Tag: Visibility

  • केसरिया रंग पर छिड़ा घमासान, भारतीय हॉकी की पहचान और नीली जर्सी के इतिहास पर उठा बड़ा सवाल।

    केसरिया रंग पर छिड़ा घमासान, भारतीय हॉकी की पहचान और नीली जर्सी के इतिहास पर उठा बड़ा सवाल।

    नई दिल्ली। खेल जगत में किसी भी राष्ट्रीय टीम की जर्सी केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि उसकी दशकों पुरानी पहचान, विरासत और प्रशंसकों के भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक होती है। भारतीय खेल इतिहास में ‘मैन इन ब्लू’ और ‘विमेन इन ब्लू’ की अवधारणा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भारत की खेल पहचान बन चुकी है। आगामी एफआईएच विश्व कप से ठीक पहले हॉकी इंडिया द्वारा भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की प्राथमिक जर्सी का रंग पारंपरिक नीले से बदलकर केसरिया करने के फैसले ने देश में एक नया विवाद और गहन वैचारिक बहस छेड़ दी है।

    हॉकी इंडिया ने जर्सी का रंग बदलने के पीछे तकनीकी और खेल विज्ञान से जुड़े कारणों का हवाला दिया है। महासंघ का तर्क है कि आधुनिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं में अधिकांश सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ नीले रंग की होती हैं। मैचों के दौरान नीली जर्सी पहनकर खेलने से खिलाड़ियों के कपड़े नीले टर्फ के रंग में मिल जाते हैं, जिससे मैदान पर साथी खिलाड़ियों की दृश्यता में बाधा आती है और त्वरित निर्णय लेने में परेशानी होती है। सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों के परामर्श से दृश्यता में सुधार के उद्देश्य से ही यह बदलाव किया गया है।

    हालांकि, इस तकनीकी दलील के बावजूद खेल जगत के कई दिग्गजों और पूर्व कप्तानों ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। पूर्व दिग्गजों का कहना है कि भारतीय हॉकी का गौरवशाली इतिहास नीली जर्सी के साथ जुड़ा हुआ है और विश्व पटल पर भारत की पहचान इसी रंग से बनती रही है। खेल के अंतरराष्ट्रीय जानकारों का मानना है कि ब्राजील की पीली, न्यूजीलैंड की काली या इटली की नीली जर्सी की तरह भारतीय टीम का नीला रंग भी दशकों की मेहनत के बाद एक वैश्विक ब्रांड बना था, जिसे एक झटके में बदलना अनुचित है।

    राजनीतिक गलियारों में भी इस बदलाव को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने इस फैसले को सांस्कृतिक और वैचारिक ब्रांडिंग का हिस्सा बताते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि खेल प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि खेलों में जर्सी के डिजाइन और रंग समय-समय पर बदलते रहे हैं और इस निर्णय को किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।

    वैश्विक खेलों में जर्सी के रंग और राष्ट्रीय ध्वज के बीच अंतर होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन किसी स्थापित खेल राष्ट्र की प्राथमिक पहचान को अचानक बदल देना हमेशा से चर्चा का विषय बनता रहा है। 1928 से लेकर अब तक ओलंपिक और विश्व कप के मंचों पर भारतीय हॉकी ने जो स्वर्णिम अध्याय लिखे हैं, वे किसी एक रंग से कहीं बढ़कर हैं। फिलहाल, यह बहस केवल एक रंग तक सीमित न रहकर खेल की ब्रांडिंग, विरासत और संस्थागत फैसलों में पारदर्शिता के इर्द-गिर्द घूम रही है।

  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शीतलहर के कारण दिन-प्रतिदिन तापमान गिर रहा है और सड़कों पर सन्नाटा छा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिससे आने वाले दिनों में और ठंड और कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।

    9 जिलों में अति घने कोहरे का अलर्ट

    मौसम विभाग ने ग्वालियर दतिया भिंड रीवा सतना पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक कोहरे का असर रहने की संभावना जताई गई है साथ ही कुछ इलाकों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है।

    पचमढ़ी रहा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान

    प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी एक बार फिर सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे ठिठुरन और बढ़ गई है और खासकर पहाड़ी इलाकों में लोगों को ठंड से राहत मिलना मुश्किल हो रहा है।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

    शिवपुरी – 6 डिग्री ,टीकमगढ़ – 8 डिग्री,राजगढ़ – 9 डिग्री,रीवा – 9.2 डिग्री,भोपाल – 10.6 डिग्री,ग्वालियर – 10.2 डिग्री,इंदौर – 12.4 डिग्री,बैतूल – 10 मीटर से कम विजिबिलिटी

    बैतूल में सबसे घना कोहरा

    बैतूल जिले में इस मौसम का अब तक का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया है। कई इलाकों में दृश्यता 10 मीटर से भी कम रही जिससे सड़क यातायात में परेशानी आई। कोहरे के कारण उत्तर भारत से आने-जाने वाली कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में और घने कोहरे की संभावना जताई है खासकर सुबह के समय। इस मौसम में ठंड और कोहरे का असर शहरों और कस्बों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखा जा रहा है जहां लोग गर्म कपड़े और हीटर का इस्तेमाल बढ़ा चुके हैं।