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  • चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर मतदान जारी, उत्तर प्रदेश में दोपहर 12 बजे तक 24.09 प्रतिशत वोटिंग

    चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर मतदान जारी, उत्तर प्रदेश में दोपहर 12 बजे तक 24.09 प्रतिशत वोटिंग

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान जारी है। इन सीटों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में दोपहर 12 बजे तक 24.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चारों राज्यों में हो रहे इस चुनाव को राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके परिणाम संबंधित क्षेत्रों में उनके संगठनात्मक प्रभाव और मतदाताओं के समर्थन का संकेत दे सकते हैं।

    उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम चार बजे तक चलेगा। औरैया, हरदोई, जालौन, चित्रकूट और गौतमबुद्ध नगर सहित राज्य के 72 जिलों में मतदान की व्यवस्था की गई है। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला प्रमुख है। कुछ सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

    उत्तर प्रदेश की सीटों में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र से जुड़ी इस सीट पर भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत सक्रियता बढ़ाई है। वहीं समाजवादी पार्टी ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी है। पार्टी की ओर से मानदेय, पुरानी पेंशन योजना और सेवा सुरक्षा जैसे विषय उठाए गए हैं। स्थानीय असंतोष और बागी उम्मीदवारों की भूमिका भी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है।

    बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक गतिविधियों पर खास नजर है। यहां जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी नीरज कुमार के मुकाबले को लेकर चर्चा है। खबर में दिए गए विवरण के अनुसार, विधायक अनंत सिंह द्वारा जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन किए जाने से चुनावी माहौल प्रभावित हुआ है।

    महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें औरंगाबाद, पुणे और नागपुर के तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा अमरावती और पुणे के दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। राज्य में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच मुकाबला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन सीटों पर कुल 182 उम्मीदवार मैदान में हैं और दस लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं।

    कर्नाटक में चार सीटों पर मतदान कराया जा रहा है। इनमें कर्नाटक दक्षिण-पूर्व और कर्नाटक पश्चिम के दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा कर्नाटक उत्तर-पूर्व और बेंगलुरु के दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। यहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    चारों राज्यों में मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जा रहा है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता वरीयता क्रम के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करते हैं। मतदान केंद्रों पर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन और कैमरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में समाजवादी पार्टी ने प्रशासनिक पक्षपात की आशंका जताई है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मतदान पूरा होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और चारों राज्यों की संबंधित सीटों के परिणाम घोषित किए जाएंगे। नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच किस दल और उम्मीदवार को कितना समर्थन मिला है।

  • बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस

    बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस


    पटना।
    बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की 8 सीटों के लिए आज (शुक्रवार 23 अक्टूबर) मतदान (Voting) हो रहा है. इससे पहले पटना में देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पटना शिक्षक निर्वाचन सीट (Patna Teachers’ Constituency Seat) से RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार (RJD candidate Dr. Sanjeev Kumar) के घर पुलिस पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन को जानकारी मिली थी कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए कुछ लोग RJD उम्मीदवार के घर पहुंचे हैं।

    हालांकि, RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने अपने घर का गेट पुलिस के लिए नहीं खोला. इसके बाद देर रात उन्होंने मीडिया से बात की और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

    इस घटनाक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा. तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि आखिर बिना सर्च वारंट के पुलिस RJD उम्मीदवार के घर क्यों पहुंची थी? तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि लालू प्रसाद यादव हों, तेजस्वी यादव हों या RJD के दूसरे नेता, वे डरने वाले नहीं हैं।


    8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग

    बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हो रहा है. इन सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव में 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिला और 37 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।

    स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन 8 सीटों पर कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें स्नातक सीटों पर 90 और शिक्षक सीटों पर 60 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है. पटना में सभी मतदान केंद्रों पर मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई थी।

  • US: ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव को बताया बेहदअहम….. , बोले- मुझे उम्मीदवार समझकर करें वोटिंग

    US: ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव को बताया बेहदअहम….. , बोले- मुझे उम्मीदवार समझकर करें वोटिंग


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने आगामी मिडटर्म चुनाव (Midterm Elections) को देश के लिए बेहद अहम बताया है. 16 अक्टूबर को जॉर्जिया के डाल्टन में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने समर्थकों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट डालने की अपील की. ट्रंप ने कहा कि इस चुनाव में लोग ऐसा समझें, जैसे वह खुद भी बैलेट पर उम्मीदवार हों।

    ट्रंप ने कहा कि जब वह चुनाव लड़ते हैं, तब उन्हें 49 फीसदी ज्यादा वोट मिलते हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके उम्मीदवार न होने पर लोग उतनी संख्या में वोट करने नहीं पहुंचते. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समर्थकों को मतदान करना होगा।


    ‘हमारे काम को हमसे छिनने नहीं दे सकते’

    रैली में ट्रंप ने कहा कि यह शायद अमेरिका के इतिहास का सबसे अहम मिडटर्म चुनाव है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे काम किए हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे वोट डालने जरूर जाएं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को पहले से ज्यादा महान बनाया गया है. उनकी सरकार की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए मतदान जरूरी है. उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरुआती दो सालों को भी बेहद सफल बताया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दो साल पूरे होने में अभी चार महीने बाकी हैं।

    ट्रंप के संबोधन के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया. इस दौरान कई लोगों को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया. इसके बाद ट्रंप ने कहा कि ये लोग पैसे लेकर प्रदर्शन करने आए थे. उन्होंने कहा कि वे पैसे लेकर आए प्रदर्शनकारी हैं. हमारे यहां ऐसे दो या तीन लोग थे.

    अर्थव्यवस्था और रोजगार पर किए दावे
    ट्रंप ने रैली में अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए रोजगार, व्यक्तिगत आय और गरीबी दर को लेकर कई दावे किए. उन्होंने कहा कि देश में पहले से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं और व्यक्तिगत आय अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका में गरीबी दर ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में नई फैक्ट्रियां बन रही हैं. उनके मुताबिक, कार और दवा कंपनियां भी बड़े निवेश कर रही हैं।

    रैली के दौरान ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने को लेकर भी मजाक किया. उन्होंने कहा कि उनके पास गोल्फ कोर्स और झील है और अब वह एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी चाहते हैं. ट्रंप ने इस विचार को एक मजाकिया अंदाज में पेश किया और कहा कि अब केवल एक महासागर की कमी है. रैली में ट्रंप का मेन मैसेज आगामी मिडटर्म चुनाव में वोटिंग को लेकर था. उन्होंने समर्थकों से वोट डालने की अपील करते हुए कहा कि चुनाव में उनकी सरकार के कामकाज का भविष्य दांव पर है।

  • राहुल गांधी ने चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा लोकतंत्र कमजोर होने पर एंटी-इन्कंबेंसी का असर भी खत्म होता है

    राहुल गांधी ने चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा लोकतंत्र कमजोर होने पर एंटी-इन्कंबेंसी का असर भी खत्म होता है

    नई दिल्ली ।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एंटी-इन्कंबेंसी, लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियां हो रही हैं और मतदाताओं के वोट की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि वोट की ताकत कमजोर होने का असर संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है।

    राहुल गांधी ने एंटी-इन्कंबेंसी को भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण विशेषता बताते हुए कहा कि आम तौर पर लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकार के खिलाफ समय के साथ विरोध की भावना विकसित होती है। उन्होंने पूर्व की सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकप्रियता के चरम पर पहुंचने के बाद भी कुछ वर्षों में सत्ता विरोधी माहौल बना। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के मामले में ऐसा प्रभाव दिखाई क्यों नहीं देता।

    उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में सत्ता विरोधी भावना कमजोर होने को समझने के लिए चुनावी प्रक्रिया पर भी नजर डालनी होगी। राहुल गांधी ने कुछ देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत नहीं होती, वहां सत्ता विरोधी भावना का प्रभाव भी दिखाई नहीं देता। उन्होंने इसी संदर्भ में भारत में वोट के अधिकार और उसकी सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण बताया।

    राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव सहित विभिन्न विधानसभा चुनावों में चुनावी गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग की मूल जिम्मेदारी नागरिकों के वोट की सुरक्षा करना है और इस जिम्मेदारी में किसी भी तरह की चूक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।

    उन्होंने अपने पहले के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी का असर केवल मतदान तक सीमित नहीं रहता। उनके अनुसार, यदि मताधिकार प्रभावित होता है तो उसके बाद कानून बनाने वाली व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की वैधता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे को केवल चुनावी गड़बड़ी के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे नागरिकों के प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से जुड़ा विषय मानते हैं।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज की गई आपत्तियों का भी उल्लेख किया। इन आपत्तियों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, नाम बहाल करने से जुड़े आदेशों तथा मतदाता डेटा की सुरक्षा जैसे विषय शामिल बताए गए हैं।

    फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर भी आपत्ति सामने आने की बात कही गई। नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म में SIR से जुड़ा सवाल जोड़े जाने पर नियमों में संशोधन की आवश्यकता को लेकर सवाल उठाया गया था। दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से इस विषय पर आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

    वहीं, चुनाव आयोग ने अपने भीतर होने वाली लिखित टिप्पणियों, सुझावों, तकनीकी राय और आंतरिक विचार-विमर्श को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। आयोग का कहना है कि वह एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्रवाई संविधान, कानून तथा निर्धारित निर्देशों के तहत होती है।

    राहुल गांधी ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र के लिए जरूरी है। उन्होंने चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग दोहराई।

  • ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ का पहला इम्तिहान आज, राजस्थान के 162 निकायों में मतदान शुरू

    ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ का पहला इम्तिहान आज, राजस्थान के 162 निकायों में मतदान शुरू


    नई दिल्ली। राजस्थान में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत नगरीय निकाय चुनाव का पहला चरण आज शुरू हो गया है। पहले चरण में 39 जिलों के 162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्डों में वोट डाले जा रहे हैं। इनमें 4 नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाएं शामिल हैं। इस चरण में 20,623 प्रत्याशियों की चुनावी किस्मत का फैसला 57,52,278 मतदाता करेंगे।

    राज्य में कुल 309 नगरीय निकायों के चुनाव प्रस्तावित हैं। मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के जरिए वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की गई है।

    चार नगर निगमों में भी आज वोटिंग

    पहले चरण में अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा नगर निगमों के वार्डों में भी पार्षदों के चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। वहीं जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों के प्रमुख नगर निगमों में मतदान दूसरे चरण में कराया जाएगा।

    हालांकि जयपुर जिले की चौमूं, बगरू, शाहपुरा, चाकसू समेत 18 अन्य नगरीय निकायों में पहले चरण में ही मतदान हो रहा है।

    27 नगर परिषदों में मुकाबला

    पहले चरण में नागौर, ब्यावर, कोटपूतली, चूरू, सुजानगढ़, धौलपुर, सवाई माधोपुर, शाहपुरा, चौमूं, फतेहपुर, झुंझुनूं, जालोर, बारां, बूंदी, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, डीडवाना-कुचामन सिटी, करौली, भिवाड़ी, खैरथल-तिजारा, जैसलमेर और बाड़मेर समेत 27 नगर परिषदों के वार्डों में चुनाव हो रहे हैं।

    इसके अलावा 131 नगर पालिकाओं के वार्डों में भी पार्षद पद के लिए मतदान कराया जा रहा है। इनमें केकड़ी, पीसांगन, सरवाड़, नसीराबाद, सावर, तांतोटी, जायल, मूंडवा, बासनी, कुचेरा, निवाई, पीपलू, देवली, उनियारा, दूनी, विजयनगर, मसूदा, बीगोद, पावटा-प्रागपुरा, विराटनगर, नारायणपुर, बानसूर, सूरतगढ़, श्रीविजयनगर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, नोहर, भादरा, संगरिया, टिब्बी, रावतसर, राजगढ़, रतननगर, छापर, भुसावर, रूपवास, राजाखेड़ा, मनियां, सैपऊ, बौंली और खंडार समेत कई निकाय शामिल हैं।

    जयपुर जिले के बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नारायणा, फागी और वाटिका नगर पालिकाओं में भी पहले चरण में मतदान हो रहा है।

    BJP के सामने शहरी किला बचाने की चुनौती

    इन चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए दांव बड़ा है। दिसंबर 2023 में भजनलाल शर्मा सरकार के सत्ता संभालने के बाद शहरी मतदाताओं के बीच यह सरकार की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है। ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत कराए जा रहे इन चुनावों के नतीजों को राज्य सरकार के कामकाज और नीतियों के प्रति जनता की राय से जोड़कर भी देखा जाएगा।

    राजस्थान के नगरीय निकायों में भाजपा को पारंपरिक रूप से मजबूत माना जाता है। बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और भरतपुर जैसे शहरों में पार्टी के सामने अपने शहरी आधार को बनाए रखने की चुनौती है।

    भाजपा ने इस बार बड़ी संख्या में पुराने पार्षदों के टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारा है। इससे पार्टी के भीतर टिकट से नाराज नेताओं और निर्दलीय प्रत्याशियों के रूप में मैदान में उतरे बागियों को साधना संगठन के लिए चुनौती है। इसके साथ ही भितरघात रोकना भी अहम होगा।

    कांग्रेस के लिए खोई जमीन वापस पाने का मौका

    विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के लिए निकाय चुनाव शहरी इलाकों में अपना जनाधार मजबूत करने का अवसर हैं। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में पार्टी ने स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान का आधार बनाया है।

    सफाई व्यवस्था, सड़क, बिजली और स्थानीय प्रशासन की कथित विफलताओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की है। ऐसे में नतीजे यह भी बताएंगे कि शहरी मतदाताओं के बीच कांग्रेस अपनी स्थिति कितनी मजबूत कर पाती है।

    58 लाख युवा वोटरों पर नजर

    इस चुनाव में युवा मतदाता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 18 से 25 वर्ष की आयु के करीब 21.30 लाख मतदाता हैं, जबकि 26 से 35 वर्ष के बीच करीब 36.60 लाख वोटर हैं। यानी 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग में करीब 58 लाख मतदाता हैं।

    वहीं 18 से 29 वर्ष के Gen-Z वोटरों की संख्या करीब 35 लाख बताई गई है। कुल मतदाताओं में उनकी हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है। इसलिए राजनीतिक दलों के लिए युवा वोटरों को अपने पक्ष में करना खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पहले चरण के मतदान के बाद नतीजे 14 सितंबर को सामने आएंगे। इसके साथ ही यह भी साफ होगा कि ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत हुए इस पहले प्रयोग में शहरी राजस्थान ने किस पार्टी के पक्ष में अपना भरोसा जताया।

  • NEET प्रोटेस्ट से रातोंरात स्टार बनीं रिया अहीर को जनता ने नकारा, बिग बॉस के मंच से महज दो मिनट में लौटना पड़ा

    NEET प्रोटेस्ट से रातोंरात स्टार बनीं रिया अहीर को जनता ने नकारा, बिग बॉस के मंच से महज दो मिनट में लौटना पड़ा


    नई दिल्ली । NEET प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों की आवाज बनीं रिया अहीर बिग बॉस 20 में शामिल नहीं हो सकीं। जनता ने उन्हें सपोर्ट नहीं किया और उनकी जगह लव गिल को शो में एंट्री मिली।

    NEET प्रोटेस्ट के दौरान रिया अहीर अचानक सुर्खियों में आई थीं। छात्रों के प्रदर्शन के बीच पुलिस वैन को रोकने के बाद उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए थे। इस घटना के बाद रिया को बड़ी पहचान मिली और वह सोशल मीडिया पर चर्चा का चेहरा बन गईं।

    रिया अहीर के इस अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के समर्थन में सामने आने के बाद उन्हें अलग-अलग मंचों पर अपनी बात रखने का मौका भी मिला। देखते ही देखते उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई और वह युवाओं के बीच पहचान बनाने में कामयाब रहीं।

    इसके बाद रिया अहीर का नाम बिग बॉस 20 से जुड़ा। शो में उनकी एंट्री का फैसला सीधे जनता के हाथ में दिया गया। रिया अहीर के सामने लव गिल थीं और दर्शकों को दोनों में से किसी एक को चुनना था।

    बिग बॉस के मंच पर रिया अहीर ने अपना बेबाक और आत्मविश्वास से भरा अंदाज दिखाया। उनकी और लव गिल के बीच बहस भी देखने को मिली। रिया ने अपनी तरफ से दर्शकों को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन अंतिम फैसला जनता के वोट से होना था।

    वोटिंग के बाद रिया अहीर को झटका लगा। दर्शकों ने लव गिल को अधिक समर्थन दिया और उन्हें बिग बॉस के घर में जाने का मौका मिल गया। वहीं रिया अहीर को मंच से ही वापस लौटना पड़ा।

    रिया अहीर का बिग बॉस का सफर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। खास बात यह रही कि कुछ समय पहले जिस रिया अहीर को NEET प्रोटेस्ट के दौरान लोगों का समर्थन मिला था, उसी जनता के वोट ने उन्हें बिग बॉस के घर में प्रवेश नहीं दिलाया।

    रिया के अचानक बाहर होने से उनके प्रशंसकों को निराशा हुई। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर चर्चा देखने को मिली। रिया को उम्मीद थी कि प्रोटेस्ट के दौरान बनी उनकी पहचान और उनके समर्थकों की संख्या उन्हें बिग बॉस के घर तक पहुंचाने में मदद करेगी, लेकिन वोटिंग का परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा।

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर मिली लोकप्रियता और किसी रियलिटी शो में जनता का समर्थन हमेशा एक जैसा नहीं होता। रिया अहीर ने प्रोटेस्ट के दौरान अपनी अलग पहचान बनाई थी, लेकिन बिग बॉस के मंच पर उन्हें लव गिल से मुकाबला करना पड़ा और जनता ने लव गिल को चुना।

    इस तरह NEET प्रोटेस्ट से मिली अचानक लोकप्रियता के बाद रिया अहीर ने बिग बॉस के मंच तक तो सफर तय किया, लेकिन घर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकीं। महज कुछ मिनटों के मंचीय मुकाबले के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा और बिग बॉस में उनकी एंट्री का इंतजार खत्म हो गया।

  • Bangladesh: राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज हो रहा मतदान….35 साल बाद सीधे संसद में वोटिंग

    Bangladesh: राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज हो रहा मतदान….35 साल बाद सीधे संसद में वोटिंग


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) में गुरुवार को नया राष्ट्रपति (New President) चुनने के लिए मतदान होने जा रहा है. 35 सालों के लंबे समय के बाद ये पहली बार है जब देश के राष्ट्रपति पद के लिए सीधे संसद में वोट डाले जाएंगे। राष्ट्रपति पद की रेस में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के दिग्गज नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (Mirza Fakhrul Islam Alamgir) और 11 दलीय विपक्षी गठबंधन के प्रत्याशी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद (Oli Ahmed) के बीच है.

    चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान जातीय संसद (संसद भवन) में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा. निर्वाचन आयोग ने 16 अगस्त को ही दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को वैध करार दिया था।

    मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बीएनपी का प्रमुख चेहरा हैं, जबकि लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद बीर बिक्रम जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलीय विपक्षी मोर्चे के उम्मीदवार हैं.


    BNP की बैठक में भावुक हुए फखरुल

    बुधवार को BNP संसदीय दल की बैठक के दौरान फखरुल ने अपनी ही पार्टी के सांसदों से समर्थन की अपील की. लंबे समय तक पार्टी के महासचिव रहे फखरुल बैठक में बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए.

    उन्होंने सांसदों से कहा, ‘अगर मेरे कार्यकाल के दौरान मुझसे कोई भूल हुई हो या अनजाने में किसी का दिल दुखा हो, तो मैं माफी मांगता हूं. उन्होंने देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता से कभी समझौता न करने का संकल्प भी लिया.


    शुक्रवार को नए राष्ट्रपति लेंगे शपथ

    चुनावी नतीजों के तुरंत बाद नए राष्ट्रपति शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे.

    बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद ये पद खाली हुआ था. संविधान के तहत पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है. फिलहाल सभपति (स्पीकर) हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति पद पर हैं।


    BNP का पलड़ा भारी

    इस साल 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बीएनपी ने सत्ता में वापसी की थी. संसद में बीएनपी के पास दो-तिहाई से ज्यादा का बहुमत है. ऐसे में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के घोषित उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर की जीत लगभग तय मानी जा रही है। पेशे से अर्थशास्त्री रहे फखरुल 1990 के दशक में बीएनपी में शामिल हुए थे. वो पहले कृषि राज्य मंत्री और स्थानीय सरकार मंत्री भी रह चुके हैं।

  • दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44% मतदान, लोकतंत्र के पर्व में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी

    दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44% मतदान, लोकतंत्र के पर्व में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी


    दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए गुरुवार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में मतदान संपन्न हो गया। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, पूरे विधानसभा क्षेत्र में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

    सुबह मतदान शुरू होते ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं ने भी बड़ी संख्या में मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

    निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े तथा पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। मतदाताओं के लिए पेयजल, छाया, चिकित्सा सहायता और दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन और पुलिस ने पूरे दिन मतदान प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी, जिससे मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

    निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के 2,20,410 मतदाताओं ने मतदान किया। इनमें 1,16,116 पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 74.09, जबकि 1,04,284 महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 68.48 रहा। वहीं 10 अन्य मतदाताओं में से 40 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।

    मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतदान दल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईवीएम और निर्वाचन सामग्री लेकर सुरक्षित रूप से संग्रहण केंद्र पहुंचे, जहां सामग्री जमा कराने की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी कराई गई।

    जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी मतदाताओं, निर्वाचन ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बल, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

  • Datia by-election: दतिया विधानसभा उपचुनाव में शाम 5 बजे तक 69.36% मतदान

    Datia by-election: दतिया विधानसभा उपचुनाव में शाम 5 बजे तक 69.36% मतदान

    भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार को सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, शाम 5 बजे तक 69.36 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे क्षेत्र में मतदान को लेकर उत्साह बना रहा। मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र के 291 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी गई।

    मतदान के दौरान कांग्रेस ने सिरोल और जिगना क्षेत्रों में फर्जी मतदान की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से चर्चा की। वहीं, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव में हार की आशंका होने पर कांग्रेस इस तरह के आरोप लगाती है और यह उसकी हताशा को दर्शाता है।

    उधर, बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पहले मतदान का बहिष्कार किया और “सड़क नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए। बाद में एसडीएम अशोक अवस्थी की समझाइश के बाद करीब 50 ग्रामीणों ने मतदान किया।

    इसी बीच रामसागर गांव के एक मतदान केंद्र से पुलिस कांग्रेस के एक पोलिंग एजेंट को अपने साथ ले गई। उस पर मतदाताओं से बातचीत करने का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस नेताओं के थाने पहुंचने और विरोध दर्ज कराने के बाद पुलिस ने एजेंट को छोड़ दिया।

    इस उपचुनाव में 23 उम्मीदवार मैदान में हैं, हालांकि सीधा मुकाबला कांग्रेस के घनश्याम सिंह और भाजपा के आशुतोष तिवारी के बीच माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 3 अगस्त को मतगणना होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक फर्जीवाड़ा मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट से दो वर्ष की सजा मिलने के बाद रिक्त हुई थी। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 80.2 प्रतिशत मतदान हुआ था। तब राजेंद्र भारती ने भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों से पराजित किया था। उन्हें 88,977 और नरोत्तम मिश्रा को 81,235 वोट मिले थे, जबकि NOTA को 1,452 मत प्राप्त हुए थे।

  • दतिया उपचुनाव में सुबह 10 बजे तक 16.33% मतदान, वोटिंग को लेकर मतदाताओं में उत्साह

    दतिया उपचुनाव में सुबह 10 बजे तक 16.33% मतदान, वोटिंग को लेकर मतदाताओं में उत्साह

    दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है। मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह 10 बजे तक 16.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। ग्रामीण इलाकों सहित कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मतदान प्रक्रिया शाम 6 बजे तक जारी रहेगी।

    मतदान शुरू होने से पहले तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई। मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर वीवीपैट, 108 पर बैलेटिंग यूनिट (BU) और 290 पर कंट्रोल यूनिट (CU) में समस्या आने पर मॉक पोल के दौरान सभी एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में उपकरण बदल दिए गए। इसके बाद निर्धारित समय पर मतदान शुरू कराया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि तकनीकी खामी का समय रहते समाधान कर लिया गया था, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।

    इधर, बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने “सड़क नहीं तो वोट नहीं” का नारा लगाते हुए मतदान का बहिष्कार किया। सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। समझाइश के बाद करीब 50 ग्रामीणों ने मतदान किया।

    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान करने के बाद अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता भाजपा के अहंकार का जवाब देगी। वहीं भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले पीतांबरा पीठ में दर्शन कर प्रदेश और दतिया के विकास, युवाओं को रोजगार तथा भयमुक्त वातावरण की कामना की। इसके बाद उन्होंने मतदान केंद्र क्रमांक 158 पहुंचकर पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की और भाजपा के पक्ष में भारी मतदान होने का दावा किया।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र के 291 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 20 हजार 400 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं, जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सभी केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। इस दौरान पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।