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  • अमित मिश्रा का दावा, विराट कोहली ने वापसी का भरोसा देने के बाद फोन उठाना किया बंद, आईपीएल मुलाकात में भी नहीं मिला जवाब

    अमित मिश्रा का दावा, विराट कोहली ने वापसी का भरोसा देने के बाद फोन उठाना किया बंद, आईपीएल मुलाकात में भी नहीं मिला जवाब

    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने विराट कोहली के साथ अपने संवाद और टीम में वापसी की उम्मीदों को लेकर कुछ अहम बातें साझा की हैं। मिश्रा के मुताबिक, गंभीर चोट से उबरने के बाद उन्हें भारतीय टीम में दोबारा जगह मिलने की उम्मीद थी। उस दौरान विराट कोहली ने उन्हें फिटनेस हासिल करने के बाद वापसी का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में उनसे संपर्क करना मुश्किल हो गया। मिश्रा ने बताया कि उनके फोन कॉल और संदेशों का जवाब नहीं मिलने से वह निराश हुए और आखिरकार उन्हें क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला करना पड़ा।

    मिश्रा ने यह अनुभव आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान साझा किया। उन्होंने बताया कि साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान उनके पैर में गंभीर चोट लगी थी। इस चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा। चोट से उबरने और दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने के दौरान उनके सामने फिटनेस हासिल करने के साथ भारतीय टीम में जगह बनाने की चुनौती भी थी।

    मिश्रा के अनुसार, उस समय भारतीय टीम के कोच अनिल कुंबले थे। उन्होंने चोट से जूझ रहे स्पिनर का हौसला बढ़ाया था और कहा था कि पूरी तरह फिट होने के बाद उनकी वापसी हो सकती है। इस आश्वासन से मिश्रा को फिर से भारतीय टीम का हिस्सा बनने की उम्मीद मिली। बाद में विराट कोहली के कप्तान बनने पर उन्होंने उनसे भी अपनी वापसी को लेकर संपर्क किया।

    मिश्रा का कहना है कि कोहली ने उन्हें आश्वस्त किया था कि फिट होने के बाद टीम में उनकी जगह को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस बातचीत के बाद उन्हें उम्मीद थी कि मेहनत और प्रदर्शन के आधार पर वह दोबारा राष्ट्रीय टीम में जगह बना सकेंगे। अपनी फिटनेस और खेल को साबित करने के लिए उन्होंने घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ इंडियन प्रीमियर लीग में भी प्रदर्शन जारी रखा।

    हालांकि, मिश्रा के मुताबिक, वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। इसी सिलसिले में उन्होंने आईपीएल के दौरान विराट कोहली से आमने-सामने बातचीत करने की कोशिश की। यह मुलाकात दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मुकाबले के दौरान हुई थी। मिश्रा ने कोहली से अपने क्रिकेट भविष्य और भारतीय टीम में दोबारा मौका मिलने की संभावना पर स्पष्ट जवाब मांगा।

    मिश्रा के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान कोहली ने उन्हें एक सप्ताह से दस दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। उन्हें उम्मीद थी कि तय समय में इस विषय पर बातचीत आगे बढ़ेगी और उन्हें अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता मिलेगी। लेकिन मिश्रा का दावा है कि इसके बाद उन्हें कोहली की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि कोहली ने उनके फोन कॉल उठाने बंद कर दिए थे।

    मिश्रा के लिए यह स्थिति इसलिए भी मुश्किल थी, क्योंकि वह चोट से उबरने के बाद लगातार क्रिकेट खेलकर अपनी फिटनेस और क्षमता साबित करने की कोशिश कर रहे थे। उनके मुताबिक, वापसी की उम्मीद मिलने के बावजूद संवाद नहीं होने से उन्हें निराशा हुई। इसी अनुभव को उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के कठिन दौर से जोड़कर बताया।

    अमित मिश्रा के इस बयान ने विराट कोहली के साथ उनके संबंधों और भारतीय टीम में वापसी की कोशिशों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, सामने आई जानकारी में यह पक्ष अमित मिश्रा के बयान पर आधारित है। कोहली की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • विराट कोहली पर 5 करोड़ रुपये देने का दावा करने वाले दिनेश फलाहारी ने प्रेमानंद महाराज से मांगी माफी

    विराट कोहली पर 5 करोड़ रुपये देने का दावा करने वाले दिनेश फलाहारी ने प्रेमानंद महाराज से मांगी माफी

    नई दिल्ली: प्रेमानंद महाराज और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर विवादित बयान देने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी महाराज ने अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने दावा किया था कि विराट कोहली को वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बुलाने के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया था। विराट कोहली की टीम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि क्रिकेटर प्रेमानंद महाराज से अपनी व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा के कारण मिलने जाते हैं।

    दिनेश फलाहारी ने अपने बयान पर खेद जताते हुए प्रेमानंद महाराज से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए पहले भी पूजनीय थे और आज भी हैं। यदि उनकी किसी बात से महाराज को दुख पहुंचा है, तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने महाराज के अनुयायियों और संत समाज से भी क्षमा मांगी। उनके इस रुख के बाद पांच करोड़ रुपये से जुड़े पुराने दावे और उस पर आई प्रतिक्रिया फिर चर्चा में आ गई।

    विवाद की शुरुआत तब हुई, जब दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया कि कुछ प्रॉपर्टी कारोबारियों ने विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करवाने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च किए थे। उन्होंने इस मामले को वृंदावन में जमीन से जुड़े कथित विवादों से भी जोड़ा था। उनका दावा था कि कुछ लोग आध्यात्मिक हस्तियों की लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रहे हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद प्रेमानंद महाराज और विराट कोहली से जुड़ा मामला चर्चा का विषय बन गया।

    विराट कोहली के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा के कारण उनसे मिलने जाते हैं। साथ ही, ऐसे दावों को आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने की बात कही गई थी। विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा कई बार वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। इन मुलाकातों को उनकी आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा बताया गया है।

    इस विवाद के बीच दिनेश फलाहारी ने अपने पुराने बयान पर खेद जताया और प्रेमानंद महाराज से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य महाराज का अपमान करना नहीं था। हालांकि, पांच करोड़ रुपये के कथित भुगतान को साबित करने वाला कोई प्रमाण उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है। विराट कोहली की टीम ने भी इस दावे का स्पष्ट खंडन किया था। ऐसे में इस कथित भुगतान को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

    प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा दोहराते हुए दिनेश फलाहारी ने माफी मांगकर अपने बयान पर सफाई दी। वहीं, विराट कोहली की टीम का कहना रहा कि आश्रम में उनकी मुलाकातें निजी आस्था और श्रद्धा पर आधारित हैं। इस पूरे घटनाक्रम में विवादित दावे, उनका खंडन और उसके बाद मांगी गई माफी प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।

  • विराट-अनुष्का 2023 से 2026 तक आठ बार पहुंचे प्रेमानंद महाराज के आश्रम, 5 करोड़ रुपये के दावे को क्रिकेटर के प्रवक्ता ने बताया निराधार

    विराट-अनुष्का 2023 से 2026 तक आठ बार पहुंचे प्रेमानंद महाराज के आश्रम, 5 करोड़ रुपये के दावे को क्रिकेटर के प्रवक्ता ने बताया निराधार

    नई दिल्ली: क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा का संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वृंदावन जाना एक बार फिर चर्चा में है। इसकी वजह विराट को आश्रम ले जाने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिन्हें फलाहारी महाराज के नाम से भी जाना जाता है, ने यह दावा किया था। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखे जाने की जानकारी भी सामने आई। हालांकि, विराट कोहली के प्रवक्ता ने इस दावे को गलत, निराधार और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया। उनके मुताबिक, विराट प्रेमानंद महाराज के दर्शन गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण करते हैं, न कि किसी आर्थिक समझौते के तहत। इस दावे को साबित करने वाला कोई सार्वजनिक भुगतान रिकॉर्ड या स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण भी सामने नहीं आया है। विवाद के बीच विराट और अनुष्का की आध्यात्मिक यात्राओं का सिलसिला फिर चर्चा में आ गया है।

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से पहली सार्वजनिक रूप से सामने आई मुलाकात 4 जनवरी 2023 को हुई थी। दोनों अपनी बेटी वामिका के साथ वृंदावन पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पहले बाबा नीम करोली के आश्रम में दर्शन किए और फिर प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर सत्संग सुना और आशीर्वाद लिया। उस समय उनकी यात्रा निजी रखी गई थी, लेकिन बाद में तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह जानकारी सार्वजनिक हुई। करीब दो साल बाद 10 जनवरी 2025 को दोनों अपने बच्चों वामिका और अकाय के साथ दोबारा आश्रम पहुंचे। उस समय विराट ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में थे। मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने उनसे पूछा कि क्या उनका मन प्रसन्न है। विराट ने मुस्कुराकर हां में जवाब दिया। अनुष्का ने भी महाराज से बातचीत में कहा कि उन्हें प्रेम भक्ति चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछली मुलाकात में वह कुछ सवाल पूछना चाहती थीं, लेकिन दूसरे लोगों ने वही सवाल पहले पूछ लिए थे।

    13 मई 2025 को विराट और अनुष्का फिर प्रेमानंद महाराज के पास पहुंचे। इस बार दोनों ने उनके साथ एकांत में बातचीत की। यह मुलाकात विराट के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के ठीक बाद हुई थी। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को दोनों दोबारा आश्रम पहुंचे और जमीन पर बैठकर सत्संग सुना। इस दौरान अनुष्का भावुक नजर आईं। उन्होंने महाराज से कहा था कि वे उनके हैं। जवाब में महाराज ने समझाया कि सभी श्रीजी के हैं। फरवरी 2026 में दोनों फिर वृंदावन पहुंचे और आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर सत्संग में शामिल हुए। अप्रैल 2026 में भी उन्होंने आश्रम पहुंचकर महाराज का आशीर्वाद लिया। इन मुलाकातों में दोनों का सादगी से सत्संग में शामिल होना भी चर्चा में रहा।

    विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद 2 जून 2026 को विराट और अनुष्का फिर प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। दोनों ने वहां सत्संग सुना और आध्यात्मिक बातचीत में हिस्सा लिया। इसके बाद 22 जुलाई 2026 को दोनों श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे। बारिश के कारण रास्तों पर कीचड़ था, फिर भी दोनों नंगे पैर आश्रम से बाहर निकलते दिखाई दिए। उनके हाथों में प्रसाद था और चेहरे पर मास्क लगा हुआ था। वहां मौजूद लोगों का उन्होंने ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया। जनवरी 2023 से जुलाई 2026 तक दोनों की आठ सार्वजनिक रूप से सामने आई मुलाकातों की जानकारी सामने आ चुकी है। इन यात्राओं में कभी वे बच्चों के साथ पहुंचे, तो कभी सत्संग और एकांत बातचीत में शामिल हुए।

    पांच करोड़ रुपये के दावे के सामने आने के बाद विराट के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए किसी तरह की आर्थिक डील नहीं हुई थी। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि विराट से जुड़े ऐसे दावों को आगे बढ़ाने से पहले उनकी तथ्यात्मक जांच की जाए। फिलहाल इस कथित भुगतान के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है। वहीं, विराट और अनुष्का की वृंदावन यात्राओं का सिलसिला पिछले साढ़े तीन वर्षों से सार्वजनिक रूप से चर्चा में रहा है। इस पूरे मामले में एक ओर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा है, जबकि दूसरी ओर विराट की टीम ने इसे स्पष्ट रूप से नकारा है। ऐसे में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

  • विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा

    विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कोहली ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए वह अपना सब कुछ मैदान पर झोंकने के लिए तैयार हैं।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ही प्रारूप खेल रहे हैं और दोनों की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज को भी विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुभवी खिलाड़ियों के लिए यह अगले बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक अहम चरण होगा।

    पहले वनडे से पहले बातचीत के दौरान कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की चुनौती और अपनी प्रेरणा पर बात की। उन्होंने कहा कि वनडे विश्व कप की तीव्रता किसी भी अन्य मुकाबले से अलग होती है। उनके मुताबिक अब विश्व कप में लगभग 10 मुकाबलों तक टी20 जैसी तीव्रता बनाए रखनी होती है, जबकि एक दिन में लंबे समय तक मैदान पर रहना पड़ता है।

    कोहली ने कहा कि विश्व कप में लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब मुकाबले विदेशी परिस्थितियों में खेले जा रहे हों। उनके अनुसार इस तरह का टूर्नामेंट खिलाड़ी से शारीरिक और मानसिक तौर पर बहुत कुछ मांगता है।

    विराट ने अपने भविष्य को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 2027 विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा और यही बात उनके लिए प्रेरणा का काम कर रही है। उनका लक्ष्य केवल टूर्नामेंट में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि भारत को विश्व कप जिताना है। इसके लिए उन्होंने कहा कि वह हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार हैं।

    विश्व कप में विराट कोहली का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक वनडे विश्व कप में 37 मुकाबले खेले हैं और 59.83 की औसत से 1,795 रन बनाए हैं। उनके नाम पांच शतक और 12 अर्धशतक हैं, जबकि विश्व कप में उनका सर्वोच्च स्कोर 117 रन है।

    पूरे वनडे करियर की बात करें तो कोहली ने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 58.59 है। इस प्रारूप में उन्होंने 54 शतक और 79 अर्धशतक लगाए हैं तथा उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन है। उनका वनडे स्ट्राइक रेट 93.95 रहा है।

    टी20 विश्व कप में भी कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने 35 मैचों में 58.73 की औसत से 1,292 रन बनाए हैं। उनके नाम 15 अर्धशतक हैं। वह 2014 और 2016 में दो बार टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रह चुके हैं।

    रोहित शर्मा ने भी 2027 विश्व कप को लेकर अपनी सोच सामने रखी। उन्होंने कहा कि वह अपने विश्व कप लक्ष्य को किसी ऐसे अधूरे काम के रूप में नहीं देखते जिसे पूरा करने के बाद सब कुछ खत्म हो जाए। उनके मुताबिक जब तक कोई खिलाड़ी खेल रहा है, तब तक उसके सामने कुछ नया हासिल करने की चुनौती बनी रहती है।

    रोहित ने कहा कि वह विश्व कप को लेकर उत्साहित हैं और आगे अपने लिए क्या है, इसे लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आईसीसी टूर्नामेंटों में अलग-अलग टीमों और मैदानों के खिलाफ खेलने के लिए तैयारी का तरीका बदलना पड़ता है। यही चुनौती खिलाड़ियों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।

    अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। इस सीरीज के साथ भारतीय टीम की 2027 विश्व कप की तैयारियों का एक नया चरण शुरू होगा और विराट कोहली तथा रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भी सभी की नजरें रहेंगी।

  • विराट कोहली के टैटू सिर्फ डिजाइन नहीं, जिंदगी के अहम पड़ावों की कहानी हैं; परिवार, आस्था और क्रिकेट से जुड़ी खास यादें

    विराट कोहली के टैटू सिर्फ डिजाइन नहीं, जिंदगी के अहम पड़ावों की कहानी हैं; परिवार, आस्था और क्रिकेट से जुड़ी खास यादें

    नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर विराट कोहली को याद करते ही सबसे पहले उनके शॉट्स, आक्रामक अंदाज, जोशीले जश्न और खेल के प्रति जुनून की तस्वीर सामने आती है। इसके बाद उनके रिकॉर्ड और रन याद आते हैं, लेकिन कोहली ने सिर्फ बल्लेबाजी से ही एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित नहीं किया। उनकी दाढ़ी, हेयरस्टाइल, पहनावा और अंदाज भी युवाओं के बीच चर्चा का हिस्सा रहे हैं। इन सबके बीच उनके शरीर पर बने टैटू उनकी पहचान का एक ऐसा हिस्सा हैं, जो मैदान से बाहर कोहली के व्यक्तित्व की बिल्कुल अलग तस्वीर दिखाते हैं।

    कोहली के दोनों हाथों पर कई टैटू हैं। पहली नजर में ये डिजाइन किसी रॉकस्टार की तरह बहुत ज्यादा शोर मचाने वाले नहीं लगते, लेकिन इनके पीछे की कहानियां काफी व्यक्तिगत हैं। कहीं परिवार है, कहीं आध्यात्मिकता, कहीं अनुशासन और कहीं जिंदगी को देखने का नजरिया। यही वजह है कि कोहली के लिए टैटू महज शरीर पर बना डिजाइन नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी की डायरी जैसा है।

    कोहली के टैटू में क्या-क्या छिपा है?

    विराट कोहली के टैटू कलेक्शन को देखें तो इसमें कई अलग-अलग प्रतीक दिखाई देते हैं। इनमें ऑल-सीइंग आई शामिल है, जिसे कोहली ने इस सोच से जोड़ा है कि इंसान जो कुछ करता है, उसे कोई न कोई देख रहा है और उसके कर्मों का हिसाब रखा जा रहा है। जापानी समुराई का टैटू भी उनके शरीर पर है, जिससे कोहली ताकत, वफादारी, आत्म-अनुशासन और नैतिक व्यवहार जैसे मूल्यों को जोड़ते हैं।

    इसके अलावा उनकी वनडे और टेस्ट कैप के नंबर, उनके पिता और मां के नाम, भगवान शिव का टैटू, जिसमें शिव को कैलाश पर्वत पर ध्यान करते हुए दिखाया गया है, और एक मठ की तस्वीर भी उनके टैटू में शामिल हैं। स्कॉर्पियो, ओम और ट्राइबल डिजाइन भी उनके शरीर पर मौजूद हैं। इन सभी टैटू को एक साथ देखें तो कोहली की मैदान वाली आक्रामक छवि के पीछे एक शांत, आध्यात्मिक और आत्मचिंतन करने वाला पक्ष भी नजर आता है।

    बाएं हाथ की स्लीव अभी भी पूरी क्यों नहीं हुई?

    कोहली के टैटू की खास बात यह भी है कि उनका बायां हाथ अभी पूरी तरह ‘पूरा’ नहीं हुआ है। यह अधूरापन जानबूझकर रखा गया है। इसके पीछे एक दिलचस्प सोच है। कोहली की जिंदगी लगातार बदलती रही है। क्रिकेट करियर में नई उपलब्धियां आईं, निजी जिंदगी में बदलाव हुए और सोच भी समय के साथ विकसित हुई। ऐसे में उनका टैटू भी किसी एक दौर की स्थिर तस्वीर नहीं है। वह लगातार आगे बढ़ रही कहानी की तरह है।

    उनके साथ काम करने वाले कलाकारों के मुताबिक, पिछले तीन साल से ज्यादा समय से कोहली के टैटू पर काम चल रहा है और अभी भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बाएं हाथ के डिजाइन का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन दाहिने हिस्से पर अभी काम बाकी है। हाल में उनके टैटू कलेक्शन में एक और डिजाइन जुड़ा, जो पानी की सतह पर एक बूंद गिरने के बाद बनने वाली लहरों जैसा दिखाई देता है। यानी एक छोटी सी चीज का असर लगातार दूर तक फैलता जाता है।

    क्या कोहली खुद तय करते हैं कि शरीर पर क्या बनेगा?

    कोहली के टैटू को खास बनाने वाली एक और बात यह है कि वह डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया में खुद बेहद सक्रिय रहते हैं। उनके साथ काम करने वाले टैटू आर्टिस्ट बताते हैं कि कोहली सिर्फ कलाकार के सामने बैठकर यह इंतजार नहीं करते कि कलाकार उनके लिए कुछ बना दे। वह हर चीज को समझना चाहते हैं। टैटू आर्टिस्ट के मुताबिक, कोहली टैटू डिजाइन की तकनीकी प्रक्रिया को भी समझने की कोशिश करते हैं। वह डिजाइन की प्रक्रिया में शुरुआत से अंत तक सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं।

    क्या टैटूज में हैं कोहली की जिंदगी की कहानी?

    एक बाहरी व्यक्ति के तौर पर, ये डिजाइन बहुत बोल्ड नहीं लगते और इनके तत्व शांत दिखाई देते हैं। लेकिन विराट के लिए ये सभी तत्व बोल्ड हैं, क्योंकि ये खुद उनका प्रतिबिंब हैं। उनका टैटू उनके भीतर की भावनाओं और एहसासों की अभिव्यक्ति है। यही उनकी खूबसूरती है। वह जीवन, अपने करियर और हर चीज के बारे में जो मानते हैं, जो महसूस करते हैं और उनकी जो सोच है, उनका डिजाइन उसी को दर्शाता है। कोहली टैटू की सुंदरता से ज्यादा उसके पीछे की कहानी को महत्व देते हैं।

    किसी क्रिकेटर का टैटू बनाना कितना अलग होता है?

    क्या किसी आम व्यक्ति और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए टैटू बनाने की प्रक्रिया अलग होती है? इसका जवाब है, डिजाइन बनाने की मूल प्रक्रिया लगभग एक जैसी रहती है, लेकिन टैटू का टॉपिक अलग हो सकता है। कोई अपने साथी का नाम चाहता है, कोई किसी उपलब्धि को याद रखना चाहता है, तो किसी के लिए कोई धार्मिक विश्वास महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इसके बाद कलाकार गहराई में जाकर उस विचार के पीछे की असली भावना तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। यहीं से टैटू सिर्फ शरीर पर बनाया जाने वाला डिजाइन नहीं रह जाता। वह व्यक्ति के अनुभव का हिस्सा बनने लगता है।

    मैच से पहले टैटू? खिलाड़ियों की रिकवरी कैसे होती है?

    पेशेवर क्रिकेटरों के मामले में टैटू बनवाने के साथ एक और सवाल जुड़ा होता है- अगर कुछ दिन बाद मैच हो तो शरीर पर टैटू का असर क्या होगा? टैटू आर्टिस्ट के मुताबिक, कलाकार खिलाड़ियों को अपनी सलाह देते हैं, लेकिन विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी अपने शरीर और रिकवरी को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। ऐसा भी हुआ है कि विराट ने मैच से कुछ दिन पहले टैटू बनवाया और इसके बाद भी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। हार्दिक के साथ भी कुछ ऐसा ही है। हालांकि, आम व्यक्ति के लिए इसे सीधे अपनाना सही नहीं माना जाना चाहिए। एक पेशेवर खिलाड़ी की ट्रेनिंग, खान-पान, चिकित्सकीय निगरानी और रिकवरी व्यवस्था आम व्यक्ति से अलग हो सकती है।

    विराट ही नहीं, पूरी क्रिकेट पीढ़ी ने भी अपनाया यह अंदाज?

    भारत में टैटू हमेशा से मौजूद रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक इसे लेकर कई तरह की धारणाएं थीं। टैटू को विद्रोह, अलग तरह के व्यक्तित्व या सिर्फ फैशन से जोड़कर देखा जाता था। पुरानी पीढ़ी के कई बड़े क्रिकेटरों की सार्वजनिक पहचान में टैटू का हिस्सा बहुत कम दिखाई देता था। सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों की छवि टैटू के बजाय उनके खेल और सादगी से जुड़ी रही। मौजूदा पीढ़ी में तस्वीर काफी अलग है। विराट कोहली, हार्दिक पांड्या और दूसरे खिलाड़ियों ने टैटू को अपनी व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा बनाया है।

    और कौन-कौन से भारतीय क्रिकेटर्स ने बनवाए टैटू?

    टैटू अब सिर्फ विराट कोहली की पहचान नहीं हैं। भारतीय क्रिकेट के कई मौजूदा सितारों ने अपनी जिंदगी की अलग-अलग कहानियों को शरीर पर जगह दी है। हार्दिक पांड्या ने अपने रिश्ते से जुड़ी भावना को टैटू के जरिए याद किया है। तिलक वर्मा ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और माता-पिता के प्रति प्रेम को टैटू के जरिए जाहिर किया है। स्मृति मंधाना ने महिला विश्व कप जीत की याद को अपने दाहिने हाथ पर बने टैटू से जोड़ा। वहीं, अर्शदीप सिंह ने भी अपनी गर्लफ्रेंड समरीन कौर के साथ टैटू बनवाकर इस बढ़ती सूची में अपना नाम जोड़ा है। इसके अलावा केएल राहुल और शिखर धवन जैसे क्रिकेटर्स ने भी काफी टैटू बनवाए हैं। यानी भारतीय क्रिकेटरों के लिए टैटू अब केवल फैशन का हिस्सा नहीं रह गया है। यह निजी रिश्तों, उपलब्धियों, आस्था और जिंदगी के महत्वपूर्ण पलों को याद रखने का तरीका भी बनता जा रहा है।

    आखिर खिलाड़ी बार-बार टैटू क्यों बनवाते हैं?

    यही इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। अगर टैटू बनवाना सिर्फ फैशन है तो खिलाड़ी बार-बार इसके लिए क्यों लौटते हैं? टैटू को लेकर लोगों की सोच में बदलाव सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। टैटू कलाकारों के पेशे को लेकर नजरिया भी बदला है। टैटू सिर्फ स्टाइल और फैशन के बारे में नहीं हैं। यह भावनाओं का प्रतिबिंब है।

    विराट के लिए टैटू अभी खत्म हुई कहानी नहीं?

    शायद यही वजह है कि विराट कोहली का टैटू कलेक्शन आज भी बढ़ रहा है। उनके लिए यह किसी एक उपलब्धि की याद में बनवाया गया स्थिर चित्र नहीं है। यह उनकी जिंदगी के साथ आगे बढ़ता हुआ एक सफर है। एक माता-पिता की याद हो सकती है। कोई रिश्ता हो सकता है। बचपन की कोई भावना, कोई विश्वास, भगवान के प्रति आस्था, क्रिकेट की कोई उपलब्धि या जिंदगी का कोई बड़ा बदलाव, हर नया अध्याय शरीर पर जगह पा सकता है।

    विराट ने कुछ साल पहले टैटू और अपनी जिंदगी के रिश्ते को बेहद खास तरीके से समझाया था। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह समझने के लिए कहीं और देखने की जरूरत नहीं है कि मैं कहां था और अब कहां पहुंच गया हूं। मैं अपने दोनों हाथों को देखकर यह समझ सकता हूं।’ विराट कोहली की क्रिकेट कहानी रन, रिकॉर्ड, शतक और ट्रॉफियों से लिखी गई है, लेकिन उनकी जिंदगी की एक दूसरी डायरी भी है, जिसे हर कोई मैदान के बाहर देख सकता है। वह डायरी उनके दोनों हाथों पर लिखी हुई है।

  • ‘हनुमान अंश 2’ में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की एंट्री के संकेत, निर्माता नम्रता सिंह ने कैमियो पर कही बड़ी बात

    ‘हनुमान अंश 2’ में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की एंट्री के संकेत, निर्माता नम्रता सिंह ने कैमियो पर कही बड़ी बात

    नई दिल्ली । नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है। फिल्म की कामयाबी से मेकर्स खुश हैं। उन्होंने फिल्म के दूसरे पार्ट का एलान किया है। अब खबर आ रही है कि इस फिल्म में क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा कैमियो कर सकते हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

    निर्माता ने सेलेब्स से किया संपर्क

    ‘हनुमान अंश’ की निर्माता नम्रता सिंह ने बताया है कि उन्होंने आने वाले पार्ट्स में शामिल होने के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया है। हाल ही में बातचीत में नम्रता ने इस स्टार कपल के सीक्वल में कैमियो रोल करने की संभावना पर बात की।

    क्या होगा दूसरे और तीसरे पार्ट में?

    निर्माता ने कहा कि दूसरा पार्ट कैंची धाम के चैप्टर और उन भारतीय भक्तों की जिंदगी को दिखाएगा जिन पर नीम करोली बाबा का गहरा असर पड़ा था। इसके अलावा तीसरी फिल्म दुनिया भर की मशहूर हस्तियों पर बाबा के आध्यात्मिक प्रभाव को दिखाएगी।

    विराट-अनुष्का का नीम करोली बाबा से जुड़ाव

    ‘हनुमान अंश’ की कामयाबी के बीच नीम करोली बाबा के साथ विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के कथित आध्यात्मिक जुड़ाव ने लोगों का ध्यान खींचा है। यह कपल नीम करोली बाबा और उनकी शिक्षाओं से जुड़ा रहा है। खबरों में कैंची धाम में उनके जाने का जिक्र भी है। जब नम्रता से पूछा गया कि क्या यह कपल दूसरे पार्ट में नजर आ सकता है, तो उन्होंने बताया कि मेकर्स ने कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया है।

    अटकलों को मिली हवा

    नम्रता ने कहा, ‘मैंने उनमें से कुछ से संपर्क किया है और उन्हें पहले से ही इस फिल्म के बारे में जानकारी थी।’ हालांकि इस बयान से यह पक्का नहीं होता कि विराट या अनुष्का ‘हनुमान अंश 2’ में नजर आएंगे, मगर इसने संभावित कैमियो को लेकर चल रही अटकलों को और हवा जरूर दे दी है।

    दूसरे और तीसरे पार्ट के कॉन्सेप्ट पर हो चुका काम

    ‘हनुमान अंश’ को शुरू से ही एक तीन फिल्मों की सीरीज के तौर पर प्लान किया गया था। नम्रता ने यह भी बताया कि मेकर्स के पास इस फ्रेंचाइजी के लिए पहले से ही एक बड़ा प्लान है। उनके मुताबिक, दूसरे और तीसरे पार्ट के कॉन्सेप्ट पर काम हो चुका है।

    उन्होंने कहा, ‘मैं और विशाल, दोनों ही उनके भक्त हैं। महाराज जी के साथ हमारी निजी कहानियां जुड़ी हैं। मेरी 14 साल से और विशाल की 20 साल से। हम अपने संतों पर फिल्में बनाना चाहते हैं और उन्हें दुनिया तक पहुंचाना चाहते हैं।’

    ‘हनुमान अंश’ का कलेक्शन

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ को रिलीज हुए 35 दिन हो चुके हैं। कमाई के मामले में यह फिल्म हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। 34वें दिन फिल्म ने 10.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। 35वें दिन ‘हनुमान अंश’ ने खबर लिखे जाने तक 7.02 करोड़ रुपये कमाए हैं। फिल्म का टोटल कलेक्शन 160.15 करोड़ रुपये हो गया है।

  • आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट

    आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दौरान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड के बीच कथित विवाद ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। एक मैच के बाद कैमरों में कैद हुए एक छोटे से दृश्य को लेकर यह दावा किया जाने लगा कि दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों में खटास आ गई है। हालांकि अब पहली बार ट्रेविस हेड ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और उन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि विराट कोहली के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं है और जिस तरह इस पूरे मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया वह वास्तविकता से बिल्कुल अलग था।

    ट्रेविस हेड ने कहा कि मैदान पर होने वाली घटनाएं खेल का सामान्य हिस्सा होती हैं और हर खिलाड़ी उन्हें पेशेवर तरीके से लेता है। उन्होंने कहा कि मैच के बाद हाथ मिलाने को लेकर जो चर्चा शुरू हुई वह बेवजह थी क्योंकि उनके और विराट के बीच किसी तरह का विवाद था ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैचअप जैसी कोई स्थिति कभी बनी ही नहीं क्योंकि दोनों खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव मौजूद नहीं था। उनके अनुसार टूर्नामेंट अपने सामान्य तरीके से आगे बढ़ा और जो कुछ भी हुआ उसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं उसने ट्रेविस हेड को जरूर आहत किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते वह आलोचना और टिप्पणियों के आदी हैं लेकिन जब उनके परिवार को इस विवाद में घसीटा गया तब स्थिति काफी दुखद हो गई। हेड ने बताया कि उनकी पत्नी जेसिका को भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेवजह निशाना बनाया गया।

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि वह और उनकी पत्नी इस तरह की परिस्थितियों को समझते हैं क्योंकि सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाएं कभी कभी होती रहती हैं लेकिन परिवार के बाकी लोग इस माहौल के अभ्यस्त नहीं होते। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना खेल का हिस्सा हो सकती है लेकिन उनके परिवार को ऑनलाइन नफरत का शिकार बनाना किसी भी तरह उचित नहीं कहा जा सकता।

    ट्रेविस हेड ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार अधूरी जानकारी और अनुमान के आधार पर कहानियां बना दी जाती हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने माना कि कुछ दिनों बाद लोग इन बातों को भूल जाते हैं लेकिन उस दौरान परिवार पर पड़ने वाला मानसिक दबाव काफी बड़ा होता है। यही वजह है कि उन्होंने खिलाड़ियों के निजी जीवन और परिवार का सम्मान करने की अपील की।

    हेड के इस बयान के बाद विराट कोहली और उनके बीच विवाद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। उनका कहना है कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है लेकिन उसके आधार पर खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर गलत निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि खेल को खेल की भावना से देखा जाना चाहिए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर बात को सच मानने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। ट्रेविस हेड की यह प्रतिक्रिया न सिर्फ विवाद पर पूर्ण विराम लगाती है बल्कि यह भी याद दिलाती है कि खिलाड़ियों के साथ साथ उनके परिवार की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना भी खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे

    ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल विश्व के नंबर-1 बल्लेबाज बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिशेल 802 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि शुभमन गिल उनसे महज एक रेटिंग अंक पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन गिल को वनडे का नया नंबर-1 बल्लेबाज बना सकता है।

    भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है। विराट कोहली तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने का फायदा रोहित को भी मिला है। अफगानिस्तान के युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के बाबर आजम और आयरलैंड के हैरी टैक्टर ने भी एक-एक स्थान का सुधार किया है और वे क्रमशः छठे तथा सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को चार स्थानों का फायदा मिला है। वह आठवें स्थान पर पहुंचकर एक बार फिर शीर्ष-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

    वेस्टइंडीज के शे होप को तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि श्रीलंका के चरिथ असलांका दसवें स्थान पर बने हुए हैं।

    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को तीन स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और श्रीलंका के महेश थीक्षाना क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी दो स्थान के सुधार के साथ सातवें और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती ने सात स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए टॉप-10 में दसवां स्थान हासिल कर लिया है।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी वनडे मुकाबलों पर होगी, जहां शुभमन गिल के पास दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बनने का सुनहरा अवसर होगा।

  • इंग्लैंड दौरे के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर विराट, अनुष्का संग प्रेमानंद महाराज के दर्शन

    इंग्लैंड दौरे के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर विराट, अनुष्का संग प्रेमानंद महाराज के दर्शन


    उत्तर प्रदेश । भारतीय क्रिकेट स्टार Virat Kohli और अभिनेत्री Anushka Sharma बुधवार तड़के वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने Premanand Maharaj के नए आश्रम यमुना विहार कुंज में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दोनों सुबह करीब चार बजे आश्रम पहुंचे और सादगी के साथ नंगे पैर भीतर गए। लगातार बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ था, ऐसे में विराट पूरे रास्ते अनुष्का का हाथ थामे चलते दिखाई दिए।

    आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने दोनों का स्वागत किया। विराट और अनुष्का करीब एक घंटे तक आश्रम में रहे। बाहर निकलते समय विराट के माथे पर चंदन का तिलक था और उनके हाथ में प्रसाद भी दिखाई दिया। इसके बाद दोनों कार से लगभग 15 किलोमीटर दूर महाराज के गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और वहां भी दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आश्रम के बाहर दोनों को देखने के लिए श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। विराट और अनुष्का ने चेहरे पर मास्क पहन रखा था तथा हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी को उनके पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

    यह पहली बार नहीं है जब यह दंपती वृंदावन पहुंचा हो। दोनों अब तक आठ बार प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। इस वर्ष यह उनकी चौथी यात्रा है। इससे पहले आईपीएल जीतने के बाद 2 जून को भी दोनों आश्रम पहुंचे थे, जहां उन्होंने करीब दो घंटे तक समय बिताया था।

    विराट कोहली हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने के बाद भारत लौटे हैं। तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 144 रन बनाए, जिसमें निर्णायक मुकाबले में 74 रन की महत्वपूर्ण पारी भी शामिल रही। क्रिकेट व्यस्तताओं के बीच उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला

    रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा की शानदार 138 रन की पारी के बाद अश्विन ने कहा कि दोनों अनुभवी खिलाड़ियों को अपने करियर का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार है और जब तक वे भारत के लिए खेलना चाहते हैं तब तक उन्हें टीम से बाहर करने का सवाल ही नहीं उठता।

    अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्षों तक अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। उनके रिकॉर्ड और योगदान को देखते हुए अब उन्हें किसी के सामने अपनी क्षमता साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों का मूल्य केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि उनके अनुभव और बड़े मुकाबलों में निभाई गई भूमिका से भी तय होता है।

    रोहित शर्मा की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए अश्विन ने कहा कि लॉर्ड्स में उनकी पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आज भी बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। शुरुआती समय में थोड़ा संभलकर खेलने के बाद रोहित पूरी तरह लय में आ गए थे और उनके शॉट्स में वही पुराना आत्मविश्वास दिखाई दे रहा था। अश्विन का मानना है कि यदि परिस्थितियां थोड़ा और साथ देतीं तो रोहित आसानी से 180 रन तक पहुंच सकते थे और भारत को जीत भी दिला सकते थे।

    पूर्व स्पिनर ने कहा कि रोहित अब ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें आलोचकों को जवाब देने या अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक अब केवल एक सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या रोहित खुद अगले वनडे विश्व कप में खेलना चाहते हैं। यदि उनके भीतर देश के लिए खेलने की इच्छा और जुनून है तो उन्हें पूरा अवसर मिलना चाहिए।

    अश्विन ने विराट कोहली का भी समर्थन करते हुए कहा कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके अनुभव का फायदा युवा खिलाड़ियों को भी मिलता है और बड़े टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली होती है। ऐसे खिलाड़ियों पर जल्दबाजी में फैसला लेना भारतीय टीम के हित में नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि रोहित शर्मा के लगभग बारह हजार अंतरराष्ट्रीय रन उनके कद और योगदान को खुद साबित करते हैं। दुनिया भर में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और लोग उन्हें बल्लेबाजी करते देखने के लिए मैदान में आते हैं। ऐसे खिलाड़ी केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि अपने प्रभाव से भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    रोहित और विराट के भविष्य को लेकर लगातार हो रही चर्चाओं के बीच अश्विन का यह बयान भारतीय क्रिकेट में नई बहस को जन्म दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि टीम प्रबंधन आगामी सीरीज और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका को किस तरह तय करता है।