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  • आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट

    आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दौरान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड के बीच कथित विवाद ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। एक मैच के बाद कैमरों में कैद हुए एक छोटे से दृश्य को लेकर यह दावा किया जाने लगा कि दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों में खटास आ गई है। हालांकि अब पहली बार ट्रेविस हेड ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और उन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि विराट कोहली के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं है और जिस तरह इस पूरे मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया वह वास्तविकता से बिल्कुल अलग था।

    ट्रेविस हेड ने कहा कि मैदान पर होने वाली घटनाएं खेल का सामान्य हिस्सा होती हैं और हर खिलाड़ी उन्हें पेशेवर तरीके से लेता है। उन्होंने कहा कि मैच के बाद हाथ मिलाने को लेकर जो चर्चा शुरू हुई वह बेवजह थी क्योंकि उनके और विराट के बीच किसी तरह का विवाद था ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैचअप जैसी कोई स्थिति कभी बनी ही नहीं क्योंकि दोनों खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव मौजूद नहीं था। उनके अनुसार टूर्नामेंट अपने सामान्य तरीके से आगे बढ़ा और जो कुछ भी हुआ उसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं उसने ट्रेविस हेड को जरूर आहत किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते वह आलोचना और टिप्पणियों के आदी हैं लेकिन जब उनके परिवार को इस विवाद में घसीटा गया तब स्थिति काफी दुखद हो गई। हेड ने बताया कि उनकी पत्नी जेसिका को भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेवजह निशाना बनाया गया।

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि वह और उनकी पत्नी इस तरह की परिस्थितियों को समझते हैं क्योंकि सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाएं कभी कभी होती रहती हैं लेकिन परिवार के बाकी लोग इस माहौल के अभ्यस्त नहीं होते। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना खेल का हिस्सा हो सकती है लेकिन उनके परिवार को ऑनलाइन नफरत का शिकार बनाना किसी भी तरह उचित नहीं कहा जा सकता।

    ट्रेविस हेड ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार अधूरी जानकारी और अनुमान के आधार पर कहानियां बना दी जाती हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने माना कि कुछ दिनों बाद लोग इन बातों को भूल जाते हैं लेकिन उस दौरान परिवार पर पड़ने वाला मानसिक दबाव काफी बड़ा होता है। यही वजह है कि उन्होंने खिलाड़ियों के निजी जीवन और परिवार का सम्मान करने की अपील की।

    हेड के इस बयान के बाद विराट कोहली और उनके बीच विवाद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। उनका कहना है कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है लेकिन उसके आधार पर खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर गलत निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि खेल को खेल की भावना से देखा जाना चाहिए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर बात को सच मानने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। ट्रेविस हेड की यह प्रतिक्रिया न सिर्फ विवाद पर पूर्ण विराम लगाती है बल्कि यह भी याद दिलाती है कि खिलाड़ियों के साथ साथ उनके परिवार की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना भी खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे

    ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल विश्व के नंबर-1 बल्लेबाज बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिशेल 802 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि शुभमन गिल उनसे महज एक रेटिंग अंक पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन गिल को वनडे का नया नंबर-1 बल्लेबाज बना सकता है।

    भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है। विराट कोहली तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने का फायदा रोहित को भी मिला है। अफगानिस्तान के युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के बाबर आजम और आयरलैंड के हैरी टैक्टर ने भी एक-एक स्थान का सुधार किया है और वे क्रमशः छठे तथा सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को चार स्थानों का फायदा मिला है। वह आठवें स्थान पर पहुंचकर एक बार फिर शीर्ष-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

    वेस्टइंडीज के शे होप को तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि श्रीलंका के चरिथ असलांका दसवें स्थान पर बने हुए हैं।

    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को तीन स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और श्रीलंका के महेश थीक्षाना क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी दो स्थान के सुधार के साथ सातवें और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती ने सात स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए टॉप-10 में दसवां स्थान हासिल कर लिया है।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी वनडे मुकाबलों पर होगी, जहां शुभमन गिल के पास दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बनने का सुनहरा अवसर होगा।

  • इंग्लैंड दौरे के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर विराट, अनुष्का संग प्रेमानंद महाराज के दर्शन

    इंग्लैंड दौरे के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर विराट, अनुष्का संग प्रेमानंद महाराज के दर्शन


    उत्तर प्रदेश । भारतीय क्रिकेट स्टार Virat Kohli और अभिनेत्री Anushka Sharma बुधवार तड़के वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने Premanand Maharaj के नए आश्रम यमुना विहार कुंज में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दोनों सुबह करीब चार बजे आश्रम पहुंचे और सादगी के साथ नंगे पैर भीतर गए। लगातार बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ था, ऐसे में विराट पूरे रास्ते अनुष्का का हाथ थामे चलते दिखाई दिए।

    आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने दोनों का स्वागत किया। विराट और अनुष्का करीब एक घंटे तक आश्रम में रहे। बाहर निकलते समय विराट के माथे पर चंदन का तिलक था और उनके हाथ में प्रसाद भी दिखाई दिया। इसके बाद दोनों कार से लगभग 15 किलोमीटर दूर महाराज के गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और वहां भी दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आश्रम के बाहर दोनों को देखने के लिए श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। विराट और अनुष्का ने चेहरे पर मास्क पहन रखा था तथा हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी को उनके पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

    यह पहली बार नहीं है जब यह दंपती वृंदावन पहुंचा हो। दोनों अब तक आठ बार प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। इस वर्ष यह उनकी चौथी यात्रा है। इससे पहले आईपीएल जीतने के बाद 2 जून को भी दोनों आश्रम पहुंचे थे, जहां उन्होंने करीब दो घंटे तक समय बिताया था।

    विराट कोहली हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने के बाद भारत लौटे हैं। तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 144 रन बनाए, जिसमें निर्णायक मुकाबले में 74 रन की महत्वपूर्ण पारी भी शामिल रही। क्रिकेट व्यस्तताओं के बीच उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला

    रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा की शानदार 138 रन की पारी के बाद अश्विन ने कहा कि दोनों अनुभवी खिलाड़ियों को अपने करियर का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार है और जब तक वे भारत के लिए खेलना चाहते हैं तब तक उन्हें टीम से बाहर करने का सवाल ही नहीं उठता।

    अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्षों तक अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। उनके रिकॉर्ड और योगदान को देखते हुए अब उन्हें किसी के सामने अपनी क्षमता साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों का मूल्य केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि उनके अनुभव और बड़े मुकाबलों में निभाई गई भूमिका से भी तय होता है।

    रोहित शर्मा की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए अश्विन ने कहा कि लॉर्ड्स में उनकी पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आज भी बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। शुरुआती समय में थोड़ा संभलकर खेलने के बाद रोहित पूरी तरह लय में आ गए थे और उनके शॉट्स में वही पुराना आत्मविश्वास दिखाई दे रहा था। अश्विन का मानना है कि यदि परिस्थितियां थोड़ा और साथ देतीं तो रोहित आसानी से 180 रन तक पहुंच सकते थे और भारत को जीत भी दिला सकते थे।

    पूर्व स्पिनर ने कहा कि रोहित अब ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें आलोचकों को जवाब देने या अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक अब केवल एक सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या रोहित खुद अगले वनडे विश्व कप में खेलना चाहते हैं। यदि उनके भीतर देश के लिए खेलने की इच्छा और जुनून है तो उन्हें पूरा अवसर मिलना चाहिए।

    अश्विन ने विराट कोहली का भी समर्थन करते हुए कहा कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके अनुभव का फायदा युवा खिलाड़ियों को भी मिलता है और बड़े टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली होती है। ऐसे खिलाड़ियों पर जल्दबाजी में फैसला लेना भारतीय टीम के हित में नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि रोहित शर्मा के लगभग बारह हजार अंतरराष्ट्रीय रन उनके कद और योगदान को खुद साबित करते हैं। दुनिया भर में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और लोग उन्हें बल्लेबाजी करते देखने के लिए मैदान में आते हैं। ऐसे खिलाड़ी केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि अपने प्रभाव से भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    रोहित और विराट के भविष्य को लेकर लगातार हो रही चर्चाओं के बीच अश्विन का यह बयान भारतीय क्रिकेट में नई बहस को जन्म दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि टीम प्रबंधन आगामी सीरीज और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका को किस तरह तय करता है।

  • रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर सामने आ रही अटकलों के बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विराट कोहली को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में किसी भी खिलाड़ी की जगह केवल उसकी लोकप्रियता या पिछले रिकॉर्ड के आधार पर सुरक्षित नहीं रह सकती। टीम में बने रहने के लिए लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम के भविष्य और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन आने वाले वर्षों के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी कई तरह की अटकलें सामने आई हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार चर्चा जारी है।

    इसी पृष्ठभूमि में रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में हैं और उनकी बल्लेबाजी पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रही है। उन्होंने माना कि कोहली का अनुभव और निरंतरता भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी को अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना ही होगा। यदि प्रदर्शन में लंबी गिरावट आती है तो परिस्थितियां किसी के लिए भी बदल सकती हैं।

    विराट कोहली का हालिया वनडे रिकॉर्ड भी उनकी बेहतरीन लय की पुष्टि करता है। इस वर्ष खेले गए मुकाबलों में उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही संतुलित और प्रभावशाली रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा है। अश्विन का भी मानना है कि यदि कोहली इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

    अश्विन ने केवल प्रदर्शन की बात ही नहीं की, बल्कि चयन प्रक्रिया को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करना चयनकर्ताओं का अधिकार है, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक देश के लिए योगदान दिया है, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि किसी वरिष्ठ खिलाड़ी को भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं किया जा रहा है तो उसे स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनिश्चितता या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

    भारतीय क्रिकेट फिलहाल बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव भी टीम के लिए अमूल्य है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती पहले से अधिक बड़ी हो गई है। टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं और वर्तमान प्रदर्शन के बीच उचित तालमेल स्थापित करना होगा।

    रविचंद्रन अश्विन का यह बयान केवल विराट कोहली तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय क्रिकेट में बदलती चयन प्रक्रिया और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत भी समझा जा रहा है। आने वाले महीनों में टीम चयन से जुड़े फैसले यह तय करेंगे कि भारत 2027 विश्व कप की दिशा में किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और अनुभवी खिलाड़ियों तथा नई प्रतिभाओं के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित किया जाता है।

  • विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 66 गेंदों में 65 रन बनाए। उनकी इस पारी में आठ चौके शामिल रहे। हालांकि वह शतक तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उनकी यह अर्धशतकीय पारी कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए पर्याप्त साबित हुई। लंबे समय बाद लय में दिखे कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत है।

    कार्डिफ का मैदान विराट कोहली के लिए पहले भी खास रहा है और इस बार भी उन्होंने यहां यादगार प्रदर्शन किया। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने इस मामले में राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड में वर्ष 2011 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे कोहली अब तीनों प्रारूपों को मिलाकर यहां सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं।

    इस मुकाबले में बनाया गया अर्धशतक इंग्लैंड में विराट कोहली का 19वां अर्धशतक रहा। इसके साथ ही वह इंग्लैंड में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ दिया। कोहली के नाम इंग्लैंड में अब तीन शतक और 19 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाते हैं।

    मैच के दौरान विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारत के लिए 8000 से अधिक रनों की साझेदारी पूरी कर ली। इस उपलब्धि के साथ रोहित और विराट की जोड़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल साझेदारियों में शामिल हो गई। उन्होंने इस मामले में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की प्रसिद्ध जोड़ी को पीछे छोड़ते हुए नया स्थान हासिल किया।

    विराट कोहली का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके थे। पहले वनडे में वह केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कार्डिफ में खेली गई यह संयमित और जिम्मेदार पारी उन सभी सवालों का जवाब मानी जा रही है। उन्होंने शुरुआत में धैर्य दिखाया और बाद में मौके मिलने पर आकर्षक स्ट्रोक्स भी लगाए।

    वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का रिकॉर्ड पहले से ही बेहद शानदार रहा है। वह इस प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। कार्डिफ में खेली गई यह पारी उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई, जिसने साबित किया कि बड़े मुकाबलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के लिए कितना अहम है। भारतीय टीम को भी इस प्रदर्शन से आगे की श्रृंखला के लिए आत्मविश्वास मिला है और उम्मीद रहेगी कि विराट आगामी मुकाबलों में भी इसी तरह की निरंतरता बनाए रखेंगे।

  • इंग्लैंड के खिलाफ विराट के बल्ले से बन सकते हैं इतिहास के नए रिकॉर्ड 15 हजार वनडे रन से सिर्फ 203 रन दूर

    इंग्लैंड के खिलाफ विराट के बल्ले से बन सकते हैं इतिहास के नए रिकॉर्ड 15 हजार वनडे रन से सिर्फ 203 रन दूर


    नई दिल्ली ।  भारत और इंग्लैंड के बीच मंगलवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास होने जा रही है। इस सीरीज के साथ टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली करीब छह महीने बाद एक बार फिर नीली जर्सी में मैदान पर उतरेंगे। उनकी वापसी सिर्फ भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती देने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इस सीरीज में उनके बल्ले से कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं। क्रिकेट जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विराट इंग्लैंड के खिलाफ अपने शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए इतिहास के नए अध्याय लिख पाएंगे।

    विराट कोहली अब तक भारत के लिए 311 वनडे मुकाबले खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 299 पारियों में 58.71 की शानदार औसत से 14797 रन बनाए हैं। अब वह वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने से केवल 203 रन दूर हैं। यदि वह इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की इस सीरीज में यह आंकड़ा हासिल कर लेते हैं तो वनडे क्रिकेट में 15000 रन बनाने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। इस सूची में फिलहाल केवल महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का नाम शामिल है।

    इस उपलब्धि से भी बड़ी बात यह है कि विराट के पास सबसे तेज 15000 वनडे रन पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने का सुनहरा मौका है। सचिन तेंदुलकर ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 359 पारियां खेली थीं जबकि विराट फिलहाल केवल 299 पारियां खेल चुके हैं। यदि वह इस सीरीज में 203 रन बना लेते हैं तो वह सचिन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे कम पारियों में 15000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। यह उपलब्धि उनके शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ देगी।

    वनडे क्रिकेट में विराट का रिकॉर्ड पहले से ही बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 54 शतक और 77 अर्धशतक लगाए हैं तथा दुनिया के सबसे सफल एकदिवसीय बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। रन बनाने की निरंतरता और बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन उनकी सबसे बड़ी पहचान रही है।

    इंग्लैंड के खिलाफ भी विराट का प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है। उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध 38 वनडे पारियों में लगभग 41 की औसत से 1397 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और 10 अर्धशतक निकले हैं। खास बात यह है कि इंग्लैंड की सरजमीं पर भी उनका रिकॉर्ड बेहद दमदार रहा है। वहां उन्होंने 33 पारियों में 51.88 की औसत से 1349 रन बनाए हैं जिनमें एक शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि इंग्लिश परिस्थितियां विराट के खेल के अनुकूल रही हैं और उन्होंने वहां हमेशा जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की है।

    भारतीय टीम भी चाहेगी कि विराट अपनी वापसी को यादगार बनाएं और बल्लेबाजी क्रम की अगुवाई करते हुए टीम को सीरीज में मजबूत शुरुआत दिलाएं। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम के लिए विराट का अनुभव और बड़े मैचों का दबाव झेलने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे 14 जुलाई को खेला जाएगा जबकि दूसरा मुकाबला 16 जुलाई और तीसरा एवं अंतिम वनडे 19 जुलाई को होगा। इन तीन मुकाबलों में सिर्फ सीरीज की जीत ही दांव पर नहीं होगी बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की नजर विराट कोहली के बल्ले से बनने वाले उन रिकॉर्ड्स पर भी रहेगी जो उन्हें वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा सकते हैं।

  • टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में

    टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में


    नई दिल्ली । टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।
    टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।

  • टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    टी20 की करारी हार का वनडे में हिसाब चुकता करने उतरेगी टीम इंडिया: रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ेगा हौसला

    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न हुई टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मेजबान इंग्लैंड के हाथों 4-0 से करारी शिकस्त का सामना करने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के सामने वनडे प्रारूप में जोरदार वापसी करने की बेहद कड़ी चुनौती है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम टी20 सीरीज के दौरान पूरी तरह दिशाहीन और बेअसर साबित हुई थी। इस निराशाजनक प्रदर्शन के ठीक बाद, अब भारतीय टीम प्रबंधन और प्रशंसकों की निगाहें आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं, जहाँ भारत अपने सबसे अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ियों के दम पर इंग्लैंड की सरजमीं पर पलटवार करने का प्रयास करेगा।

    इस वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का संतुलन और ताकत पूरी तरह से बदली हुई नजर आएगी, क्योंकि टीम के दो सबसे बड़े स्तंभ रोहित शर्मा और विराट कोहली की टीम में वापसी हो रही है। ये दोनों ही महान बल्लेबाज टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब अपनी पूरी ऊर्जा सिर्फ एक दिवसीय प्रारूप में भारत को जीत दिलाने में लगा रहे हैं। इंग्लैंड की मुश्किल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का लंबा अनुभव भारतीय बल्लेबाजी क्रम को वो मजबूती प्रदान करेगा, जिसकी टी20 सीरीज के दौरान भारी कमी महसूस की गई थी।

    टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में साउथेम्प्टन के मैदान पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास ली थी और जोस बटलर के धुआंधार 131 रनों की बदौलत 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारतीय टीम दबाव नहीं झेल सकी और 56 रनों से मैच हार गई। लगातार दो टी20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम की रणनीतियों पर तीखे सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में वनडे सीरीज में कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में रोहित शर्मा नई गेंद के खिलाफ आक्रामक शुरुआत देने की जिम्मेदारी संभालेंगे, तो वहीं विराट कोहली मध्यक्रम में पारी को स्थिरता और मजबूती देंगे।

    भारतीय टीम के लिए एक और बड़ी राहत की बात स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी है। टी20 सीरीज के दौरान भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से बेअसर रहा था और रन्स रोकने में नाकाम साबित हुआ था। बुमराह के आने से टीम को शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता मिलेगी और साथ ही डेथ ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। बुमराह के साथ कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे स्पिनर्स मिलकर इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को रोकने की रणनीति तैयार करेंगे।

    यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए केवल एक ट्रॉफी जीतने का जरिया नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों में लगातार मिली हार के कारण ड्रेसिंग रूम के गिरे हुए मनोबल और खोए हुए आत्मविश्वास को वापस पाने का एक बड़ा मंच भी है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उपकप्तान श्रेयस अय्यर पर भी इस सीरीज के जरिए टीम संयोजन को सही करने का भारी दबाव होगा। भारत और इंग्लैंड के बीच इस हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई को बर्मिंघम के प्रतिष्ठित एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा।

  • टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत

    टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जरूर निराश किया है लेकिन अब उम्मीदों का नया अध्याय वनडे सीरीज के साथ शुरू होने जा रहा है। तीन मैचों की इस अहम सीरीज में टीम इंडिया अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ मैदान में उतरेगी। दोनों दिग्गजों की वापसी ने भारतीय टीम के हौसले को नई ऊर्जा दी है और फैंस को भरोसा है कि भारत इस बार दमदार पलटवार करेगा।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम का टी20 प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद इंग्लैंड ने भी भारतीय टीम को लगातार मुकाबलों में मात देकर सीरीज अपने नाम कर ली। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम दबाव के क्षणों में प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रही। ऐसे में अब वनडे प्रारूप में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन सीमित ओवरों के इस प्रारूप में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों बल्लेबाजों का अनुभव टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

    रोहित शर्मा से उम्मीद होगी कि वह शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत आधार दें। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले रोहित किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर विराट कोहली कठिन परिस्थितियों में पारी संभालने और लक्ष्य का पीछा करने की अपनी शानदार क्षमता के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। उनका अनुभव युवा बल्लेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

    भारतीय टीम को एक और बड़ी मजबूती जसप्रीत बुमराह की वापसी से मिली है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी मौजूदगी विरोधी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। कप्तान शुभमन गिल उपकप्तान श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल पर भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी कि वे बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दें और टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाएं।

    भारत के लिए यह वनडे सीरीज सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने का मौका नहीं बल्कि आत्मविश्वास और लय हासिल करने की भी परीक्षा है। लगातार मिली हार के बाद टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीरीज पर रहेगी। यदि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन सही बैठा तो भारत एक बार फिर जीत की राह पर लौट सकता है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे 14 जुलाई को बर्मिंघम में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ में जबकि तीसरा और अंतिम मैच 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली अपनी शानदार बल्लेबाजी से टीम इंडिया को जीत दिलाकर टी20 की निराशा भुला पाएंगे।