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  • कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को समझाई जिम्मेदारी

    कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को समझाई जिम्मेदारी

    नई दिल्ली ।भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को लखनऊ स्थित अपने पुराने विद्यालय कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे। कभी जिस संस्थान में उन्होंने विद्यार्थी के रूप में शिक्षा हासिल की थी, वहीं लौटकर उन्होंने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उनका अंदाज शिक्षक जैसा रहा और उन्होंने छात्रों को लोकतंत्र, चुनाव, मताधिकार तथा जिम्मेदार नागरिकता से जुड़े विषयों की जानकारी दी।

    अपने छात्र जीवन को याद करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान हासिल करने की जगह नहीं होता, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। उनके अनुसार, अच्छे शिक्षक, अनुशासन और विद्यालय का वातावरण विद्यार्थियों के सोचने और आगे बढ़ने के तरीके को प्रभावित करते हैं। उन्होंने अपने जीवन में विद्यालय से मिली सीख को भी याद किया।

    उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूल और कॉलेज का समय जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दौर में शामिल होता है। इसी दौरान व्यक्ति के विचार, व्यवहार और भविष्य की दिशा तय होने लगती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने शिक्षकों की बातों और विद्यालय में मिलने वाले अनुभवों को गंभीरता से लें और उनसे सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखें।

    विद्यार्थियों के साथ बातचीत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदान केवल संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी का माध्यम भी है। जागरूक और जिम्मेदार मतदाता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    ज्ञानेश कुमार ने विद्यार्थियों को मताधिकार से जुड़ी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले कई विद्यार्थी आने वाले वर्षों में पहली बार मतदान करने की उम्र में पहुंचेंगे। ऐसे में उनके लिए अभी से चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करना उपयोगी होगा।

    संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता बनने की पात्रता, मतदान और निष्पक्ष चुनाव से जुड़े सवाल पूछे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना आवश्यक है।

    कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचने पर ज्ञानेश कुमार ने अपने पुराने दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ से उनका पुराना और गहरा संबंध रहा है। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया और अब लंबे अंतराल के बाद उसी विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच लौटना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।

    उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जीवन के अलग-अलग चरण व्यक्ति को अलग-अलग अनुभव देते हैं। वर्तमान समय उनके लिए सीखने और अपने भविष्य की नींव मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि विद्यालय से मिलने वाली शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, चुनौतियों का सामना करने का साहस और सही विचारों को अपनाने की क्षमता भी विकसित करती है।

    इस मुलाकात को ज्ञानेश कुमार ने अतीत और वर्तमान के बीच संवाद जैसा अनुभव बताया। एक समय वह स्वयं इसी विद्यालय के विद्यार्थी थे और अब उसी परिसर में विद्यार्थियों को लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में बता रहे थे। कार्यक्रम में चुनावी साक्षरता और जागरूक मतदाता बनने का संदेश प्रमुख रहा। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए युवा विद्यार्थियों के बीच लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने की यह पहल विशेष महत्व रखती है।

  • दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44% मतदान, लोकतंत्र के पर्व में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी

    दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44% मतदान, लोकतंत्र के पर्व में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी


    दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए गुरुवार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में मतदान संपन्न हो गया। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, पूरे विधानसभा क्षेत्र में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

    सुबह मतदान शुरू होते ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं ने भी बड़ी संख्या में मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

    निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े तथा पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। मतदाताओं के लिए पेयजल, छाया, चिकित्सा सहायता और दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन और पुलिस ने पूरे दिन मतदान प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी, जिससे मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

    निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के 2,20,410 मतदाताओं ने मतदान किया। इनमें 1,16,116 पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 74.09, जबकि 1,04,284 महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 68.48 रहा। वहीं 10 अन्य मतदाताओं में से 40 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।

    मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतदान दल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईवीएम और निर्वाचन सामग्री लेकर सुरक्षित रूप से संग्रहण केंद्र पहुंचे, जहां सामग्री जमा कराने की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी कराई गई।

    जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी मतदाताओं, निर्वाचन ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बल, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।