थों को तुरंत साफ करना और पानी या नमी जमा न होने देना जरूरी है। अगर चींटियों का प्रकोप लगातार बना रहे या बड़ी संख्या में चींटियां घर में फैल जाएं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय उचित कीट नियंत्रण उपाय अपनाना अधिक प्रभावी हो सकता है।

  • बाथरूम की काली पड़ी टाइल्स चमकाने के लिए अपनाएं सिरका बेकिंग सोडा और नींबू नमक के आसान घरेलू उपाय

    बाथरूम की काली पड़ी टाइल्स चमकाने के लिए अपनाएं सिरका बेकिंग सोडा और नींबू नमक के आसान घरेलू उपाय


    नई दिल्ली ।
    बाथरूम की नियमित सफाई के बावजूद कुछ समय बाद टाइल्स की चमक कम होने लगती है और उनकी सतह पर काली परत, दाग धब्बे तथा जमी हुई गंदगी दिखाई देने लगती है। लगातार नमी, पानी में मौजूद खनिज तत्व और साबुन का झाग इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में हर बार महंगे क्लीनिंग प्रोडक्ट खरीदने की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से भी टाइल्स की सफाई की जा सकती है।

    काली पड़ी और जिद्दी दाग वाली टाइल्स के लिए सफेद सिरका और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। दोनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को उन हिस्सों पर लगाएं जहां गंदगी या काली परत अधिक जमा है। इसे करीब 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें, ताकि जमा मैल ढीला हो सके।

    इसके बाद मुलायम ब्रश या सफाई वाले ब्रश से टाइल्स को हल्के हाथों से रगड़ें। ज्यादा जोर लगाने से टाइल्स की सतह या उनकी फिनिश प्रभावित हो सकती है। सफाई के बाद पानी से पूरी जगह अच्छी तरह धो दें और किसी सूखे कपड़े से पोंछ दें। इस प्रक्रिया से जमी हुई गंदगी काफी हद तक हटाई जा सकती है।

    टाइल्स की सफाई के लिए नींबू और नमक का मिश्रण भी इस्तेमाल किया जा सकता है। नींबू के रस में थोड़ा नमक मिलाकर पेस्ट या घोल तैयार करें। इसे दाग वाले हिस्से पर लगाकर करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद मुलायम ब्रश से हल्के हाथों से सफाई करें और पानी से धो लें।

    हल्की गंदगी और रोजाना की सफाई के लिए गर्म पानी में थोड़ी मात्रा में डिटर्जेंट मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस घोल को स्पंज या ब्रश की मदद से टाइल्स पर लगाकर साफ करें। नियमित सफाई से साबुन की परत और सामान्य गंदगी ज्यादा समय तक जमा नहीं होती।

    बाथरूम की सफाई करते समय केवल टाइल्स की ऊपरी सतह पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। टाइल्स के बीच मौजूद ग्राउट में भी गंदगी, नमी और फंगस जमा हो सकता है। इन पतली लाइनों की सफाई के लिए पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल किया जा सकता है। छोटे ब्रश से ग्राउट की लाइनों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है और जमा मैल हटाया जा सकता है।

    सफाई के बाद टाइल्स को सूखा रखना भी जरूरी है। पानी की बूंदें लंबे समय तक सतह पर रहने से दोबारा दाग बनने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए सफाई के बाद सूखे कपड़े या वाइपर से अतिरिक्त पानी हटा देना बेहतर रहता है। बाथरूम में हवा का उचित आवागमन रखने से भी लगातार नमी कम करने में मदद मिल सकती है।

    घरेलू सफाई के किसी भी मिश्रण का इस्तेमाल करने से पहले टाइल्स के छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर है। अलग-अलग टाइल्स और ग्राउट की सामग्री पर सफाई वाले पदार्थों का प्रभाव अलग हो सकता है। किसी भी क्लीनिंग पदार्थ को आंखों या त्वचा के सीधे संपर्क में आने से बचाना चाहिए।

    बाथरूम की टाइल्स को चमकदार बनाए रखने के लिए नियमितता सबसे महत्वपूर्ण है। सप्ताह में एक बार सामान्य सफाई और जरूरत के अनुसार गहरी सफाई करने से जिद्दी दाग और काली परत जमने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। साफ टाइल्स के साथ ग्राउट की नियमित सफाई और सफाई के बाद सतह को सुखाने की आदत बाथरूम को लंबे समय तक साफ रखने में मदद कर सकती है।