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  • ‘गांधी एंड माय मदर’ की पहली झलक सामने, मनोज बाजपेयी और वहीदा रहमान की जोड़ी ने खींचा ध्यान

    ‘गांधी एंड माय मदर’ की पहली झलक सामने, मनोज बाजपेयी और वहीदा रहमान की जोड़ी ने खींचा ध्यान

    नई दिल्ली: गांधी जयंती के खास मौके पर फिल्म ‘गांधी एंड माय मदर’ की पहली झलक सामने आई है। फिल्म की नई तस्वीरों में उस दौर और माहौल की झलक देखने को मिल रही है, जिसमें इसकी कहानी आधारित है। फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा ने किया है। सामने आई तस्वीरों के जरिए दर्शकों को फिल्म की दुनिया और उसके वातावरण की शुरुआती झलक मिली है। यह फिल्म महात्मा गांधी के जीवन और उनकी विरासत से जुड़ी हुई है। हालांकि, फिल्म की कहानी से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में तस्वीरों के जरिए दर्शकों को फिलहाल फिल्म के दौर, माहौल और इसके विषय की एक शुरुआती झलक ही देखने को मिली है।

    ‘गांधी एंड माय मदर’ में महात्मा गांधी के जीवन को केवल इतिहास और राजनीति के नजरिए से दिखाने के बजाय उनके जीवन के निजी और मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। फिल्म में उस समय के माहौल और रिश्तों को कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। सामने आई तस्वीरों में भी इसी पृष्ठभूमि की झलक दिखाई देती है। फिल्म की कहानी और घटनाक्रम को लेकर अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। इसलिए तस्वीरों से फिल्म की पूरी कहानी का अंदाजा लगाना संभव नहीं है। फिलहाल सामने आई झलक से इतना स्पष्ट है कि फिल्म गांधी के जीवन से जुड़े कम चर्चित और मानवीय पहलुओं को पर्दे पर प्रस्तुत करने की कोशिश करेगी।

    फिल्म की स्टारकास्ट में मनोज बाजपेयी और दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनके अलावा दिव्या दत्ता और सौरभ शुक्ला भी फिल्म का हिस्सा हैं। सुधीर मिश्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में गहराई वाले किरदारों और जटिल रिश्तों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। सामने आई तस्वीरों में कलाकारों के साथ फिल्म के दौर से जुड़ा वातावरण भी दिखाई दे रहा है। गांधी जयंती के मौके पर पहली झलक सामने आने से फिल्म की कहानी और कलाकारों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा नहीं की गई है। फिल्म की कहानी, बाकी किरदारों और घटनाक्रम को लेकर भी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध तस्वीरों में फिल्म के कालखंड और उसके माहौल को प्रमुखता से दिखाया गया है। मनोज बाजपेयी और वहीदा रहमान जैसे अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी फिल्म की स्टारकास्ट को खास बनाती है। दिव्या दत्ता और सौरभ शुक्ला भी इस फिल्म का हिस्सा हैं। अब फिल्म की कहानी से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी और रिलीज डेट की घोषणा का इंतजार है।

  • फिल्म ‘गाइड’ की शूटिंग के दौरान सांप वाले सीन की मांग पर उठे सवाल और अभिनेत्री का स्पष्ट इनकार

    फिल्म ‘गाइड’ की शूटिंग के दौरान सांप वाले सीन की मांग पर उठे सवाल और अभिनेत्री का स्पष्ट इनकार

    नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान ने अपने लंबे और सफल करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया है, लेकिन फिल्म ‘गाइड’ से जुड़ा एक पुराना किस्सा आज भी सबसे ज्यादा चर्चित घटनाओं में शामिल माना जाता है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है, जिसमें उनके अभिनय और डांस परफॉर्मेंस ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा था। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान सामने आया एक प्रसंग आज भी फिल्म जगत में दिलचस्प उदाहरण के रूप में देखा जाता है।

    बताया जाता है कि फिल्म के अंग्रेजी संस्करण की शूटिंग के दौरान एक दृश्य को लेकर निर्देशक की ओर से एक असामान्य मांग सामने रखी गई थी। इस दृश्य में अभिनेत्री से अपेक्षा की गई थी कि डांस करते समय वह एक सांप के साथ ऐसा सीन करें जिसमें उसे चूमने जैसा भाव दिखाया जाए। यह सुझाव उस समय के हिसाब से काफी अप्रत्याशित और असहज करने वाला माना गया, जिससे सेट पर एक अलग तरह की स्थिति बन गई थी।

    वहीदा रहमान ने इस प्रस्ताव पर तुरंत अपनी असहमति व्यक्त की थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह उनके लिए सहज नहीं है और वह इस तरह का दृश्य करने में असमर्थ हैं। उनका मानना था कि केवल प्रभाव पैदा करने के लिए इस तरह की मांग उचित नहीं है और कलाकार की अपनी सीमाएं और सम्मान भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इस सीन को करने से साफ इनकार कर दिया था।

    इस घटना के बावजूद फिल्म की शूटिंग जारी रही और ‘गाइड’ को बाद में भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में स्थान मिला। फिल्म में वहीदा रहमान के अभिनय और नृत्य को बेहद सराहा गया और यह फिल्म उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। दर्शकों ने उनके प्रदर्शन को काफी पसंद किया और यह फिल्म आज भी एक क्लासिक मानी जाती है।

    यह पूरा प्रसंग इस बात को दर्शाता है कि सिनेमा में रचनात्मकता के साथ कलाकार की सहमति और सहजता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। वहीदा रहमान का यह निर्णय यह साबित करता है कि एक कलाकार अपने सिद्धांतों पर कायम रहते हुए भी महान प्रदर्शन कर सकता है और अपने करियर में ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।