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  • मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल राहुल गांधी के पोस्टर पर विवाद दिग्विजय सिंह का वीडियो वायरल मंत्री का ऑटो चलाना बना चर्चा का विषय

    मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल राहुल गांधी के पोस्टर पर विवाद दिग्विजय सिंह का वीडियो वायरल मंत्री का ऑटो चलाना बना चर्चा का विषय


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार को कई घटनाएं चर्चा का विषय बनी रहीं। छतरपुर में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगे पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की उलटी प्रति दिखाई देने से पार्टी विपक्ष के निशाने पर आ गई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा जिसमें वह एक मशहूर फिल्मी डायलॉग पूरा नहीं कर सके। दूसरी ओर प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग का ऑटो चलाते हुए वीडियो भी लोगों का ध्यान खींचता रहा।

    छतरपुर में कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रेस वार्ता आयोजित की थी। हालांकि कार्यक्रम के मुद्दों से ज्यादा चर्चा मंच पर लगे पोस्टर और बैनर की हुई। पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की प्रति उलटी दिखाई दे रही थी। वहीं एक अन्य बैनर में उनके चेहरे पर केक लगा हुआ नजर आया। कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रिंटिंग की तकनीकी गलती बताया लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर पार्टी की आलोचना की।

    इसी बीच भोपाल में मीसाबंदियों के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान की सबसे अधिक अनदेखी और दुरुपयोग कांग्रेस के शासनकाल में हुआ है। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद पोस्टर विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

    उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी एक कार्यक्रम के दौरान अलग कारण से सुर्खियों में रहे। कार्यक्रम की एंकर ने पहले उनसे फिल्मों के शौक के बारे में पूछा जिस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि सिनेमा का शौक किसे नहीं होता। इसके बाद उनसे मशहूर फिल्मी डायलॉग ये ढाई किलो का हाथ पूरा करने के लिए कहा गया। सवाल सुनकर दिग्विजय सिंह हंस पड़े लेकिन उन्होंने डायलॉग पूरा करने के बजाय बात को टाल दिया। इसके बाद उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जाने लगा।

    इधर प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। अपने विधानसभा क्षेत्र में मीसाबंदी रहे बुजुर्ग रामकुमार पटेल से मुलाकात करने पहुंचे सारंग ने कुछ समय के लिए ऑटो की ड्राइविंग सीट संभाली और ऑटो चलाया। उन्होंने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया जिसके बाद यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इन घटनाओं के बीच राजनीतिक गलियारों में प्रशासनिक हलचल की भी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि एक विभाग में नए डायरेक्टर के रूप में पदभार संभालने वाले युवा आईएएस अधिकारी ने लंबे समय से प्रभाव रखने वाले एक अधिकारी की जिम्मेदारियों और प्रभाव को सीमित करना शुरू कर दिया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और यह चर्चा राजनीतिक तथा प्रशासनिक हलकों तक सीमित है।

    कुल मिलाकर प्रदेश की राजनीति में एक ही दिन पोस्टर विवाद नेताओं के वायरल वीडियो और प्रशासनिक चर्चाओं ने सियासी माहौल को गर्माए रखा।

  • पेंशन शिकायत पर भड़के मंत्री विश्वास सारंग, वार्ड प्रभारी को लगाई फटकार

    पेंशन शिकायत पर भड़के मंत्री विश्वास सारंग, वार्ड प्रभारी को लगाई फटकार


    मध्य प्रदेश । भोपाल में जनसमस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गंभीर हो गया, जब कुछ महिलाओं ने पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत सीधे खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के सामने रखी। शिकायत सुनते ही मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित वार्ड प्रभारी को तत्काल तलब कर जवाब मांगा। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मंत्री विश्वास सारंग के निवास पर प्रतिदिन आयोजित होने वाले जनदर्शन कार्यक्रम में नरेला विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-59 स्थित अन्ना नगर की निवासी मंदा सोनवानी, सहला सेनवानी, सुशीला विश्वकर्मा और सोमा सुरेश पहुंचीं। महिलाओं ने मंत्री को बताया कि वे शासन की पेंशन योजनाओं के लिए पात्र हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि समस्या के समाधान के लिए पहले भी कई बार प्रयास किए गए, लेकिन किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।

    महिलाओं की शिकायत सुनने के बाद मंत्री सारंग ने तुरंत संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। प्रारंभिक जानकारी मिलने पर उन्होंने वार्ड क्रमांक-59 के प्रभारी रमीजुद्दीन को मौके पर बुलाने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में वार्ड प्रभारी के पहुंचने पर मंत्री ने उनसे पेंशन प्रकरणों में हुई देरी और लापरवाही के संबंध में जवाब तलब किया।

    मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों तक समय पर लाभ पहुंचाना है। यदि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर कमी मानी जाएगी। उन्होंने वार्ड प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों की तत्काल समीक्षा कर पात्र लोगों को पेंशन का लाभ दिलाया जाए।

    जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चेतावनी दी कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसलिए सभी विभागीय अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।

    मंत्री सारंग ने यह भी कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। ऐसे कार्यक्रमों में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा सामने न आएं और प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर योजना का लाभ मिले।

    इस घटनाक्रम के बाद संबंधित अधिकारियों ने लंबित पेंशन प्रकरणों की जांच और निराकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही प्रभावित महिलाओं सहित अन्य पात्र हितग्राहियों को भी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा। मंत्री की सख्ती को प्रशासनिक जवाबदेही और जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

  • सेवा के नाम रहा विश्वास सारंग का जन्मदिन, वर्चुअल आयोजन के साथ गरीबों को कंबल-भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं

    सेवा के नाम रहा विश्वास सारंग का जन्मदिन, वर्चुअल आयोजन के साथ गरीबों को कंबल-भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं


    भोपाल। मध्य प्रदेश के सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने इस वर्ष अपने जन्मदिन को पारंपरिक समारोहों से अलग हटकर सेवा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया। उन्होंने व्यक्तिगत मिलन या भव्य आयोजन से दूरी बनाते हुए जन्मदिन को वर्चुअल माध्यम से मनाने का निर्णय लिया जिससे अधिक से अधिक लोग सेवा कार्यों से जुड़ सकें।मंत्री के इस आह्वान पर प्रदेशभर में उनके समर्थक कार्यकर्ता और शुभचिंतक सामाजिक सेवा गतिविधियों में सक्रिय नजर आए। विभिन्न जिलों और बस्तियों में गरीब बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को कंबल गर्म कपड़े और भोजन वितरित किया गया। ठंड के मौसम को देखते हुए यह पहल खास तौर पर जरूरतमंदों के लिए राहत लेकर आई।

    सेवा कार्य केवल भोजन और वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं रहा। कई स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर रक्तदान कार्यक्रम और जागरूकता अभियान भी आयोजित किए गए जिससे आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया।शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान देते हुए नरेला विधानसभा क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में विद्यार्थियों को किताबें और स्टेशनरी वितरित की गईं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर शिक्षा को प्रोत्साहित किया गया।

    जन्मदिन के अवसर पर मंत्री विश्वास सारंग ने मथुरा में संतजनों को भोजन कराया और गिरिराज धाम में दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने सामाजिक एकता सेवा और संवेदनशीलता को जीवन का महत्वपूर्ण मूल्य बताया।सोशल मीडिया पर भी इस अनूठे जन्मदिन की झलक देखने को मिली। ट्विटर एक्स पर HBDVishvasSarang हैशटैग लंबे समय तक ट्रेंड करता रहा। मंत्री ने जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसरों को समाज सेवा से जोड़ना हर सार्वजनिक प्रतिनिधि का दायित्व होना चाहिए।

    सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नेतृत्व की सही परिभाषा प्रस्तुत करते हैं। वर्चुअल माध्यम से जन्मदिन मनाने का यह प्रयोग दिखाता है कि व्यक्तिगत उत्सव से अधिक समाज के प्रति जिम्मेदारी अहम है।कुल मिलाकर विश्वास सारंग का जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत अवसर न होकर सेवा सहयोग और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया जिसने जनसेवा के नए मानक स्थापित किए।