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  • 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी

    6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा से जुड़े करीब 6 हजार आउटसोर्स व्यवसायिक शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भले ही नई कंपनियों को जिम्मेदारी दी जाए लेकिन पहले से स्कूलों में काम कर रहे व्यवसायिक प्रशिक्षकों को सेवा में रखना होगा। नई कंपनियां इन कर्मचारियों को अपनी ओर से हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। विभाग के इस आदेश के बाद लंबे समय से नौकरी की असुरक्षा का सामना कर रहे व्यवसायिक शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    समग्र शिक्षा की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक व्यवसायिक शिक्षा के अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का अनुबंध समाप्त किया गया है। इसके बावजूद स्कूलों में सेवाएं दे रहे व्यवसायिक प्रशिक्षक यथावत काम करते रहेंगे। प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में 50 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं और इनके माध्यम से आउटसोर्स प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाती हैं। लंबे समय से कुछ प्रशिक्षकों की ओर से कंपनियों पर नियुक्ति और जॉइनिंग के नाम पर पैसे मांगने सहित कई तरह की परेशानियों के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

    इसी तरह की समस्याओं को लेकर करीब दो महीने पहले व्यवसायिक शिक्षकों ने भोपाल में दो दिवसीय आंदोलन किया था। पहले दिन अंबेडकर पार्क में धरना दिया गया जबकि दूसरे दिन डीपीआई का घेराव किया गया। आंदोलन के बाद अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में शिक्षकों ने नौकरी की सुरक्षा सहित कई मांगें रखीं। अब विभाग की ओर से जारी आदेश को उसी प्रक्रिया में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

    लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश के अनुसार जिन कंपनियों का एग्रीमेंट समाप्त किया गया है उनमें अलग अलग ट्रेड की कंपनियां शामिल हैं। इनमें एग्रीकल्चर ट्रेड से जुड़ी आकाश एग्री सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और वालेअर फैबटेक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में एसेंसिव एडुकेयर लिमिटेड टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड अल्टीमेट एनर्जी जबकि अपैरल ट्रेड में ब्राइट फ्यूचर डॉट कॉम स्किल प्राइवेट लिमिटेड का नाम है। हेल्थकेयर ट्रेड में डीसीआई मल्टी स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध खत्म किया गया है।

    आईटी और आईटीईएस ट्रेड में एवरग्रीन एजुकेशन ट्रस्ट जीके एजुकेशनल ट्रस्ट आईसीए एजुस्किल्स प्राइवेट लिमिटेड इंडस एजुट्रेन प्राइवेट लिमिटेड और एलएनजे इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स एंड टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ब्यूटी एंड वेलनेस ट्रेड में वीएलसीसी हेल्थकेयर का एग्रीमेंट खत्म किया गया है। हालांकि इंडस एजुट्रेन के कुछ अन्य ट्रेड से जुड़े एग्रीमेंट समाप्त नहीं किए गए हैं।

    विभाग के फैसले के बाद जहां नौकरी की सुरक्षा को लेकर राहत मिली है वहीं व्यवसायिक शिक्षकों के सामने लंबित वेतन का मुद्दा अभी भी बना हुआ है। नवीन व्यवसायिक शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परमार ने सवाल उठाया है कि जिन कंपनियों का अनुबंध समाप्त हुआ है उनके कर्मचारियों की लंबित सैलरी का भुगतान कौन करेगा। कई प्रशिक्षकों के चार से पांच महीने तक का वेतन लंबित होने की बात भी सामने आई है। स्कूल बदलने की स्थिति में पुराने बकाया वेतन के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि वे इस मामले में विभाग से पत्राचार करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

  • पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

    पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण


    नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने बताया है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत देशभर में बड़े स्तर पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है सात दिसंबर 2025 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 27.08 लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है यह प्रशिक्षण 38 अलग अलग क्षेत्रों में दिया गया है और इसमें 36 राज्य तथा 732 जिले शामिल हैं

    कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से सात दिसंबर 2025 के बीच आईटी और आईटीईएस एयरोस्पेस और एविएशन कृषि रबर चमड़ा पर्यटन और होटल उद्योग जैसे क्षेत्रों में 7.5 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है यह कार्य 34 राज्यों और 670 जिलों में किया गया जिससे योजना की व्यापक पहुंच स्पष्ट होती हैमंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना उसकी प्रमुख अल्पकालिक प्रशिक्षण योजना है जो चार चरणों में लगातार विकसित हुई है एक छोटी योजना के रूप में शुरू होकर यह अब मांग आधारित और रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रणाली बन चुकी है

    युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए 77 विशेष कोर्स और 102 नई जॉब भूमिकाएं शुरू की गई हैं इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री 4.0 ग्रीन जॉब्स और डिजिटल सेवाओं जैसे आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं जो तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की मांग को पूरा करते हैंसरकार ने बताया कि देशभर में 15,500 से अधिक संस्थान पीएमकेवीवाई 4.0 को लागू कर रहे हैं इनमें 7,000 से ज्यादा स्किल हब स्कूलों कॉलेजों और आईटीआई में संचालित हो रहे हैं इसके अलावा आईआईटी आईआईएम एनआईटी आईआईआईटी सरकारी संस्थान और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी पहली बार इस योजना से जुड़ी हैं

    अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 के बीच इस योजना पर 1,652.89 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं वहीं पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत 200 करोड़ रुपए का अलग बजट प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं का राष्ट्रीय समूह तैयार करने के लिए निर्धारित किया गया है इसके नियम पाठ्यक्रम और प्रमाणन व्यवस्था एनसीवीईटी द्वारा तय की गई है और इन्हें स्किल इंडिया डिजिटल हब पर उपलब्ध कराया गया है

    मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक 34,505 प्रशिक्षकों और 13,844 मूल्यांकनकर्ताओं को प्रमाणित किया गया हैआईटीआई को देश में व्यावसायिक शिक्षा की रीढ़ बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि 2014 से 2025 के बीच आईटीआई की संख्या 9,977 से बढ़कर 14,682 हो गई है इस दौरान 4,605 नए आईटीआई स्थापित किए गए वहीं छात्रों की संख्या 9.5 लाख से बढ़कर 14 लाख से अधिक हो गई है जो कौशल शिक्षा पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है