इसके साथ ही वैरिकोज वेन्स जैसी समस्याएं भी इस स्थिति से जुड़ी हो सकती हैं।
Tag: vitamin deficiency
-

हाथ-पैर का ठंडा रहना सिर्फ सामान्य नहीं, कई बीमारियों का संकेत हो सकता है
नई दिल्ली| कई लोग अक्सर हाथ और पैरों के ठंडे या सुन्न रहने की समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल मौसम या सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि शरीर के अंदर चल रही कुछ समस्याओं का संकेत हो सकता है।डॉक्टरों के मुताबिक जब शरीर में रक्त संचार सही तरीके से नहीं होता है, तो हाथ और पैरों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता। इस वजह से ये हिस्से ठंडे महसूस होने लगते हैं। रक्त का सही प्रवाह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाता है।इसके अलावा खराब पाचन भी इस समस्या का एक बड़ा कारण हो सकता है। जब शरीर को पूरी ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता, तो इसका असर सबसे पहले हाथ-पैरों पर दिखाई देता है।तनाव और कमजोरी भी इस स्थिति को और बढ़ा सकते हैं। लगातार तनाव रहने से शरीर का संतुलन बिगड़ता है, जिससे नसों में रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। लंबे समय तक यह समस्या बनी रहे तो यह गंभीर बीमारियों का रूप भी ले सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार हाथ-पैर ठंडे रहने की स्थिति में रेनॉड्स डिजीज का खतरा हो सकता है, जिसमें रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। इससे हाथ-पैरों में दर्द, सुन्नपन और अन्य जटिल समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
इसके साथ ही वैरिकोज वेन्स जैसी समस्याएं भी इस स्थिति से जुड़ी हो सकती हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज और पैदल चलना चाहिए, ताकि रक्त संचार बेहतर बना रहे। हाथ-पैरों की हल्की मालिश और गर्म रखने के उपाय भी राहत दे सकते हैं।इसके अलावा शरीर में आयरन और विटामिन की कमी भी एक प्रमुख कारण हो सकती है, इसलिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है। -

बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी
नई दिल्ली । काम के बाद थकान होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर इसका अहसास पूरे दिन बना रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन बार-बार होने वाली थकान कमजोरी की निशानी है जो पूरे शरीर को बेजान बना देती है। शरीर की कमजोरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी का संकेत देती है।विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बाकी विटामिन की तरह ही हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में एक नहीं बल्कि आठ अलग-अलग तरह के विटामिन होते हैं जिनमें विटामिन बी-1 बी-2 बी-3 बी-5 बी-6 बी-7 बी-9 और बी-12 होते हैं जो पूरे शरीर का ऊर्जा हाउस है। हर विटामिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा देने का काम करता है।
अगर इसमें से किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती है तो थकान बाल झड़ना चक्कर आना मस्तिष्क की नसों का कमजोर होना याददाश्त की समस्या स्किन से जुड़ी परेशानी हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन एनीमिया आंखों की रोशनी कमजोर होना डिप्रेशन रक्त वाहिकाओं में अत्याधिक जोर पड़ना और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं।
विटामिन बी कॉम्प्लेक्स हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। ये पानी में घुलनशील विटामिन हैं जो शरीर को तेजी से ऊर्जा देने का काम करते हैं। अगर भोजन ऊर्जा में नहीं बदल पाता तो शरीर में बाकी पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे में मन और तन दोनों की थकान महसूस होती है।
अब सवाल आता है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। आहार में बहुत कम ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। शाकाहारी भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज दूध दही और कुछ फलों में ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जबकि मांसाहारी भोजन में मांस मछली चिकन और अंडे में पाया जाता है।
शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का अवशोषण सही तरीके से हो सकता है। इसके लिए चाय और कॉफी का सेवन कम करें। डिब्बा बंद उत्पादों का सेवन भी करने से बचें और अगर फिर भी विटामिन की पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।