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  • पीयूष गोयल ने T20 जीत पर मजाकिया टिप्पणी की, कहा- ‘अगर टैरिफ 0 होता तो अमेरिका जीत जाता’

    पीयूष गोयल ने T20 जीत पर मजाकिया टिप्पणी की, कहा- ‘अगर टैरिफ 0 होता तो अमेरिका जीत जाता’


    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुआ अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के सहयोग के बिना संभव नहीं था। गोयल ने सर्जियो गोर की व्यक्तिगत भूमिका की सराहना की और इस अवसर पर भारत और अमेरिका के बीच खेले गए T20 मैच पर भी चुटकी ली।

    गोयल ने मजाकिया लहजे में कहा अगर अमेरिका ने अपने जवाबी टैरिफ को शून्य प्रतिशत कर दिया होता तो शायद वह भारत के खिलाफ मैच जीत जाता। इस बात पर मौजूद मेहमानों ने हँसी और तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। गोयल ने आगे कहा कि अमेरिका ने क्रिकेट खेलना केवल कुछ साल पहले शुरू किया है और उनकी टीम का प्रदर्शन हाल ही में शानदार रहा।

    स्वागत समारोह और व्यापार समझौता

    नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने आवास पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया। इसमें वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य दिग्गज शामिल हुए। यह बैठक भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा जारी होने के बाद हुई।सर्जियो गोर ने कहा कि व्हाइट हाउस भारत पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी की दोस्ती ने व्यापार सौदे को संभव बनाया। भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ कम किया है जबकि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया।

    भारत-अमेरिका T20 मैच

    विश्व कप के पहले मैच में भारत ने अमेरिका को 29 रन से हराया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने दबाव में 84 रन की नाबाद पारी खेली जबकि मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट लिए। भारत ने नौ विकेट पर 161 रन बनाए। अमेरिका ने 20 ओवर में 132 रन पर 8 विकेट खोकर पीछा किया। उनके लिए संजय कृष्णमूर्ति और शुभम रंजने ने 37-37 रन और मिलिंद कुमार ने 34 रन बनाए। भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और सिराज ने शुरुआती सफलता दिलाई।

    पाकिस्तान के खिलाफ मैच
    पाकिस्तान सरकार ने मैच बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया है। अब 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच T20 मैच होगा। इससे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने क्रिकेट हित में पाकिस्तान से मैच खेलने का अनुरोध किया था।

  • मंत्री विजय शाह का वायरल बयान 50 हजार लाड़ली बहनें CM के सम्मान कार्यक्रम में आएंन आने पर आधार लिंक चेक कराएं'

    मंत्री विजय शाह का वायरल बयान 50 हजार लाड़ली बहनें CM के सम्मान कार्यक्रम में आएंन आने पर आधार लिंक चेक कराएं'


    रतलाम । मध्य प्रदेश के वनपर्यावरण एवं प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह अपने सख्त तेवरों और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के कारण सुर्खियों में हैं। रतलाम में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की पहली बैठक में दिए गए उनके निर्देश का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    लाड़ली बहनों को कार्यक्रम में लाने का निर्देश

    यह बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस बैठक मेंमंत्री शाह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी से जिले में लाड़ली बहनों की संख्या के बारे में जानकारी ली। जब अधिकारी ने बताया कि जिले में लाभार्थियों की संख्या लगभग 2.5 लाख हैतो मंत्री डॉ. शाह ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में कम से कम 50 हजार लाड़ली बहनें तो आ ही जानी चाहिए।

    मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर ये नहीं आती हैं तो इनके आधार लिंक आदि की जांच कराएं। हालांकिउन्होंने यह भी जोड़ा कि वे ज्यादा परेशान भी नहीं करना चाहते। मंत्री का यह बयान राज्य की सबसे बड़ी लाभार्थी योजना ‘लाड़ली बहना योजना’ के हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों पर डाले गए दबाव को दर्शाता है।

    अनुपस्थित अधिकारियों पर फूटा गुस्सा

    बैठक में मंत्री डॉ. शाह ने केवल कार्यक्रम की तैयारियों पर ही सख्ती नहीं दिखाईबल्कि बैठक से कई विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों की गैर मौजूदगी को मंत्री शाह ने गंभीरता से लिया। उन्होंने क्रमवार जानकारी लेते हुए अपने निजी सहायक पीए को अनुपस्थित अधिकारियों की सूची बनाने का निर्देश दिया।
    मंत्री की नाराज़गी तब और बढ़ गई जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी के बजाय मैकेनिक को भेज दिया गया।
    डॉ. शाह ने अपनी तीस वर्षों की राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए सख्त लहजे में कहा 30 साल से मंत्री हूंहल्के में ले रहे हो। मंत्री का यह बयान स्पष्ट करता है कि वह प्रशासनिक लापरवाही और महत्वपूर्ण बैठकों में अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों के सामने अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें शासकीय कार्यों और बैठकों को प्राथमिकता देनी होगी।