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  • वनडे विश्व कप 2027 में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने पर सस्पेंस बरकरार, बीसीसीआई ने रणनीतिक फैसलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार

    वनडे विश्व कप 2027 में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने पर सस्पेंस बरकरार, बीसीसीआई ने रणनीतिक फैसलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट जगत में इस समय सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही बना हुआ है कि क्या स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली वर्ष 2027 में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे या नहीं। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खिताबी जीत दर्ज करने के बाद से ही इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के वनडे क्रिकेट में भविष्य को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उनके इस बयान ने स्थिति को स्पष्ट करने के बजाय सस्पेंस को और अधिक बढ़ा दिया है क्योंकि उन्होंने साफ कर दिया है कि टीम की रणनीतियों से जुड़ी चर्चाएं पूरी तरह आंतरिक होती हैं।

    क्रिकेट बोर्ड के सचिव ने एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य, खिलाड़ियों की भूमिकाओं और आगामी विश्व कप की रूपरेखा को लेकर बोर्डरूम के भीतर नियमित तौर पर समीक्षा की जाती है। चयन समिति, क्रिकेट सलाहकार समिति, मुख्य कोच और कोचिंग स्टाफ के साथ-साथ खुद खिलाड़ियों के बीच भी एक मजबूत संवाद प्रणाली स्थापित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम से जुड़े सभी बड़े और महत्वपूर्ण फैसले इसी निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। लेकिन जब उनसे सीधे तौर पर इन दोनों पूर्व कप्तानों के अगले विश्व कप में खेलने की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने रणनीतिक चर्चाओं का हवाला देते हुए इस पर सीधा जवाब देने से साफ तौर पर परहेज किया।

    बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, किसी भी बड़े टूर्नामेंट की दूरगामी रणनीतियों और सीनियर खिलाड़ियों के चयन संबंधी विचारों को मीडिया या आम जनता के सामने समय से पहले प्रकट करना उचित नहीं होता है। यह एक गोपनीय प्रशासनिक ढांचा है और इन पर चर्चा बोर्ड के आंतरिक दायरे में ही रहनी चाहिए। इस रहस्यमयी रुख से यह साफ जाहिर होता है कि बीसीसीआई फिलहाल इन दोनों दिग्गज बल्लेबाजों के भविष्य के रोडमैप को लेकर कोई भी जल्दबाजी में सार्वजनिक बयान या संकेत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है।

    दूसरी ओर, रोहित शर्मा और विराट कोहली विभिन्न मंचों पर इस बात के स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि वे खेल के इस पारंपरिक सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं और उनकी नजरें अगले विश्व कप पर टिकी हुई हैं। चैंपियंस ट्रॉफी की ऐतिहासिक सफलता के बाद भी दोनों ही दिग्गजों ने वनडे क्रिकेट खेलते रहने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुवाई वाले प्रबंधन ने भी अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक या ठोस आश्वासन मीडिया के सामने प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसे में आने वाले समय में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का व्यक्तिगत प्रदर्शन और उनकी शारीरिक फिटनेस ही इस पूरी तस्वीर को साफ करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।

    मध्य प्रदेश। इसी बीच बोर्ड के सचिव ने राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों के कारण स्थगित हुए भारत के पड़ोसी देशों के दौरों और द्विपक्षीय श्रृंखलाओं पर भी बोर्ड की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड किसी भी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन या विदेशी दौरों को लेकर पूरी तरह से भारत सरकार की गृह और विदेश नीतियों का अनुसरण करता है। खेल संस्था का राजनीति से कोई प्रत्यक्ष सरोकार नहीं है और सरकार की ओर से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर ही खेल से जुड़े कार्यक्रम तय किए जाते हैं। बहरहाल, वर्तमान में भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ जारी घरेलू वनडे श्रृंखला में बेहतर प्रदर्शन कर रही है और खेल प्रेमी आगामी समय में रोहित-विराट के भविष्य पर आने वाले हर मोड़ पर नजरें गड़ाए हुए हैं।

  • इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के चयन से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आई है। टीम प्रबंधन और चयन समिति की निगाहें विशेष रूप से अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की शारीरिक स्थिति पर टिकी हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता भारतीय टीम के संतुलन और रणनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    भारतीय क्रिकेट टीम को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। इस सीरीज को आगामी अंतरराष्ट्रीय अभियानों की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं की कोशिश है कि पूरी तरह फिट और मैच के लिए तैयार खिलाड़ियों को ही टीम में शामिल किया जाए। इसी कारण अंतिम टीम चयन से पहले कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की मेडिकल और फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    विराट कोहली को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। अनुभवी बल्लेबाज पिछले कुछ समय से चोट से उबरने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। आईपीएल के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले कोहली को टूर्नामेंट के अंतिम चरण में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रहना पड़ा और पुनर्वास प्रक्रिया अपनानी पड़ी।

    वर्तमान में कोहली अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और वापसी की तैयारी में जुटे हुए हैं। टीम चयन से पहले उनकी फिटनेस का विस्तृत आकलन किया जाएगा। क्रिकेट बोर्ड के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे पूरी तरह स्वस्थ हों और बिना किसी जोखिम के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकें। फिटनेस परीक्षण में सफल रहने की स्थिति में उनके इंग्लैंड दौरे के लिए चयन की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

    दूसरी ओर हार्दिक पांड्या की स्थिति पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। चोट के कारण हाल के मुकाबलों से बाहर रहे हार्दिक ने अब प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में वह हल्के अभ्यास सत्रों में हिस्सा ले रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर मेडिकल टीम लगातार निगरानी रख रही है। आने वाले दिनों में उनके अभ्यास की तीव्रता बढ़ाई जाएगी ताकि यह आकलन किया जा सके कि वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए कितने तैयार हैं।

    भारतीय टीम के लिए हार्दिक का महत्व केवल एक बल्लेबाज या गेंदबाज तक सीमित नहीं है। वह टीम को दोनों विभागों में संतुलन प्रदान करते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी मौजूदगी टीम संयोजन को अधिक मजबूत बनाती है। यही कारण है कि चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विराट कोहली का अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता भारतीय शीर्ष क्रम को मजबूती देती है, जबकि हार्दिक पांड्या का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम को अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराता है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी।

    चयन समिति आने वाले दिनों में खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट, फिटनेस स्तर और अभ्यास सत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद ही इंग्लैंड वनडे सीरीज के लिए अंतिम टीम की घोषणा की जाएगी। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें भी अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विराट कोहली और हार्दिक पांड्या पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी कर पाते हैं या नहीं।

    फिलहाल संकेत यही हैं कि दोनों खिलाड़ी अपनी वापसी को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं। यदि फिटनेस संबंधी सभी मानकों पर वे खरे उतरते हैं तो इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम को अनुभव, संतुलन और मजबूती का बड़ा फायदा मिल सकता है।

  • कोहली डिविलियर्स से लेकर गिल सुदर्शन तक IPL की ऐतिहासिक पार्टनरशिप्स

    नई दिल्ली:इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL में बल्लेबाजी साझेदारी हमेशा मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाती है। जब दो बल्लेबाज क्रीज पर जम जाते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य आसान नजर आने लगता है। IPL के इतिहास में भी कई ऐसी साझेदारियां हुई हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड बुक में खास जगह बनाई है

    सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के नाम दर्ज है। साल 2016 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 229 रन जोड़े थे। गुजरात लायंस के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने 109 रन और डिविलियर्स ने नाबाद 129 रन की पारी खेली थी

    दूसरे स्थान पर भी यही जोड़ी काबिज है। 2015 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ दोनों ने 215 रन की साझेदारी कर एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। उस मैच में डिविलियर्स ने 133 रन और कोहली ने नाबाद 82 रन बनाए थे

    तीसरे नंबर पर केएल राहुल और क्विंटन डी कॉक की जोड़ी आती है। 2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए दोनों ने पहले विकेट के लिए 210 रन की नाबाद साझेदारी की थी, जिसमें डी कॉक ने 140 रन की शानदार पारी खेली थी

    इसी सूची में शुभमन गिल और साई सुदर्शन का नाम भी शामिल है। 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ दोनों ने 210 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी, जिसमें दोनों बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे

    2011 के सीजन में शॉन मार्श और एडम गिलक्रिस्ट ने भी कमाल किया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ इस जोड़ी ने 206 रन जोड़े थे, जो उस समय की सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल थी

    इसके अलावा गिल और सुदर्शन की एक और 205 रन की साझेदारी भी IPL के इतिहास में दर्ज है, जिसमें गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से हराया था

    इन सभी साझेदारियों ने यह साबित किया है कि क्रिकेट में टीमवर्क और तालमेल कितना अहम होता है। IPL के इतिहास में ये रिकॉर्ड न सिर्फ आंकड़े हैं, बल्कि वो यादगार पल हैं जब बल्लेबाजों ने अपने दमदार प्रदर्शन से मैच को एकतरफा बना दिया

  • आईपीएल 2026 से पहले कोहली और भुवनेश्वर की टक्कर ने बढ़ाया रोमांच

    आईपीएल 2026 से पहले कोहली और भुवनेश्वर की टक्कर ने बढ़ाया रोमांच


    नई दिल्ली: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इन दिनों आगामी आईपीएल 2026 की तैयारियों में पूरी तरह जुटे हुए हैं। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चल रहे अभ्यास सत्र के दौरान कोहली ने गेंदबाजों के खिलाफ जमकर पसीना बहाया और अपनी लय को मजबूत करने की कोशिश की। इसी दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया।

    टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अपनी सटीक यॉर्कर से कोहली को कड़ी चुनौती दी। अभ्यास के दौरान भुवी की एक तेज और सटीक यॉर्कर लेग स्टंप की दिशा में आई। उस गेंद को खेलना कोहली के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ और उन्होंने खुद को चोट से बचाने के लिए तुरंत रिएक्शन दिखाया। यह क्षण इतना तीव्र था कि देखने वालों के लिए यह रोमांच से भर देने वाला रहा।

    हालांकि कोहली ने इस चुनौती को स्वीकार किया और बाद में भुवनेश्वर के खिलाफ शानदार शॉट भी लगाए। यह उनके अनुभव और तकनीक का परिचय था कि उन्होंने मुश्किल गेंदों से खुद को संभाला और अपनी बैटिंग क्षमता का प्रदर्शन भी किया।

    विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में लौटने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में टेस्ट और टी ट्वेंटी इंटरनेशनल से संन्यास लिया है और अब उनका पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट और आईपीएल पर केंद्रित है। कोहली का लक्ष्य आगामी बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी फॉर्म को मजबूत करना है ताकि वह टीम के लिए लगातार रन बना सकें।

    पिछला आईपीएल सीजन कोहली और उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए बेहद खास रहा। कोहली ने 15 पारियों में 657 रन बनाए और इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़े। उनकी स्थिरता और निरंतरता ने टीम को मजबूती प्रदान की और वे सीजन के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे।

    आईपीएल इतिहास में कोहली ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने आठ अलग अलग सीजन में 500 से अधिक रन बनाए हैं। यह उपलब्धि उनके लंबे समय से चले आ रहे शानदार करियर का प्रमाण है।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम इस बार नए कप्तान रजत पाटीदार के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी और पिछली बार मिली सफलता को दोहराने की कोशिश करेगी। टीम का पहला मुकाबला 28 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेला जाएगा और सभी की नजरें इस मुकाबले पर टिकी रहेंगी।

    भुवनेश्वर कुमार की बात करें तो वह भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाने वाले हैं। उनकी स्विंग और यॉर्कर गेंदबाजी किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। पिछले सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 17 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी।

    अभ्यास सत्र के दौरान कोहली और भुवनेश्वर के बीच हुआ यह मुकाबला यह दिखाता है कि टीम कितनी गंभीरता से तैयारी कर रही है। एक तरफ जहां बल्लेबाज अपनी तकनीक को निखार रहे हैं वहीं गेंदबाज अपनी धार को और तेज कर रहे हैं। यही तैयारी आने वाले सीजन में रोमांच और प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाएगी।

  • यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी

    यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने विराट कोहली की तारीफ के बावजूद टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी कोई और बताया। यशस्वी ने इंटरव्यू में कहा कि शुभमन गिल अपनी फिटनेस, डाइट और स्किल्स पर लगातार मेहनत करते हैं और उनकी कंसिस्टेंसी और अनुशासन कमाल का है।

    जायसवाल ने लिया गिल का नाम

    यशस्वी ने बताया, “शुभमन गिल को मैंने बहुत करीब से देखा है। हर ट्रेनिंग सेशन और मैच में वे पूरी मेहनत लगाते हैं। उनका अनुशासन और टीम के लिए समर्पण प्रेरणादायक है। इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन शानदार और जिम्मेदाराना था। हमें पूरा भरोसा था कि वे हर परिस्थिति में रन बनाएंगे।”

    टी20 से बाहर, लेकिन वनडे में चमके यशस्वी

    हालांकि यशस्वी फिलहाल टी20 टीम से बाहर हैं, उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ निर्णायक वनडे में नाबाद 116 रन बनाकर भारत को 9 विकेट की आसान जीत दिलाई। पहले दो मैचों में उनके 18 और 22 रन के स्कोर के बाद यह शतक उनके लिए बड़ा आत्मविश्वास साबित हुआ।

    गिल की मेहनत, टीम के लिए प्रेरणा

    विराट कोहली की मेहनत भारतीय क्रिकेट के लिए बेंचमार्क रही है, लेकिन यशस्वी के अनुसार मौजूदा समय में शुभमन गिल की तैयारी और समर्पण उन्हें टीम का सबसे हार्डवर्किंग खिलाड़ी बनाता है।

    टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों में मेहनत और अनुशासन की नई मिसाल कायम करते हुए गिल और जायसवाल ने अपने प्रदर्शन से दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है।

  • टीम इंडिया पर ICC का एक्शन: स्लो ओवर रेट के कारण मैच फीस में कटौती

    टीम इंडिया पर ICC का एक्शन: स्लो ओवर रेट के कारण मैच फीस में कटौती

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 5 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज का पहला मैच रांची में 17 रनों से भारत ने जीता, जबकि दूसरा मैच रायपुर में साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट से जीत दर्ज की। निर्णायक मुकाबला विशाखापत्तनम में केएल राहुल की कप्तानी में भारत ने 9 विकेट से अपने नाम किया।

    लेकिन इस जीत के बावजूद टीम इंडिया पर ICC ने अक्शन लिया। रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में टीम का स्लो ओवर रेट (निर्धारित समय में ओवर पूरा न करना) मुद्दा बन गया। ICC के नियमों के अनुसार, प्रति ओवर 5% जुर्माना लगता है। भारत ने दो ओवर समय पर नहीं फेंके, इसलिए टीम के मैच फीस का 10% काटा गया।

    आईसीसी के एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने इस सजा की पुष्टि की। टीम के कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने गलती स्वीकार कर ली, इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

    रायपुर वनडे में भारत ने विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) की शतकीय पारियों की मदद से 358/5 का स्कोर बनाया था। बावजूद इसके मैच साउथ अफ्रीका ने एडेन मार्करम (110) की शानदार पारी के दम पर 4 विकेट से जीत लिया।

    अब टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 दिसंबर से 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए कटक रवाना होगी।