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  • वैश्विक सीफूड बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, अगले पांच वर्षों में निर्यात को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का रोडमैप

    वैश्विक सीफूड बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, अगले पांच वर्षों में निर्यात को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का रोडमैप

    नई दिल्ली । भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात क्षेत्र ने पिछले एक दशक में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और अब देश इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गया है। केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में समुद्री उत्पादों के निर्यात को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में निर्यात क्षमता बढ़ाने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच मजबूत करने और मूल्य संवर्धित उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय समुद्री उत्पाद निर्यात कार्यशाला के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात पिछले दस वर्षों में लगभग 70 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वैश्विक सीफूड व्यापार में भारत की हिस्सेदारी करीब चार प्रतिशत है, जिसे आने वाले वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार, उद्योग, निर्यातक और किसानों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक निर्यात पर निर्भर रहने के बजाय रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक जैसे वैल्यू एडेड उत्पादों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देना समय की मांग है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऐसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और भारत के लिए यह एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। इसके साथ ही हाल के वर्षों में विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों से खुले नए बाजारों का लाभ उठाने की रणनीति पर भी बल दिया गया।

    मत्स्य पालन क्षेत्र के आंकड़े भी इस विकास यात्रा को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। देश में मछली उत्पादन वर्ष 2012-13 के लगभग 95.8 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में करीब 198 लाख टन तक पहुंच चुका है। उत्पादन में यह वृद्धि न केवल घरेलू मांग को पूरा करने में सहायक रही है बल्कि निर्यात क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात लगभग 8.46 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

    समुद्री निर्यात में फ्रोजन झींगा अब भी सबसे प्रमुख उत्पाद बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग लगातार बनी हुई है, जिससे भारत को विदेशी मुद्रा अर्जित करने में मदद मिल रही है। सरकार इस क्षेत्र में ट्रेसबिलिटी, गुणवत्ता नियंत्रण और टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निवेश और सहायता उपलब्ध करा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात वृद्धि के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। कोल्ड चेन नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, रोग प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन मानकों का पालन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सुधार आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य से कार्यशाला में उद्योग प्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स और किसानों ने विभिन्न चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की।

    समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने में परिवहन और एयर कार्गो अवसंरचना की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उच्च मूल्य वाले उत्पादों को तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और आधुनिक कार्गो सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचा, तकनीकी नवाचार और टिकाऊ मत्स्य पालन पद्धतियां भारत को वैश्विक सीफूड व्यापार में अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकती हैं।

    आने वाले वर्षों में यदि उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार विस्तार की योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो भारत न केवल अपने निर्यात लक्ष्य को हासिल कर सकता है बल्कि वैश्विक समुद्री उत्पाद व्यापार में एक प्रमुख शक्ति के रूप में भी उभर सकता है।

  • इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम

    इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम


    विशाखापत्तनम। भारत अपनी समुद्री शक्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का जोरदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR 2026) और एक्सरसाइज मिलन (MILAN 2026) में विदेशी नौसैनिक जहाजों का आगमन शुरू हो गया है। सोमवार को भारतीय नौसेना ने इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश के युद्धपोतों का स्वागत किया।

    विदेशी जहाजों का आगमन
    इंडोनेशियाई नौसेना का फ्रिगेट KRI Bung Tomo-357 पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है। पूर्वी नौसेना कमान ने इसे “सेलामल दातंग” कहकर अभिनंदन किया। संयुक्त अरब अमीरात का नौसैनिक कोर्वेट Al-Emarat भी अभ्यास में शामिल हुआ, जो भारत और UAE के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। वहीं, पड़ोसी बांग्लादेश का फ्रिगेट BNS Somudra Avijan भी बेड़े में शामिल हो गया।

    इससे पहले थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के जहाज भी पोर्ट में पहुँच चुके हैं, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक भव्य और विविधता पूर्ण बन गया है।

    IFR 2026: राष्ट्रपति करेंगी समीक्षा
    18 फरवरी को समुद्र में होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। यह स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े नौसैनिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस वर्ष कुल 71 जहाज इस आयोजन में हिस्सा लेंगे, जिनमें भारतीय नौसेना के 45 जहाज, 19 विदेशी युद्धपोत और शेष कोस्ट गार्ड, मर्चेंट नेवी और अनुसंधान जहाज शामिल हैं।

    मुख्य आकर्षण के रूप में भारतीय विमानवाहक पोत INS विक्रांत पहले ही विशाखापत्तनम में पहुंच चुका है। यह जहाज समारोह का केंद्रबिंदु होगा और दर्शकों का ध्यान सबसे अधिक खींचेगा। सभी जहाजों को छह पंक्तियों में व्यवस्थित किया जाएगा।

    मिलन अभ्यास: समुद्री सहयोग का बड़ा मंच
    1995 में महज चार देशों के साथ शुरू हुआ मिलन अभ्यास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशाल मंच बन गया है। इस साल 65 देशों की नौसेनाएं इसमें भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और मित्र देशों के बीच पेशेवर बातचीत को मजबूत करना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए ‘मिलन विलेज’ का उद्घाटन किया गया है, जो 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए एक सांस्कृतिक और मैत्री केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

    इंटरनेशनल सिटी परेड
    उत्सव के रूप में 19 फरवरी की शाम को विशाखापत्तनम में रोड पर भव्य इंटरनेशनल सिटी परेड आयोजित की जाएगी। इसमें 45 सैन्य दल हिस्सा लेंगे। मनोरंजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए 7 से 8 विदेशी बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे यह न केवल सैन्य ताकत बल्कि दोस्ताना संबंधों का उत्सव भी साबित होगा।

  • स्मृति मंधन की मैदन पर वपसीभरत और श्रीलंक के बीच टी20 सीरीज 21 दिसंबर से

    स्मृति मंधन की मैदन पर वपसीभरत और श्रीलंक के बीच टी20 सीरीज 21 दिसंबर से


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना जल्द ही मैदान पर वापसी करने वाली हैं। आगामी भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के साथ मंधाना क्रिकेट की दुनिया में अपना कदम वापस रख रही हैं। इस सीरीज के दौरान मंधाना पर विशेष ध्यान रहेगाक्योंकि वह भारतीय महिला टीम की उपकप्तान हैं और उनकी वापसी को लेकर फैन्स के बीच काफी उत्साह है।

    टीम इंडिया का ऐलान और सीरीज का शेड्यूल

    भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली पांच मैचों की सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। यह सीरीज 21 दिसंबर को विशाखापट्टनम में होने वाले पहले टी20 मैच से शुरू होगी और 30 दिसंबर तक चलेगी। इस सीरीज के शेड्यूल का पहले ही ऐलान हो चुका थालेकिन अब टीम का भी ऐलान कर दिया गया है। यह भारतीय महिला टीम का वनडे विश्व कप के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में रहेगीजबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान के रूप में उनकी मदद करेंगी।

    स्मृति मंधाना का ध्यान आकर्षित करना व्यक्तिगत जीवन और क्रिकेट

    स्मृति मंधाना इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैंन केवल अपनी क्रिकेटिंग उपलब्धियों के लिएबल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन के कारण भी। हाल ही मेंमंधाना अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में थीं। हालांकिउनके पिता की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण शादी की तारीख को टाल दिया गया था। बाद मेंमंधाना ने खुद सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया कि अब उनकी शादी नहीं हो रही हैलेकिन इस घटनाक्रम ने मीडिया में काफी हलचल मचाई।

    टी20 इंटरनेशनल में स्मृति मंधाना के शानदार आंकड़े

    स्मृति मंधाना ने अब तक अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में 154 मुकाबले खेले हैंजिसमें उन्होंने कुल 3984 रन बनाए हैं। इस दौरानउनके नाम एक शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका औसत और स्ट्राइक रेट शानदार रहा हैजो उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टार बनाता है। इस समयस्मृति मंधाना आईसीसी की टी20 रैंकिंग में तीसरे नंबर पर हैंऔर उनकी रेटिंग 767 है। अगर मंधाना इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करती हैंतो वह जल्द ही पहले नंबर पर भी काबिज हो सकती हैं।

    टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल

    पहला टी20 मैच 21 दिसंबरविशाखापट्टनम
    दूसरा टी20 मैच 23 दिसंबरविशाखापट्टनम
    तीसरा टी20 मैच 26 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
    चौथा टी20 मैच 28 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
    पांचवां टी20 मैच 30 दिसंबरतिरुवनंतपुरम

    भारतीय महिला टीम का स्क्वॉड

    भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैंजबकि उपकप्तान स्मृति मंधाना हैं। इसके अलावा टीम में दीप्ति शर्मास्नेह राणाजेमिमा रोड्रिग्सशेफाली वर्माहरलीन देयोलअमनजोत कौरअरुंधति रेड्डीक्रांति गौड़रेणुका सिंह ठाकुरऋचा घोष विकेटकीपर जी कमलिनी विकेटकीपर श्री चरणीऔर वैष्णवी शर्मा भी शामिल हैं।

    स्मृति मंधाना पर सबकी नजरें

    स्मृति मंधाना के लिए यह सीरीज एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है। भारत की स्टार ओपनर पर सभी की नजरें रहेंगीखासकर उनकी व्यक्तिगत और क्रिकेटिंग उपलब्धियों के संदर्भ में। मंधाना की बल्लेबाजी में जो आकर्षण हैवह हर मैच में दर्शकों को अपने साथ जोड़े रखता है। अगर मंधाना अपनी शानदार फॉर्म जारी रखती हैंतो न केवल भारत को सीरीज जीतने में मदद मिल सकती हैबल्कि वह अपनी रैंकिंग में और ऊपर भी जा सकती हैं। टी20 सीरीज के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगाजिसमें मंधाना की टीम के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह सीरीज निश्चित ही महिला क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रोमांचक होने वाली है।